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रेडियो फ्रीक्वेंसी न्यूरोटॉमी क्या है - Radiofrequency Neurotomy Kya Hota Hai | Spinal Pain Treatment In Hindi

Radio Frequency Neurotomy Treatment Ke Bare Me Janakari लंबे समय से रीढ़ के दर्द से जूझते मरीजों के लिए आशा की किरण है रेडियो फ्रीक्वेंसी न्यूरोटॉमी। इससे पुराने दर्द और रीढ़ की कई तकलीफों में मिल जाती है राहत............ रेडियो फ्रीक्वेंसी न्यूरोटॉमी क्या है? व्यस्त जीवनशैली और एक्सरसाइज की कमी के चलते स्वास्थ्य को लेकर हम काफी हद तक लापरवाह हो चुके हैं। ऐसे में रीढ़ और मांसपेशियों से जुड़ी तकलीफों से दो-चार होने वाले मरीजों की संख्या बहुत  तेजी से बढ़ रही है। आज अधिकतर लोग ऑस्टियो अर्थराइटिस, रुमेटॉइड अर्थराइटिस, सर्वाइकल, स्पाइनल स्टेनोसिस से ग्रस्त हैं। इसके अलावा बढ़ती उम्र या चोट के कारण कार्टिलेज घिसने लग जाता है, जिससे जोड़ों  में सूजन आ जाती है। यह अर्थराइटिस की शुरुआत होती है। ज्यादातर रीढ़ की हड्डी की तकलीफ जैसे-ऑस्टियो अर्थराइटिस, स्पाइनल स्टेनोसिस या पीठ की कोई गहरी चोट  आदि फैसेट ज्वाइंट में दर्द का मुख्य कारण  होती हैं। आमतौर पर इनके प्राथमिक उपचार में  मरीज के दर्द के हिसाब से फिजियोथेरेपी, दर्द  निवारक दवा या पारंपरिक सर्जरी का इस्तेमाल...

mirgi bimari ka ilaj | mirgi se chutkara kaise paye | mirgi ke jhatke ka ilaj | mirgi rog ka ilaaj | mirgi treatment in hindi

मिर्गी और उपचार के बारे मे जानकारी या मिर्गी बीमारी का इलाज क्या है? मिर्गी और उसके उपचार राष्ट्रीय मिर्गी दिवस (17 नवंबर) के लिए इस वर्ष की थीम रही 'आइए मिर्गी के बारे में बात करें।' जानते हैं इस बीमारी के आधुनिक उपचार के बारे में... मिर्गी हर आयु के बच्चों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि यह एक सामान्य विकार है, जो संपूर्ण जनसंख्या के एक फीसद बच्चों में पाया जाता है। अभी भी मिर्गी के बारे में बहुत सारे मिथक बने हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप बच्चों को उचित उपचार नहीं मिल पाता है। बच्चों में मिर्गी प्रमुख रूप से एक वर्ष की आयु तथा किशोरावस्था में दिखाई देने वाली बीमारी है। बचपन में मिर्गी के दौरे विभिन्न प्रकार के होते हैं। जिसमें कुछ लक्षण न दिखाई देने वाले तथा कुछ में कंपकपाहट व सिहरन की समस्या हो सकती है। भारत में इसके होने के दो प्रमुख कारण हैं, जिनमें एक आनुवांशिक व दूसरा मस्तिष्क की चोट होता है। इस बीमारी के बारे में आज भी जागरूकता का अभाव है। इसका बुरा पहलू यह है कि आज भी इसके रोगी को लोग उपेक्षा की नजर से देखते हैं, जबकि अब तो दवाओं के साथ ही मिर्गी की सर्जरी का विकल्प...

corona janch kab karna chahiye | corona janch type | corona janch kaise kare | corona ki janch kaise karaye aur kaise pata kare

कोरोना की जांच कैसे होगी या कोरोना की जांच कब करनी चाहिए कोविड या पोस्ट कोविड मरीजों के आंतरिक अंगों की क्या स्थिति है? सूजन या रक्त साव का खतरा तो नहीं  है? ब्लॉकेज अथवा स्ट्रोक का खतरा तो नहीं है?क्या कोविड का उपचार पा रहे मरीजों की समय रहते जरुरी जांचें कराई जार ही हैं? ऐसे कई सवाल जुड़े हैं कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की सेहत के साथ। जानें देश के बड़े अस्पतालों और विशेषज्ञों के हिसाब से क्या है जमीनी स्थिति...  कोरोना की जांच क्यू जरूरी है? अगर आप पहले से संक्रमण के दायरे मे है तो,,, इंदौर निवासी 32 वर्षीय रोहित जैन (परिवर्तित नाम) कोरोना संक्रमित पाए गए। आठ दिन अस्पताल में भर्ती रहे। अगली रिपोर्ट नेगेटिव आई। डिस्चार्ज होकर घर लौटे ही थे कि हालत फिर बिगड़ने लगी। दोबारा अस्पताल ले जाकर जांच कराई तो छाती का सीटी स्कैन कराने पर पता चला कि फेफड़े में बहुत संक्रमण है। दो दिन में उनकी मौत हो गई। ऐसे अनेक मामले सामने आ रहे हैं, जहां स्थिति का समय पर व सटीक अनुमान नहीं लगा पाने के कारण देर हो गई। समय रहते निदान और उपचार इससे बचने का एकमात्र उपाय है। भारी न पड़ जाए ला...

mask lagana kyun zaroori hai | मास्क लगाना क्यों जरूरी है | मास्क लगाने से क्या होता है | मास्क लगाने के फायदे

मास्क लगाने से क्या फायदा है या मास्क लगाना क्यों जरूरी है बदलता मौसम बनता है कई तरह के संक्रमण व एलर्जी का कारण। मास्क का प्रयोग और जरूरी एहतियात बरतकर की जा सकती है इनसे सुरक्षा... मौसम बदल रहा है और गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है। मौसम में हो रहे इस बदलाव के साथ ही एलर्जी की समस्या से पीड़ित मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। एलर्जी ऐसी समस्या है, जो कई तरह से परेशानी का कारण बनती है। यह परागकण, धूल, मिट्टी, मौसम में बदलाव, पालतू पशुओं और दवाइयों से हो सकती है। इसका सबसे अधिक असर फेफड़े के संक्रमण व अस्थमा से ग्रसित मरीजों में पड़ता है। अस्थमा की समस्या के लिए भी एलर्जी को ही जिम्मेदार माना जाता है। कुछ मामलों में एलर्जी का कारण आनुवंशिक भी होता है। इन दिनों अगर अस्थमा की समस्या है तो बहुत सतर्क रहने की जरूरत रहती है। कई बार इससे अस्थमा का अटैक भी पड़ जाता है। कुछ लोगों में कुछ खास खाद्य पदार्थों, जैसे चॉकलेट, मशरूम, प्रोटीन से युक्त चीजों आदि से भी एलर्जी की समस्या होती है। हालांकि यह समस्या उन लोगों में अधिक होती है, जिनके माता-पिता को इन चीजों से एलर्जी की शिकायत रहती ...

delta variant kya hai | delta variant ke lakshan kya hai | corona dusari lahar ke lakshan

डेल्टा वेरिएंट क्या है और डेल्टा वैरीअंट के लक्षण(Symptoms) व बचाव(Treatment) के बारे मे  कोरोना की दूसरी लहर नियंत्रण में है,लेकिन तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। इसी के साथ इन दिनों डेल्टावैरिएंट को लेकर भी चर्चा तेज है। इसकी तीव्रता को देखते हुए जरूरी है कि संक्रमण से बचने के सारे उपाय अपनाएं जाएं और ज्यादा से ज्यादा हो वैक्सीनेशन... डेल्टा वेरीअंट क्या होता है? हमारे देश में कोरोना की दूसरी लहर पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, जो पिछले साल शुरू हुई पहली लहर की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक थी। अब कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ सितंबर-अक्टूबर में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं। दूसरी तरफ दस्तक दे रहा है इसका डेल्टा वैरिएंट, जिसकी तीव्रता काफी अधिक है। इन सबको देखते हुए हमें पहले से ही तैयारियां करनी चाहिए। तीसरी लहर की आशंका और इसके छोटे आयुवर्ग पर प्रभाव के कयासों के बीच नेशनल कमीशन फार प्रोटेक्शन आफ चाइल्ड राइट्स (एनसीपीसीआर) ने कहा है कि अगर कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है और इससे बच्चों के प्रभावित होने का कुछ भी अनुमान ह...