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पिंपल्स - muhase ka ilaj, muhase kaise Hataye ya Saaf Karane, Tarika, Vidhi, Illaj, Upchar, Chhutkara

चेहरे (फ़ेस) मुंहासे दाग धब्बे खत्म या दूर करने का तरीका, इलाज व उपचार छुटकारा? हामोस में असंतुलन, गलत जीवनशैली या कुछ अन्य कारणों से चेहरे पर एक्ने होना आम बात है, मगर इनको उचित देखभाल में नजर अंदाजी पोछे छोड़ जाती है इनके दाग, जो कर देते हैं चेहरा बेजान... मुंहासे क्यों होते हैं ? चेहरे पर मुंहासे होने का अर्थ है कि आपका शरीर यह संकेत दे रहा है कि आपकी दिनचर्या या खानपान की शैली में कुछ परिवर्तन करने की आवश्यकता है। इसके अलावा हामोस में आने वाले बदलाव भी इस प्रक्रिया को तेज कर देते हैं। इससे ज्यादा परेशानी का सबब बनते हैं एक्ने के बाद होने वाले दाग-धब्बे। ये दाग तब होते हैं, जब कोई मुंहासा त्वचा के भीतर गहराई तक पहुंच जाता है और भीतर के टिश्यू को नुकसान पहुंचाता है। इसीलिए हर प्रकार के दाग-धब्बे के उपचार का अलग असर होता है और कुछ उपचार अन्य के मुकाबले खास प्रकार के धब्बों पर ज्यादा प्रभावी होते है। इनका सही उपचार करवाकर ही इन्हें पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए। जब शरीर में किसी चोट की वजह से अधिक मात्रा में कोलेजन बनने लगता है तो आइस पिक जैसे परेशान करने वाले स्कार्स बन सकत...

स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के फायदे इन हिंदी | स्ट्रेचिंग व्यायाम के लाभ

Stretching Exercises Ke Benefits Ke Labh V Fayde Ke Bare Me Ya Stretching Exercises Kaise Karen जरूरी है वर्कआउट के बाद प्रॉपर स्ट्रेचिंग... अक्सर लोग थका देने वाली वर्कआउट के बाद स्ट्रेचिंग करने की अहमियत को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि इसके जरिए थकी हुई मसल्स की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने के अलावा मसल टशन कम करने जैसे कई बड़े फायदे मिलते हैं. स्ट्रेचिंग करना भी उतना ही जरूरी है जितना स्ट्रेंथ या कार्डियोवस्कुलर ट्रेनिंग करना. जानें इसके कुछ और फायदे............. नर्वस सिस्टम हो जाएगा शांत हेवी वर्कआउट के बाद स्ट्रेचिंग करने से नर्वस सिस्टम रिलैक्स महसूस करता है, इसलिए इसे अपने डेली रूटीन में जरूर शामिल करना चाहिए. आप अपने नर्वस सिस्टम को शांत करने और आराम दिलाने के लिए वर्कआउट के बाद 10-15 सेकेंड की अलग-अलग तरह की स्ट्रेचिंग कर सकते हैं. इससे बॉडी में ब्लड क्लॉट्स भी नहीं पड़ेंगे. आपको अच्छा और रिलैक्स फील होगा. कई बार हेवी वर्कआउट के बाद बॉडी में कंपन महसूस होता है. स्ट्रेचिंग इस प्रॉब्लम को दूर करने में भी मददगार है. बेहतर होती है फ्लेक्सिबिलिटी वर्कआउट के बाद बॉडी गर्म होती ह...

नकारात्मक और सकारात्मक भावना इन हिंदी | bhavnaye kya hoti hai

नकारात्मक और सकारात्मक भावनाएं क्या होती है? भावनाए क्या होती है?    भावनाओ के कई रंग हैं। कभी ये हमें मजबूत बनाती है, तो कभी हमारी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है और जब हम भावनात्मक रूप से कमजोर होते हैं, तो जिंदगी की लड़ाई में पीछे छूटते जाते है।      भावनाओं के दो पहलू होते हैं। एक तरफ जहां भावनाएं हमें मजबूत बनाती हैं, तो दूसरी तरफ येहमारी सबसे बड़ी कमजोरी भी बन जाती हैं। भावनाएं सकारात्मक भी होती हैं और नकारात्मक भी। सकारात्मक भावनाएं प्रेम, लगाव एवं दया से जुड़ी होती हैं, जबकि नकारात्मक भावनाएं लालच, गुस्सा, हिंसा एवं स्वार्थ के कारण विकसित होती हैं। नकारात्मक भावनाएं व्यक्ति के शारीरिक एवं  मानसिक व्यक्तित्व को नुकसान पहुंचाती हैं।      उन्हें क्षतिग्रस्त कर देती  हैं। ये हमें स्वार्थी, आत्म-केन्द्रित, अपने तक सीमित रहने वाला बना देती हैं। इससे तनाव का स्तर भी बढ़ने लगता है। ऐसे लोग ज्यादा नकारात्मक सोचते हैं, जिसके कारण उनके जीवन में कोई सकारात्मकता नहीं रह जाती है।      नकारात्मक सोच वाले व...

रेडियो फ्रीक्वेंसी न्यूरोटॉमी क्या है - Radiofrequency Neurotomy Kya Hota Hai | Spinal Pain Treatment In Hindi

Radio Frequency Neurotomy Treatment Ke Bare Me Janakari लंबे समय से रीढ़ के दर्द से जूझते मरीजों के लिए आशा की किरण है रेडियो फ्रीक्वेंसी न्यूरोटॉमी। इससे पुराने दर्द और रीढ़ की कई तकलीफों में मिल जाती है राहत............ रेडियो फ्रीक्वेंसी न्यूरोटॉमी क्या है? व्यस्त जीवनशैली और एक्सरसाइज की कमी के चलते स्वास्थ्य को लेकर हम काफी हद तक लापरवाह हो चुके हैं। ऐसे में रीढ़ और मांसपेशियों से जुड़ी तकलीफों से दो-चार होने वाले मरीजों की संख्या बहुत  तेजी से बढ़ रही है। आज अधिकतर लोग ऑस्टियो अर्थराइटिस, रुमेटॉइड अर्थराइटिस, सर्वाइकल, स्पाइनल स्टेनोसिस से ग्रस्त हैं। इसके अलावा बढ़ती उम्र या चोट के कारण कार्टिलेज घिसने लग जाता है, जिससे जोड़ों  में सूजन आ जाती है। यह अर्थराइटिस की शुरुआत होती है। ज्यादातर रीढ़ की हड्डी की तकलीफ जैसे-ऑस्टियो अर्थराइटिस, स्पाइनल स्टेनोसिस या पीठ की कोई गहरी चोट  आदि फैसेट ज्वाइंट में दर्द का मुख्य कारण  होती हैं। आमतौर पर इनके प्राथमिक उपचार में  मरीज के दर्द के हिसाब से फिजियोथेरेपी, दर्द  निवारक दवा या पारंपरिक सर्जरी का इस्तेमाल...

चेहरे के दाग धब्बे झुर्रियां कैसे हटाए - chehra saaf karne ke gharelu upay v tarika vidhi

Chehare Par Dag Pimple Aur Jhurya Kaise Hataye Or Chehra Chamkane v Saaf Karane Ke Gharelu Nuskhe चेहरे पर दाग-धब्बे, झुर्रियां अक्सर आपको तनाव देती हैं। इन्हें दूर करने के लिए आप तरह-तरह के जतन करती हैं। ऐसे में कभी प्राकृतिक पद्धति को भी आजमाकर देखिए। फेशियल क्यूपिंग  क्या होता है? सुंदरता की चाहत ने प्राचीन काल से लेकर आज तक न जाने कितने ही घरेलू नुस्खे और अलग-अलग चिकित्सकीय तौर-तरीके खोजे हैं। आजमाए जा चुके कई तरीके खूबसूरती को बनाए रखने में कारगर भी साबित हुए हैं। फेशियल क्यूपिंग भी एक ऐसी ही प्राचीन थेरैपी है, जो चेहरे को ऐसा खूबसूरत और चमकदार बनाती है कि लोग देखते ही रह जाएं। सौंदर्य विशेषज्ञ मानते हैं कि फेशियल क्यूपिंग से बेहतर परिणाम आए हैं, हालांकि वे यह भी कहते हैं कि इसे आजमाने में कुछ सावधानियां अत्यधिक जरूरी हैं। चेहरे की सफाई से शुरुआत फेशियल क्यूपिंग थेरैपी के लिए पहले चेहरे और गर्दन की गहराई से सफाई की जाती है और फिर कुछ चिकित्सकीय तेलों से त्वचा की मालिश। इसके बाद चेहरे पर सक्शन कप को उल्टे-सीधे तरीके से रखते हैं। थोड़ी देर बाद चेहरे की मांसपेशियों ...

मुंह की स्वच्छता पर ध्यान कैसे दे | oral hygiene kya hota hai | oral hygiene guidelines tips in hindi | ओरल हाइजीन के बारे में

मुंह की स्वच्छता पर ध्यान कैसे दे या  ओरल हाइजीन  (मुंह की स्वच्छता)   केयर कैसे करे इन हिंदी ओरल हाइजीन (मुंह की स्वच्छता) पर ध्यान न देने  से कोविड के मरीजों का वायरल लोड बढ़ सकता  है व कोविड की समस्या भी गंभीर हो सकती है...      ओरल कैविटी मुंह में बहुत से वायरस, बैक्टीरिया और फंगस का बसेरा बना देती है। इसलिए ओरल हेल्थ पर ध्यान देना अनिवार्य है ताकि आपको किसी भी प्रकार का संक्रमण न हो।      कई परीक्षणों से यह प्रमाणित हुआ है कि ओरल हेल्थ खराब हो तो कोरोना संक्रमण अधिक गंभीर हो सकता है और यहां तक कि ठीक होने में भी अधिक समय लग सकता है। ध्यान देने की बात यह है कि फेफड़ों का संक्रमण और मसूड़ों की बीमारी पैदा करने वाला वायरस एक ही है। मसूड़ों में सूजन होने पर सीआरपी वैल्यू (सी-रिएक्टिव प्रोटीन, शरीर में अति सूजन के लिए एक मार्कर) की रीडिंग अधिक हो जाती है जिसके चलते कोविड के इलाज के दौरान डाक्टर गलत अर्थ लगा सकते हैं। ये लक्षण आ रहे नजर : दूसरी लहर में आए डेल्टा वैरिएंट के चलते कोविंड रिकवरी के दौरान मुंह में कई विचित्र लक्षण ...

delta variant kya hai | delta variant ke lakshan kya hai | corona dusari lahar ke lakshan

डेल्टा वेरिएंट क्या है और डेल्टा वैरीअंट के लक्षण(Symptoms) व बचाव(Treatment) के बारे मे  कोरोना की दूसरी लहर नियंत्रण में है,लेकिन तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। इसी के साथ इन दिनों डेल्टावैरिएंट को लेकर भी चर्चा तेज है। इसकी तीव्रता को देखते हुए जरूरी है कि संक्रमण से बचने के सारे उपाय अपनाएं जाएं और ज्यादा से ज्यादा हो वैक्सीनेशन... डेल्टा वेरीअंट क्या होता है? हमारे देश में कोरोना की दूसरी लहर पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, जो पिछले साल शुरू हुई पहली लहर की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक थी। अब कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ सितंबर-अक्टूबर में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं। दूसरी तरफ दस्तक दे रहा है इसका डेल्टा वैरिएंट, जिसकी तीव्रता काफी अधिक है। इन सबको देखते हुए हमें पहले से ही तैयारियां करनी चाहिए। तीसरी लहर की आशंका और इसके छोटे आयुवर्ग पर प्रभाव के कयासों के बीच नेशनल कमीशन फार प्रोटेक्शन आफ चाइल्ड राइट्स (एनसीपीसीआर) ने कहा है कि अगर कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है और इससे बच्चों के प्रभावित होने का कुछ भी अनुमान ह...

स्वस्थ कैसे रहे घरेलु उपाय - Healthy Rahane Ke Tips, Upay, Tarika, Upchar

स्वस्थ (हेल्थी) रहने के लिए क्या करना चाहिए या ( हेल्थी)  स्वस्थ रहने के लिए क्या खाना चाहिए? हेल्दी रहने के लिए क्या क्या करे? ताउम्र स्वस्थ रहने के लिए प्रकृति और शरीर के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। आप जितना प्रकृति के करीब रहेंगे, प्राकृतिक उपायों को अपनी जीवनशैली में शामिल करेंगे, उतने ही ज्यादा शारीरिक और मानसिक रूप से सेहतमंद रहेंगे। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में शुद्ध जल, गहरी सांस के जरिए ऑक्सीजन लेना, योग एवं ध्यान करना, हरी पत्तेदार सब्जियों एवं मौसमी फलों का सेवन करना, मसालेदार भोजन से परहेज करना, नशे से दूर रहना जरूरी है। क्या कहते हैं आंकड़े 45% लोग भारत में शाकाहारी भोजन को तवज्जो देते हैं और स्वस्थ जीवन जीते हैं। 70% मानव शरीर में जल होता  है। ऐसे में शरीर की जरूरत के अनुसार पानी  पीना चाहिए। योग से आंतरिक अंगों की कसरत होती है। इन अंगों में ऑक्सीजन रक्त की आपूर्ति बढ़ाता है। खुली हवा में लें सांस ऑक्सीजन शरीर की प्रत्येक कोशिकाओं एव अंगों को स्वस्थ और चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक है। ऑक्सीजन से जीवन है। शरीर के मेटाबॉलिज्म के लिए आवश्यक है, लेकि...