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पिंपल्स - muhase ka ilaj, muhase kaise Hataye ya Saaf Karane, Tarika, Vidhi, Illaj, Upchar, Chhutkara

चेहरे (फ़ेस) मुंहासे दाग धब्बे खत्म या दूर करने का तरीका, इलाज व उपचार छुटकारा? हामोस में असंतुलन, गलत जीवनशैली या कुछ अन्य कारणों से चेहरे पर एक्ने होना आम बात है, मगर इनको उचित देखभाल में नजर अंदाजी पोछे छोड़ जाती है इनके दाग, जो कर देते हैं चेहरा बेजान... मुंहासे क्यों होते हैं ? चेहरे पर मुंहासे होने का अर्थ है कि आपका शरीर यह संकेत दे रहा है कि आपकी दिनचर्या या खानपान की शैली में कुछ परिवर्तन करने की आवश्यकता है। इसके अलावा हामोस में आने वाले बदलाव भी इस प्रक्रिया को तेज कर देते हैं। इससे ज्यादा परेशानी का सबब बनते हैं एक्ने के बाद होने वाले दाग-धब्बे। ये दाग तब होते हैं, जब कोई मुंहासा त्वचा के भीतर गहराई तक पहुंच जाता है और भीतर के टिश्यू को नुकसान पहुंचाता है। इसीलिए हर प्रकार के दाग-धब्बे के उपचार का अलग असर होता है और कुछ उपचार अन्य के मुकाबले खास प्रकार के धब्बों पर ज्यादा प्रभावी होते है। इनका सही उपचार करवाकर ही इन्हें पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए। जब शरीर में किसी चोट की वजह से अधिक मात्रा में कोलेजन बनने लगता है तो आइस पिक जैसे परेशान करने वाले स्कार्स बन सकत...

स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के फायदे इन हिंदी | स्ट्रेचिंग व्यायाम के लाभ

Stretching Exercises Ke Benefits Ke Labh V Fayde Ke Bare Me Ya Stretching Exercises Kaise Karen जरूरी है वर्कआउट के बाद प्रॉपर स्ट्रेचिंग... अक्सर लोग थका देने वाली वर्कआउट के बाद स्ट्रेचिंग करने की अहमियत को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि इसके जरिए थकी हुई मसल्स की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने के अलावा मसल टशन कम करने जैसे कई बड़े फायदे मिलते हैं. स्ट्रेचिंग करना भी उतना ही जरूरी है जितना स्ट्रेंथ या कार्डियोवस्कुलर ट्रेनिंग करना. जानें इसके कुछ और फायदे............. नर्वस सिस्टम हो जाएगा शांत हेवी वर्कआउट के बाद स्ट्रेचिंग करने से नर्वस सिस्टम रिलैक्स महसूस करता है, इसलिए इसे अपने डेली रूटीन में जरूर शामिल करना चाहिए. आप अपने नर्वस सिस्टम को शांत करने और आराम दिलाने के लिए वर्कआउट के बाद 10-15 सेकेंड की अलग-अलग तरह की स्ट्रेचिंग कर सकते हैं. इससे बॉडी में ब्लड क्लॉट्स भी नहीं पड़ेंगे. आपको अच्छा और रिलैक्स फील होगा. कई बार हेवी वर्कआउट के बाद बॉडी में कंपन महसूस होता है. स्ट्रेचिंग इस प्रॉब्लम को दूर करने में भी मददगार है. बेहतर होती है फ्लेक्सिबिलिटी वर्कआउट के बाद बॉडी गर्म होती ह...

नकारात्मक और सकारात्मक भावना इन हिंदी | bhavnaye kya hoti hai

नकारात्मक और सकारात्मक भावनाएं क्या होती है? भावनाए क्या होती है?    भावनाओ के कई रंग हैं। कभी ये हमें मजबूत बनाती है, तो कभी हमारी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है और जब हम भावनात्मक रूप से कमजोर होते हैं, तो जिंदगी की लड़ाई में पीछे छूटते जाते है।      भावनाओं के दो पहलू होते हैं। एक तरफ जहां भावनाएं हमें मजबूत बनाती हैं, तो दूसरी तरफ येहमारी सबसे बड़ी कमजोरी भी बन जाती हैं। भावनाएं सकारात्मक भी होती हैं और नकारात्मक भी। सकारात्मक भावनाएं प्रेम, लगाव एवं दया से जुड़ी होती हैं, जबकि नकारात्मक भावनाएं लालच, गुस्सा, हिंसा एवं स्वार्थ के कारण विकसित होती हैं। नकारात्मक भावनाएं व्यक्ति के शारीरिक एवं  मानसिक व्यक्तित्व को नुकसान पहुंचाती हैं।      उन्हें क्षतिग्रस्त कर देती  हैं। ये हमें स्वार्थी, आत्म-केन्द्रित, अपने तक सीमित रहने वाला बना देती हैं। इससे तनाव का स्तर भी बढ़ने लगता है। ऐसे लोग ज्यादा नकारात्मक सोचते हैं, जिसके कारण उनके जीवन में कोई सकारात्मकता नहीं रह जाती है।      नकारात्मक सोच वाले व...

रेडियो फ्रीक्वेंसी न्यूरोटॉमी क्या है - Radiofrequency Neurotomy Kya Hota Hai | Spinal Pain Treatment In Hindi

Radio Frequency Neurotomy Treatment Ke Bare Me Janakari लंबे समय से रीढ़ के दर्द से जूझते मरीजों के लिए आशा की किरण है रेडियो फ्रीक्वेंसी न्यूरोटॉमी। इससे पुराने दर्द और रीढ़ की कई तकलीफों में मिल जाती है राहत............ रेडियो फ्रीक्वेंसी न्यूरोटॉमी क्या है? व्यस्त जीवनशैली और एक्सरसाइज की कमी के चलते स्वास्थ्य को लेकर हम काफी हद तक लापरवाह हो चुके हैं। ऐसे में रीढ़ और मांसपेशियों से जुड़ी तकलीफों से दो-चार होने वाले मरीजों की संख्या बहुत  तेजी से बढ़ रही है। आज अधिकतर लोग ऑस्टियो अर्थराइटिस, रुमेटॉइड अर्थराइटिस, सर्वाइकल, स्पाइनल स्टेनोसिस से ग्रस्त हैं। इसके अलावा बढ़ती उम्र या चोट के कारण कार्टिलेज घिसने लग जाता है, जिससे जोड़ों  में सूजन आ जाती है। यह अर्थराइटिस की शुरुआत होती है। ज्यादातर रीढ़ की हड्डी की तकलीफ जैसे-ऑस्टियो अर्थराइटिस, स्पाइनल स्टेनोसिस या पीठ की कोई गहरी चोट  आदि फैसेट ज्वाइंट में दर्द का मुख्य कारण  होती हैं। आमतौर पर इनके प्राथमिक उपचार में  मरीज के दर्द के हिसाब से फिजियोथेरेपी, दर्द  निवारक दवा या पारंपरिक सर्जरी का इस्तेमाल...

चेहरे के दाग धब्बे झुर्रियां कैसे हटाए - chehra saaf karne ke gharelu upay v tarika vidhi

Chehare Par Dag Pimple Aur Jhurya Kaise Hataye Or Chehra Chamkane v Saaf Karane Ke Gharelu Nuskhe चेहरे पर दाग-धब्बे, झुर्रियां अक्सर आपको तनाव देती हैं। इन्हें दूर करने के लिए आप तरह-तरह के जतन करती हैं। ऐसे में कभी प्राकृतिक पद्धति को भी आजमाकर देखिए। फेशियल क्यूपिंग  क्या होता है? सुंदरता की चाहत ने प्राचीन काल से लेकर आज तक न जाने कितने ही घरेलू नुस्खे और अलग-अलग चिकित्सकीय तौर-तरीके खोजे हैं। आजमाए जा चुके कई तरीके खूबसूरती को बनाए रखने में कारगर भी साबित हुए हैं। फेशियल क्यूपिंग भी एक ऐसी ही प्राचीन थेरैपी है, जो चेहरे को ऐसा खूबसूरत और चमकदार बनाती है कि लोग देखते ही रह जाएं। सौंदर्य विशेषज्ञ मानते हैं कि फेशियल क्यूपिंग से बेहतर परिणाम आए हैं, हालांकि वे यह भी कहते हैं कि इसे आजमाने में कुछ सावधानियां अत्यधिक जरूरी हैं। चेहरे की सफाई से शुरुआत फेशियल क्यूपिंग थेरैपी के लिए पहले चेहरे और गर्दन की गहराई से सफाई की जाती है और फिर कुछ चिकित्सकीय तेलों से त्वचा की मालिश। इसके बाद चेहरे पर सक्शन कप को उल्टे-सीधे तरीके से रखते हैं। थोड़ी देर बाद चेहरे की मांसपेशियों ...

मुंह की स्वच्छता पर ध्यान कैसे दे | oral hygiene kya hota hai | oral hygiene guidelines tips in hindi | ओरल हाइजीन के बारे में

मुंह की स्वच्छता पर ध्यान कैसे दे या  ओरल हाइजीन  (मुंह की स्वच्छता)   केयर कैसे करे इन हिंदी ओरल हाइजीन (मुंह की स्वच्छता) पर ध्यान न देने  से कोविड के मरीजों का वायरल लोड बढ़ सकता  है व कोविड की समस्या भी गंभीर हो सकती है...      ओरल कैविटी मुंह में बहुत से वायरस, बैक्टीरिया और फंगस का बसेरा बना देती है। इसलिए ओरल हेल्थ पर ध्यान देना अनिवार्य है ताकि आपको किसी भी प्रकार का संक्रमण न हो।      कई परीक्षणों से यह प्रमाणित हुआ है कि ओरल हेल्थ खराब हो तो कोरोना संक्रमण अधिक गंभीर हो सकता है और यहां तक कि ठीक होने में भी अधिक समय लग सकता है। ध्यान देने की बात यह है कि फेफड़ों का संक्रमण और मसूड़ों की बीमारी पैदा करने वाला वायरस एक ही है। मसूड़ों में सूजन होने पर सीआरपी वैल्यू (सी-रिएक्टिव प्रोटीन, शरीर में अति सूजन के लिए एक मार्कर) की रीडिंग अधिक हो जाती है जिसके चलते कोविड के इलाज के दौरान डाक्टर गलत अर्थ लगा सकते हैं। ये लक्षण आ रहे नजर : दूसरी लहर में आए डेल्टा वैरिएंट के चलते कोविंड रिकवरी के दौरान मुंह में कई विचित्र लक्षण ...

mirgi bimari ka ilaj | mirgi se chutkara kaise paye | mirgi ke jhatke ka ilaj | mirgi rog ka ilaaj | mirgi treatment in hindi

मिर्गी और उपचार के बारे मे जानकारी या मिर्गी बीमारी का इलाज क्या है? मिर्गी और उसके उपचार राष्ट्रीय मिर्गी दिवस (17 नवंबर) के लिए इस वर्ष की थीम रही 'आइए मिर्गी के बारे में बात करें।' जानते हैं इस बीमारी के आधुनिक उपचार के बारे में... मिर्गी हर आयु के बच्चों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि यह एक सामान्य विकार है, जो संपूर्ण जनसंख्या के एक फीसद बच्चों में पाया जाता है। अभी भी मिर्गी के बारे में बहुत सारे मिथक बने हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप बच्चों को उचित उपचार नहीं मिल पाता है। बच्चों में मिर्गी प्रमुख रूप से एक वर्ष की आयु तथा किशोरावस्था में दिखाई देने वाली बीमारी है। बचपन में मिर्गी के दौरे विभिन्न प्रकार के होते हैं। जिसमें कुछ लक्षण न दिखाई देने वाले तथा कुछ में कंपकपाहट व सिहरन की समस्या हो सकती है। भारत में इसके होने के दो प्रमुख कारण हैं, जिनमें एक आनुवांशिक व दूसरा मस्तिष्क की चोट होता है। इस बीमारी के बारे में आज भी जागरूकता का अभाव है। इसका बुरा पहलू यह है कि आज भी इसके रोगी को लोग उपेक्षा की नजर से देखते हैं, जबकि अब तो दवाओं के साथ ही मिर्गी की सर्जरी का विकल्प...

corona hone ke bad ke lakshan | covid ke baad ke lakshan | corona hone ke bad side effects | corona theek hone ke bad

Corona Se Thik Hone Ke Baad Side Effects Or Corona Virus Ke Baad Hone Wali Bimari  Corona Thik Hone Ke Baad Ke Lakshan   कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद लोगों को कमजोरी, सांस फूलना, पैरों में सूजन, थकान और नींद न आने की समस्या हो रही है। दो से तीन माह में ये लक्षण समाप्त हो जाते हैं लेकिन अगर इस तरह की परेशानी बनी रहे तो चिकित्सकीय परामर्श जरूर लें... कोरोना से ठीक होने के बाद भी लोगों को कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। इनमें सबसे आम है थकान, कमजोरी और नींद नहीं आना। लोगों में कोरोना संक्रमण से उबरने के दो से तीन महीने तक इस तरह की तकलीफ देखने को मिल रही है। हालांकि पहली लहर की अपेक्षा दूसरी लहर में इस तरह के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। संक्रमित होने के बाद जिन लोगों को इस तरह की परेशानी हो रही है, वे घबराएं नहीं, क्योंकि अधिसंख्य मामलों में धीरे-धीरे इस तरह की परेशानी अपने आप ही समाप्त हो जाती है। ऐसे लोगों को चाहिए कि वे पोषक आहार लें, हल्का व्यायाम और योग करें। हां, सतर्कता रखना बेहद जरूरी है। यदि कुछ भी असामान्य लगता है। चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। इसके ...

corona janch kab karna chahiye | corona janch type | corona janch kaise kare | corona ki janch kaise karaye aur kaise pata kare

कोरोना की जांच कैसे होगी या कोरोना की जांच कब करनी चाहिए कोविड या पोस्ट कोविड मरीजों के आंतरिक अंगों की क्या स्थिति है? सूजन या रक्त साव का खतरा तो नहीं  है? ब्लॉकेज अथवा स्ट्रोक का खतरा तो नहीं है?क्या कोविड का उपचार पा रहे मरीजों की समय रहते जरुरी जांचें कराई जार ही हैं? ऐसे कई सवाल जुड़े हैं कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की सेहत के साथ। जानें देश के बड़े अस्पतालों और विशेषज्ञों के हिसाब से क्या है जमीनी स्थिति...  कोरोना की जांच क्यू जरूरी है? अगर आप पहले से संक्रमण के दायरे मे है तो,,, इंदौर निवासी 32 वर्षीय रोहित जैन (परिवर्तित नाम) कोरोना संक्रमित पाए गए। आठ दिन अस्पताल में भर्ती रहे। अगली रिपोर्ट नेगेटिव आई। डिस्चार्ज होकर घर लौटे ही थे कि हालत फिर बिगड़ने लगी। दोबारा अस्पताल ले जाकर जांच कराई तो छाती का सीटी स्कैन कराने पर पता चला कि फेफड़े में बहुत संक्रमण है। दो दिन में उनकी मौत हो गई। ऐसे अनेक मामले सामने आ रहे हैं, जहां स्थिति का समय पर व सटीक अनुमान नहीं लगा पाने के कारण देर हो गई। समय रहते निदान और उपचार इससे बचने का एकमात्र उपाय है। भारी न पड़ जाए ला...

कोरोना फेफड़ों पर प्रभाव | कोरोना फेफड़ों में संक्रमण | कोरोना में फेफड़ों के संक्रमण वायरस | कोरोना में फेफड़ों समस्या वायरस | कोरोना वायरस फेफड़ों पर प्रभाव

कोरोना का फेफड़ों पर असर या प्रभाव और कोरोना वायरस फेफड़ों के संक्रमण के लक्षणों और उससे कैसे बचे के बारे मे जानकारी हिन्दी में कोरोना व धूम्रपान धूमपान और तंबाकू का सेवन एक साथ कई बीमारियों को दावत देता है। ये न केवल इसके शौकीनों की सेहत खराब करते हैं, बल्कि आसपास के लोग भी इससे प्रभावित होते हैं। कोरोना संक्रमण के प्रसार में भी इनकी अहम भूमिका है और ऐसे लोगों के कोरोना संक्रमित होने पर अन्यकी अपेक्षा जोखिम भी बढ़ जाता है...      जनरल एग्रीमेंट ऑन ट्रेड इन सर्विसेज के अनुसार भारत में लगभग 27 करोड़ लोग तंबाकू का सेवन करते हैं। भारत में तंबाकू के कारण प्रतिवर्ष लगभग 12 लाख लोगों की मृत्यु होती है। ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के अनुसार भारत में तंबाकू सेवन प्रारंभ करने की औसत आयु 18.7 वर्ष है। महिलाओं की तुलना में पुरुष कम उम्र में तंबाकू का सेवन करना प्रारंभ कर देते हैं। आज अधिकांश बीमारियों के पीछे तंबाकू की लत एक बड़ी वजह है। तंबाकू के कारण 25 तरह की बीमारियां तथा लगभग 40 तरह के कैंसर हो सकते हैं, जिसमें प्रमुख हैं- मुंह, गले, फेफड़े, प्रोस्टेट, पेट और ब्रेन का कैंसर...

corona se kaise bache in hindi | corona se bachne ke upay in hindi | corona se bachav | corona se kaise bacha jaaye

कोरोना से कैसे बचें या कोरोना से बचने के उपाय व तरीके के बारे जानकारी कोरोना से कैसे बचे? मौसम बदलने के साथ ही कोरोना संक्रमणके मामलों में तेजी आई है।इससे बचने के लिए जरूरी है सुरक्षा उपायों को अपनाना और संयमित जीवन जीना। उत्तम स्वास्थ्य कोरोना संक्रमण ही नहीं हर तरह के संक्रमण से बचाएगा। अपना खान-पान पौष्टिक रखे साथ ही बचाव के हर उपाय अपनाएं... अच्छी सेहत खानपान एवं हमारी जीवनशैली पर निर्भर करती है और स्वस्थ शरीर में बसता है स्वस्थ तन व मन। 7 अप्रैल आज विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जा रहा है। इन दिनों एक तरफ कोरोना का संक्रमण तेजी पकड़ रहा है तो दूसरी ओर गर्मी का मौसम सेहत के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। ऐसे में हमें अपने स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहना है। कुछ दिन पहले तक ऐसा लग रहा था कि मानों देश से कोरोना समाप्त हो गया। बाजारों में पहले की तरह बेखौफ चहलकदमी शुरू हो गई थी। छोटा कस्बा हो या महानगर लोगों की जिंदगी बहुत तेजी से पटरी पर लौटी, लेकिन हम यह भूल गए कि कोरोना का खतरा टला नहीं है। घर से बाहर निकलते वक्त मास्क या गमछा जो चेहरे पर होना चाहिए उसे लोगों ने उतार फेंका। रही सही कसर च...

corona me immunity kaise badhaye | corona me immunity badhane ke upay | corona mein kya khayen | corona me kya khaye

corona se ladne ke liye immunity kaise badhaye or  corona ke liye immunity power kaise badhaye ? corona me immunity power kaise badhaye? हर तरह के संक्रमण से बचाती है हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता। इसके लिए जरूरी है पोषक आहार का सेवन और अनुशासित जीवन... तीसरी लहर की आशंका के बीच यह मंत्र फिर से दोहराना आवश्यक हो गया है कि अच्छे और पौष्टिक आहार से ही हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनती है। मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता का अर्थ है अच्छी सेहत। यदि हम पोषक आहार ले रहे हैं और उसका पाचन ठीक से हो रहा है तो मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता का बनना तय है। शरीर का पूरा सिस्टम पाचन तंत्र से जुड़ा है। अतः हमें अपने आहार के साथ ही पाचन तंत्र पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यदि लिवर स्वस्थ रहेगा तो शरीर के सारे विषाक्त पदार्थों का निष्कासन आसान हो जाएगा। जब शरीर ऊर्जावान होता है तो कमजोरी, थकान और आलस्य की समस्या से मुक्ति मिलती है और यही रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। शरीर को प्रदान करें इम्युनिटी का कवच : कोराना हो या कोई अन्य संक्रमण, इन सबसे हमें हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता ही बचाती है। विश्व स्वास्...

delta variant kya hai | delta variant ke lakshan kya hai | corona dusari lahar ke lakshan

डेल्टा वेरिएंट क्या है और डेल्टा वैरीअंट के लक्षण(Symptoms) व बचाव(Treatment) के बारे मे  कोरोना की दूसरी लहर नियंत्रण में है,लेकिन तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। इसी के साथ इन दिनों डेल्टावैरिएंट को लेकर भी चर्चा तेज है। इसकी तीव्रता को देखते हुए जरूरी है कि संक्रमण से बचने के सारे उपाय अपनाएं जाएं और ज्यादा से ज्यादा हो वैक्सीनेशन... डेल्टा वेरीअंट क्या होता है? हमारे देश में कोरोना की दूसरी लहर पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, जो पिछले साल शुरू हुई पहली लहर की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक थी। अब कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ सितंबर-अक्टूबर में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं। दूसरी तरफ दस्तक दे रहा है इसका डेल्टा वैरिएंट, जिसकी तीव्रता काफी अधिक है। इन सबको देखते हुए हमें पहले से ही तैयारियां करनी चाहिए। तीसरी लहर की आशंका और इसके छोटे आयुवर्ग पर प्रभाव के कयासों के बीच नेशनल कमीशन फार प्रोटेक्शन आफ चाइल्ड राइट्स (एनसीपीसीआर) ने कहा है कि अगर कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है और इससे बच्चों के प्रभावित होने का कुछ भी अनुमान ह...

corona me immunity kaise badhaye | corona me immunity badhane ke upay | corona me immunity power kaise badhaye

corona ke liye immunity kaise badhaye or corona me immunity power kaise badhaye? आयुर्वेद के अनुसार कोरोना संक्रमण एक तरह का श्वास रोग है। इसलिए इससे बचने के लिए हमें सुरक्षा के सारे उपायों को अपनाते हुए अपने आहार पर देना होगा विशेष ध्यान... कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने बुरी तरह तबाही मचाई, लेकिन सुखद है कि अब स्थिति नियंत्रण में है। देश के चिकित्सा संस्थान इस प्रयास में जुटे हैं कि कैसे इस महामारी के प्रकोप को समाप्त किया जाए। ऐसा नहीं है कि संक्रमण के इस दौर में हम सिर्फ चिकित्सकों के उपचार के भरोसे रहें, बल्कि हर किसी को यह सोचना है कि किस तरह का हो हमारा आहार कि हम किसी भी संक्रमण से रह सकें सुरक्षित। कोविड-19 संक्रमण के समकक्ष जो श्वास रोग हैं, उनमें दही, दूध, मछली, शीतल जल व ठंडे भोजन का सेवन वर्जित है। इसके साथ ही ऐसे रोगियों को नमी युक्त स्थानों व धूल, धुंए से भी बचना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार किसी भी वस्तु का प्रभाव व्यक्ति की प्रकृति और ऋतु के सापेक्ष होता है। पित्त प्रकृति के लोगों में स्वभावतया उष्णता होती है, वे शीतल वस्तुओं का आराम से पाचन कर लेते हैं। वहीं वात और क...

achi neend lene ke fayde | sone se kya fayde hote hain | nind ke fayde in hindi | sone ke fayde kya hai

सोने से क्या लाभ व फायदा होता है? या अच्छी नींद लेने के फायदे के बारे मे    नींद या सोने लेने से हमे क्या बेनीफिट्स होता है? अच्छा स्वास्थ्य तभी रहेगा जब आएगी अच्छी नींद। इसलिए जरूरी है कि सुव्यवस्थित आहार-विहार के साथ हो अनुशासन दिनचर्या जिससे शरीर बना रहे निरोग........ हमारे देश में कभी आयुर्वेद के प्रयोग से ही लोग लंबी उम्र पाते थे और बीमारियों का नामोनिशान तक नहीं था, किंतु जैसे-जैसे हम आधुनिक युग में आए, हमने अपने जीवन जीने का तरीका ही बदल दिया। आधुनिक जीवन में सुबह उठने से लेकर रात्रि में सोने तक हम पूरी तरह भौतिकवादी एवं विलासितावादी सहारों पर टिके हुए हैं। वाहनों पर सफर करने के कारण पैदल नचलना, रासायनिक खाद से बने हुए भोजन का प्रयोग, एसी में रहना, फ्रिज में रखे हुए भोजन का प्रयोग, ठंडे पानी का प्रयोग कमोबेश सभी की आदत बन चुकी है। अनेक प्रकार के जंक फूड जो पोषण रहित एवं संक्रमण से युक्त हैं, उनका प्रयोग लगातार बढ़ रहा है। आयुर्वेद के आचार्यों के अनुसार आहार, निद्रा एवं ब्रह्मचर्य ही जीवन का आधार है। यदि इन तीनों का पूर्णतयाः स्वस्थ तरीके से प्रयोग किया जाए त...

dhumrapan ke nuksan | dhumrapan hanikarak hai kaise | dhumrapan se hone wale nuksan | dhumrapan se hone wale rog

 धूम्रपान के नुकसान या धूम्रपान जीवन के लिए घातक और धूम्रपान से होने वाली हानियां घूमपान से स्वयं की ही नहीं आसपास के लोगों की भी सेहत प्रभावित होती है। इसका दुष्प्रभाव दिल व फेफड़ों पर पड़ने के साथ ही हड्डियों में कई तरह की समस्याएं पैदा करता है। नए शोधों के मुताबिक 80 फीसद बीमारियों की वजह होता है धूमपान... आजकल धूमपान का शौक बहुत बढ़ा है। हर उम्र के लोग इसकी गिरफ्त में तेजी से आ रहे हैं। तंबाकू का उपयोग पीने,खाने और मंजन के रूप में हो रहा है। तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव प्रायः सभी को पता हैं, किंतु युवावस्था की यह लत एक बार लगने के बाद बुढ़ापे तक बनी रहती है मगर एक बात यह भी है कि तंबाकू के सेवन से हड्डियां भी कमजोर हो जाती हैं। इसके अलावा उनमें रक्त संचार की कमी, संक्रमण, क्षरण एवं ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। जो लोग धूमपान करते हैं वे अपने लिए कई बीमारियों को दावत देने के साथ संपर्क में आने वालों को भी बीमार करते हैं। निकोटिन युक्त पदार्थों का सेवन टूटी हुई हड्डी के न जुड़ने या विलंब से जुड़ने का भी एक कारण है। धूमपान करने से शरीर क...

चावल के मांड पीने के फायदे | चावल के मांड फायदे | चावल के मांड के गुण | चावल के मांड के चेहरे पर कैसे लगाएं | चावल के मांड के के लाभ बारे में बताइए

चावल का मांड पीने से क्या होता है या चावल का मांड पीने से क्या फायदा है चावल का मांड पीने के लाभ, चावल के मांड के फायदे बताइए खाने में चावल खास है। और उससे भी खास है उसका पानी यानी मांड। सेहत के लिए भी, सौंदर्य के लिए भी। यह आपको डिहाइड्रेशन से भी बचाता है। नहाने में चावल का पानी जापान, चीन और अन्य दक्षिण- पूर्व एशियन देशों की महिला किसान चावल धोने के बाद पानी को नहीं फेंकती, बल्कि उस पानी का इस्तेमाल नहाने में करती हैं। इससे त्वचा मुलायम रहती है। चावल का पानी यानी मांड को अक्सर महिलाएं स्टार्च के चक्कर में फेंक देती हैं। वैसे गांव- घरों में आज भी लोग मांड में नमक या चीनी मिलाकर पीते हैं। यह अलग बात है कि उनको इससे होने वाले फायदों की जानकारी कम हो। चावल में विटामिन ए, बी कॉप्लैक्स समेत कुछ मिनरल्स भी होते हैं। ऐसे में जब हम चावल को पकाते हैं या पानी में भिगोते हैं, तो उसके कुछ विटामिन्स और मिनरल्स पानी में मिक्स हो जाते हैं। इसी गुण के कारण मांड भी सेहतमंद हो जाता है। पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में तो लोग चावल को एक से दो दिन के लिए पानी में भिगोकर फर्मेंटेशन करते हैं। फिर...

liver ki dekhbhal kaise karen | liver ki dekhbhal aur healthy kaise rakhe in hindi | Liver Ka Dhyan Kaise Rakhe

लिवर (यकृत) की देखभाल या लिवर की देखभाल कैसे करे इन हिन्दी शरीर का अतिसंवेदी अंग है लिवर और हमारे खानपान का इस पर पड़ता है सीधा असर। अपनाएं सुव्यवस्थित जीवनशैली जिससे लिवर रहे सेहतमंद.... बीते वर्ष कोविड-19 पर इतना जोर दिया गया कि रोगियों द्वारा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की अनदेखी हुई। इससे हर बीमारी के रोगी प्रभावित हुए। लिवर मानव शरीर के सबसे प्रमुख अंगों में से एक है, जो हमारे दैनिक आहार के पोषक तत्वों को ऐसे पदार्थों में परिवर्तित करने का काम करता है, जिनका शरीर द्वारा उपयुक्त रूप से प्रयोग किया जाता है। लिवर इन पदार्थों को इकट्ठा करता है और आवश्यकतानुसार कोशिकाओं को इनकी आपूर्ति करता है। लिवर विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने का भी काम करता है और यह विटामिन की मदद से प्रोटीन का निर्माण करता है। इसके अतिरिक्त लिवर पुरानी या क्षतिग्रस्त रक्त कोशिकाओं को अपघटित करता है। शराब के सेवन और हेपेटाइटिस के चलते लिवर की बीमारियां होती हैं। यह बदलती जीवनशैली का परिणाम है कि खानपान के चलते लाइफस्टाइल बीमारियां जैसे डायबिटीज, मोटापा, ब्लडप्रेशर आदि में बढ़ोतरी हु...

vitamin yukt bhojan | vitamin food items

विटामिन का भोजन या विटामिन के भोजन शरीर को कई तरह के विटामिन की जरूरत होती है। यह विटामिन विभिन्न प्रकार के भोजन से मिलते हैं, लेकिन क्या आपका भोजन आपके शरीर तक सही मात्रा में विटामिन पहुचा पाता है? शरीर के हर भाग को उसके काम के अनुसार अलग-अलग विटामिन की जरूरत पड़ती है। ये विटामिन हमें तरह-तरह के भोजन से मिलते हैं। लेकिन अहम सवाल यह है कि हमारे शरीर तक सही मात्रा में विटामिन पहुंचता है या नहीं, इसका पता कैसे लगाया जाए। हमें अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है और इसमें ३ विटामिन खास भूमिका निभाते हैं। विटामिन एक तरह के ऑर्गेनिक कंपाउंड होते हैं, जो शरीर को सही तरीके से काम करने में मदद करते हैं। ये विटामिन हमें कई तरह के भोजन से मिलते हैं। लेकिन आज की इस तेज रफ्तार भरी जिंदगी में हम अक्सर सही खानपान की जरूरत को अनदेखा कर देते हैं। इससे सही विटामिन हमारे शरीर तक नहीं पहुंचते। विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन की कमी हमारे शरीर को कमजोर बना देती है। इसके अलावा विटामिन की कमी से कई ऐसे रोग होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे बाहर निकलने में काफी समय लगता है। ल...

detox water kaise banaye | detox water banane ki vidhi tarika

डिटॉक्स वाटर डिटॉक्स वाटर कैसे बनाएं या डिटॉक्स वाटर बनाने की विधि तरीका क्या है ?    रसभरे फलों के टुकड़े पीने के पानी में डालकर इसे कई घंटों तक के लिए फ्रिज में रखकर डिटॉक्स वाटर तैयार किया जा सकता है। सबसे पहले चौड़े मुंहवाली किसी बोतल में पानी भर लें और फिर उसमें एक-एक कर सभी फलों को काटकर डालें। इससे फलों से निकले जूस और कुछ फाइबर्स पानी में घुल जाते हैं और पानी में ज्यादा न्यूट्रिशन मिल जाते हैं। अच्छी खुशबू के लिए उसमें पुदीने के पत्ते डालें , जिससे आपको ठंडक भी मिलेगी। अपनी पसंद के अनुसार , फलों का इस्तेमाल करें , लेकिन मौसमी फलों का प्रयोग करना ज्यादा बेहतर होगा , क्योंकि उनमें सबसे ज्यादा न्यूट्रिशन होता है। संतरे को चार हिस्सों में काट लें और एक लीटर पानी में डालें। बिना छिले संतरे में विटामिन-सी , विटामिन ए और बी 1 होते हैं , साथ ही आयरन , मैग्नीशियम , कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे तत्व भी मिलते हैं। बिना छिले खीरे को काटकर खीरा प्रति आधा लीटर बॉटल पानी में डालें। फाइबर , विटामिन के , कॉपर , पोटैशियम , फॉस्फोरस , मैग्नीशियम और सिलिका इसमें समृद्ध हैं। आधा...