Jyada Dakar Na Aane Ke Upay, Ilaj Ke Bare Me Jankari
खाना खाते ही डकार आने की समस्या से परेशान हो जाते हैं? तो इसका इलाज समय रहते ही करवाना है जरूरी।
खाना खाते ही अधिकतर लोग डकार लेते हैं। खाने के बाद डकार आना एक आम बात है। कई जगहों पर तो खाने के बाद डकार लेने को भोजन की तारीफ करने से जोड़कर देखा जाता है। डकार आने से खाया हुआ भोजन जल्दी पच जाता है, जिससे पेट में कोई तकलीफ नहीं होती। डकार को पेट भरने का संकेत भी माना जाता है, लेकिन जब डकार सामान्य स्थिति में भी बार-बार आए, खाते ही बहुत ज्यादा आए, तो यह चिंता का विषय है। इसे सिर्फ पेट भरने का संकेत नहीं मान सकते। यह पेट से अत्यधिक गैस निकालने के तरीकों में भी शामिल है। दरअसल, खाने के साथ हवा भी पेट में चली जाती है, जो डकार के रूप में शरीर से बाहर निकलती है।
Expert के अनुसार और रिसर्च के अनुसार
खाने के बाद अक्सर लोगो को डकार आती हैं। यह एक सामान्य बात है। हा, हद से ज्यादा डकार आने लगे तो सावधान होना जरूरी हैं। दरअसल अधिक मुह खोलकर खाने से भोजन के साथ साथ पेट मे हवा भी चली जाती हैं इससे डकार आने लगती हैं ऐसे मे जब भी खाये छोटे छोटे निवाले खाये खूब चबा कर खाये पथरी और एसीडिटी होने से भी डकार आने की समस्या बढ़ जाती हैं । बेहतर हैं की आप डॉक्टर से संपर्क करके इस समस्या को जड़ से दूर करने की कोशिश करे ।
डकार आने के कारण क्या क्या हैं जाने...??
पेट में अल्सर तो नहीं : कुछ लोगों को बार-बार डकार पेट में अल्सर होने के कारण भी आती है। ऐसी स्थिति में आपको सीने में जलन महसूस हो सकती है। बहुत अधिक भोजन करने, मसालेदार भोजन करने और मोटापा पेट में अल्सर की समस्या को बढ़ाता है। इसके साथ ही पेट में एसिड बनने से भी कई बार हद से ज्यादा डकार आ सकती है।
कैंसर का संकेत : क्या आपके कुछ भी खाते ही डकार आने लगती है? तो इस समस्या को आपको गंभीरता से लेने की जरूरत है। भोजन नली (ईसोफेगस) में क्रोनिक एसिड एक्सपोजर प्री-कैंसरस बदलाव के लक्षण का संकेत हो सकता है। बेहतर यही है कि आप डकार आने की समस्या का इलाज जल्द से जल्द करवाएं।
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम : यह आंतों से संबंधित एक समस्या है, जिसमें बड़ी आंत प्रभावित होती है। इसमें कई बार आंतों को क्षति भी पहुंचती है। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम होने पर भी हद से ज्यादा डकार आ सकती है। यदि आपको लगातार पेट में दर्द, दस्त, कब्ज, गैस की समस्या बनी रहती है, तो यह इरिटेबल बाउल सिंड्रोम के कारण भी हो सकता हैं ऐसे मे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
जीवन शैली भी एक वजह : कई बार बेतरतीब जीवनशैली और खानपान के कारण भी अधिक डकार आती हैं। खास तरह के खाद्य पदार्थ जैसे पत्तागोभी, फूलगोभी, कार्बोनेटेड पेय पदार्थ, ब्रोकोली, बीन्स आदि भी डकार आने का कारण होते है। जब भी आप इस तरह के खाद्य पदार्थ का सेवन करे, तो ध्यान की क्या इन्हे ही खाने के बाद आपको डकार आ रही हैं या कोई और वजह हैं। फूलगोभी, पत्तागोभी बीन्स, ब्रोकोली आदि को खाने से पेट में गैस बनती है, जो डकार आने का कारण हो सकता है। इन चीजों को रात में न खाएं। लगातार डकार कई बार गैस्ट्रोइन्टेस्टिनल ट्रैक में होने वाली बीमारियों के कारण भी आती है।
कहीं अपच तो नहीं : बार-बार डकार आने का एक कारण अपच भी हो सकता है। आपने जो भी खाया है, यदि वह पच नहीं पा रहा है, तो यह समस्या होना आम बात है। लंबे समय तक कब्ज की समस्या भी अत्यधिक डकार आने का एक तक हो सकती है। इस मामले में पहले आपको कब्ज से निपटने की जरूरत होगी।
एराफेजिया: लोग अधिक मुंह खोलकर खाते हैं। इससे भोजन के साथ-साथ पेट में हवा भी चली जाती है। पेट में ज्यादा हवा जाने की वजह से डकार की समस्या बढ़ जाती है। इससे ऐरोफेजिया की स्थिति पैदा हो जाती है। इसमें पेट फूलना और एसिडिटी जैसी परेशानी हो जाती है। ऐसे में जब भी खाएं, हमेशा छोटे निवाले ही खाएं। कोशिश करें कि खाना चबाते समय मुंह बंद हो।
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