अगर आप बिटकॉइन कमाना चाहते है तो इससे बेहतर आपको साइट नहीं मिलेगी? तो बिटकॉइन कमाने के लिए क्लिक करे

Search Your Topic In This Blog : I think I written about that.

2019-08-10

Smart Bands Ya Fitness Bands Ke Baare Mein Jankari In Hindi

Smart Bands Ya Fitness Bands क्या होता हैं ????


उम्र, वजन और सेहत के हिसाब से 1 दिन में कितने कदम चलने चाहिए, कितनी कैलोरी लेना चाहिए, कितनी कैलोरी बर्न करना चाहिए,,,,,,,,,....... जैसी बातें स्मार्ट बैंड बताते हैं लेकिन आपको इस पर कितना भरोसा करना चाहिए?

हर उम्र के लोगों में तेजी से पॉपुलर हो रहे इस स्मार्ट बैंड या फिटनेस बैंड और सिर्फ फैशन की चीजें नहीं रही, बल्कि भागती दौड़ती जिंदगी में यह आपकी सेहत का ध्यान रखने का सबसे आसान साधन बन गए हैं आप कितना चले, कितना चलना चाहिए, कितनी कैलोरी बर्न की, दिल की धड़कन कब्बड़ी कब कम हुई, कितनी नींद ली जैसी कितनी ही बातें आपको एक क्लिक पर पता चल जाता है पर सवाल यह है कि स्मार्ट बंद कर डाटा कितना सही और सटीक होता है???

 आसान सा गणित है


 सभी साइज और शेप के स्मार्ट बैंड दो तरह के सेंसर के साथ आते हैं एक्सिलोमीटर और गायरोस्कोपइसके अलावा इन दिनों कुछ बैंड में हार्ट रेट सेंसर भी आते हैं जो आपके दिल की धड़कनों को मॉनिटर करके आपके मूवमेंट्स से फिजिकल कंडीशन पता करते हैं यह आसान सा गणित है।  अगर आपका दिल तेज  धड़क रहा है तो आप ज्यादा मेहनत करने वाला काम कर रहे हैं यानि आप ज्यादा कैलोरी बर्न कर रहे है और अगर दिल की धड़कनें सामान है तो आपका शारीरिक श्रम कम है कैलोरी कम बर्न हो रही है।  लेकिन सिर्फ इसी अलगोरिदम पर भरोसा नहीं कर सकते। इन दिनों स्मार्ट बैंड स्क्रीन के साथ भी आते हैं लेकिन इसकी शुरुआत बिना स्क्रीन के बैंड के साथ हुई थी इसमें आंकड़े देखने के लिए आपको फोन कर सहारा लेना पड़ता था।  लेकिन अब कम कीमत में स्क्रीन वाले बैंड बाजार में है।  इस वक्त कई लोकल ब्रांड्स भी स्मार्ट बैंड्स बना रहे हैं। इनकी कीमत ₹1000 से भी कम है। हालांकि इनकी क्वालिटी को लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन प्राय करने के लिए लोग इन्हें भी खरीद रहे हैं। 
       टेक्निकल एक्सपोर्ट कहते हैं," ज्यादातर स्मार्ट में स्टेप अकाउंट बताते हैं और इसी के लिए सही भी हैं। लेकिन इन लेकिन इन स्मार्ट बैंड के हेल्थ डाटा पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता।  यह किसी भी तरह के मेडिकल बैकग्राउंड के साथ नहीं आते इसलिए इनकी डाटा को डॉक्टर के पास जाना बेवकूफी होगी। स्टेप काउंट तक ठीक है लेकिन दिल से संबंधित डाटा के लिए डॉक्टर पर निर्भर रहना ही बेहतर होगा। इन दिनों बहुत सस्ते बैंड बाजार में उपलब्ध हैं। उनके डाटा की एक्यूरेसी उतनी अच्छी नहीं है। अगर फिटनेस बैंड खरीदना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि यूजर फीडबैक पर भरोसा करें। कई बार देखने में अच्छे बैंड्स काम अच्छा नहीं करती इसलिए खरीदने से पहले रिव्यु जरूर पढ़ें। डिस्प्ले या फोटो पर ना जाये, वो धोखा दे सकती हैं।"


 क्या कहते हैं स्मार्ट बैंड्स 


लोगों में बढ़ते स्मार्ट बैंड के क्रेज को मुख्य वजह इसका फिटनेस ट्रैकर हैं। वर्कआउट और एक्सरसाइज के आदी और शौकीन लोगों के लिए स्मार्ट वॉच अपनी फिटनेस पर नजर रखने का सबसे आसान तरीका है। वॉक करते हुए स्टेप्स गिनने का चलन कुछ सालों में काफी तेज हुआ है। उम्र, वजन और सेहत के हिसाब से 1 दिन में कितने कदम चलने चाहिए, कितनी कैलोरी लेनी चाहिए, कितनी कैलोरी बर्न करनी चाहिए, आदि जैसी बातें स्मार्ट बताते हैं। अपने स्मार्टफोन से स्मार्ट बैंड्स को लिंक करने के बाद आप पूरा डाटा लंबे समय तक सेव भी कर सकते हैं। यानी खुद ही इस बात पर नजर रख सकते हैं कि अपनी सेहत में कितना सुधार आया है। इसके अलावा स्मार्ट बैंड और भी कई काम करते हैं। जैसे नोटिफिकेशन। स्मार्टफोन से लिंक करने के बाद फोन के सभी नोटिफिकेशन स्मार्ट बैंड पर आते हैं। इससे आपको बार-बार फोन निकाल कर देखने की जरूरत नहीं होती है। जिस तरह घड़ी में समय देखते हैं उसी तरह आप नोटिफिकेशन भी देख सकते हैं। समय के साथ-साथ यह फीचर और बेहतर हो रहा है।

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Thanks You Guys
Please Share This Link