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2020-04-04

Sardiyo ke mausam me navjat shishu(Newborn Baby) ki dekhbhal kaise kare Ya Karane Chahiye Upay, new born baby ko thand (winter) se bachane ke upay ,baccho ka khayal kaise rakhe care tips in hindi

Navjat Shishi(New Born Baby) Ko Thandi Se Bachane Ke Bare Me Janakri In Hindi Mein


ठंड के मौसम बहुत सी बीमारिया लेके आती हैं इसमे आप अपने बच्चो का ख्याल या देखभाल कैसे करती हैं?
वैसे तो सर्दियों के मौसम में हर उम्र के लोगों को देखभाल की जरूरत होती है, लेकिन बच्चों की खास देखभाल होनी चाहिए। अगर आप ठंड की शुरुआत से ही सावधानी बरतें, तो आपका बच्चा सर्दियों में भी मुस्कराता रहेगा। ठंड में बच्चों का सामान्य सर्दी-जुकाम की चपेट में आ जाना स्वाभाविक है। बच्चे बड़ों की तरह एक जगह नहीं बैठते हैं, इसलिए उन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। सर्दियों में बच्चों को रोज नहलाने की जगह गरम पानी में कपड़े को भिगोकर उनके शरीर को पोंछ दें। इससे उन्हें ठंड लगने की संभावना कम हो जाएगी। पूरे सालभर बच्चे नंगे पैर घर में दौड़ते हैं, मगर ठंड में तो ध्यान रखना पड़ेगा कि बच्चे नंगे पैर जमीन पर न दौड़ें। हर साल जाड़े में मां-बाप बच्चों की बीमारियों को लेकर परेशान हो जाते हैं। ऐसे में अक्लमंदी इस बात में है कि बच्चों के साथ पूरी सावधानी बरती जाए, जिससे वे बीमार न पड़ें। थोड़ी सी सावधानी बरतकर आप अपने बच्चे को ठंड के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचा सकती हैं।

इन बातों का रखें ध्यान:

 एक से डेढ़ महीने तक के बच्चे को आउट स्टेशन या पब्लिक प्लेस या भीड़-भाड़ वाली जगह पर न ले जाएं। इससे बच्चे को इंफेक्शन होने का डर होता है।

हालांकि मालिश बहुत जरूरी नहीं है, लेकिन यदि आप मालिश कर रही हैं, तो इसके लिए गरम तेल का प्रयोग करें। 

जैसे ही मौसम बदले, बच्चे को गरम कपड़े पहनाना शुरू कर दें। हल्की ठंड को नजरअंदाज न करें और बच्चे को हमेशा मोजे पहनाकर रखें।
अगर आपके घर में धूप आती है तो बच्चे को गरम कपड़े पहनाकर थोड़ी देर के लिए धूप में रखें। इससे उसे ताजी हवा और विटामिन-डी दोनो मिलेंगी।
सबसे ज्यादा संक्रमण हाथों से फैलता है। इसलिए ध्यान रखें कि आपका बच्चा नियमित रूप से अपने हाथों को धोए। उसे बताएं कि टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद अच्छे से साबुन से हाथ धोना जरूरी है।
 
स्वेटर हमेशा अच्छी क्वालिटी का पहनाएं, क्योंकि वूलन से कभी-कभी त्वचा में एलर्जी हो जाती है। 
छोटे बच्चों को रोज नहलाने के बजाय हर दूसरे दिन गरम पानी में सॉफ्ट एंटीबैक्टीरियल लिक्विड डालकर उसमें नरम तौलिया भिगोकर उनका शरीर साफ करें।
बच्चों को कफ दबाने वाली और जुकाम से संबंधित अन्य दवाएं न दें तो ही बेहतर है। उसे धूल और गंदगी से दूर रखें।
बच्चे ठंड के दिनों में पानी कम पीते हैं। कोशिश करें कि आपका बच्चा दिन भर में आवश्यकता अनुसार पानी जरूर पिए।

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