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दिसंबर 8, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Body Ki Antrik Suraksha Tantra-Lymphatic Ke Bare Me

Body Ki Antrik Suraksha Tantra-Lymphatic Ke Bare Me शरीर में सफाई और स्‍वच्‍ठता के लिए एक लिम्‍फेटिक संस्‍थान होता है। रक्‍त का तरल भाग , पोषक तत्‍वों के साथ सूक्ष्‍मतम रक्‍त वाहिनियों से बाहर निकलता है और कोशिकाओं को पोषक तत्‍व तक पहुचाकर वापस रक्‍त वाहिनियों में लौट जाता है।  इसमें 600 के लगभग क्षेत्रीय लिम्‍फनोड्स के समूह होते है। जैसे बगल में , जांघ में , पेट में , सीने में , गर्दन में व अन्‍यत्र , जो उस क्षेत्र से लाए गए साफलिड व लिक्विड वेस्‍ट का निस्‍तारण करते है। इसमें लिम्‍फ छनता है और कचरे को छांटकर उनका उपयुक्‍त निस्‍तारण किया जाता है। शरीर के प्रवेश   द्वार , नाक और मुंह के पीछे पांच टॉन्सिल्‍स (लिम्‍फनोड्स) ेा एक पूरा चक्र होता है , जो आने वाले विषैले पदार्थ व कीटाणुओं को रोककर , उनका विश्‍लेषण कर शरीर को उनके बारे में सूचित करता है। आगाह करता है। उनसे बचाता है। आंत की आंतरिक सतह पर भी ऐसे ही लिम्‍फेटिक सफाई चेक पोस्‍ट होते है। प्रवेश द्वार पर नही , छोटी आंत के निकास द्वार पर स्थित अपेंउिक्‍स भी यही कार्य करता है। अपेंउिक्‍स बेकार अं...