सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

अप्रैल 6, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कोरोना वायरस - corona thik hone ke baad kya kare

कोरोना वायरस ठीक होने के बाद क्या करे कोरोना संक्रमण से मुक्ति के बाद भी लोगों में इसके लक्षण देखे जा रहे हैं। यदि ऐसा हो तो जरूरी है कि आप चिकित्सक से तत्काल परामर्श लें और खानपान के साथ अपनाएं अनुशासित जीवनशैली... कोविड-19 महामारी ने देश के प्रत्येक नागरिक को किसी न किसी तरह से प्रभावित किया है और इसमें स्वास्थ्य मुख्य है। बावजूद इसके शुरूआती दौर में संक्रमण को लेकर जिस तरह की सतर्कता नजर आ रही थी, अब उसमें काफी कमी आ गई है। समय बीतने के साथ लोग अब इसे सामान्य तौर पर लेने लगे हैं। यह कहना भी अनुचित नहीं होगा कि लोग बेफिक्र जैसे हो गए हैं। जीवन को पटरी पर लाना बेहद जरूरी है और इसके लिए हालात सामान्य होने चाहिए, लेकिन सामान्य होने का मतलब लापरवाह होना नहीं है। अब हमने सार्वजनिक समारोहों में भाग लेना शुरू कर दिया है। जबकि समारोहों में शामिल होते वक्त एहतियात बेहद जरूरी है। यह सही है कि कोरोना संक्रमण से ग्रस्त मरीजों में स्वस्थ होने की दर बेहतर है, लेकिन यह समय संक्रमण के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील है। इस बीमारी से उबरने के बाद लोग लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे ...

पर्सनल असिस्टेंट - top 5 personal assistant app for android ke bare me in hindi

पर्सनल असिस्टेंट Apps के बारे मे  व्यस्त होती जिंदगी और ऑफिस की भागदौड़ में पर्सनल असिस्टेंट की जरूरत महसूस होती है, तो मोबाइल में असिस्टेंट एप्प इस्तेमाल कर सकते है। ओह! आज क्लाइंट के साथ जरूरी मीटिंग थी, पर भूल गया। अगर ऐसा आपके साथ भी होता है, तो अपने स्मार्टफोन को अपना सेक्रेटरी बना लीजिए। जैसे एक सेक्रेटरी छोटा-मोटा हिसाब, कैलेंडर, जरूरी मीटिंग की टाइमिंग, रिमाइंडर, टिकट बुकिंग जैसे ढेर सारे काम समय पर पूरा करती है, उसी तरह ये ऐप भी आपका ख्याल रखने में सक्षम हैं। आज गूगल प्लेस्टोर पर ऐसे ढेरों ऐप्स हैं, जो आपकी मदद बिल्कुल किसी सेक्रेटरी की तरह करते हैं। हां. इस हाई टेक सेक्रटरी को बदले में तनख्वाह भी देने की जरूरत नहीं है। है न, गजब का एम्प्लॉयी। असिस्टेंट डॉट एआई ऑफिस सेक्रेटरी की तरह काम करने वाला Assistantai कमाल का ऐप है। इस ऐप पर आप ऐसे बात कर सकते हैं, जैसे किसी इंसान से बात की जाती है। इस ऐप पर काम करने के लिए आपको टाइपिंग की जरूरत नहीं है। आप बोलकर इसे काम करने के निर्देश दे सकते हैं। यह ऐप पहले से फिक्स टाइम पर कॉलिंग, एसएमएस की सुविधा के साथ-साथ राशिफल, नेविगे...

इंटरडिसिप्लिनरी - Interdisciplinary Kya Hai in hindi

इंटरडिसिप्लिनरी पढ़ाई क्या होता है? तकनीक के तेजी से बढ़ते दौर में अपनी पहचान बनाने के लिए युवाओं के लिए इंटरडिसिप्लिनरी पढ़ाई करना बहुत जरूरी हो गया है यानी मैकेनिकल इंजीनियरिंग का स्टूडेंट आइटी या सीएस के संयोजन से आइओटी, डाटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ब्लाकचेन जैसी नई तकनीकों का उपयोग करते हुए इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ सकता है। इससे स्टूडेंट को न केवल अलग पहचान बनाने में मदद मिलती है, बल्कि उसके लिए देश और दुनिया की कंपनियों द्वारा आकर्षक पैकेज मिलने के अवसर भी बढ़ जाते हैं। बदलते वक्त की ही मांगः इंटरडिसिप्लिनरी नालेज की बढ़ती जरूरतों की वजह से अब शैक्षणिक संस्थानों में स्टूडेंट्स को अपने ब्रांच के अलावा दूसरे ब्रांच के साथ मिलकर प्रोजेक्ट बनाने की सुविधा दी जा रही है। इससे स्टूडेंट्स के लिए अलग पहचान बनाने के अवसर बढ़ जाते हैं। पहले मैकेनिकल के स्टूडेंट को कंप्यूटर की उतनी नालेज नहीं होती थी। इंटरडिसिप्लिनरी नालेज/प्रोजेक्ट न होने के कारण ही कोर ब्रांच (सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग आदि) के प्रति युवाओं की रुचि घटी है और सीएस, आइटी जैसे ब्रांच में बढ़ी ह...

ग्लूकोमा - glaucoma bimari kya hai | Upchar | Treatment | Lakshan | Karan

ग्लूकोमा क्या होता है, उपचार, कारण, इलाज, निदान, लक्षण के बारे मे जानकारी हिन्दी में  अगर समय पर हो जाए पहचान तो रोका जा सकता है ग्लूकोमा से होने वाली हानि को कई बार इसकी गंभीरता बनती है आखों की रोशनी जाने का कारण... ग्लूकोमा क्या होता है? ग्लूकोमा विश्वभर में मोतियाबिंद के बाद दृष्टिहीनता का दूसरा सबसे प्रमुख कारण है। प्रारंभ में इसका उपचार न हुआ तो यह गंभीर समस्या बनता है। कई बार इसकी अनदेखी दृष्टिहीनता का कारण भी बन जाती है। ग्लूकोम्मा के बढ़ते मामलों और इसकी गंभीरता को देखते हुए प्रतिवर्ष 6 से 12 मार्च को वर्ल्ड ग्लूकोमा अवेयरनेस वीक मनाया जाता है। ग्लूकोमा को काला मोतिया या काला मोतियाबिंद भी कहते हैं। ये आंखों से संबंधित ऐसी समस्या है, जिसमें आप्टिक नर्व क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। यह ऐसी बीमारी है, जो किसी भी उम्र में हो सकती है। ग्लूकोमा के  लक्षण अधिकतर मामलों में ग्लूकोमा के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। इसीलिए इसे 'साइलेंट ब्लाइडिंग डिसीज' भी कहा जाता है। जब समस्या गंभीर हो जाती है तब आंखों में ब्लाइंड स्पाट बनने लगते हैं। इसकेअलावा निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं: नजर...

cerebral palsy kya hota hai | ilaj | Treatment | Karan | Lakshan

सेरेब्रल पाल्सी बीमारी (D isease)  क्या है?  ट्रीटमेंट, लक्षण, कारण के बारे मे जानकारी हिन्दी में बच्चों के शारीरिक विकास को प्रभावित करती है सेरेब्रल पाल्सी। यदिऐसे बच्चों को समय पर अस्पताल ले जाया जाए तो उपचार से बीमारी को कम किया जा सकता है... कुछ दिन पहले माइक्रोसाफ्ट के 26 वर्षीय बेटे जेन नडेला का सेरेब्रल पाल्सी के कारण निधन हो गया। हमारे आसपास भी बहुत से ऐसे बच्चे हैं जो शारीरिक या मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं होते या सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रहे होते हैं। अभिभावक इन बच्चों को समय पर अस्पताल लेकर नहीं आते हैं, जबकि इस बीमारी के प्रभाव को समुचित इलाज से कम किया जा सकता है। सेरेब्रल पाल्सी  क्या होता है? सेरेब्रल पाल्सी एक न्यूरोलाजिकल डिसआर्डर होता है जो बच्चों की शारीरिक गति, चलने-फिरने की क्षमता को प्रभावित करता है। यह एक तरह की विकलांगता है, जिसमें बच्चों को वस्तुओं को पकड़ने और चलने-फिरने में समस्या होती है। आमतौर पर यह रोग मस्तिष्क के किसी हिस्से में चोट लगने के कारण होता है। किसे होती है यह बीमारी : सेरेब्रल पाल्सी लगभग तीन साल से अधिक उम्र के 1,000 में से ...

सैटेलाइट इंटरनेट- satellite internet kya hai

satellite internet सेटेलाइट किसे कहते हैं? आज इंटरनेट लोगों केलिए लाइफलाइन की तरह है,पर अभी भीबहुत से ऐसे क्षेत्र हैं,जहां इंटरनेट की पहुंच नहीं है या है भी तो उसकी स्पीड अच्छी नहीं होती। अब तक जहां आप्टिकल फाइबर नहीं पहुंचा है, वहां सैटेलाइट इंटरनेट उपयोगी हो सकता है। आने वाले दिनों में एलनमस्क का स्टार लिंक सैटेलाइट इंटरनेट भी भारत आ सकता है।जानें सैटेलाइट से कैसे मिलता है इंटरनेट........ इन दिनों सैटेलाइट इंटरनेट को खासी चर्चा है। दूरदराज के ऐसे क्षेत्र जहां अब तक इंटरनेट नहीं पहुंचा है या फिर जहां लोगों को अभी भी हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा नहीं मिल रही है, वहां पर सैटेलाइट इंटरनेट उपयोगी हो सकता है। लाकडाउन के दौरान जब आनलाइन क्लासेज शुरू हुई, तो इस तरह की बहुत-सी खबरें देखी-सुनी गईं, जहां बच्चों को इंटरनेट एक्सेस के लिए ऊंचे स्थान पर जाना पड़ रहा था या फिर वे इंटरनेट की सुविधा न होने की वजह से क्लासेज लेने से वंचित रह गए। अब ऐसी जगहों पर रहने वाले लोग भी हाई स्पीड इंटरनेट का उपयोग कर पाएंगे, क्योंकि स्पेसएक्स के फाउंडर एलन मस्क ने कहा है कि स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट जल्द भार...