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जुलाई 5, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

twacha ka khyal kaise rakhe | kaise rakhe tvacha ka khyal | skin care tips me in hindi |

त्वचा का ख्याल कैसे रखें या कैसे रखें अपनी त्वचा का ख्याल बारिश के मौसम में सबसे अधिक होती हैं त्वचा की बीमारियां लेकिन कोविड-19 के नए लक्षणों में भी दिख रहा है त्वचा में संक्रमण... गर्मी के बाद बारिश के मौसम में त्वचा को आराम जरूर मिलता है, लेकिन नमी और उमस भरा यह मौसम रोम छिद्रों को बंद कर देता है, जो त्वचा संबंधी कई बीमारियों की वजह बनता है। बरसात में सबसे सामान्य समस्या दाद है, जो अक्सर गीले कपड़ों और पसीने के कारण होती है। फंगल इंफेक्शन, एथलीट फुट, मुंहासे और एक्जिमा इस मौसम में त्वचा की प्रमुख बीमारियां हैं। इनमें खुजली, सूजन, चकत्ते, दर्द आदि की समस्या होती है, इसलिए बारिश में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। इस मौसम में उमस व नमी बढ़ने से वायरस, बैक्टीरिया और फंगस की सक्रियता बढ़ जाती है, जिससे कई तरह की एलर्जी व त्वचा से संबंधित रोग हो जाते हैं। इस बार कोरोना का संक्रमण चुनौती बना है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। इन दिनों कई मामलों में त्वचा से संबंधित कुछ ऐसे लक्षण दिख रहे हैं, जो कोरोना संक्रमण के कारण है। यह इस प्रकार हैं- कोविड फुट: कोरोन...

achi neend lene ke fayde | sone se kya fayde hote hain | nind ke fayde in hindi | sone ke fayde kya hai

सोने से क्या लाभ व फायदा होता है? या अच्छी नींद लेने के फायदे के बारे मे    नींद या सोने लेने से हमे क्या बेनीफिट्स होता है? अच्छा स्वास्थ्य तभी रहेगा जब आएगी अच्छी नींद। इसलिए जरूरी है कि सुव्यवस्थित आहार-विहार के साथ हो अनुशासन दिनचर्या जिससे शरीर बना रहे निरोग........ हमारे देश में कभी आयुर्वेद के प्रयोग से ही लोग लंबी उम्र पाते थे और बीमारियों का नामोनिशान तक नहीं था, किंतु जैसे-जैसे हम आधुनिक युग में आए, हमने अपने जीवन जीने का तरीका ही बदल दिया। आधुनिक जीवन में सुबह उठने से लेकर रात्रि में सोने तक हम पूरी तरह भौतिकवादी एवं विलासितावादी सहारों पर टिके हुए हैं। वाहनों पर सफर करने के कारण पैदल नचलना, रासायनिक खाद से बने हुए भोजन का प्रयोग, एसी में रहना, फ्रिज में रखे हुए भोजन का प्रयोग, ठंडे पानी का प्रयोग कमोबेश सभी की आदत बन चुकी है। अनेक प्रकार के जंक फूड जो पोषण रहित एवं संक्रमण से युक्त हैं, उनका प्रयोग लगातार बढ़ रहा है। आयुर्वेद के आचार्यों के अनुसार आहार, निद्रा एवं ब्रह्मचर्य ही जीवन का आधार है। यदि इन तीनों का पूर्णतयाः स्वस्थ तरीके से प्रयोग किया जाए त...