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अप्रैल 27, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Nashta Karane Se Kya-Kya Fayde Hai ? Nashta Na Karne Ke Nuksan, Subah Ke Nashte Mein Kya Khayen?

स्फूर्ति के लिए जरूरी है नाश्ता रात के खाने के बाद हम लंबे समय तक कुछ नहीं खाते, ऐसे में सुबह का नाश्ता पौष्टिक तत्वों से भरपूर होना जरूरी होता है। जिस तरह किसी बंद या नई मशीन को शुरू करने के लिए उसमें ईंधन डालना होता है, उसी तरह रातभर सोने के बाद सुबह की शुरुआत में खाया जाने वाला नाश्ता इंसान के लिए बेहद जरूरी होता है। अमूमन सुबह की भागदौड़ के कारण लोग नाश्ता छोड़ देते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। पूरा दिन काम करने के लिए आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा की आवश्यकता होती है और इस ऊर्जा के लिए नाश्ते से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता।    दरअसल, रात के खाने के बाद हम लंबे समय तक कुछ नहीं खाते, ऐसे में सुबह का नाश्ता पौष्टिक तत्वों से भरपूर होना जरूरी होता है। आप रातभर किए अपने व्रत को नाश्ता करके तोड़ते हैं। शरीर के लिए आवश्यक ऊर्जा और पोषण का 25 प्रतिशत भाग केवल नाश्ते से मिलता है। यह आपके शरीर में ऊर्जा के लेवल को बढ़ा देता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो खाली पेट रहने से पेट में जो पाचन रस उत्पन्न होते हैं, उनसे एसिड बनने लगता है।एसिड से ...

Ayurvedic Bhojan Khane Ke Kya-Kya Fayde Hote Hai, Ayurvedic Bhojan Bare Me Jankari Hindi Mein

आखिर आयुर्वेदिक भोजन है क्या? खाद्य वस्तुओं का अपना एक गुणर्धम होता है , इसलिए उनके सेवन करने का एक तरीका होता है। इन वस्तुओं का जीव के शारीरिक और मानसिक क्रिया-कलापों पर प्रभाव पडता है, आयुर्वेदिक भोजन संस्कृति शरीर में समरसता और सबलता बढ़ाने का काम करता है। आयुर्वेदिक आयु का विज्ञान है, जो जीवन के प्रत्येक पहलू से जुड़ा है। आयुर्वेद के अनुसार, शरीर के शारीरिक एवं मानसिक क्रिया- कलाप वात्, पित्त और कफ पर निर्भर करते हैं। इन्हें त्रिदोष भी कहा जाता है। इन तीनों में संतुलन रहने से उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त होता है और असंतुलन होने से शक्ति का क्षय, रुग्णता एवं बीमारियां होती है। इन तीनों के संतुलन को सतत् प्रभावित करने वाले तत्व हैं- भोजन, मौसम, जलवायु, स्थान, आयु और मानसिक अवस्था । इनमें भोजन सबसे महत्वपूर्ण तत्व होता है, क्योंकि हमारी शारीरिक और मानसिक शक्तियों से इसका सीधा संबंध होता है। विविध क्रिया-कलापों में हम लगातार ऊर्जा खर्च करते रहते हैं, इसकी पूर्ति हम भोजन से करते हैं। यह क्रम आजीवन चलता रहता है। आयुर्वेदिक भोजन की अवधारणा समस्त विद्यमान पदार्थों एवं तत्वों के आधा...