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फ़रवरी 18, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

संगीत बच्चों के लिए | संगीत से बच्चों को क्या-क्या फायदे या कैसे फायदा होता है।

बच्चों के लिए अच्छे संगीत या बच्चों के लिए संगीत वाद्ययंत्र के फायदे बारे में संगीत मनोरंजन है, ध्यान है, उदासी का साथी है। बच्चों के लिए संगीत वरदान है। तो फिर आप अपने बच्चे को संगीत क्यों नहीं सिखाती?  किन रागों से रोगों का इलाज 1 - हृदय रोग - दरबारी, सारंग 2- अस्थमा - मालकोश, ललित 3-ब्लड प्रेशर - भैरवी, भूपाली 4- एसीडिटी- खमाज 5- अनिद्रा - भैरवी, सोहनी 6- डिप्रेशन - बिहाग, मधुवंती 7-कमजोरी - जैजेवंती 8- खून की कमी - पीलू 9- याद्दाश्त - शिवरंजनी 10- सिरदर्द - भैरव। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ संगीत सिखाने का विचार शायद सबको पसंद न आए ,  लेकिन अनेक अनुसंधानों में यह बात सिद्ध हो चुकी है कि संगीत बच्चों के मस्तिष्क को प्रखर करता है। संगीत सिर्फ मन बहलाव का माध्यम ही नहीं है ,  बल्कि यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभप्रद है ,  फिर चाहे वह भारतीय संगीत हो या पाश्चात्य। वैज्ञानिकों के मुताबिक जन्म के एक साल तक बच्चे के मस्तिष्क तक यदि संगीत की मधुर धुन पहुंचती है ,  तो इसका अच्छा असर होता है। संगीत से सुनने ,  समझने और सीखने की शक्ति बढ़ती है ...

man udas ho to kya karna chahiye | man udaas kyun hota hai

  मन उदास क्यों रहता है, मन उदास क्यों होता है सर्दियों में दिन छोटे और रातें बड़ी होती हैं। इससे हमारी बॉडी क्लाक प्रभावित होती है और मन- रहता है उदास... मौसम बदलने का असर सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य पर ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। सर्दियों में कई लोगों का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है और वे अवसादग्रस्त हो जाते हैं। इनमें से कुछ लोग तो समझ ही नहीं पाते कि उनके साथ हो क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है। अवसाद की ये समस्या इतनी बढ़ जाती है कि आत्महत्या करने की प्रवृत्ति विकसित हो जाती है। विश्व भर में होने वाली आत्महत्या के आंकड़ों को देखें तो यह निष्कर्ष आसानी से निकाला जा सकता है कि सर्दियों में यह मामले बाकी मौसमों के मुकाबले बढ़ जाते हैं। हालांकि सीजनल इफेक्टिव डिस्आर्डर (उदासी) के कुछ मामले गर्मियों के मौसम की शुरूआत में भी देखे जाते हैं। अब समझें कि आखिर ऐसा होता क्यों हैं? दरअसल, सर्दियों में दिन छोटे और रातें बड़ी होती हैं। ऐसे में जागने-सोने का चक्र गड़बड़ा जाता है, जिससे थकान होती है। सर्दियों में सूरज की रोशनी कम होने का अर्थ है कि आपका मस्तिष्क ज्यादा मात्रा में मेल...

future jobs in demand in india in hindi | भविष्य का करियर | भविष्य में करियर | भविष्य में नौकरी | future naukri | भविष्य जॉब

  भविष्य की नौकरी के बारे में जानकारी या भविष्य में नौकरियो की डिमांड के बारे में इन दिनों फ्यूचर जॉब्स यानी भविष्य की नौकरियोंकोलेकर खूब चर्चाएं हैं।कहा जारहाहै कि न्यू एज टेक्नोलॉजीकीदखलबढ़ने के बाद अगले पांच सालों में लाखोंनईजॉब्ससामने आएंगी, जिनमें रुतबाऔरपैसासबकुछहोगा।आइएजानें,उन उभरतीजॉब्सके लिएकैसेखुदको तैयार करें... आज जो नौकरियां हैं, क्या भविष्य में भी वे रहेंगी? इसके बारे में इन दिनों तमाम तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि आज जो नौकरियां हैं, वे शायद भविष्य में नहीं होंगी या फिर उसका स्वरूप अलग होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले कुछ वर्षों में ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), डाटा माइनिंग और आइओटी से जुड़ी जॉब्स का बोलबाला होगा। एक अनुमान के मुताबिक, पांच साल बाद ऐसे भारतीय प्रोफेशनल्स की संख्या करीब 54 मिलियन (5.4 करोड़) तक हो जाएगी, जो एक नए तरह की जॉब कर रहे होंगे। फिक्की-नैस्कॉम की 'फ्यूचर ऑफ जॉब्स इन इंडिया' पर आई रिपोर्ट से भी यही संकेत मिलते हैं कि आने वाले दिनों में आइटी/आइटीइएस, रिटेल, फाइनेंशियल सर्विसेज, टेक्सटाइल ऐंड अपैरल और ...

नियान फैशन - 80s Neon Fashion Trends History Styles Ke Bare Me

नियान फैशन ट्रेंड्स हिस्ट्री स्टाइल के बारे मे जानकारी हिन्दी में नियान फ़ैशन क्या होता है?     80 के दशक का एक रंग फैशन की दुनिया में फिर लौटा है अपनी पूरी चमक-धमक के साथ। ग्लैमर वर्ल्ड में इस रंग का जादू फैशन ब्लॉगर्स, स्ट्रीट स्टाइलिस्ट, हॉलीवुड-बॉलीवुड सेलिब्रिटीज से लेकर आम महिलाओं में छा गया है।     अगर चुनाव सटीक है, तो नियॉन रंग व्यक्तित्व को उभार सकते हैं. लेकिन अगर थोड़ी गड़बड़ हो गई, तो बात बिगड़ भी सकती है। जमाने में नियॉन'      नियॉन रंग का फैशन ट्रेंड वैसे तो काफी पुराना है। 1980 के दशक मैं इस फैशन को प्रसिद्धि मिली थी, लेकिन तब इस रंग को कई सेलिब्रिटीज ने नहीं अपनाया था। अब यह फैशन फिर से नया लुक लेकर युवाओं और सेलिब्रिटीज के बीच आया है। 'कांस फिल्म फेस्टिवल-2019' में भी नियॉन रंग रेड कार्पेट पर खूब छाया रहा। चाहे बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण हों या अमेरिकी गायिका लेडी गागा, सभी ने इस रंग के साथ प्रयोग कर प्रशंसा बटोरी। करें सटीक चुनाव पहनावे और साज-सज्जा के मामले में बहुत-से लोग फिल्मी हस्तियों को आदर्श मानते हैं। नियॉन फ...

khajur ke fayde | khajur khane ke fayde in hindi

खजूर के फायदे इन हिंदी या खजूर खाने से होने वाले लाभ के बारे में सर्दियों में मूंगफली और खजूर की मांग बढ़ जाती है। लोग इंन्हे बडे चाव से खाते है। स्वाद देने के साथ ही ये दोनो कई बीमारियों से भी बचाव करते हैं। मनुष्य के खाने-पीने का वास्तव में तो समय निर्धारित है, लेकिन इस भागदौड़ भरी जिंदगी में निर्धारित समय पर खानपान शायद ही हो पाता है। फिर भी शरीर को स्वस्थ रखना तो जरूरी है। यदि शरीर स्वस्थ नहीं है, तो जीवन में नीरसता और निर्बलता का होना निश्चित है। आयुर्वेद में कुछ ऐसे पोषक पदार्थ एवं बलदायक खाद्य, फल और कंद आदि बताए हैं, जो सहज ही उपलब्ध हैं और गुणकारी भी हैं। उनमें से दो का उपयोग बहुत जरूरी है। पहला खजूर और दूसरा मूंगफली, जो स्वाद के अलावा स्वास्थ्य के लिए भी काफी उपयोगी हैं। खजूर किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इसे खाने से कई लाभ होते हैं। खजूर में विटामिन बी1, बी2, बी3, बी5, ए और विटामिन सी पाया जाता है। यह पोटैशियम से भरपूर और सोडियम रहित होता है। इसको अधिकतर सर्दियों में ही खाते हैं। खजूर के फायदे ● थकान महसूस हो, तो तीन से पांच खजूर रोज खाएं। इससे आपके शरीर में लौह तत्व की पूर्त...