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मार्च 8, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ott प्लेटफॉर्म क्या है इन हिन्दी मे - over the top platform kya hota hai

ओटीटी प्लेटफॉर्म क्या है या ओवर द टॉप प्लेटफॉर्म के बारे मे जानकारी हिन्दी मे पिछले साल लॉकडाउन के दौरान जब सिनेमा हॉल बंद हो गए तो लोगों के लिए बंद घरों में ओटीटी प्लेटफॉर्म मनोरंजन के एक बड़े माध्यम में रूप में उभर कर सामने आए। मगर इन प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले कंटेंट ने पैरेंटस को चिंता में डाल दिया है। आपको बता दें ओटीटी एप्स काफी लोकप्रिय है। इस समय देसी-विदेशी करीब 40 ओटीटी प्लेटफॉर्म हैं, भारत में जिनके यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अमेजन प्राइम वीडियो, डिज्नी प्लस हॉटस्टार, जीड, सोनी लिव, वूट, इरोज नाउ, एमएस प्लेयर आदि पर लोग काफी सक्रिय हैं। हालांकि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किए जाने वाले बहुत से से कंटेंट बच्चों के लिहाज से नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि बच्चों को इन प्लेटफॉर्म से बिल्कुल दूर कर दिया जाए। इन प्लेटफॉर्म पर किड्स सेफ्टी के टूल्स के भी मौजूद हैं, जिनकी मदद से कंटेंट को फिल्टर किया जा सकता है। अमेजन प्राइम वीडियो अमेजन प्राइम वीडियो लोकप्रिय स्ट्रीमिंग सर्विस है, जो फ्री और पेड सब्सक्रिप्शन के साथ आती ...

वायु प्रदूषण - vayu pradushan se bachne ke upay | vayu pradushan se hone wale rog

वायु प्रदूषण से बचाने के उपाय और उनसे होने वाले रोग के बारे मे  मौसम बदलने के साथ वायु प्रदूषण में वृद्धि व कोरोना संक्रमण के जोखिम ने जीवन के लिए खतरा बढ़ा दिया है। जब तक वैक्सीन नहीं आती हमें बचने के सारे उपाय अपनाने होंगे... कोविड-19 ने बहुत सारी जिंदगियों पर असर डालने के साथ ही दुनियाभर की स्वास्थ्य प्रणालियों को प्रभावित किया है। इसका संक्रमण और वैक्सीन आने में देरी वर्तमान की बड़ी चुनौतियां हैं। वायरस का खौफ अभी भी कायम है और दवा निर्माता कोविड-19 के लिए विशेष उपचार तथा सुरक्षित वैक्सीन विकसित करने के लिए प्रयासरत हैं। वहीं वायु प्रदूषण दशकों से दिल्ली के नागरिकों की जिंदगी का हिस्सा बना हुआ है। मौसम में बदलाव के साथ जैसे ही हम सर्दी की ओर बढ़ते हैं, वायु प्रदूषण के खतरे में वृद्धि होने लगती है। प्रदूषण, पर्यावरण में ऐसे पदार्थों को मिला देता है, जो मनुष्यों की सेहत और जीवन की गुणवत्ता की सामान्य कार्यशीलता को प्रभावित करते हैं। उद्योग तथा वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के अलावा पराली (खेती की कटाई के बाद बचे अवशेष) को जलाना, सड़क की धूल, निर्माण गतिविधियां...