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मार्च 22, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Satvik Ahar Kise Kahate Hai, Satvik Ahar Ke Fayde, Labh Ke Bare Me Jankari Hindi Mein

Satvik Aahar Ke Ke Bare Me सात्विक खाना खाने से योगाभ्यास में अधिक लाभ होता है। राजसिक में तेल. नमक, मसाला अधिक होता है। इसके सेवन से विचलन बढ़ती है। जब आप ध्यान करने बैठते हैं, तो मन में कई विचार आते हैं। आसन करने के दौरान स्थिरता नहीं रहती। तामसिक भोजन में बासी या पुराना भोजन करने से तमस बढ़ता है। इससे आसन करने के दौरान जड़ता व आलस आती है। सात्विक आहार से संतुलन और उत्साह बना रहता है। ताजा भोजन, सलाद, फल आदि लेने से आसन करने के दौरान तन-मन में हल्कापन महसूस होता है और आसान करने में भी मजा आता है। मिताहार भी जरूरी है। यानी आहार कितना भी फायदेमंद क्यों न हो, उसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। ज्यादा खाने से लाभ नहीं होता। एक नजर इधर भी 3 बार ही पूरे दिन भर में भोजन करें, चाहे जितनी भी भूख क्यों न लगी हो। 2 घंटे सोने से पहले करें रात का भोजन। इससे नींद अच्छी आती है। सुबह ताजगी महसूस होगी। योगाभ्यास करने वालो के लिए आप हर दिन योगाभ्यास करते हैं, लेकिन क्या आपको कुछ लाभ हो रहा है? अगर नहीं हो रहा, तो हो सकता है उसके पीछे आपका खानपान जिम्मेदार हो। प्रत्येक दिन एक घंटा...

Radiography, Nursing, Medical Lab Technician And Optometry Mein Career Kaise Banaye, Salary, Shaikshin Yogyata(Eligibility) And Main Institute Ke Bare Me Janakri In Hindi Mein

    Radiography, Nursing, Medical Lab Technician And Optometry Mein Career Banaye Ke Options मेडिकल क्षेत्र में आज डॉक्टर बनने  के अलावा नर्सिग रेडियोलॉजी जैसे पैरामेडिकल कोर्स अच्छे करियर विकल्प साबित हो रहे हैं... अगर आप अपना करियर मेडिकल फील्ड में बनाना चाहते हैं तो डॉक्टर बनने के अलावा और भी बहत से ऑप्शन हैं। अधिकांश युवा एमबीबाएस बीडीएस नहीं कर पाते क्योंकि इनमें सामित सीटे,  कडी प्रतिस्पर्धा और मंहगी फीस होती है। मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आप पैरामेडिकल से जुड़ा कोई भी कोर्स अपनी रुचि के अनुसार कर सकत है। इन कोर्सेज में रेडियोलॉजी, नर्सिंग, मेडिकल लैब टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, बायोफिजिक्स, बायोकेमेस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी, माइक्रो बायोलॉजी आदि शामिल हैं। गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर में पैरामेडिकल सुविधाओं की दिन-प्रतिदिन बढ़ोत्तरी हो रही है। इसलिए युवाओं को पेरामेडिकल कोर्सेज में बाकी कोर्सेज की तुलना में आसानी से एडमिशन मिल जाता है, साथ ही फीस भी काफी कम होती है। रेडियोग्राफी बीमारी की पहचान के लिए कई बार मरीज क...

गुस्सा किसे नहीं आता है

गुस्सा किसे नहीं आता है? लेकिन क्या आप जानते हैं गुस्सैल प्रवृत्ति के लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। हाल ही में हुए एक अध्ययन से पता चला है कि सामान्य लोगों के मुकाबले गुस्से की - प्रवृति रखने वाले लोगों में स्ट्रोक और हार्ट अटैक की आशंका ज्यादा होती है। शोधकर्ता स्ट्रोक के मरीजों और स्वस्थ लोगों के स्वास्थ्य का तुलनात्मक, अध्ययन करने के बाद इस नतीजे पर पहंचे हैं। ये सभी लोग एक ही क्षेत्र के रहने वाले थे। इनकी औसत आयु 54 साल थी। शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों की बेचैनी और डिप्रेशन की जांच कर उनमें तनाव का स्तर पता लगाया। उन्होंने पाया कि जिन प्रतिभागियों में तनाव का स्तर अधिक था, उन्हें स्ट्रोक होने की आशंका अधिक थी। उनमें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि व्यक्ति की जीवनशैली क्या है और वह पुरुष है या फिर महिला। गुस्सा एक ऐसी भावना है जो पल भर में व्यक्ति का जीवन बर्बाद कर देती है। यह आपको अंदर ही अंदर खत्म कर देती है। कई बार गुस्सा उस भयानक तूफान की तरह हो जाता है, जो अपने पीछे सिर्फ तबाही के निशान छोड़ जाता है। इससे अच्छे से अच्छे रिश्तों में दरार आ...

Nakaratmak Vichar(Negative Thinking Or Thought) , Nakaratmak Soch Dur Karne Ya Bhagane Ke Upay, Nakaratmak Vichar Se Chutkara Kaise Paye

Nakaratmak Vichar (Negative Thoughts) नकारात्मक विचारों को सबसे पहले पहचानें। कई लोग सोचते हैं कि मेरे साथ तो हमेशा बुरा होता है, मैं असफल व्यक्ति हूं। विचारों को पहचानने के बाद ये जानने की कोशिश करें कि कहीं ये विचार आपके अंदर छिपी नकारात्मकता के कारण तो नहीं आ रहे हैं। फिर उस विचार को चुनौती दें,सवाल करें, ताकि आपकी सोच बदल जाए। इस बात पर ध्यान दें कि जब तक आपके विचारों में बदलाव न आ जाए, वह आपके व्यवहार पर लागू न हो  पाए। आपको कहीं जाने से डर लग रहा है फिर भी आप वहां जाते हैं, तो नकारात्मकता जीवन पर हावी नहीं होगी। कहां से आते हैं नकारात्मक विचार? क्यों आते हैं ऐसे विचार कि काम शुरु करने से पहले इंसान हार मान लेता है। जिंदगी में जीत के लिए इन नकारात्मक विचारों को जानना और समझना बहुत जरूरी है। अमेरिका के नेशनल साइंस फाउंडेशन द्वारा किए गए एक शोध में पाया गया है कि हमारे मस्तिष्क में आमतौर पर एक दिन में लगभग 50 हजार विचार आते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि इनमें से 70 से 80 प्रतिशत विचार नकारात्मक होते हैं। आखिर कैसे इन नकारात्मक विचारों से छुटकारा पाया जाए?  ...