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मार्च 15, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

पैनिक अटैक panic attack kya hota hai | symptoms | treatment | Ilaj | upchar | Lakshan

पैनिक अटैक कैसे ठीक होता है या पैनिक अटैक से छुटकारा (बचने) कैसे पाये उपाय पैनिक अटैक क्या होता है? क्या घबराहट, बेचैनी या तनाव आपको परेशान कर रहा है? सावधान हो जाइए और इनको हद पार मत करने दीजिए, क्योंकि ये पैनिक अटैक का रूप ले सकते है। “पैनिक अटैक, हार्ट अटैक नहीं होता है। यह यह ज्यादातर 25 से 40 साल की उम्र के लोगों में होता है। इसका मुख्य कारण काम का अत्यधिक दबाव या अचानक कोई जिम्मेदारी पड़ जाना भी हो सकता है। हार्ट अटैक में पसीना ज्यादा आता है और सांस लेने में दिक्कत होती है, जबकि पैनिक अटैक में ऐसा नहीं होता है। इसमें एनजाइटी और रेस्टलेसनेस ज्यादा होती है। हार्ट अटैक 40 वर्ष की आयु के बाद आता है। अगर ये सारी दिक्कतें आपको 40 साल के बाद होती हैं, तो जरूर डॉक्टर को दिखाएं। आजकल की आपाधापी भरी जिंदगी और एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में तनाव आम बात हो चुकी है। लेकिन जब यह आप पर हद से ज्यादा हावी होने लगता है, तो पैनिक अटैक बन जाता है। यह समस्या 25-40 साल के लोगों में बढ़ गई है। आखिर क्या है पैनिक अटैक? दरअसल, पैनिक अटैक अचानक किसी बात को लेकर डर हावी हो जाने या लंबे समय से चिंता...

Laptop v windows ke liye free app | pc free apps download | best free pc app for video v photo editing

Polarr , Shortcut Audio Video, Notepad ++, Audacity, Libra Office Apps Ke Bare Me अगर विंडोज पीसी या लैपटॉप खरीद रहे हैं, तो आपको कुछ एप्स की जरूरत भी पड़ेगी। अगर विंडोज एप्स पर ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते हैं, तो इसके आल्टरनेटिव एप्स भी उपलब्ध हैं, वह भी बिल्कुल फ्री... पोलरर: फोटो एडिटिंग फोटो एडिटिंग के लिए सॉफ्टवेयर कीतलाश में हैं, तो फिर पोलरर एक विकल्प हो सकता है। यह मोबाइल के साथ पीसी के लिए भी उपलब्ध है।इसमें फोटो एडिटिंग से इफेक्ट्स, स्टाइल और प्रोडक्टिविटी से जुड़े कई तरह के टूल्स मिलते हैं। इसके अलावा,फोटो एडिटिंग के लिए एडोब फोटोशॉप एक्सप्रे सभी आजमाकर देख सकते हैं। शॉर्टकट: ऑडियो-वीडियो एडिटिंग वीडियोएडिटिंग के लिहाज से शानदारटूल है। यह फ्री सॉफ्टवेयर 100 से अधिक ऑडियो-वीडियो फॉर्मेट को सपोर्ट करता है। इसमें 4के रिजॉल्यूशन तक का सपोर्ट मौजूद है। इसके साथ ही यह कईइमेज फॉर्मेट को भी सपोर्ट करता है, जिनमें बीएमपी, जीआइएफ, जेपीईजी, पीएनजी, एसवीजी आदिशामिल हैं । एडिटिंग से जुड़े तमाम तरह के टूल्स, स्टाइल औरइफेक्ट्स भी दिए गए हैं। साथ ही, ओपनशॉटभी विकल्प हो ...

नकारात्मक और सकारात्मक भावना इन हिंदी | bhavnaye kya hoti hai

नकारात्मक और सकारात्मक भावनाएं क्या होती है? भावनाए क्या होती है?    भावनाओ के कई रंग हैं। कभी ये हमें मजबूत बनाती है, तो कभी हमारी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है और जब हम भावनात्मक रूप से कमजोर होते हैं, तो जिंदगी की लड़ाई में पीछे छूटते जाते है।      भावनाओं के दो पहलू होते हैं। एक तरफ जहां भावनाएं हमें मजबूत बनाती हैं, तो दूसरी तरफ येहमारी सबसे बड़ी कमजोरी भी बन जाती हैं। भावनाएं सकारात्मक भी होती हैं और नकारात्मक भी। सकारात्मक भावनाएं प्रेम, लगाव एवं दया से जुड़ी होती हैं, जबकि नकारात्मक भावनाएं लालच, गुस्सा, हिंसा एवं स्वार्थ के कारण विकसित होती हैं। नकारात्मक भावनाएं व्यक्ति के शारीरिक एवं  मानसिक व्यक्तित्व को नुकसान पहुंचाती हैं।      उन्हें क्षतिग्रस्त कर देती  हैं। ये हमें स्वार्थी, आत्म-केन्द्रित, अपने तक सीमित रहने वाला बना देती हैं। इससे तनाव का स्तर भी बढ़ने लगता है। ऐसे लोग ज्यादा नकारात्मक सोचते हैं, जिसके कारण उनके जीवन में कोई सकारात्मकता नहीं रह जाती है।      नकारात्मक सोच वाले व...

हैंडबैग - Handbag ko kaise manage kare | purse management kaise kare

हैंडबैग को कैसे मैनेज करे  महिलाएं अपना हैंडबैग लेना कभी नही भूलती। लेकिन बैग में कौन-सी चीज कहाँ रखी है, इसे अक्सर भूल जाती है। तो इसका उपाय क्या है? क्या आपको मालूम है कि लगभग 35 प्रतिशत महिलाएं अपनी जिंदगी के 80 दिन हैंडबैग, पर्स में रखी चीजें ढूंढने में बिता देती हैं? हाल ही में हुए एक ऑस्ट्रेलियाई सर्वे में यह बात लिए मुश्किल भरा काम है। सर्वे में 1500 ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं से जानने की कोशिश की गई कि वे हैंडबैग में रखी हुई चीजों को ढूंढने में कितना समय बिताती हैं? शोध के नतीजे बताते हैं कि जो महिलाएं इस काम में प्रति दिन दस मिनट लगाती हैं, वे अपनी जिंदगी के 162 दिन बर्बाद कर देती हैं, जबकि 3.7 फीसदी महिलाओं ने कहा कि वे अच्छी तरह से जानती हैं कि चीजें कहां रखी हैं? ऑस्ट्रेलिया की फैशन डिजाइनर बेला कॉर्क कहती हैं, 'इसकी वजह है आज के स्टाइलिश डिजाइनर बैग, जिसे हम सही ढंग से मैनेज नहीं कर पाते हैं। अगर आप भी हैंडबैग में रखी चीजों को भूल जाती हैं या उन्हें ढूंढने में वक्त लगता है, तो पर्स मैनेजमेंट की थ्योरी को भी भली-भांति जान लें। आपका प्रोफेशन क्या है? हैंडबैग या पर्स चुनने से प...