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मई 30, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Degenerative Disc Disease In Back Brace Pain Symptoms(lakshan), Treatment Ke Bare Me Jankari Hindi Mein , Rid Ki Haddi Me Dard Hone Ka Karan Tatha Usake Ilaj Ke Upay

Degenerative Disc Disease Ki Samasya Se Kaise Nidan Paye Intervertebral Disc Kise Kahte Hai? Ke Bare Me रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) में स्थित इंटर वर्टिबल डिस्क (आईवीडी) पर ज्यादा दबाव पड़ने से कालांतर में डीजनरेटिव डिस्क डिजीज (डीडीडी) की समस्या उत्पन्न हो जाती है, लेकिन आटीफिशियल डिस्क रिप्लेसमेंट तकनीक के प्रचलन में आने से इस समस्या का इलाज संभव है। क्या आपको मालूम है कि सीधे खड़े होने या झुकने की सभी स्थितियों को सुचारु रूप से संचालित करने में डिस्क का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसी डिस्क को इंटर वर्टिबल डिस्क कहते हैं। रीढ़ की हड्डी में स्थित होने वाली ये इंटरवर्टिबल डिस्क हमारी गर्दन से लेकर कमर के निचले हिस्से के दाहिनी ओर तक जाती है। आईवीडी के प्रमुख कार्य: IVD Ke Pramukh Kary इंटरवर्टिब्रल डिस्क का प्रमुख कार्य कमर या रीढ़ पर पड़ने वाले भार को बर्दाश्त करना है साथ ही चलने-फिरने पर, विभिन्न झटकों को बर्दाश्त करना है। रीढ़ में लचीलेपन और गतिशीलता की स्थितियां आईवीडी पर निर्भर हैं। आईवीडी पर पड़ने वाले लगातार दबाव के कारण इसकी क्षीण व कमजोर होने की प्रक्रिया कहीं ज्यादा तेजी से होती है। शर...

Kagasan Yoga(Crow Pose) Ke Benefits, Labh Ke Bare Me Jankari Hindi Mein

Kagasan Yoga Ke Labh इस आसन की अंतिम अवस्था में शरीर की आकृति कौए जैसी हो जाती है, इसलिए इसे कागासन या क्रो पोज कहा जाता है। इस आसन को सुबह के वक्त करना अच्छा माना जाता है। पेट के कई रोगों में इसे रामबाण माना गया है। इसके अभ्यास से यौगिक क्रियाओं को कुशलतापूर्वक करना संभव होता है, जैसे नेति क्रिया इसी आसन में बैठकर की जाती है।शंख प्रक्षालन और कुंजल क्रिया के लिए इसी आसन में बैठा जाता है। यह है विधि: सीधे खड़े हों ताकि शरीर की मुद्रा सावधान की स्थिति में रहे। पैर के पंजे बिल्कुल सीधे और हथेलियां कमर से चिपकी हुई हों। कछ पल अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। सांस धीमी, लंबी और गहरी हो। जब चित्त स्थिर होता प्रतीत हो तब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे दोनों पैरों को सटाकर इस प्रकार बैठ जाएं कि दोनों पैरों के बीच कोई अंतर न रहे। अब बाई हथेली से बाएं घुटने को और दाई हथेली से दाएं घुटने को इस प्रकार पकड़ें कि दोनों कोहनियां जांघों, सीने और पेट के बीच में आ जाएं। पैरों के पंजे बाएं-दाएं मुड़ने न पाएं और सामने की तरफ ही रहें। गर्दन, रीढ़ और कमर को भी बिल्कुल सीधा रखें और सामने की ओर सहज सां...