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मई 7, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ghutno ka dard kaise theek karen | Ilaaj | Upchar

घुटने का दर्द दूर कैसे करें, इलाज व उपचार के बारे में  घुटनों के विकारग्रस्त होने पर होती है दर्द और चलने- फिरने की समस्या । जानते हैं इसके कारण और निवारण के बारे में... निष्क्रिय जीवनशैली, जंक फूड व फास्ट फूड का सेवन, बिगड़ी दिनचर्या, अनिद्रा और मोटापे के कारण बुजुर्ग ही नहीं, युवाओं में भी जोड़ों के दर्द की समस्या हो रही है।  शरीर के अन्य जोड़ों की तुलना में  घुटने के जोड़ों से जुड़ी समस्याओं के मामले अधिक होते हैं। एक तो इनका प्रयोग बहुत अधिक होता है, दूसरा यह पूरे शरीर का भार भी सहते हैं। इसके अतिरिक्त  मौसम का प्रभाव भी घुटनों की सेहत पर पड़ता है। अस्थिरोग विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में घुटनों के दर्द से ग्रसित लोगों की संख्या में 15 से 20 फीसद तक की बढ़ोतरी हो जाती है। घुटनों में लिगामेंट्स, टेंडन, मांसपेशियां और हड्डियां होती हैं। इनमें विकार होने पर दर्द होने लगता है। जो लोग घुटनों के दर्द से जूझ रहे हैं, सर्दियों का मौसम उनकी समस्या को बढ़ा देता है। इसका कारण है कि सर्दियों में  जोड़ की रक्त वाहिकाएं संकुचित हो जाती हैं और इससे रक्त संचार प्रभावि...

kamar dard ke karan | illaj | Upay | Lakshan | Upchar

कमर का दर्द कैसे ठीक करें उपाय, इलाज, कारण, उपचार के बारे में जानकारी हिंदी में कमर की बनावट में प्रमुख रूप से कार्टिलेज, जोड़, मांसपेशियां और लिगामेंट शामिल हैं। इनके विकारग्रस्त होने पर हो सकती है कमर दर्द की परेशानी .... कमर दर्द दूर या ठीक कैसे करे या क्या करना चाहिए? कमर दर्द की समस्या सुनने में जितनी सामान्य लगती है, हो सकता है उसका कारण उतना सामान्य न हो। कमर दर्द की समस्या मामूली कारणों से हो सकती है। तो कई बार गंभीर समस्याएं भी इसका कारण होती हैं। वर्तमान में सिरदर्द के बाद कमर दर्द सबसे आम स्वास्थ्य समस्या  है। कमर दर्द स्पाइन में फ्रैक्चर होने और चोट लगने के अलावा आस्टियोपोरोसिस, ट्यूमर या अन्य स्वास्थ्य समस्या के कारण हो सकता है। इससे खड़े होने, झुकने और मुड़ने में तकलीफ होती है। ठंड के दिनों में इसका दर्द अधिक होता है। यदि अनदेखी की गई तो भविष्य में यह गंभीर समस्या बन सकती है। इसे जरूर करें अनियमित जीवनशैली से बचें। भोजन में कैल्शियम और विटामिन-डी को शामिल करें। पैदल चलने कीआदत डालें। योग और व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। वजन नियंत्रित रखें। उठने-बैठने का त...

surya namaskar steps | surya namaskar asana | surya namaskar yoga

सूर्य नमस्कार आसन करने की विधि, लाभ व फायदे सूर्य नमस्कार आसन कैसे किया जाता है? शक्तिमान व निरोगी तन प्रदान करने वाला माना जाता है सूर्यदेव को। योग मे सुर्य नमस्कार को विशिष्ट स्थान दिया गया है, यह योग का प्रारंभ भी है और शरीर का सम्पुर्ण व्यायाम भी........ 5 प्रमुख लाभ सुडौल शरीर, मजबुत मेरुदंड, बेहतर पाचन, एकाग्र मन, विश्रांती  तन-मन जगाएं 12 मुद्राएं पहली सुबह दैनिक क्रिया के बाद हल्के कपड़े पहनकर उगते. हुए सूर्य की तरफ मुंह करके सीधे खड़े हो जाएं। इसके पश्चात दोनों हाथ नमस्कार की मुद्रा में जोड़कर आखें बंद करके अपने हाथों का सीने पर दबाव बनाते हुए हाथ की बीच वाली अंगुली को ठोढ़ी से स्पर्श कराएं। दूसरी : गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाकर कमर से पीछे की ओर धीरे से झुकते हुए सांस रोककर जितना संभव हो सके, रुकें। तीसरी : इसको पादहस्त आसन भी कहते हैं। इसमें सांस को धीरे-धीरे छोड़ते हुए आगे की ओर झुककर दोनों हाथों को पंजों के बगल में रखते हैं। इसके बाद माथे को घुटनों से लगाते हैं। चौथी: इसमें बाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाते हैं। इसके बाद दाहिने पैर को घुटने स...

acupressure therapy kya hai | fayde | therapy

एक्यूप्रेशर थेरेपी(Acupressure therapy) किसी तरह की दवा नहीं, बल्कि शरीर के विभिन्न अंगों के कुछ खास बिंदुओं पर दबाव के जरिए हर बीमारी का उपचार किया जाता है एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति में। इसके प्रयोग से शारीरिक रोगों के साथ ही तनाव व अवसाद का निदान भी संभव है... एक्यूप्रेशर क्या होता है? उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर निवासी 11 वर्षीय अपूर्व अग्रवाल को फिट्स आने की समस्या ने उनकी मां रानी अग्रवाल को बेहद व्यथित कर दिया था, जब चिकित्सा की अन्य पद्धतियों से आराम नहीं मिला तो उन्होंने बेटे को एक्यूप्रेशर थेरेपी दिलाने का फैसला किया। अंगुलियों की नसों पर पड़े दबाव और ब्रेन के उससे सीधे संपर्क ने बहुत थोड़े समय में ऐसा असर दिखाया कि मां के चेहरे पर संतोष नजर आता है। यह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक्यूप्रेशर थेरेपी से आराम की तस्दीक करने वाले ऐसे अनेक उदाहण हैं। आजकल की व्यस्त जीवनशैली में असंतुलित खानपान, प्रतिस्पर्धी माहौल व आफिस में काम के तनाव के कारण शारीरिक व मानसिक समस्याओं के बढ़ते मामलों के बीच प्राचीन भारत की यह चिकित्सा पद्धति तेजी से लोकप्रिय हो रही है। ऊर्जा पर आधारि...

stan cancer se bachne ke upay | stan cancer ke bare mein bataiye

स्तन कैंसर से बचने के तरीके के बारे में जानकारी इन हिंदी स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता लाने के लिए अक्टूबर माह को 'विश्व स्तन कैंसर जागरूकता माह' के रूप में मनाते हैं। जानिए इससे जुड़ी सावधानियों व बचाव के बारे में... चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे शोध और उपचार की नई-नई तकनीकों के आने के बाद भी देश में प्रति वर्ष हजारों की संख्या में महिलाएं जाने-अनजाने स्तन कैंसर की चपेट में आ जाती हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारत में हर चार मिनट में एक महिला स्तन कैंसर की जांच कराती है, जबकि हर 13 मिनट में एक महिला की मृत्यु स्तन कैंसर के कारण होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वे के मुताबिक भारत में 28 में से एक महिला स्तन कैंसर का शिकार होती है। यदि समय रहते इस बीमारी के लक्षणों और परेशानी को गंभीरता से लिया जाए तो यह लाइलाज नहीं है, लेकिन हमारे देश में शर्म या स्वभावगत रूप से टालने की आदत के चलते यह बीमारी विकराल रूप लिए हुए है, इसलिए जरूरत है इसके प्रति जागरूकता लाने की। कहीं देर न हो जाए:  भारत में 57 प्रतिशत स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाएं चिकित्सक के पास तब पहुंचती हैं, जब रोग अपनी प्...

obstructive sleep apnea syndrome bimari kya hota hai in hindi

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया सिंड्रोम लक्षण symptoms) इलाज (treatment) व उपचार इन हिंदी बढ़ा वजन, खर्राटे की समस्या और अनियमित दिनचर्या इस रोग आब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के खतरे को बढ़ा देते हैं। इसलिए यदि इसके लक्षण नजर आएं तो नजरअंदाज करने के बजाय लें चिकित्सकीय परामर्श व कराएं जांच, जिससे टाला जा सके इसके खतरे को.... ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया रोग क्या होता है? शहूर संगीतकार बप्पी लाहिड़ी के निधन के बाद आब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) यानी नींद के दौरान सांस रुकने की बीमारी चर्चा में है। समय पर इस रोग की पहचान नहीं होने के कारण उपचार में देरी से इसके रोगियों की नींद में ही हृदयाघात से मौत हो जाती है। इसमें सांस नली के चिपकने से आक्सीजन की कमी व सांस फूलने से हुए कंपन के कारण हृदय की गति बिगड़ती है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, शरीर में 50 फीसद से कम आक्सीजन होने पर हृदयाघात से मौत होने की आशंका बढ़ जाती है। दुनिया में करीब 100 करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। देश की करीब 10 फीसद, खासकर शहरी आबादी को स्लीप एपनिया की समस्या हैं। इसके कारण रात में ठीक से नींद नहीं आने और दिन में झपकी से...