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जून 25, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

decision kaise lena chahiye | jaldi decision kaise le | sahi decision kaise le | decision lena kaise sikhe | right decision kaise le

(डिसीजन) सही निर्णय कैसे लें तरीका या निर्णय कैसे लिया जाता है? निर्णय लेने की तकनीक कैसे विकसित करे? झटपट निर्णय लेने की क्षमता होने से ज्यादा जरूरी है सही निर्णय लेने की समता का होना। हम सब हर दिन ढेरों छोटे-मोटे निर्णय लेते हैं। बेहतर जिदंगी के लिए निर्णय लेने की अपनी क्षमता को कैसे बनाएं बेहतर, निर्णय लेना आसान काम नहीं होता। फिर चाहे निर्णय छोटा हो या बड़ा। निर्णय लेने की हमारी क्षमता को कई चीजें प्रभावित करती हैं। अनूठी बात यह है कि अकसर हम इस बात से पूरी तरह से अनभिज्ञ होते हैं। यह सच है कि हमारा प्रत्येक निर्णय हमारी जिंदगी को एक ही तरह से प्रभावित नहीं करता है, पर इसका मतलब यह भी नहीं है कि हम दैनिक जीवन में लिए जाने वाले छोटे-मोटे निर्णयों कोलेकरउदासीन रवैया अपनानाशुरू करदें।इसलिए अब से फिर चाहे खाने का मेन्यू तय करना हो या फिर नौकरी के लिए दूसरे शहर जाने का फैसला हो, गलत फैसला लेने से बचने के लिए निर्णय लेते वक्त कुछ बातों को जरूर ध्यान में रखें। निर्णय नहीं हो भावुकता भरा हम जो काम भी करते हैं उसमें हमारी भावनाएं अहम भूमिका निभाती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेते वक्त अपनी भाव...

maadhaar kaise use kare | m aadhar kaise use kare | how maadhaar works in hindi | maadhaar app how to use in hindi

एम आधार कैसे काम (Work) करता है या एम आधार एप कैसे युज(उपयोग) करे? यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआइडीएआइ) ने एमआधार एप का नया वर्जन एंड्रॉयड और आइओएस प्लेटफॉर्म के लिए लॉन्च कर दिया है। यूआइडीएआइ के मुताबिक, यूजर्स इस एप का पुराना वर्जन डिलीट कर नया वर्जन इंस्टॉल कर सकते हैं। इस नए एप के जरिए यूजर्स आधार कार्ड डाउनलोड, ऑफलाइन ईकेवाइसी, क्यूआर कोड स्कैन, एड्रेस अपरेट, इमेल वेरिफाई करने जैसे कार्य किए जा सकते हैं। यह एप यूजर्स के डाटा को पहले से ज्यादा सुरक्षित रखेगा। इसमें 13 भाषाओं का सपोर्ट दिया गया है, जिसमें हिंदी, बंगाली, उर्दू, तेलुगु, तमिल, मलयालम, कन्नड़, गुजराती, पंजाबी, मराठी, आसामी आदि भाषा शामिल हैं। इस एप के जरिए वृजर्स अपने आधार या बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को लॉक व अनलॉक भी कर सकते हैं। कैसे करें नए एप का इस्तेमाल : इस एप का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले इसका लेटेस्ट वर्जन एंड्रॉयड के लिए गूगल प्ले स्टोर और आइओएस के लिए एपल के एप स्टोर से घनलोड करना होगा। इसके बाद एप को ओपन करें। वहां आपके तीन परमिशंस मांगी जाएंगी। पहली मीडिया फाइलला की एक्सेस करने के लिए, दूसरी ...

diarrhea kya hai | diarrhea ke lakshan (symptoms) in hindi | diarrhea ka gharelu ilaj | डायरिया बीमारी क्या है | डायरिया के लक्षण क्या है |

डायरिया के बारे में उपचार व घरेलू उपाय और डायरिया के बारे में बताएं डायरिया की समस्या प्रायः तीन से चार दिन में ठीक हो जाती है, लेकिन कई बार इसे नजरअंदाज करना पड़ जाता है भारी...... डायरिया बीमारी क्या है? आमतौर पर डायरिया गर्मियों में होता है, लेकिन सर्दियों में भी इसके काफी मामले देखे जाते हैं। डायरिया की समस्या बैक्टीरिया, वायरस और दूसरे परजीवियों के द्वारा हो सकती है, लेकिन सर्दियों में होने वाले डायरिया के अधिकतर मामले वायरस के कारण होते हैं। प्रतिवर्ष विश्वभर में लाखों मरीज डायरिया और इससे संबंधित संक्रमण के चलते अपनी जान गंवा देते हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या छोटे बच्चों और नवजात शिशुओं की होती है। डायरिया तब होता है जब आंत की सबसे अंदरूनी परत तरल पदार्थों का अवशोषण नहीं कर पाती। संक्रमण और आंतों की सूजन इसके सबसे प्रमुख कारण हैं। अधिकतर डायरिया अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन इस दौरान शरीर में जल के स्तर को बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन बहुत जरूरी है। डायरिया होने पर बार-बार दस्त की समस्या होती है, जिससे शरीर बहुत कमजोर हो जाता है। छोट...

सफर पर जाने की तैयारी कैसे करे | सफर की तैयारी कैसे करे | यात्रा की तैयारी कैसे करे | yatra ki taiyari kaise kiya jata hain

यात्रा की तैयारी (Preparation) कैसे किया जाये और सफर पर अपने साथ क्या ले जाये या सफर पर जाने की तैयारी कैसे की जाती है? सुकून भरे सफ़र से पहल चंद क़दम सफ़र पर जाते वक़्त हम अक्सर ये भूल जाते हैं कि क्या साथ ले जाना चाहिए, क्या नहीं। बिना सोचे-समझे ऐसे कपड़े या फुटवियर पहन लेते हैं, जो कि यात्रा के लिए मुनासिब नहीं होते। सफ़र आराम से गुजरे इसके लिए हमारी तरफ़ से चंद सलाह आपके लिए हैं। गौर कीजिए। चुस्त जीस यात्रा के दौरान फिटिंग की जींस मुश्किल पैदा कर सकती हैं। एक स्थिति में बैठने में इससे समस्या होती है। साथ ही अक्सर लोग लेदर पेंट्स पहनना पसंद करते हैं। ये दिखने में तो अच्छी लगती हैं पर कुछ समय के लिए पहनना ही ठीक रहता है। इसके अलावा रिप्ड जींस भी सफ़र में न पहनें। सफ़र में या लंबे समय के लिए ढीली पैंट्स या स्ट्रेचेबल जींस ही पहनें। हाई हील्स यात्रा करने के दौरान कई बार तेज गति से चलना और दौड़ना आम होता है। हील्स के कारण ऐसा करने में समस्याएं आती हैं। इसलिए कोशिश करें कि सफ़र में हल्की व पलैट सैंडल या फ्लोटर्स ही पहनें। लेस वाले जूते न पहनें। इन्हें बार-बार उतारने और पहनने में मुश्किल ...