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अप्रैल 23, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

corona thik hone ke baad kya kare

कोरोना वायरस ठीक होने के बाद क्या करे बड़ी संख्या में लोगों ने कोरोना संक्रमण को मात दी है, लेकिन संक्रमण से उबरने के बाद भी कुछ  हफ्तों तक सजग रहना जरूरी है... कोरोना संक्रमण से बचने हेतु सावधानियां पोस्ट कोविड केयर यानी कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद और कोविड-19 टेस्ट के निगेटिव आने के बाद भी रोगी की देखभाल बहुत जरूरी है। जब इस रोग के लक्षण एक महीने  से अधिक समय तक बने रहते हैं तो इन्हें पोस्ट  कोविड सिंड्रोम या क्रोनिक कोविड-19 की सूची में रखा जाता है। चिकित्सक के संपर्क में रहें : हर एक रोगी के ठीक होने की दर उसकी उम्र, संपूर्ण सेहत और खास रोगों जैसे डायबिटीज, रक्तचाप, दिल से जुड़े रोग यां कैंसर आदि पर निर्भर करती है। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती होने के दौरान या इलाज के बाद कई रोगियों को स्टेरॉयड दिए जाते हैं। इसलिए चिकित्सक के मार्गदर्शन में जरूर रहें। कितने दिनों तक है संक्रमण का असर: 12 से 14 दिन के बाद आपसे संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाता है और 17 दिन के बाद यह पूरी तरह से समाप्त हो जाता है। जिन लोगों को कैंसर या एचआईवी जैसे रोग हैं या जो ऐसी दवाओं  का...

parkinson bimari ka ilaaj | lakshan | Upchar | Upay

पार्किंसन रोग का इलाज (Treatment), लक्षण (symptoms), उपचार, उपाय के बारे में जानकारी इन हिंदी डीप ब्रेन स्टिमुलेशन के प्रयोग से पार्किंसन रोग के तीव्र लक्षणों को नियंत्रित करने में मिल रही है मदद... मस्तिष्क का कार्य विभिन्न इंद्रियों द्वारा प्राप्त जानकारी का विश्लेषण करके शरीर को सुचारु रूप से संचालित करना है। इसके लिए मस्तिष्क शरीर में फैली अनगिनत तंत्रिकाओं के जाल में प्रवाहित विद्युत तरंगों के माध्यम से आवश्यक निर्देशों को पूरा करता है। जब मस्तिष्क में विकृति आती है तो यह विश्लेषण व शारीरिक संचालन अनियंत्रित हो जाता है। इसी का परिणाम होता है पार्किंसन रोग। यह रोग समय के साथ बढ़ता है और शरीर के संचालन को प्रभावित करता है। हल्के कंपन, मांसपेशियों की जकड़न और कड़ापन, शारीरिक गति का धीमा होना इस रोग के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं। हालांकि यह बीमारी लाइलाज है पर दवाओं से इसे नियंत्रित करने में मदद मिलती है, लेकिन जब लक्षण तीव्र हो जाते हैं और दवाओं से आराम नहीं मिलता है तो डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (डीबीएस) का प्रयोग पार्किंसन रोगियों के लिए बहुत प्रभावी विक...

गर्मी में त्वचा की देखभाल | गर्मी त्वचा की देखभाल

गर्मी त्वचा की देखभाल सूरज कि तेज रोशनी मे देर तक रहने से त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं खडी होने लगती है। लम्बे समय बाद घर से बाहर निकल रहे लोगों के लिये त्वचा का खास ध्यान रखना जरुरी है,,,,,, त्वचा पर गर्मी की मार कई तरह से पड़ती है। पर, इस बार लंबे समय बाद घर से बाहर निकल रहे लोगों में ये समस्याएं और ज्यादा बढ़ने की आशंका है। तापमान बढ़ने के साथ खुजली, दाने, त्वचा का लाल पड़ना, एलजी और सनबर्न के मामले बढ़ने भी लगे हैं। त्वचा के अलावा बालों पर भी धूल और धूप का असर बुरा पड़ता है। सूरज की यूवीए और यूवीबी किरणें बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे बाल बेजान होकर टूटने लगते हैं। लगातार मास्क पहनने के कारण भी त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ी हैं। मास्क पहने के कारण ढके हुए हिस्से में पसीना जमा होने लगता है। त्वचा का तेल, पसीना और बैक्टीरिया, ये सब मिलकर त्वचाके रोमछिद्रों कोबंद कर देते हैं। इससे त्वचा परदाने निकलने लगते हैं। इन्हें 'मास्कने' का नाम दिया गया है। इसके अलावा, कई बार पहने हुए मास्क को पहनने से त्वचा का लचीलापन कम होने लगता है और रोमछिद्...