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मार्च 14, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

holi hair care tips in hindi | holi skin and hair care in hindi | hair tips holi in hindi

holi skin and hair care tips in hindi होली के रंग त्वचा से उसकी प्राकृतिक चमक छीन सकते है। इसलिये रंग लगाने से पहले और उसके बाद चेहरे का ख्याल रखना जरूरी है। होली में रंगों के कारण हमारी त्वचा को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। चूंकि इन रंगों में कई रासायनिक तत्व होते हैं, जो हमारी त्वचा में प्रवेश कर इसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। एस्टाबेरी बायोसाइंसेस के ब्यूटी एक्सपर्ट अचल आर्य कहते हैं कि होली के बाद रूखी और बेजान त्वचा को फिर से मुलायम और बेहतर बनाने के लिए होली से पहले और उसके बाद कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें। होली से पहले होली खेलने के लिए बाहर निकलने से पहले त्वचा पर सनस्क्रीन, तेल और अन्य सौंदर्य उत्पादों का उपयोग करके अपनी त्वचा को रंगों से बचाएं। मॉइस्चराइजरः बाहर निकलने से पहले अपने शरीर पर मॉइस्चराइजर या नारियल के तेल से अच्छे से मालिश करें, ताकि यह त्वचा में अच्छे से समा जाए। यह आपकी त्वचा और रंगों के बीच एक कवच की तरह काम करेगा। साथ ही होली के बाद रंगों को त्वचा से हटाना आसान हो जाएगा। सन टैन और जलन से बचने के लिए, सनस्क्रीन क्रीम और लोशन का भी उपयोग करें। ध्यान रखें कि यह कम ...

vitamin yukt bhojan | vitamin food items

विटामिन का भोजन या विटामिन के भोजन शरीर को कई तरह के विटामिन की जरूरत होती है। यह विटामिन विभिन्न प्रकार के भोजन से मिलते हैं, लेकिन क्या आपका भोजन आपके शरीर तक सही मात्रा में विटामिन पहुचा पाता है? शरीर के हर भाग को उसके काम के अनुसार अलग-अलग विटामिन की जरूरत पड़ती है। ये विटामिन हमें तरह-तरह के भोजन से मिलते हैं। लेकिन अहम सवाल यह है कि हमारे शरीर तक सही मात्रा में विटामिन पहुंचता है या नहीं, इसका पता कैसे लगाया जाए। हमें अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है और इसमें ३ विटामिन खास भूमिका निभाते हैं। विटामिन एक तरह के ऑर्गेनिक कंपाउंड होते हैं, जो शरीर को सही तरीके से काम करने में मदद करते हैं। ये विटामिन हमें कई तरह के भोजन से मिलते हैं। लेकिन आज की इस तेज रफ्तार भरी जिंदगी में हम अक्सर सही खानपान की जरूरत को अनदेखा कर देते हैं। इससे सही विटामिन हमारे शरीर तक नहीं पहुंचते। विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन की कमी हमारे शरीर को कमजोर बना देती है। इसके अलावा विटामिन की कमी से कई ऐसे रोग होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे बाहर निकलने में काफी समय लगता है। ल...

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गैलेक्सी एम02एस सैमसंग ने हाल ही में अपना यह बजट स्मार्टफोन पेश किया है। इसमें 6.5 इंच का एचडीप्लस टीएफटी डिस्प्ले है। फोन वाटर ड्रॉप नॉच स्टाइल में आता है। बैक पैनल पर टेक्स्चरडिजाइन दिया गया है। बेहतरफिनिशिंग की वजह से यह आपको पसंद आएगा।यह 3जीबी रैम +32जीबी स्टोरेज और 4जीबी रैम + 64जीबी स्टोरेज में आते हैं। इंटरनल स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से बढ़ाया जा सकता है।फोन क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन 450 प्रोसेसरपर चलता है। यहएंट्री लेवल प्रोसेसर है ।बेसिक टास्क को अच्छे से हैंडल करता है।आमतौरपरब्राउजिंग, एप्स ओपन होने में किसी तरह की परेशानी नहीं आती है।इसपरनॉर्मलगेम्सभी अच्छे से चलते हैं। यह सैमसंग के वनयूआइ2.5 परचलता है, जोएंड्रॉयड 10 ऑपरेटिंग सिस्टम परबेस्ड है। कैमरे की बात करें, रियर पैनल पर 13एमपीका प्राइमरी, 2एमपीका मैक्रो और 2एमपीका डेप्थ सेंसरदिया गया है। फोन के कैमरे में कई तरह के मोड्स जैसे कि मैक्रो मोड, लाइव फोकस मोड, ब्यूटी मोडजैसे फीचर्स दिए गए हैं। रियर कैमरे में एचडीआरसपोर्ट भी मिलता है। सेल्फी के लिए इसमें 5एमपीका कैमरा दिया गया है। सेल्फी कैमरे में भी आपको प्रोमोड, लाइवफ...

nakaratmak urja ki pehchan | nakaratmak kaise kahate hain | nakaratmak urja bhagane ke upay

नकारात्मक ऊर्जा रोकने के उपाय या नकारात्मक ऊर्जा को हटाने के उपाय   नकारात्मक ऊर्जा क्या है      20 में से प्रत्येक एक व्यक्ति निराशा   और तनाव से घिरे होते हैं। इसकी मुख्य वजह है , उनका नकारात्मक सोच से घिरे होना।  नकारात्मक भावनाएं ऐसी संवेदनाएं होती हैं जो व्यक्ति को बेचारा एवं दुखी बना देती हैं। व्यक्ति खुद के साथ-साथ दूसरों को भी नापसंद करने लगता है।        भावनाओं के दो पहलू होते हैं। एक तरफ जहां भावनाएं हमें मजबूत बनाती हैं , तो दूसरी तरफ ये हमारी सबसे बड़ी कमजोरी भी बन जाती ही भावनाएं सकारात्मक भी होती हैं और नकारात्मक भी। सकारात्मक भावनाएं प्रेम , लगाव एवं दया से जुड़ी होती हैं , जबकि  नकारात्मक भावनाएं लालच , गुस्सा , हिंसा एवं स्वार्थ के कारण विकसित होती हैं।   नकारात्मक भावनाएं व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक व्यक्तित्व को नुकसान पहुँचाती हैं।  उन्हें क्षतिग्रस्त कर देती हैं। ये हमें स्वार्थी , आत्म-केन्द्रित , अपने तक सीमित रहने वाला बना देती हैं। इससे तनाव का स्तर भी बढ़ने लगता है। ऐसे लोग ज्यादा नकारा...