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Jamun Ke Fayde In Hindi

जामुन के फायदे खट्टे-मीठे जामुन में कई रोगों से लडने की क्षमता होती है। इसमें छिपे गुणों के बारे में बता रही है डाइटिशियन 01 जामुन कार्बोहाइड्रेट , फाइबर , कैल्शियम , आयरन और पोटैशियम से भरपूर होता है। यह रक्‍त शर्करा के स्‍तर को नियंत्रित करके मधुमेह से बचाता है। 02 एंटीऑक्‍सीडेंट्स जैसे फ्लेवोनॉएड्स होने से स्‍मरण-शक्ति दुरूस्‍त रहता है। मस्तिष्‍क की कोशिकाओं की क्षमता घटने से याद्दाश्‍त कमजोर हो जाती है। 03 पाचन क्रिया को मजबूत बनाए रखने के लिए भी जामुन बहुत फायदेमंद है। जामुन खाने से पेट से जुडी कई तरह की समस्‍याएं दूर हो सकती है। 04 जामुन में भरपूर मात्रा में ग्‍लूकोज और फ्रुक्‍टोज पाया जाता है1 इसमें लगभग वे सभी आवश्‍यक लवण पाए जाते है , जिनकी शरीर को जरूरत होती है। 1. 2. 3. 4. 5. 05 जामुन में भरपूर मात्रा में आयरन होता है , जो शरीर में खून की कमी नही होने देता। दांत और मसूडों से जुडी कई समस्‍याओं के सामाधान में भी जामुन विशेषतौर पर फायदेमंद होता है। इसके बीज को पीस लीजिए। इससे ब्रश करने से दांत और मसूडे हमेशा स्‍वस्‍थ रहते है। 0...

गाय और भैंस Ke Doodh Ke Fayde

गाय और भैंस का दूध, किसके लिए क्‍या ? 6 % वसा होता है भैंस के एक गिलास दूध में, जबकि चार फीसदी ही वसा होता है गाय के एक गिलास दूध में। 4 % प्रोटीन की मात्रा होती है भैंस के दूध में और तीन प्रतिशत गाय के एक गिलास दूध में। दूध है सेहतमंद और पौष्टिक। हर दिन एक गिलास दूध पीने से शरीर को ताकत मिलती है। यह आप जानते है। लेकिन क्‍या आप ये जानते है कि गाय का दूध फायदेमंद है या भैंस का ? यदि यह जानकर दूध पिएंगे, तो फायदा अधिक होगा। कुछ लोग दूध पिए बिना घर से नहीं निकलते, तो कुछ ऐसे भी होते है, जो दूध को देखते नही नाक-भौह सिकोडने लगते है। किसी को गाय का दूध अच्‍छा लगता है, तो किसी को भौंस का दूध पीना पसंद होता है। दूध पीना फायदेमंद तो है, लेकिन यह शरीर को तब और लाभ पहुचाता है, जब आप इनमें मौजूद पौष्टिक तत्‍वों को जानकर इसका सेवन करें। डाइटिशियन कहती है कि हर उम्र के लोगों को दूध जरूर पीना चाहिए। दूध पीने से ताकत मिलती है और हड्डियां मजबूत होती है। यदि गाय और भैंस के दूध की पौष्टिकता के लिहाज से तुलना की जाए, तो भैंस के दूध में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में उन लोगों को...

Anar ( Pomegranate) Ke Fayde In Hindi

अनार के 10 फायदें अनार रोग नाशक फल कहा गया है। विटामिन से भरपूर अनार में छिपे फायदों के बारे में बता रही है सीनियर डाइटिशियन 01 अनार फाइबर, मिनरल्‍स जैसे कैल्शियम, फॉस्‍फोरस, पोटैशियम, आयरन, फॉलिक एसिड, फोलेट्स और रिबोफ्लेविन का अच्‍छा स्‍त्रोत है। 02 अनार में भरपूर मात्रा में विटामिन ए, ई, और सी होता है। ये सभी विटामिन बढती उम्र के लक्षणों और त्‍वचा पर लकिरों व झुर्रियों को आने से रोकते है।  03 गर्मी के दिनों में आहार में अनार शामिल करें। इससे पाचन संबंधी समस्‍याओं में आराम मिलने के साथ ही प्रतिदिन इसके सेवन से धमनियां ठीक रहती है। 04 यदि आपको खूद की कमी है, तो यह एनीमिया और रक्‍त में आयरन की कमी को भी दूर करता है। प्रतिदिन एक गिलास इसका जूस पिएं, खून की कमी नहीं होगी। 05 अन्‍य फलों के रस के मुकाबले अनार का रस मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद है। अनार एंटीऑक्‍सीडेंट्स जैसे पॉलीफेनॉल्‍स से भरपूर होता है। ये शरीर को फ्री रैडिकल्‍स से होने वाले नुकसानों जैसे ब्रेस्‍ट, प्रोस्‍टेट और फेफडों के कैंसर के होने की संभावनाओं को कम करता है। 06 एक अध्‍ययन...

Kaise Apane Bat Ko Dusaro Ke Samane Rakhe Ya Bat Kare

किसी के सामने हमें अपनी बात इस तरह से रखनी चाहिए कि सामने वाले पर उसका बेहतर प्रभाव हो, इसलिए बोलते समय आत्‍मविश्‍वास रखें। बोले ऐसे कि सुने दुनिया आज कॉरपोरेट जगत पहचान वही बना पाता है, जिसमें बुलंदी के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की क्षमता हो। सिर्फ राजनितिक जीवन में ही नहीं, बल्कि पेशेवर जिंदगी में भी अच्‍छा वक्‍ता होना आपकी तरक्‍की की बुनियाद बन सकता है। अगर आप लोगों के सामने बोलने में झिझकत है, तो आपकी कामयाबी की रफ्तार धीमी होना तय है। दुनिया में ऐसे तमाम लोग है, जो इस डर के शिकार है। लेकिन तरक्‍की की राह पर आगे बढने के लिए इस डर पर काबू पाना बेहद जरूरी है। कॉरपोरेट हा, राजनीति हो, कॉलेज हो, सोसाइटी हो या फिर अन्‍य कोई क्षेत्र, कुशल वक्‍ताओं की मांग हर जगह होती है। अमेरिका की चैपमैन यूनिवर्सिटी ने एक सर्वे किया, जिसमें वालीस फीसदी लोगों ने माना कि उन्‍हें भीड के सामने बोलने से डर लगता है। कामयाबी के लिए आपके काम और इमेज के साथ चर्चा में र‍हना भी बेहद जरूरी है।जिसे बोलने की कला आती है उसकी तरक्‍की को कोई रोक नहीं सकता।शीशे के सामने बोलने का अभ्‍यास करें। अपनी बात को ...

About Virtual Reality And Healthcare Symposium

वर्चअल रियलिटी और हेल्‍थकेयर साथ-साथ  मरीजों को तनाव से राहत दिलाने का काम करती है। सर्जरी और रोग की जांचो में है मददगार। बढती उम्र की दिक्‍कतों को समझने में सहायक। भारतीय चिकित्‍सक भी वर्चुअल रियलिटी तकनीक के इस्‍तेमाल मे पीछे नही है। बगलूरू स्थित कैंसर स्‍पेशलिस्‍ट इस तकनीक का इस्‍तेमाल लगभग 400 मरीजों पर कर चुके है। वे कहते है कि इससे उनके मरीजों का दर्द 40 प्रतिशत तक कम हुआ। प्‍लास्टिक सर्जन लक्ष्‍मी सलीम वीआर हेडसेट का इस्‍तेमाल एसिड अटैक पीडितों को तनाव से बाहर निकालने के लिए कर रही है।   हेल्‍थकेयर के क्षेत्र में वर्चअल रियलिटी का भी सहारा लिया जा रहा है। मरीजों को इसके जरिए बाहरी दुनिया से जोडकर तनाव में राहत दी जाती है।आपने कभी सोचा है कि ऑपरेशन थिएटर में डॉक्‍टर किस तरह से ऑपरेशन करते है ?? कैसा हो जब आप हॉस्पिटल के बिस्‍तर पर लेटे-लेटे पहाडों की सैर कर आएं ?? ऑपरेशन थियेटर के अंदर की दुनिया को आप बाहर से देख पाएं ??   तो अब यह संभव है वर्चुअल रियलिटी(वीआर) तकनीक के जरिए। इसकी शुरूआत 14 अप्रैल 2016 में हो चुकी है। कैंसर सर्जन डॉ. सैफ अह...