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Kaise Project Presentation Logo Ke Samane De

सफल होने के लिए प्रोजेक्‍ट प्रेजेटेंशन को एक अवसर के रूप में देखें। जितनी बेहतर प्रोजेक्‍ट की प्रस्‍तुति होगी, सफलता भी उतनी ही जल्‍दी हासिल करेंगे। .......ताकि प्रजेंटेशन में बन जाए बात कॉरपोरेट जगत में सिर्फ मेहनत करने से बात नहीं बनती । दर अस ल, किसी भी प्रोजेक्‍ट को पूरा   करने के बाद जरूरत होती है, उसे प्रेजेंट करने की और यही सही समय होता है खुद को साबित करने का। आपके प्रोजेक्‍ट की प्रस्‍तुति खुद प्रोजेक्‍ट से ज्‍यादा महत्‍व रखती है, इसलिए इस मौके को भुनाने के लिए खास सावधानी की जरूरत होती है। यदि आप जल्‍दी सफल होना चाहते है, तो आपको प्रोजेक्‍ट प्रेजेटेंशन को एक अवसर के रूप में देखना चाहिए। दरअसल, प्रोजेक्‍ट प्रेजेटेंशन के लिए एक खास तरह की स्किल की जरूरत होती है, और इसमें माहिर व्‍यक्ति दूसरों के मुकाबले जल्‍द सफल होते है। 1. 2. 3. 4. 5. 1 अभ्‍यास करने से छोटी-छोटी गलतियों का पता चलेगा, जिससे गलतियां अधिक नहीं होगी।2 बातों की प्रामाणिकता साबित करने के लिए आंकडे जुटाएं, फिर बात को मजबूती से सामने रखें । 3 प्रेजेटेशन देने के दौरान लोगों से नजरें चु...

Hasne Ke Labh In Hindi-हंसते हुए बनेगी बात

हंसते हुए बनेगी बात रोजाना 10 से 15 मिनट हंसे, 40 कैलारी तक कम करें, तो साल में दो से तीन किलो वजन कम हो जाएगा। हंसना है जरूरी 5-53 मांसपेशियों का इस्‍तेमाल करता है हमारा शरीर, जब हम हंसते है। 69 %  लोगो ने एक शोध में कहा कि महिलांए मेकअप की बजाय हंसते वक्‍त अच्‍छी लगती है।एक शोध के अनुसार हम ऑफिस के मुकाबले घर में ज्‍यादा हंसते है अक्‍सर आपने लोगों को कहते सुना होगा, ‘ लाफ्टर इज द बेस्‍ट मेडिसिन ’ यानी स्‍वस्‍थ रहने के लिए हंसने या मुस्‍कुराने से बेहतर कोई और दवा नहीं1 हसना एक स्‍वाभाविक व प्राकृतिक क्रिया है। सभी को खूब हंसना और मुस्‍कुराना चाहिए। इसका कोई दुष्‍प्रभाव भी नहीं होता है। कई शोध कहते है कि खुलकर हंसने से एंडॉर्फिन नामक हार्मोन का निर्माण होता है। एंडॉर्फिन एक प्राकृतिक दर्द निवारक है, जो हमें स्‍वस्‍थ बनाए रखने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। इतना ही नहीं यदि आपके चेहरे पर तनाव या चिंता की बजाय मुस्‍कान रहती है, तो इससे मूड बेहतर होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। 1. 2. 3. 4. 5. 19 तरह की होती है मुस्‍कान सैन फ...

Plant Protein Vs Animal Protein In Hindi

Plant Protein Vs Animal Protein Kya Jaruri Hain? एनिमल या प्‍लांट प्रोटीन, ज्‍यादा जरूरी क्‍या ??  प्रोटीन को खानपान में शामिल करना जरूरी है। हो सकता है आप हर दिन दाल, हरी सब्जियों, दूध, मछली, चिकन का सेवन करते हों, लेकिन कौन सा प्रोटीन आपको अधिक लाभ देगा, यह भी जानना जरूरी है। आप प्रतिदिन अपने खानपान में सब्‍जी, दाल, दूध, अंडा, चिकन आदि शामिल करते है। क्‍या कभी इस बात पर गौर करते है कि किसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक है ?   ण्‍निमल प्रोटीन बेहतर है या प्‍लांट प्रोटीन ?   प्रोटीन मांसपेशियों और शारीरिक विकास के लिए जरूरी है। हाल के वर्षो में इस विषय पर कई शोध भी हुए है कि वेजीटेबल प्रोटीन जैसे बींस, नट्स और सोया अधिक फायदेमंद है या फिर एनिमल प्रोटीन जैसे चिकन, मछली या मटन। कुछ विशेषज्ञों की राय में सभी प्रोटीन एक समान होते है, चाहें वह एनिमल प्रोटीन हो या प्‍लांट प्रोटीन। न्‍सूट्रिशनिस्‍ट का कहना है कि शरीर में प्रोटीन की एब्‍जॉर्प्‍शन क्षमता को देखना जरूरी है। उसी आधार पर इसका सेवन करना चाहिए। एनिमल प्रोटीन प्‍लांट प्रोटीन के मुकाबले शरीर में जल्‍दी एब्‍...

Jamun Ke Fayde In Hindi

जामुन के फायदे खट्टे-मीठे जामुन में कई रोगों से लडने की क्षमता होती है। इसमें छिपे गुणों के बारे में बता रही है डाइटिशियन 01 जामुन कार्बोहाइड्रेट , फाइबर , कैल्शियम , आयरन और पोटैशियम से भरपूर होता है। यह रक्‍त शर्करा के स्‍तर को नियंत्रित करके मधुमेह से बचाता है। 02 एंटीऑक्‍सीडेंट्स जैसे फ्लेवोनॉएड्स होने से स्‍मरण-शक्ति दुरूस्‍त रहता है। मस्तिष्‍क की कोशिकाओं की क्षमता घटने से याद्दाश्‍त कमजोर हो जाती है। 03 पाचन क्रिया को मजबूत बनाए रखने के लिए भी जामुन बहुत फायदेमंद है। जामुन खाने से पेट से जुडी कई तरह की समस्‍याएं दूर हो सकती है। 04 जामुन में भरपूर मात्रा में ग्‍लूकोज और फ्रुक्‍टोज पाया जाता है1 इसमें लगभग वे सभी आवश्‍यक लवण पाए जाते है , जिनकी शरीर को जरूरत होती है। 1. 2. 3. 4. 5. 05 जामुन में भरपूर मात्रा में आयरन होता है , जो शरीर में खून की कमी नही होने देता। दांत और मसूडों से जुडी कई समस्‍याओं के सामाधान में भी जामुन विशेषतौर पर फायदेमंद होता है। इसके बीज को पीस लीजिए। इससे ब्रश करने से दांत और मसूडे हमेशा स्‍वस्‍थ रहते है। 0...

गाय और भैंस Ke Doodh Ke Fayde

गाय और भैंस का दूध, किसके लिए क्‍या ? 6 % वसा होता है भैंस के एक गिलास दूध में, जबकि चार फीसदी ही वसा होता है गाय के एक गिलास दूध में। 4 % प्रोटीन की मात्रा होती है भैंस के दूध में और तीन प्रतिशत गाय के एक गिलास दूध में। दूध है सेहतमंद और पौष्टिक। हर दिन एक गिलास दूध पीने से शरीर को ताकत मिलती है। यह आप जानते है। लेकिन क्‍या आप ये जानते है कि गाय का दूध फायदेमंद है या भैंस का ? यदि यह जानकर दूध पिएंगे, तो फायदा अधिक होगा। कुछ लोग दूध पिए बिना घर से नहीं निकलते, तो कुछ ऐसे भी होते है, जो दूध को देखते नही नाक-भौह सिकोडने लगते है। किसी को गाय का दूध अच्‍छा लगता है, तो किसी को भौंस का दूध पीना पसंद होता है। दूध पीना फायदेमंद तो है, लेकिन यह शरीर को तब और लाभ पहुचाता है, जब आप इनमें मौजूद पौष्टिक तत्‍वों को जानकर इसका सेवन करें। डाइटिशियन कहती है कि हर उम्र के लोगों को दूध जरूर पीना चाहिए। दूध पीने से ताकत मिलती है और हड्डियां मजबूत होती है। यदि गाय और भैंस के दूध की पौष्टिकता के लिहाज से तुलना की जाए, तो भैंस के दूध में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में उन लोगों को...

Anar ( Pomegranate) Ke Fayde In Hindi

अनार के 10 फायदें अनार रोग नाशक फल कहा गया है। विटामिन से भरपूर अनार में छिपे फायदों के बारे में बता रही है सीनियर डाइटिशियन 01 अनार फाइबर, मिनरल्‍स जैसे कैल्शियम, फॉस्‍फोरस, पोटैशियम, आयरन, फॉलिक एसिड, फोलेट्स और रिबोफ्लेविन का अच्‍छा स्‍त्रोत है। 02 अनार में भरपूर मात्रा में विटामिन ए, ई, और सी होता है। ये सभी विटामिन बढती उम्र के लक्षणों और त्‍वचा पर लकिरों व झुर्रियों को आने से रोकते है।  03 गर्मी के दिनों में आहार में अनार शामिल करें। इससे पाचन संबंधी समस्‍याओं में आराम मिलने के साथ ही प्रतिदिन इसके सेवन से धमनियां ठीक रहती है। 04 यदि आपको खूद की कमी है, तो यह एनीमिया और रक्‍त में आयरन की कमी को भी दूर करता है। प्रतिदिन एक गिलास इसका जूस पिएं, खून की कमी नहीं होगी। 05 अन्‍य फलों के रस के मुकाबले अनार का रस मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद है। अनार एंटीऑक्‍सीडेंट्स जैसे पॉलीफेनॉल्‍स से भरपूर होता है। ये शरीर को फ्री रैडिकल्‍स से होने वाले नुकसानों जैसे ब्रेस्‍ट, प्रोस्‍टेट और फेफडों के कैंसर के होने की संभावनाओं को कम करता है। 06 एक अध्‍ययन...

Kaise Apane Bat Ko Dusaro Ke Samane Rakhe Ya Bat Kare

किसी के सामने हमें अपनी बात इस तरह से रखनी चाहिए कि सामने वाले पर उसका बेहतर प्रभाव हो, इसलिए बोलते समय आत्‍मविश्‍वास रखें। बोले ऐसे कि सुने दुनिया आज कॉरपोरेट जगत पहचान वही बना पाता है, जिसमें बुलंदी के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की क्षमता हो। सिर्फ राजनितिक जीवन में ही नहीं, बल्कि पेशेवर जिंदगी में भी अच्‍छा वक्‍ता होना आपकी तरक्‍की की बुनियाद बन सकता है। अगर आप लोगों के सामने बोलने में झिझकत है, तो आपकी कामयाबी की रफ्तार धीमी होना तय है। दुनिया में ऐसे तमाम लोग है, जो इस डर के शिकार है। लेकिन तरक्‍की की राह पर आगे बढने के लिए इस डर पर काबू पाना बेहद जरूरी है। कॉरपोरेट हा, राजनीति हो, कॉलेज हो, सोसाइटी हो या फिर अन्‍य कोई क्षेत्र, कुशल वक्‍ताओं की मांग हर जगह होती है। अमेरिका की चैपमैन यूनिवर्सिटी ने एक सर्वे किया, जिसमें वालीस फीसदी लोगों ने माना कि उन्‍हें भीड के सामने बोलने से डर लगता है। कामयाबी के लिए आपके काम और इमेज के साथ चर्चा में र‍हना भी बेहद जरूरी है।जिसे बोलने की कला आती है उसकी तरक्‍की को कोई रोक नहीं सकता।शीशे के सामने बोलने का अभ्‍यास करें। अपनी बात को ...