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Dry Fruits Se Danto Ko Nuskan

बच्‍चें खाएंगे ड्राई-फ्रूट्स तो दांत हो सकते है खराब बच्‍चें अगर ड्राई-फ्रूट्स ज्‍यादा खाते है, तो यह उनके दांतों की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। ब्रिटिश डेंटल एसोसिएशन ने हाल ही यह बात एक रिसर्च में कही है। उनके मुताबिक, अक्‍सर मांए यह सोचकर अपने बच्‍चों को लंच बॉक्‍स में ड्राई ड्राई-फ्रूट्स देती है कि उससे बच्‍चें अच्‍छी रहेगी। जेकिन ऐसा नही है। बच्‍चों के लिए ड्राई-फ्रूट्स खाने से ज्‍यादा अच्‍छा है कि वे स्‍नैक्‍स और तली हुई चीजें अधिक खाएं। बच्‍चों को ड्राई-फ्रूट्स इसलिण्‍ खाने नहीं देना चाहिए, क्‍योकि इनमें चीनी की मात्रा अधिक होती है। इससे उनके दांत तो खराब होंगे ही, वजन भी बढने की आशंका रहती है। अगर बच्‍चे दिन में 100 ग्राम भी ड्राई-फ्रूट्स खाते है, तो उसमें चीनी की मात्रा 53 ग्राम होती है।

Difference Between Exercise And Yoga In Hindi, योग Aur व्‍यायाम Me Kya Antar Hain Aur Yog Karane Kya Niyam Hain, Yoga Apps Ke Bare Me Jankari

Yoga (योग) Aur Exercise (व्‍यायाम) Me Kya Antar Hain व्‍यायाम के ये नए चेहरे है।  हर जगह हिट योग 37% योग के प्रोडक्‍ट की खरीदारी में बढोतरी हुई है, अमेरिका में पिछले पांच सालों में। 37 मिलियन अमेरिकी लोगों ने वर्ष 2016 में योग करने की शुरूआत की। पहली बार योग या व्‍यायाम कर रहे है, तो विशेषज्ञ की सलाह अवश्‍य लें, तभी लाभ होगा। एक बहुत बडा बाजार है। ढेर सारे ऐप्‍स है। लेकिन योग से इस भरे-पुरे वातावरण में आप यह जान लें कि ये बाजार मनोरंजक ढंग से जाे योग आपको सिखा रहा है, उसमें ज्‍यादातर व्‍यायाम है।योग फैशन में है। योग जिंदगी के लिए फायदेमंद भी है। लेकिन हर व्‍यायाम योग नही है,हमें इस बात को भी समझ लेना चाहिए। व्‍यायाम में दिलचस्‍पी जगाने के लिए रिरंतर नए-नए प्रयोग हो रहे है। इनका अभ्‍यास करना भी फायदेमंद और मजेदार है। यहां एक बार फिर आप यह समझ लें कि कई तरह के ऐप्‍स जिसे योग कह रहे है, वह सब योग नहीं है । फिर भी ये फायदेमंद है और बाजार उसे योग कहता है। ऐसे में आप भी कहेंगे, नाम में क्‍या रखा है। फायदा जरूरी है। मोबाइल के साथ-   रास्‍ते में है, काम में व्‍यस्‍त है??  कोई बात...

गलतियों से सीख-motivation thought for students in hindi

गलती करना जिंदगी का अहम हिस्‍सा है। लेकिन गलतियों के आगे घुटने टेक देना उचित नहीं। इससे समस्‍या हल नहीं होगी, बल्कि बढती ही जाएगी। हार के बाद ही जीत है............... अगर कोई कहता है कि उसने कभी गलती नही की तो समझ लीजिए कि वह झूठ गोल रहा है। हम इंसान है और गलतियां हमारी जिंदगी का अहम हिस्‍सा है। निराशा की स्थिति में हम यह मान लेते है कि अब कुछ नही हो सकता है। लेकिन क्‍या ऐसा करने से अपकी समस्‍या हल हो जाएगी ?? क्‍या आपकी हार जीत में बदल जाएगी ?? प्रत्‍येक हार हमें सीख देकर जाती है कि हमें हारकर जीतने की कोशिश करनी चाहिए। जिस तरह फटबाल धरती पर पटकने से फिर से उछल कर ऊपर आती है, उसी तरह हारने वाले इंसान को भी उछल कर वापस खडा होना चाहिए, यह सोचते हुए कि हार के बाद जीत होगी। 1- जिन कारणों से हार हुई है, उन्‍ही गलतियों को बार-बार दोहराने से बचें। उनसे सीखने की कोशिश करें। 2- जिंदगी सभी को बराबर का मौका देती है। किस्‍मत के चक्‍कर में उस मौके को गंवाने से बचें। गलतियों से सीखें जब भी आपको हार का सामना करना पडे, तो मान लीजिए की आप से कही-न-कही चूक हो गई है तभी...

Raat Ke Samay Coffee Peene Ke Nuksan

रात में छह घंटे सोकर उठते ही कॉफी न पिएं क्‍या आप सुबह उठते ही पानी की बजाय कॉफी पी लेते है ?? तो ऐसा करना छोड दे । ऑस्‍ट्रेलिया में हाल ही में हुए एक अध्‍ययन में यह बात सामने आई है कि जो लोग रात में सिर्फ छ‍ह घंटे की नींद लेकर, सुबह उठते ही कॉफी पीने का शौक रखते है, उन्‍हें कई तरह की शारीरिक समस्‍याओं का सामना करना पड सकता है। ऑस्‍ट्रेलिया की न्‍यूट्रिशनिस्‍ट और डाइटिशियन के इस शोध के अनुसार, बिस्‍तर से उठते के साथ ही कॉफी नही पीनी चाहिए। सुबह के समय कोलेस्‍ट्रॅल लेवल काफी ऊंचा होता है। ऐसे में आप खाली पेट सुबह कॉफी पीते है, तो बापको सीने में जलन , गैस आदि समस्‍याएं हो सकती है। बेहतर है कि आप सुबह 10 से 12 के बहच कॉफी पिएं। इस समय कोलेस्‍ट्रॉल लेवल सामान्‍य होता है।

Examination Ke Samay Study Kaise Kare- परीक्षा के वक्‍त मे पढाई कैसे करें

परीक्षा के  वक्‍त  मे पढाई कैसे करें- परीक्षा में अच्‍छे अंको से पास होना चाहते है , तो हर दिन रेगुलर पढाई करनी होगी। तभी तनाव मुक्‍त होकर आप विषयों को रिवाइज कर पाएंगे। सीखें परीक्षा के दबाव से उबरना परीक्षा चाहे कोई भी हो , उससे होने वाला तनाव छात्रों में एक भय का माहौल पैदा करता है। आखिर इसकी क्‍या वजह है ??? सबसे पहला कारण है , सही ढंग से तैयारी न करना। इतना ही नही , यदि अच्‍छे अंक नही आए , तो करियर का क्‍या होगा ??  अभिभावक भी बच्‍चों से अच्‍छा करने की अपेक्षा रखते है , जों बच्‍चों को दबाव की स्थिति में लाता है। यह स्‍वाभाविक है , पर इससे बचना भी मुश्किल नही है। तनाव या भय का मूल कारण है अच्‍छी तैयारी न होना। परीक्षा करीब आने के बाद तैयारी ठीक ढंग से हो पाती है और न ही तनाव से बचना संभव होता है। मेंन प्‍वाइंट 01 लगातार पढने से बचें। बीच-बीच में ब्रेक लेकर टहलें , कुछ खाएं। भरपूर नींद लें। इससे फ्रेश रहेगें। 02 हमेशा सकारात्‍मक सोच रखें। इससे तनाव और भय जैसी मानसिक स्थितियों पर काबू पाएंगे। एक रूटीन बनाएं तैयारी करने के लिए एक ...

Accessory Fashion Designer Career In Hindi

एक्‍सेसरीज में करियर का सफल एक्‍सेस स्‍टाइलिश दिखने के लिए हर कोई फैशन के साथ-साथ ए क्‍सेसरीज को भी महत्‍व देने लगा है। ऐसे में एक्‍सेसरीज डिजाइनर्स की मांग लगातार बढ रही है , लेकिन सफल एक्‍सेसरी डिजाइनर बनने के लिए आपका क्रिएटिव होना जरूरी है। इस फैशन-परस्‍त दुनिया में हर कोई स्‍टाइलिश दिखना चाहता है। स्‍टाइलिश दिखने के लिए लोग ट्रेंडी ज्‍वेलरी , आकर्षक बेल्‍ट , हैंडबैग , फुटवियर , घडी , स्‍कार्फ आदि का इस्‍तेमाल करते है। ये सभी आइटम्‍स लाइफस्‍टाइल एक्‍सेसरीज के अंतर्गत आते है। आधुनिक युग में फैशन सिर्फ खूबसूरत परिधानों तक ही सीमित नही रहा। इनमें एक्‍सेसरीज भी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते है। आज खूबसूरत और स्‍टाइलिश दिखाना है , तो बिना एक्‍सेसरीज के बात नहीं बनती। आकर्षण एक्‍सेसरीज को डिजाइन करते है एक्‍सेसरीज डिजाइनर्स। आपने देखा होगा कि रिटेल सेक्‍शन की शॉपिंग के तहत सबसे अधिक जगह में एक्‍सेसरीज को ही डिस्‍प्‍ले  किया जाता है। इसी बात से एक्‍सेसरीज डिजाइनिंग के क्षेत्र के महत्‍व को समझा जा सकता है। हालांकि इस क्षेत्र में वे ही कामयाब हो सकते है , जो बेहद क्रिएटिव हो...