सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Jane, Anchahi Pregnancy Ko Rokane Tatha Bachane Ke Upay Aur Medicine, Injection, Emergency Pills Hain Opition

Jane, Anchahi Pregnancy Ko Kaise Roke?

क्‍या आप जानती है कि आपके लिए कौन-सा  कॉन्‍ट्रासेप्टिव (Contraceptive Pills)
सबसे सही है? कही आप विज्ञापनों को देख या सुनकर कॉन्‍ट्रासेप्टिव का इस्‍तेमाल तो नही कर रही ? बाजार में मौजूद कॉन्‍ट्रासेप्टिव के अन्‍य विकल्‍पों के बारे में भी जानती है आप! विशेष जानकारी के लिए एक्‍सपर्ट की राय.................
1.
2.
3.
4.
5.

Pahala Bachcha Kab Aur Dusare Bachche Ke Liye Kitane Saal Ka Anter

एक बच्‍चा या दो बच्‍चा........  फैमिली प्‍लानिंग अब महिलाएं काफी सोच-समझकर करने लगी है। इस बदलाव के पीछे की वजह है, कॉन्‍ट्रासेप्टिव तकनीक (अनचाही प्रेग्‍नंसी को रोकने की तकनीक) को लेकर उनकी जागरुकता। उनको पता है कि कैसे प्रेग्‍नेंसी को रोकना है ?   सबसे खास बात यह है कि आज उनके सामने कॉन्‍ट्रासेप्टिव के कई सारे विकल्‍प है, जिसे वे डॉक्‍टर की सला‍ह पर इस्‍तेमाल भी कर रही है । हालांकि कुछ महिलाएं बिना डॉक्‍टरी सलाह के ही इसका इस्‍तेमाल करती है, जो गलत है। इस बारे में स्‍त्री रोग विशेषज्ञ डॉ शानू गैरोला कहती है, बाजार में दो तरह के कॉन्‍ट्रासेप्टिव तकनीक मौजूद है। एक रेग्‍यूलर कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स और दूसरी इमरजेंसी पिल्‍स। इन दोनों का काम एक ही है प्रेग्‍नेंसी को रोकना, लेकिन इसके इस्‍तेमाल का तरीका अलग-2 है। ज्‍यादातर महिलाओं को इन दोनों में फर्क भी पता नही होता है और इसका गलत इस्‍तेमाल उनको नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में कोई भी कॉन्‍ट्रासेप्टिव चुनने से पहले डॉक्‍टर की सलाह जरूरी है। अन्‍यथा प्रेग्‍नेंसी को लेकर आगे समस्‍याएं भी हो सकती है।

Ye Sab Options Bhi Try Kar Sakati Hain


 ओरल कॉन्‍ट्रासेप्टिव- रेग्‍यूलर कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स में ओरल पिल्‍स सबसे मुख्‍य है । सबसे मुख्‍य है। अनचाही प्रेग्‍नेसी से बचने के लिय ज्‍यादातर महिलाएं इसी तकनीक का इस्‍तेमाल करती है। यह दुनिया में प्रेग्‍नेंसी से बचने का सबसे
प्रचलित तरीका है। इसे लेना आसान भी है और ये सस्‍ती भी है, लेकिन बिना डॉक्‍टर की सलाह के इसे न लें, क्‍योकि ये सबको सूट नही करती । यह गोली महीने में 21 दिन खानी िहोती है। इन गोलियों का सेवन पीरियड्स के पाचवें दिन से किया जाता है। अगर सही ढंग से इसे लिया जाए, तो यह सुरक्षित है। लेकिन इसे नियमित लें। अगर किसी दिन आप इसे लेना भूल जाती है,तो अगले दिन आप दो टैबलेटस ले । इसमें भी हार्मोनल और नॉन हार्मोनल दो विकल्‍प है। अगर आपकी उम्र 35 साल से कम है और आप पूरी तरह से स्‍वस्‍थ है, लेकिन कुछ समय तक बच्‍चा नही चाहतीं,
तो डॉक्‍टर की सलाह पर दसका इस्‍तेमाल कर सकती है। मगर आपका वजन ज्‍यादा है, हृदय,लिवर,अस्‍थमा ,ब्‍लड प्रेशर आदि की समस्‍या है,तो हार्मोन बेस्‍ड कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स न लें। खासकर आपकी उम्र 35 से ज्‍यादा है और साथ में कुछ मेडिकल समस्‍याएं भी है, तो आापके लिए नॉन हार्मोनल कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स लेना सही रहेगा। मगर इसके लिए डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें। वैसे हार्मोन बेस्‍ड गोलियां हार्मोन्‍स को ठीक रखती है और महिलाओं को होने वाली कुछ बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान करती है। पीरिसड्स में होने वाले दर्द कम करने, पीरियड्स नियमित करने जैसे फायदे भी इनसे होते है। नुकसान बस इतना हैकि अगर एक भी गोली खाना आप भूल गई, तो गर्भ ठहर सकता है। इसलिए इन्‍हे रोजाना लेना बेहद जरूरी है।
सावधानी- दूध पिलाने वाली महिलाएं या वैसी महिलाएं, जिनको गर्भाशय या पेट से संबंधित कोई समस्‍या है, उनको कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स का सेवन नही करना चाहिए। दूध पिलाने वाली महिलाएं डॉक्‍टर की सलाह पर, इसकी जगह मिनी पिल्‍स का इस्‍तेमाल कर सकती है। किशोरावस्‍था में इस गोली का सेवन नही करना चाहिए, क्‍योकि इसके सेवन से माहवारी पर बुरा असर पड सकता है।


Emergency Pills  Bhi Kitana Surakshit Hain?


प्रेग्‍नेंसी को रोकने के लिए इमरजेंसी पिल्‍स भी कुछ महिलाएं लेती है, लेकिन इसका इस्‍तेमाल केवल आपात समय के लिए होता है। इसे मॉर्निंग आफ्टर पिल भी कहा जाता है।
इसमें प्रोजेस्‍ट्रॉन और एस्‍ट्रोजेन दोनो हार्मोन्‍स होते है, जो गर्भ को ठहरने नही देते, लेकिन इसे डॉक्‍टर की सलाह पर ही लें। इस पिल्‍स को सेक्‍स के बाद 72 घण्‍टे के अंदर तक लेना चाहिए। मगर महीने में एक या दो बार से ज्‍यादा इसे न लें, क्‍योकि इससे ज्‍यादा इस्‍तेमाल सेहत के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है।
सुझाव- कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स के सेवन से वजन बढने की आशंका अधिक रहती है। मुंहासों की समस्‍या भी हो सकती है। शुरूआत में उल्‍टी, जी मिचलाने जैसी समस्‍याएं हो सकती है। मगर लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहती है, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। किसी भी गर्भनिरोधक गोली को लंबे समय तक नही लें। डॉक्‍टर की सलाह पर आपको कुछ महीने का अंतराल ले लेना चाहिए, अन्‍यथा इसका दुष्‍प्रभाव भी हो सकता है।



Pregnancy Rokne Ka Injection Bhi Hain Ek Bikalp


 गोलियों के झंझट से अगर आप बचना चाहती है, तो आप प्रोजेस्‍ट्रॉन युक्‍त कॉन्‍ट्रासेप्टिव के इंजेक्‍शन भी ले सकती है। इसका असर 10 से 13 हफ्ते तक रहता है। इसके बाद आपको फिर से इंजेक्‍शन लेना होगा । गर्भधारण को रोकने के लिए यह भी एक प्रभावी तरीका हो सकता है। यदि आप अपने पहले बच्‍चे को अपना दूध पिला रही है, तो गर्भनिरोधक इंजेक्‍शन की सलाह दी जाती है। इसे लगानें के 24 घंटे बाद से असर शुरू होता है। इस इंजेक्‍शन के लेने से हो सकता है कि आपका कुछ वजन बढे या पीरियड्स अनियमित हो। लेकिन यह समस्‍या भी धीरे-2 नियंत्रित हो जाती है। हॉ, अगर आप कंसीव करना चाहती है, तो कुछ महीने का इंतजार करना पड सकता है।

IUD Contraception Pregnancy


इन तरीकों में कॉपर टी, फ्रीडम फाइव, मल्‍टी लोड जैसे तरीके शामिल है। टी के शेप वाला इंट्रा यूटेराइन डिवाइस यानी आईयूडी कॉपर या प्‍लास्टिक का बना होता है, जिसे महिला के यूट्रस में लगाया जाता है, जिससे गर्भ न ठहरें
। अगर आप लंबे समय तक बच्‍चा नही चाहती, तो आईयूडी आपके लिए अच्‍छा विकल्‍प है। ये कुछ महीनों से लेकर 10 साल तक चलता है। हालांकि आईयूडी  को लगाने के कुछ दिनों बाद आपको ऐंठन महसूस हो सकती है या कम ब्‍लीडिंग की शिकायत भी हो सकती है। कई बार पीरियड्स नियमित नही होते, वहीं कुछ महिलाओं को ज्‍यादा ब्‍लीडिंग भी होती है। इंट्रा युटेराइन कॉन्‍ट्रासेप्टिव डिवाइस यानी कॉपर टी डॉक्‍टर द्वारा लगाई जाती है और जब भी आप गर्भधारण करना चाहें इसे निकाल दिया जाता है।
1.
2.
3.
4.
5.

Implants Bhi Ek Option Hain


इंप्‍लांट्स एक बेहद पतली प्‍लास्टिक की रॉड की तरह होती है, जिसे बांह में त्‍वचा के नीचे फिट कर दिया जाता है। जो शरीर में लगातार प्रोजेस्‍ट्रॉन का स्‍त्राव करता रहता है। यह कॉन्‍ट्रासेप्टिव इंप्‍लांट तीन से पांच साल तक आपको अनचाहे प्रेग्‍नेंसी से बचाते है। इसमें प्रोजेस्‍ट्रॉन होता है, जो गर्भधारण को रोक देता है। हालांकि यह तकनीक भारत में फिलहाल उपलब्‍ध नही है, मगर बाहर के देशों में इसे सबसे सुरक्षित विकल्‍प माना जाता है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Credit card Kya Hota hai, Aur Usake Fayde In Hindi

Credit Card Ka Istemal Kaise Kare Credit Card Ka Istemal Chalan Me Hai. Kai Log To Ek Se Jyada Banko Ke Credit Card Rakhate Hain. Lekin Sahi Tarike Se Nahi Karane Par Isase Nuskan Bhi Hote Hain.  Pehle Jee Bhar Ke Sochalay Phir Istemal Kare Credit Card Lena Ek Tarah Se Bank Se Loan Lene Jaisa Hota Hai. Agar Iske Istemal Me Kuchh Savdhaniya Barati Jaye, To Ham Isaka Bharpul Fayada Utha Sakate Hain. Aaj Ke Samay Mein Lagabhag Har Tisara Naukri Pesa Person Apni Suvidha Anusar Credit Card Ka Istemal Kar Raha Hain. Credit Card Ek Tarah Ka Bank Hai, Jisase Aap Loan Lete Hain. Credit Card Dharak Dheere-Dheere Is Loan Ko EMI Ke Madhyam Se Chukate Rehte Hain. Apako Credit Card Ke Len-Den Ko Credit Bureau Ko Suchit Kiya Jata Hai. Jis Ke Aadhar Par Apaka Credit Score Check Kiya Jata Hai.Credit Score Jitana Adhik Hota Hai. Use Utana Hi Behtar Mana Jata Hai. Credit Information Bureau India Limited (CIBIL) Credit Score Deta Hai Jo Ap Ke Purane Britiy Itihas Ke Aadhar Par Taiyar Kiya Jat...

Voice Over Artist Kya Hota Hai Aur Kaise Bane, Voice Over Artist Jobs Qualifications, Career, Course Description Ke Bare Me Jankari

🖎Voice Over Artist Me Career Kaise Banaye? 🙋Topics:   1.Voice Over Artist Kya Hota Hain? 2. Opportunities 3. Qualifications 4. Salary Payment In India           Documentary, News Reports, Video Game, Animation Movies  On-Hold संदेशो आदी में Voice Over Artist की मांग लगातार बढ रही है। Voice Over Production कि तकनीक है। जिसमे किसी व्‍यक्‍ति कि Voice को (जो किसी कहानी का हिस्‍सा नही है।) Radio, Television Production, Film Create और किसी प्रस्‍तुतति में उपयोग किया जाता है।  👉 Voice Over Artist Kya Hata Hai?     Career Counselors कहते है कि   Advertisement, Audio Books, Animation Movies, Promotion Calls, Radio Advertisement, Aeroplane में सूचना आि‍दि देने में प्रयोग की गयी Voice को Voice Over Artist ही करता है।     Synchronous Talk, जहां  Voice Over में एक समय पर हो रही कार्यवाही का वर्णन करना होता है।  Voice Over, अब एक आम तकनीक बन गयी है। इसका प्रयोग Cinema में  भी किया ज...

Hamesha Swasth(Healthy) Thik Rahane Ke Liye Kya Karana Chahiye, Tarike(Tips), Upay, Swasth Rahne Ke Niyam (Dincharya) Ke Bare Me Jankari Hindi Mein

Healthy Jivan Shaili Jine Ke Niyam एक स्वस्थ जीवन-शैली को बनाए रखना कोई मुश्किल काम नहीं है, बस आपको कुछ स्वस्थ आदतों का पालन करने की आवश्यकता है। नए साल के मौके पर लाखों लोग अपने आप से करियर, शिक्षा, जॉब प्रमोशन एवं कुछ नया सीखने और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने जैसे ढेर सारे संकल्प लेते हैं। कुछ अपने 'न्यू ईयर रेजॉल्यूशन' को कुछ हद तक पूरा करने में सफल भी हो जाते हैं। साल भर इन संकल्पों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा करने के चक्कर में सेहत की तरफ ध्यान ही नहीं जाता है। बदलती जीवन-शैली के कारण आजकल कम उम्र में ओबेसिटी, डायबिटीज, तनाव, अवसाद, जोड़ों में दर्द, कमर दर्द, स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में कुछ स्वास्थ्य नियमों को अपनाकर स्वस्थ शरीर और सुखी जीवन की शुरुआत की जा सकती है। मोटापा न बढ़ने दें: आजकल तले-भुने और भारी मसालेदार फास्ट फूड की तरफ लोगों का तेजी से रुझान बढ़ रहा है, जिससे उनके शरीर में आवश्यकता से अधिक चर्बी बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार , मोटापा स्वास्थ्य के लिए  सबसे खतरनाक 10 ब...