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Xiaomi Redmi 5A Review In Hindi

शाओमी ने अपनी रेडमी सीरीज में किफायती स्‍मार्टफोन रेडमी 5ए को लॉन्‍च कर दिया है। शाओमी रेडमी 5ए लॉन्‍च इस बार शाओमी ने रेडमी 5ए की डिजाइन में थोडै बदलाव किए है। 5ए में किनारे थोडै घुमावदार किए गए है। मिससे बेहतर ग्रिप मिलती है। रेडमी 5ए में 5 इंच का एचडी (720*1280 पिक्‍सल) आईपीएस डिस्‍प्‍ले मिलता है। फोन में क्‍वालकॉम स्‍नैपड्रैगन 425 प्रोसेसर दिया गया है , जो 1.4 गीगाहट्र्ज पर चलता है। ग्राफिक्‍स के लिए एड्रेनो 308 जीपीयू है। फोन में 2 जीबी रैम है। सटोरेज 16 जीबी है , ि‍ माइक्रोएसडी कार्उ के जरिए 128 जीबी तक बढाना संभव होगा। खूबियां कंपनी का दावा है कि रेडमी 5ए की 3000 एमएएच की बैटरी फोन को करीब 8 दिन तक का बैटरी बैकअप दे सकती है। फोन में 13 मेगापिक्‍सल रियर कैमरा है। वही सेल्‍फी के लिए रेडमी 5ए में साथ 5 मेगापिक्‍सल फं्रट कैमरा दिया गया है।  

Sahjan Khane Ke Fayde and Benefits

सहजन का साथ निभाएं सहजन में कोई पोषक तत्‍व मौजूद होते है। इसके फायदों के बारे में बता रहे है 01 सहजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, पानी, विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन आदि तत्‍व पाए जाते है। ये सभी तत्‍व शरीर के लिए बहुत लाभकारी होते है। 02 इसके पेड के लगभग सभी भाग जैसे पत्‍ते, फूल, फल, बीज, छाल, जड विभिन्‍न औषधियों को बनाने में उपयोग किए जाते है, जो कई रोगों को दूर करते है। 03 जड की छाल से बने काढें में सेंधा नमक एवं हींग डालकर पीने से पित्‍ताशय की पथरी में हितकर है। घाव पर पत्‍तों को पीस कर लगाने से घाव भरते है। 04 पत्‍तों का सूप बना कर पीने से रक्‍त रोगों का शमन होता है तथा शुद्ध रक्‍त की बढोतरी होती है। कान दर्द में इसके पत्‍तों का रस डालने से दर्द दूर होता है। 05 फलियो के सेवन से वृद्धावस्‍था के रोग शांत होते है। सौदर्य में वृद्धि‍ होती है। पैर की मोच या जोडों के दर्द का दूर करने के लिए पत्‍तों को पीसकर पेस्‍ट बनाएं। सरसों के तेल में इसे पका कर बोधने से लाभ होता है। रोज इसके तेल से शरीर की मालिश करें। लाभ होगा। 06 बच्‍चों के पेट में होने वा...

Pista Khane Ke Fayde Aur Usse Hone Vale Benefits Ke Bare Me

Pista Khane Ke Fayde Aur Usse Hone Vale Benefits Ke Bare Me Jane? आप पिस्‍ता खाते है, लेकिन क्‍या इसके फायदों के बारे में जानते है ??  पिस्‍ता के फायदों के बारे में बता रही है सीनियर डाइटिशियन 01   पिस्‍ता में मौजूद कैल्शियम, मैग्‍नीशियम और पोटैशियम हड्रडियों को मजबूत करते है और हड्डी संबंधी बीमारियों को भी रोकते है। 02  इसमें विटामिन-ई और वसा युक्‍त घुलनशील एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स होते है, जो त्‍वचा को स्‍वस्‍थ बनाए रखने के साथ प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करते है। 03  इसमें मौजूद विटामिन बी 6 खून में ऑक्‍सीजन ले जाता है। प्रतिदिन इसके सेवन से खून में ऑक्‍सीजन की मात्रा बढ जाती है व हिमोग्‍लोबिन भी बढता है। 04   यदि आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे है, तो पिस्‍ता खाना शुरू कर दें, क्‍योकि इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर जल्‍दी भूख नही लगने देते है। 05  पिस्‍ता आंखो की सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है, क्‍योंकि इसके सेवन से दृष्टि में सुधार होता है। यह बैड कोलेस्‍ट्रॉल यानी एचडीएल को बढाता है। यह मांसपेशियों की ताकत को बढाकर दिल को मज...

Perfect Kaise Bane

किसी भी कार्य की योजना बना लेना ही काफी नहीं है। उसमें सफलता तब मिलती है, जब आप लगातार अभ्‍यास करेंगे। तभी आप उस कार्य में परफेक्‍ट होंगे। प्रैक्टिस करेंगे, तभी बनेंगे परफेक्‍ट किसी भी उद्देश्‍य को लेकर की गई प्‍लांनिंग आपको सफलता की ओर तभी ले जाती है, जब उससे संबंधित कार्यों की प्रैक्टिस की जाए। आपके पास क्षमता हो सकती है, आप प्रतिभावान हो सकते है, इसके बावजूद यदि आप अपने काम का अभ्‍यास नहीं करेगे, तो आपका प्रदर्शन उस हद तक नहीं जा सकता, जैसी आपकी अपेक्षा थी। यदि आप अपने काम में परफेक्‍ट होना चाहते है, तो प्रैक्टिस जरूरी है। किसी भी क्षेत्र में नजर दौडाए, चाहे वह स्‍टडी हो, डांस हो, स्‍पोर्ट्स हो, लेखन हो, परफेक्‍शन के लिए प्रैक्टिस की जरूरत होती है। प्रैक्टिस से काम में विशेषज्ञता हासिल हेाती है और मंजिल की ओर कदम तेजी से बढने लगते है। एक लक्ष्‍य निर्धारित करें। उसे पाने की सुव्‍यवस्थित योजना बनाएं। इससे अपनी गलतियों को जानेंगे । सफलता का मूल मंत्र न तो बार की पढाई से कोई परीक्षा पास हो सकती है और न ही किसी कला में माहिर बना जा सकता है। कई बार शुरू में ज...

Greenhouse Management Me Career Kaise Banaye

पौधों से बनाए हरा-भरा भविष्‍य फूल-पौधों के बीच रहना पसंद है या फिर बनना चाहते है पेड-पौधों के विशेषज्ञ, तो शहरों और महानगरों में नर्सरी और ग्रीन हाउस मैनेजर के रूप में आप अपने करियर को सजा सकते है। समय के साथ काफी कुछ बदलता है। खेती भी। उसका तरीका भी। यदि आप कृषि से संबंधित कार्यों में करियर बनाना चाहते है, तो नर्सरी और ग्रीन हाउस मैनेजर के रूप में आपके पास एक बेहतर विकल्‍प है। इससे आप अच्‍छी कमाई तो करते ही, साथ ही साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान देते है। प्रशिक्षण देने वाले संस्‍थान जी.बी. पन्‍त यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्‍चर एंड टेक्‍नोलॉजी, पंतनगर, उत्‍तराखंड, www.gbpuat.ac.in पंजाब एग्रीकल्‍चर यूनिवर्सिटी लुधियाना web.pau.edu तमिलनाडु एग्रीकल्‍चर यूनिवर्सिटी www.tnau.ac.in अहम योग्‍यता है बायोलॉजी बता दें कि नर्सरी या ग्रीन हाउस मैनेजर का ताल्‍लुक एग्रीकल्‍चर से है। इसमें अपना करियर बनाना चाहते है, तो आपके पा बारहवीं में बायोलॉली विषय अवश्‍य होना चाहिए। भारत में नर्सरी और ग्रीन हाउस मैनेजर के लिए कोई डिग्री या डिप्‍लोमा निर्धारित नहीं है, लेक...

Fragrance Chemist or Perfumery Me Career Kaise Banaye

सुगंध की राह पर चलकर बनाएं भविष्‍य एक अच्‍छा परफ्यूमर वह होता है, जिसे कई तरह की चीजों को मिलाकर परफ्यूम बनाने और फ्लेवरिंग करने की जानकारी और होती है। यदि आप में खुशबू (फ्रेगरेंस) को महसूस करने की समझ है, या फिर सुगेध को लेकर उत्‍साही है, तो आपके लिए फ्रेगरेंस केमिस्‍ट या परफ्यूमर बनना एक बेहतर करियर विकल्‍प हो सकता है। यह बहुत ही रचनात्‍मक क्षेत्र है। फ्रेगरेंस केमिसट या के रूप में करियर बनाना फ्लेवर्स एंड फ्रेगरेंस जगत में चुनौतीपूर्ण व्‍यवसाय है। क्‍या है परफ्यूमरी ’परफ्यूमरी’ शब्‍द का प्रयोग परफ्यूम व्‍यापार के लिए किया जाता है, जिसमें परफ्यूम का उत्‍पाद करना, बेचना या तरह-तरह के परफ्यूम बनाने की कला शामिल होती है। एक परफ्यूमर को विभिन्‍न चीजों को मिलाकर परफ्यूम बनाने और फ्लेवरिंग करने का विशेषज्ञ माना जाता है। परफ्यूमर्स एक तरह से केमिसट होते है, जिनका मुख्‍य ध्‍यान फ्रेगरेंस का उत्‍पादन करने पर होता है। एक अच्‍छे परफ्यूमर को विविध प्रकार की सुगंधित सामग्री और उनकी सुगंध की प्रमुख जानकारी होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्‍यता परफ्यूमरी के क्षेत्र में करियर बनाने...

Naukri Me Tarakki Aur Promotion Ke Upay

बेहतर शुरूआत से बनेगी बात हर किसी का सपना होता है एक अच्‍छी नौकरी पाना। नौकरी मिल भी मिल जाए, तो सबसे ज्‍यादा जरूरी होता है, उस जॉब में बने रहकर बेहतर प्रदर्शन करते रहना। हर किसी की जिंदगी में उसकी पहली नौकारी काफी महत्‍वपूर्ण होती है। इंसान अपनी पहली नौकरी से काफी कुछ सीखता और समझता है। इसी दौरान हमें अपनी कमियों और खूबियों का पता चलता है। हालांकि अच्‍छी नौकरी पाना इतना आसान नहीं होता। यदि नौकरी मिल भी जाए, तो सबसे ज्‍यादा जरूरी होता है, उस जॉब में बने रहकर बेहतर प्रदर्शन करते रहना। पहली नौकरी के समय संस्‍थान के माहौल को समझने मे समय लगता है, इसलिए पहले संस्‍थान की कार्यशैली को समझने की कोशिश करें। एकाग्र होकर काम करें। साथ ही कौन-सा काम कब करना है और कितने समय करना है, इसका भी ध्‍यान रखें। सभी नियमों का पालन करें। व्‍यवहार को लेकर सजग रहें। सीनियर-जूनियर से अच्‍छे से पेश आएं। ड्रेस कोड का पालन करें। टाइम को लेकर पाबंद रहें। ऑफिस नही जा रहे, तो इसकी  सूचना बॉस को दें।   ऑफिस पॉलिटिक्‍स से बचें ’’पहली नौकरी में अपना ध्‍यान ऑफिस पॉलिटिक्‍स पर लगाने क...