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Greenhouse Management Me Career Kaise Banaye

पौधों से बनाए हरा-भरा भविष्‍य फूल-पौधों के बीच रहना पसंद है या फिर बनना चाहते है पेड-पौधों के विशेषज्ञ, तो शहरों और महानगरों में नर्सरी और ग्रीन हाउस मैनेजर के रूप में आप अपने करियर को सजा सकते है। समय के साथ काफी कुछ बदलता है। खेती भी। उसका तरीका भी। यदि आप कृषि से संबंधित कार्यों में करियर बनाना चाहते है, तो नर्सरी और ग्रीन हाउस मैनेजर के रूप में आपके पास एक बेहतर विकल्‍प है। इससे आप अच्‍छी कमाई तो करते ही, साथ ही साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान देते है। प्रशिक्षण देने वाले संस्‍थान जी.बी. पन्‍त यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्‍चर एंड टेक्‍नोलॉजी, पंतनगर, उत्‍तराखंड, www.gbpuat.ac.in पंजाब एग्रीकल्‍चर यूनिवर्सिटी लुधियाना web.pau.edu तमिलनाडु एग्रीकल्‍चर यूनिवर्सिटी www.tnau.ac.in अहम योग्‍यता है बायोलॉजी बता दें कि नर्सरी या ग्रीन हाउस मैनेजर का ताल्‍लुक एग्रीकल्‍चर से है। इसमें अपना करियर बनाना चाहते है, तो आपके पा बारहवीं में बायोलॉली विषय अवश्‍य होना चाहिए। भारत में नर्सरी और ग्रीन हाउस मैनेजर के लिए कोई डिग्री या डिप्‍लोमा निर्धारित नहीं है, लेक...

Fragrance Chemist or Perfumery Me Career Kaise Banaye

सुगंध की राह पर चलकर बनाएं भविष्‍य एक अच्‍छा परफ्यूमर वह होता है, जिसे कई तरह की चीजों को मिलाकर परफ्यूम बनाने और फ्लेवरिंग करने की जानकारी और होती है। यदि आप में खुशबू (फ्रेगरेंस) को महसूस करने की समझ है, या फिर सुगेध को लेकर उत्‍साही है, तो आपके लिए फ्रेगरेंस केमिस्‍ट या परफ्यूमर बनना एक बेहतर करियर विकल्‍प हो सकता है। यह बहुत ही रचनात्‍मक क्षेत्र है। फ्रेगरेंस केमिसट या के रूप में करियर बनाना फ्लेवर्स एंड फ्रेगरेंस जगत में चुनौतीपूर्ण व्‍यवसाय है। क्‍या है परफ्यूमरी ’परफ्यूमरी’ शब्‍द का प्रयोग परफ्यूम व्‍यापार के लिए किया जाता है, जिसमें परफ्यूम का उत्‍पाद करना, बेचना या तरह-तरह के परफ्यूम बनाने की कला शामिल होती है। एक परफ्यूमर को विभिन्‍न चीजों को मिलाकर परफ्यूम बनाने और फ्लेवरिंग करने का विशेषज्ञ माना जाता है। परफ्यूमर्स एक तरह से केमिसट होते है, जिनका मुख्‍य ध्‍यान फ्रेगरेंस का उत्‍पादन करने पर होता है। एक अच्‍छे परफ्यूमर को विविध प्रकार की सुगंधित सामग्री और उनकी सुगंध की प्रमुख जानकारी होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्‍यता परफ्यूमरी के क्षेत्र में करियर बनाने...

Naukri Me Tarakki Aur Promotion Ke Upay

बेहतर शुरूआत से बनेगी बात हर किसी का सपना होता है एक अच्‍छी नौकरी पाना। नौकरी मिल भी मिल जाए, तो सबसे ज्‍यादा जरूरी होता है, उस जॉब में बने रहकर बेहतर प्रदर्शन करते रहना। हर किसी की जिंदगी में उसकी पहली नौकारी काफी महत्‍वपूर्ण होती है। इंसान अपनी पहली नौकरी से काफी कुछ सीखता और समझता है। इसी दौरान हमें अपनी कमियों और खूबियों का पता चलता है। हालांकि अच्‍छी नौकरी पाना इतना आसान नहीं होता। यदि नौकरी मिल भी जाए, तो सबसे ज्‍यादा जरूरी होता है, उस जॉब में बने रहकर बेहतर प्रदर्शन करते रहना। पहली नौकरी के समय संस्‍थान के माहौल को समझने मे समय लगता है, इसलिए पहले संस्‍थान की कार्यशैली को समझने की कोशिश करें। एकाग्र होकर काम करें। साथ ही कौन-सा काम कब करना है और कितने समय करना है, इसका भी ध्‍यान रखें। सभी नियमों का पालन करें। व्‍यवहार को लेकर सजग रहें। सीनियर-जूनियर से अच्‍छे से पेश आएं। ड्रेस कोड का पालन करें। टाइम को लेकर पाबंद रहें। ऑफिस नही जा रहे, तो इसकी  सूचना बॉस को दें।   ऑफिस पॉलिटिक्‍स से बचें ’’पहली नौकरी में अपना ध्‍यान ऑफिस पॉलिटिक्‍स पर लगाने क...

Body ke liye aram ki jarurat kyu Hoti Hain

कभी तो ‘कुछ न करें’ दिन भर खुद को काम में उलझाए रखने से अच्‍छा है कभी-कभार कुछ न करना। इससे आप रचनात्‍मक बनते है। एक नजर और भी 46 %  भारत में कमकाजी लोग किसी न किसी प्रकार के तनाव से ग्रस्‍त है। 61 %  लोग मोबाइल पर सोशल मीडिया का इस्‍तेमाल करते है। ऑफिस हो या घर बस काम ही काम । काम से फुर्सत मिला नही कि कौन फोन, टीवी या फिर सोसल मीडिया पर लग गए। ऐ अध्‍ययन के अनुसार एक खास समय के बाद दिमाग भी आराम चाहता है। लगातार खुद को काम में व्‍यस्‍त रखने से तनाव बझने लगता है। कई तरह की बीमारियां घेरने लगती है। इनसे बचना चाहते है, तो थोडी देर ‘खाली रहकर’ देखें यानी कुछ भी न करें। ‘कुछ भी न करना’ एक कला है। कुछ लोग इसे समय की बर्बादी मानते है, लेकिन ऐसा नहीं है। इसके मानसिक रूप से कई फायदे है। व्‍यस्‍तता के इस दौर में थोडी देर खाली रहना, आपके दिमाग को शांति और सुकून देने का एक सस्‍ता और असान जरिया है। इससे आप दोबारा भरपूर ऊर्जा के साथ काम करने के लिए खुद को रीचार्ज कर पाते है। कई विदेशी कंपनियों ने वर्कप्‍लेस पर कर्मचारियों को मानसिक शांति देने के लिए ‘डिस्‍क्‍नेक्‍ट...

Psychometric Test Kya Hota Hai

Psychometric Test Kya Hota Hai? अब कंपनियां नए प्रोफेशनल्‍स के हुनर को ‘साइकोमेट्रिक टेस्‍ट’ के जरिए परखती है। इससे एंप्‍लॉयर आसानी से यह जान पाते है कि कौन है अधिक योग्‍य ?? दिमाग के साथ दिल का टेस्‍ट काम सभी करते है, पर अपने काम को संस्‍थान और खुद की तरक्‍की से जोडकर देखने का नजरिया किसी-किसी में ही होता है। आज कंपनियां हुनर के साथ-साथ ऐसे प्रोफेशनल्‍स को तरजीह दे रही है, जो नकारात्‍मक नहीं सोचते। जिनमें खुद और कंपनी को बुलंदी तक जाने का जज्‍बा हो। अब सवाल यह उठता है कि एंप्‍लॉयर कैसे पता लगाए कि उसके यहां नौकरी मांगने आया शख्‍त अपने काम हुनर को किस नजरिए से देखता है ?? ‘साइकोमेट्रिक टेस्‍ट‘ वह जरिया है, जिससे एंप्‍लॉयर अपने कर्मचारियों की योग्‍यता, उनका मानसिक स्‍तर और हुनर अच्‍छी तरह से जान सकते है। आईटी, मीडिया आदि क्षेत्रों में भी पेशेवरों को रखने से पहले साइको टेस्‍ट लेने का ट्रेंड बढता जा रहा है। साइको  टेस्‍ट  में उम्‍मीदवारों को कुछ सवालों के जवाब और तश्रवीरें देखकर सौ शब्‍दों में लिखना होता है। सिर्फ हुनर ही काफी नहींअब सिर्फ हुनर अच्‍छे ...

Relationship Therapist Me Career Kaise Banaye

भावनाओं को समझें और करियर बनाएं लोगों की भावनाओं को समझते है। टूटते रिश्‍तों को फिर से जोडने में महारथ हासिल है आपको, तो ‘रिलेशनशिप थेरेपिस्‍ट’ आपके लिए एक बेहतर करियर विकल्‍प साबित हो सकता है। यह सच है कि किसी भी रिश्‍ते को मजबूती देने में बक्‍त लगता है, लेकिन टूटने के लिए क्षण भी ही पर्याप्‍त है। रिश्‍तों के द‍रमिंया आती दूरियां रिश्‍तों का ताना-बाना बिखेर देती है। फिर चाहे रिश्‍ता पति-पत्‍नी का हो, भाई-बहन का हो या फिर सास-बहू का। आपको याद होगा कि कैसे आपको दादी-नानी रिश्‍तों में आई दरार को अपने अनुभवों से भरती रही है। भले यह बिखराव किसी के लिए अवसाद, दुख, तिाशा का कारण बने, पर किसी के लिए एक बेहतर करियर ऑप्‍शन भी हो सकता है। हैरत में पड गए ?? यह सच है। आप लोगों की भावनाओं को समझते है, रिश्‍तों को बचाने में जब आपको महारथ हासिल हो जाती है, तो आपके लिए कमाई का रास्‍ता भी खुलता है। बतौर रिलेशनशिप थेरेपिस्‍ट बनकर आप टूटते रिश्‍तों को फिर से जोडने का काम कर सकते है। जरूरत आज की रिलेशनशिप थेरेपिस्‍ट कहें, मैरिज काउंसलर या फिर कपल थेरेपिस्‍ट। नाम कई, पर काम एक है, जोडन...

Brand Management Me Career Kaise Banaye (ब्रांड मैनेजर)

कंपनी की छवी बनाते है ब्रांड मैनेजर नूडल्‍स के बारे में सोचते ही एक कंपनी का नाम दिमाग में सबसे पहले आता है। यह छवि ऐसे ही नहीं बनती है। इसके पीछे होती है कंपनी के ब्रांड मैनेजर की क्रिएटिव सोच। आंकडे बोलते है 5-10 ब्रांड मैनेजर्स की जरूरत होती है हर बडी कंपनी को मैनेजमेंट के लिए10 लाख रूपये तक हो सकती है सालाना सैलरी शुरूआत में आप चाहें, तो प्रोडक्‍ट मैनेजर या ब्रांड मैनेजर के रूप में काम कर सकते है। प्रमुख संस्‍थान इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ प्‍लांनिंग एंड मैनेजमेंट, दिल्‍ली जेवियर इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंटरप्रिन्‍योरशिप इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद, गुजरात इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट, रांची, झारखंड लग्‍जरी कनेक्‍ट बिजनेस स्‍कूल, गुरूग्रा, हरियाणाएमपी बिरला इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, बंगलुरू आप जब भी कोई प्रोडक्‍ट खरीदते है, तो उसके ब्रांड को जरूर देखते है। कई ब्रांड है, जिनका नाम ही उस उत्‍पाद की पहचान बन गया है। मार्केटिंग प्रतिद्वंदता के इस दौर में हर कंपनी अपने उत्‍पाद की ब्रांडिंग करना चाहती है। ग्राहको के मन म...