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पढाई के साथ-साथ, कमाई भी कैसे करें जानकारी In Hindi

मार्केट में स्किल्ड कोर्सेज को तरजीह दी जाने लगी है , जिसमें इंटर्नशिप से कमाई हो और कोर्स करने के बाद नौकरी भी मिल जाए ……………… पहले पढाई फिर कमाई का दौर अब नही रहा। आज का युवा पढाई के साथ-साथ कमाई भी करना चाहता है। इसके पीछे की सोच चाहे जो भी हो युवा यह समझ चुका है कि पहले वर्षों तक पढाई करना फिर नौकरी के लिए कोशिश करना समय खराब करना ही है। इस‍ीलिए वह अब इस तरह की पढाई को तवज्‍जो देने लगा है , जिसमें पढाई और कमाई साथ-साथ होती रहे। सही भी है , क्‍योकिं जहां बीटेक ,   बीसीए और एमबीए करके लोग नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे है ,   वहां आप टेक्‍नोलॉजी का सहारा लेकर अपनी मंजिल तेजी से हासिल कर सकते है। राष्‍ट्रीय- अन्‍तर्राष्‍ट्रीय कंपनियां भी इस काम में युवाओ की सहायता कर रही है।   दरअसल , कंपनियों को आज स्किल्‍ड व दक्ष युवाओं की जरूरत है। कंपनियां चाहती हैं कि उन्हें ऐसे एम्पलाई मिले , जो उनकी वर्क कल्चर और काम से भली-भांति परिचित हो। उन्हें एम्पलाई रखने के बाद काम सिखाने में समय बेकार ना करना पड़े। यही वजह है कि आज मार्केट में ऐसे स्किल्‍ड कोर्सेज को तरजीह देने द...

PartnerShip And Business Organization Class 12 Commerce Note Hindi

साझेदार (Partnership) चालू व्‍यवसाय में साझेदारो की सहमति से नये व्‍यक्ति फर्म या संस्‍था को शामिल करना नये साझेदार का प्रवेश कहलाता है । New Profit Sharing Ratio = Old Profit Sharing Ratio – New Profit Sharing Ratio Sacrifice Ratio = Old Profit Sharing Ratio – New Profit Sharing Ratio त्‍याग अनुपात वह अनुपात है जिसे पुराने साझेदार नये साझेदार को प्रदान करके फर्म में शामिल करते है। जब नया साझेदार समान दर से सभी साझेदारो से हिस्‍सा पाता है तो पुराना   लाभ हानि अनुपात तथा त्‍याग अनुपात बराबर होता है। ख्‍याति एक अदृश्‍य स्‍थायी सम्‍पत्ति है। यह सच्‍चाई ईमानदारी प्रतिष्‍ठा आदि का परिणाम होता है। ‘’ ख्‍याति एक लाभ है जो व्‍यवसाय के संबधं एवं प्रसिद्ध‍ि से उत्‍पन्‍न होती है ’’ यह कथन लार्ड लिण्‍डले का है। ख्‍याति तीन प्रकार की होती है। A - बिल्‍ली के स्‍वभाव की ख्‍याति B - कुत्‍ते के स्‍वभाव की ख्‍याति C - चूहे के स्‍वभाव की ख्‍याति Goodwill = Total Profit x Purchase Number Of The Year/ Number Of The Year Super Profit = A...

UP Board Class 11 Commerce Personal Account, Real A/c And Nominal Account Rules And Hindi Notes Of Commerce Class 11 Up Board

Commerce Class 11th Ke Notes Golden Rule Of Commerce    1. दोहरालेखा प्रणाली के जनक ल्‍यूकॉस पैसियोली है। 2. दोहरालेखा प्रणाली की खोज 1494 में इटली के वेनि‍स नगर में हुआ था। 3. ल्‍यूकॉस पैसियोली कि‍ पुस्तक का नाम “De Computiset Scripturise” है। 4. पुस्तपालन को अंग्रेजी में “Book Keeping” कहते हैं। 5. “पुस्तपालन व्यवसायि‍क तथा अन्य सौदो को मुद्रा के रूप में लिखने की कला है” स्पाइसर व वेगलर 6. पुस्तपालन काल एवं विज्ञान दोनों है। 7. पुस्तपालन का अर्थ व्यापारिक व्यवहारों को पुस्तकों में नियमानुसार लिखना है। 8. लेखाकर्म में पुस्तपालन का जांच किया जाता है। 9. जहां पुस्तपालन का अंत होता है, वहां से लेखाकर्म का प्रारंभ होता है। 10. पुस्तपालन के चार प्रणालियां है 1. रोकड़ प्रणाली 2. इकहरा लेखा प्रणाली 3. दोहरा लेखा प्रणाली 4. भारतीय बहीखाता प्रणाली 11. इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेण्‍ट्स की स्थापना 1949 में हुयी। 12. लेखाकर्म में यन्‍त्रो का प्रयोग नहीं होता है। 13. दोहरा लेखा प्रणाली का अर्थ सौदो का दो खातों में लेखा करना है। 14. डेविड(Debit) लैटिन भाषा के डेबिटम (Debitum) शब्द से ब...