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ma ke dudh ke fayde (Benefits) | maa ka doodh ke fayde | stanpan ke labh | stanpan ke fayde

शिशु के लिए माँ का दूध के फायदे (बेनेफिट्स) व लाभ के बारे मे जानकारी ? माँ का दूध बच्चे के लिए सर्वोत्तम क्यू है ?  शिशु के लिए मां का दूध माना जाता है संपूर्ण आहार। मां या शिशु में से कोई कोरोना संक्रमित है तो भी शिशु को सावधानीपूर्वक स्तनपान कराया जा सकता है.... कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हालांकि यह सुखद है कि अभी शिशु और बच्चे इसके प्रकोप से काफी हद तक सुरक्षित हैं। शिशु के लिए मां का दूध संपूर्ण आहार होता है इसलिए चिकित्सक मां को कम से 6 माह तक शिशु को स्तनपान करवाने की सलाह देते हैं। मां के दूध में प्राकृतिक रूप से ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शिशु के लिए सिर्फ आहार ही नहीं बल्कि शरीर के विकास के साथ ही रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते है। अभी तक किसी भी शोध में यह साबित नहीं हुआ है कि मां के स्तनपान कराने से शिशु में वायरस का संक्रमण हुआ हो। यदि मां कोरोना संक्रमित है तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। मां सावधानीपूर्वक अपने शिशु को स्तनपान करा सकती है। इससे शिशु को किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। अगर शिशु भी संक्रमित है ...

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मशीन लर्निंग (Machine Learning) और एई (AI) मे कैरियर कैसे बनाए? कोरोना की चुनौतियों से जूझ रहे उद्योगों की नजर इन दिनो मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर है। लॉकडाउन और उसके बाद भी वर्क फ्रॉम होम की बढ़ती अहमियत को देखते हुए उन्नत तकनीकों को अपनाने पर सबका जोर है। जाहिर है आने वाले दिनों में तेजी से उभरते इस फील्ड में अपार संभावनाएं सामने आएंगी... मशीन लर्निंगसे मिलेगी तरक्की को रफ्तार 10 टॉप डिमांडिंग जॉब्स में शुमार हैं भारत में एआइ-एमएल प्रोफाइल के जॉब। 8.50 लाख रुपये तक सैलरी ऑफर हो रही है इन प्रोफेशनल्स को। आज अगर आप सीरी, अलेक्सा या आफैसबुक फ्रेंड सजेशंस से इंसानों की तरह बात कर पा रहे हैं, तो यह मशीन लर्निंग का ही कमाल है। इस तकनीक की ही देन है कि आज की मशीनें इतनी इंटेलिजेंट हो गई हैं कि ये इंसानों की तरह खुद ही अपना काम कर ले रही हैं। इस तकनीक की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए इन दिनों सिर्फ युवा ही नहीं अन्य कामकाजी लोग भी अपनी कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए इस स्किल को सीखने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कोरोना से जंग में भी इसकी अहम भूमिका देखी जा रही है। कुछ समय पहले यूपी की ड...

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Animation Or Cartoon Career एनिमेशन/कार्टून में कैरियर कैसे बनाए? सैलरी व ऑप्शन के बारे मे जानकारी?  एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स)और गेमिंग के बढ़ते उपयोग को देखते हुए पिछले दिनों केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने अपने एक संबोधन में युवाओ से कहा किस्टार्टअप कंपनियों और युवाओं के लिए इस क्षेत्र में काम करने के लिए असीम संभावनाएं हैं। यह बात सच भी है। इन दिनों वीडियो गेमिंग, वेब सीरीज से लेकर बच्चों को रोचक तरीके से पढ़ाने के लिए इस तकनीक की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। तकनीक के जरिए अपनी क्रिएटिविटी को उड़ान देना चाहते हैं,तो इस क्षेत्र में अवसरों का लाभ उठा सकते हैं... कोरोना संकट के दौरान कई स्कूलों में बच्चों को रोचक तरीके से पढ़ाने के लिए एनिमेटेड वीडियो का इस्तेमाल देखा गया। बच्चों को यह क्रिएटिव तरीका खूब भाया। डिजिटल तरीके से खेल-खेल में पढ़ाने का यह प्रयोग काफी सराहा जा रहा है। एक अध्ययन में भी यह दावा किया गया है कि एनिमेटेड किताबें और शैक्षणिक एप बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद हैं। वैसे भी, बच्चे एनिमेटेड कार्टून बहुत पसंद करते हैं। मिकी माउस, डोनाल्ड, टॉम ऐंड जेरी,...

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मिर्गी और उपचार के बारे मे जानकारी या मिर्गी बीमारी का इलाज क्या है? मिर्गी और उसके उपचार राष्ट्रीय मिर्गी दिवस (17 नवंबर) के लिए इस वर्ष की थीम रही 'आइए मिर्गी के बारे में बात करें।' जानते हैं इस बीमारी के आधुनिक उपचार के बारे में... मिर्गी हर आयु के बच्चों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि यह एक सामान्य विकार है, जो संपूर्ण जनसंख्या के एक फीसद बच्चों में पाया जाता है। अभी भी मिर्गी के बारे में बहुत सारे मिथक बने हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप बच्चों को उचित उपचार नहीं मिल पाता है। बच्चों में मिर्गी प्रमुख रूप से एक वर्ष की आयु तथा किशोरावस्था में दिखाई देने वाली बीमारी है। बचपन में मिर्गी के दौरे विभिन्न प्रकार के होते हैं। जिसमें कुछ लक्षण न दिखाई देने वाले तथा कुछ में कंपकपाहट व सिहरन की समस्या हो सकती है। भारत में इसके होने के दो प्रमुख कारण हैं, जिनमें एक आनुवांशिक व दूसरा मस्तिष्क की चोट होता है। इस बीमारी के बारे में आज भी जागरूकता का अभाव है। इसका बुरा पहलू यह है कि आज भी इसके रोगी को लोग उपेक्षा की नजर से देखते हैं, जबकि अब तो दवाओं के साथ ही मिर्गी की सर्जरी का विकल्प...

black fungus se kaise bache | black fungus se bachne ke upay | black fungus se bachav in hindi

black fungus se kaise bacha ja sakta hai Or black fungus se bachne ke liye kya karna chahie कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के साथ फंगस से संक्रमण के मामले भी देखने को मिल रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इसके संक्रमण की समय पर पहचान और मजबूत इम्युनिटी ही है इससे बचने का आसान तरीका... कोविड-19 के संक्रमण से पूरी तरह ठीक हो चुके लोगों में गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं विकसित हो रही हैं, इनमें से म्यूकरमायकोसिस के भी मामले आ रहे हैं। अभी तक कोविड-19 का प्रकोप कम नहीं हुआ है, ऐसे में इसके गंभीर साइड इफेक्ट्स ने लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ा दिया है। यह संक्रमण उन लोगों को अधिक प्रभावित करता है, जिन्हें पहले से ही कोई स्वास्थ्य समस्या हो या जो ऐसी दवाइयों का सेवन कर रहे हों जिससे शरीर की रोगाणुओं और बीमारी से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। यह संक्रमण नाक और गले से शुरू होता है, लेकिन जल्दी ही आंखों, मस्तिष्क, फेफड़ों और फिर पूरे शरीर में फैल सकता है। अगर समय रहते इसका उपचार न हुआ तो यह मल्टीपल ऑर्गन फेलियर का कारण बन सकता है। इन दिनों ब्लैक फंगस के साथ ही व्हाइट फंगस और यलो फंग...

corona hone ke bad ke lakshan | covid ke baad ke lakshan | corona hone ke bad side effects | corona theek hone ke bad

Corona Se Thik Hone Ke Baad Side Effects Or Corona Virus Ke Baad Hone Wali Bimari  Corona Thik Hone Ke Baad Ke Lakshan   कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद लोगों को कमजोरी, सांस फूलना, पैरों में सूजन, थकान और नींद न आने की समस्या हो रही है। दो से तीन माह में ये लक्षण समाप्त हो जाते हैं लेकिन अगर इस तरह की परेशानी बनी रहे तो चिकित्सकीय परामर्श जरूर लें... कोरोना से ठीक होने के बाद भी लोगों को कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। इनमें सबसे आम है थकान, कमजोरी और नींद नहीं आना। लोगों में कोरोना संक्रमण से उबरने के दो से तीन महीने तक इस तरह की तकलीफ देखने को मिल रही है। हालांकि पहली लहर की अपेक्षा दूसरी लहर में इस तरह के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। संक्रमित होने के बाद जिन लोगों को इस तरह की परेशानी हो रही है, वे घबराएं नहीं, क्योंकि अधिसंख्य मामलों में धीरे-धीरे इस तरह की परेशानी अपने आप ही समाप्त हो जाती है। ऐसे लोगों को चाहिए कि वे पोषक आहार लें, हल्का व्यायाम और योग करें। हां, सतर्कता रखना बेहद जरूरी है। यदि कुछ भी असामान्य लगता है। चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। इसके ...

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कोरोना की जांच कैसे होगी या कोरोना की जांच कब करनी चाहिए कोविड या पोस्ट कोविड मरीजों के आंतरिक अंगों की क्या स्थिति है? सूजन या रक्त साव का खतरा तो नहीं  है? ब्लॉकेज अथवा स्ट्रोक का खतरा तो नहीं है?क्या कोविड का उपचार पा रहे मरीजों की समय रहते जरुरी जांचें कराई जार ही हैं? ऐसे कई सवाल जुड़े हैं कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की सेहत के साथ। जानें देश के बड़े अस्पतालों और विशेषज्ञों के हिसाब से क्या है जमीनी स्थिति...  कोरोना की जांच क्यू जरूरी है? अगर आप पहले से संक्रमण के दायरे मे है तो,,, इंदौर निवासी 32 वर्षीय रोहित जैन (परिवर्तित नाम) कोरोना संक्रमित पाए गए। आठ दिन अस्पताल में भर्ती रहे। अगली रिपोर्ट नेगेटिव आई। डिस्चार्ज होकर घर लौटे ही थे कि हालत फिर बिगड़ने लगी। दोबारा अस्पताल ले जाकर जांच कराई तो छाती का सीटी स्कैन कराने पर पता चला कि फेफड़े में बहुत संक्रमण है। दो दिन में उनकी मौत हो गई। ऐसे अनेक मामले सामने आ रहे हैं, जहां स्थिति का समय पर व सटीक अनुमान नहीं लगा पाने के कारण देर हो गई। समय रहते निदान और उपचार इससे बचने का एकमात्र उपाय है। भारी न पड़ जाए ला...