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Psychometric Test Kya Hota Hai

Psychometric Test Kya Hota Hai? अब कंपनियां नए प्रोफेशनल्‍स के हुनर को ‘साइकोमेट्रिक टेस्‍ट’ के जरिए परखती है। इससे एंप्‍लॉयर आसानी से यह जान पाते है कि कौन है अधिक योग्‍य ?? दिमाग के साथ दिल का टेस्‍ट काम सभी करते है, पर अपने काम को संस्‍थान और खुद की तरक्‍की से जोडकर देखने का नजरिया किसी-किसी में ही होता है। आज कंपनियां हुनर के साथ-साथ ऐसे प्रोफेशनल्‍स को तरजीह दे रही है, जो नकारात्‍मक नहीं सोचते। जिनमें खुद और कंपनी को बुलंदी तक जाने का जज्‍बा हो। अब सवाल यह उठता है कि एंप्‍लॉयर कैसे पता लगाए कि उसके यहां नौकरी मांगने आया शख्‍त अपने काम हुनर को किस नजरिए से देखता है ?? ‘साइकोमेट्रिक टेस्‍ट‘ वह जरिया है, जिससे एंप्‍लॉयर अपने कर्मचारियों की योग्‍यता, उनका मानसिक स्‍तर और हुनर अच्‍छी तरह से जान सकते है। आईटी, मीडिया आदि क्षेत्रों में भी पेशेवरों को रखने से पहले साइको टेस्‍ट लेने का ट्रेंड बढता जा रहा है। साइको  टेस्‍ट  में उम्‍मीदवारों को कुछ सवालों के जवाब और तश्रवीरें देखकर सौ शब्‍दों में लिखना होता है। सिर्फ हुनर ही काफी नहींअब सिर्फ हुनर अच्‍छे ...

Relationship Therapist Me Career Kaise Banaye

भावनाओं को समझें और करियर बनाएं लोगों की भावनाओं को समझते है। टूटते रिश्‍तों को फिर से जोडने में महारथ हासिल है आपको, तो ‘रिलेशनशिप थेरेपिस्‍ट’ आपके लिए एक बेहतर करियर विकल्‍प साबित हो सकता है। यह सच है कि किसी भी रिश्‍ते को मजबूती देने में बक्‍त लगता है, लेकिन टूटने के लिए क्षण भी ही पर्याप्‍त है। रिश्‍तों के द‍रमिंया आती दूरियां रिश्‍तों का ताना-बाना बिखेर देती है। फिर चाहे रिश्‍ता पति-पत्‍नी का हो, भाई-बहन का हो या फिर सास-बहू का। आपको याद होगा कि कैसे आपको दादी-नानी रिश्‍तों में आई दरार को अपने अनुभवों से भरती रही है। भले यह बिखराव किसी के लिए अवसाद, दुख, तिाशा का कारण बने, पर किसी के लिए एक बेहतर करियर ऑप्‍शन भी हो सकता है। हैरत में पड गए ?? यह सच है। आप लोगों की भावनाओं को समझते है, रिश्‍तों को बचाने में जब आपको महारथ हासिल हो जाती है, तो आपके लिए कमाई का रास्‍ता भी खुलता है। बतौर रिलेशनशिप थेरेपिस्‍ट बनकर आप टूटते रिश्‍तों को फिर से जोडने का काम कर सकते है। जरूरत आज की रिलेशनशिप थेरेपिस्‍ट कहें, मैरिज काउंसलर या फिर कपल थेरेपिस्‍ट। नाम कई, पर काम एक है, जोडन...

Brand Management Me Career Kaise Banaye (ब्रांड मैनेजर)

कंपनी की छवी बनाते है ब्रांड मैनेजर नूडल्‍स के बारे में सोचते ही एक कंपनी का नाम दिमाग में सबसे पहले आता है। यह छवि ऐसे ही नहीं बनती है। इसके पीछे होती है कंपनी के ब्रांड मैनेजर की क्रिएटिव सोच। आंकडे बोलते है 5-10 ब्रांड मैनेजर्स की जरूरत होती है हर बडी कंपनी को मैनेजमेंट के लिए10 लाख रूपये तक हो सकती है सालाना सैलरी शुरूआत में आप चाहें, तो प्रोडक्‍ट मैनेजर या ब्रांड मैनेजर के रूप में काम कर सकते है। प्रमुख संस्‍थान इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ प्‍लांनिंग एंड मैनेजमेंट, दिल्‍ली जेवियर इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंटरप्रिन्‍योरशिप इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद, गुजरात इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट, रांची, झारखंड लग्‍जरी कनेक्‍ट बिजनेस स्‍कूल, गुरूग्रा, हरियाणाएमपी बिरला इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, बंगलुरू आप जब भी कोई प्रोडक्‍ट खरीदते है, तो उसके ब्रांड को जरूर देखते है। कई ब्रांड है, जिनका नाम ही उस उत्‍पाद की पहचान बन गया है। मार्केटिंग प्रतिद्वंदता के इस दौर में हर कंपनी अपने उत्‍पाद की ब्रांडिंग करना चाहती है। ग्राहको के मन म...

Nomophobia Kya Hain Aur Kaise Bache (Treatment-Upchar) (Smartphone Separation Anxiety)

Nomophobia Kya Hain Aur Kaise Bache(Treatment-Upchar) (Smartphone Separation Anxiety) क्‍या आप भी है ‘नोमोफोबिया’ के शिकार ?? मोबाइल के बिना एक पल भी रहना मुश्किल हो रहा है, तो समझ लीजिए आप स्‍मार्टफोन सेपरेशन एन्‍गजाइटी के शिकार हो चुके है। कोई महत्‍वपूर्ण काम कर रहे है, तो हाथों में मोबाइल। टीवी देखते या खाना खाते समय भी हाथों में मोबाइल। यहां तक कि बाजार में, एक्‍सरसाइज करते समय या फिर दोस्‍तों के बीच भी हाथों में मोबाइल होता है। बेफिजुल फोन की स्‍क्रोलिंग। एकटक फोन के सभी आइकन्‍स की तफ्तीश । आंखों में जलन-चुभन के बावजूद एक उम्‍मीद कि कहीं फोन में कोई ऐप में ट्रिंग-ट्रिंग हो शायद !!!!! आलम यह है कि लोग एक पल भी अपने मोबाइल फोन से दूर नहीं रह पाते है। हम सभी की यही कहानी है। मानो आपका दिल फोन के डिब्‍बे में धडक रहा हो। आपकी य‍ह आदत आपको मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार कर सकती है। इससे पहले ‘स्‍मार्ट’ फोन सेपरेशन एन्‍गजाइटी’ के आप शिकार हो जाएं, संभल जाएं। According To Test  79 %  लोगों के हाथ में हर समय होता है स्‍मार्टफोन। इसमें युवाओं की संख्‍या अधिक...

Chironji Khane Ke Fayde Aur Benefits - चिरौजी खाने के फायदे

Chironji Khane Ke Fayde Aur Benefits Kya Hota Hain? चिरौजी के छोटे-छोटे बीज पोषक तत्‍वों से भरपूर होते है। इन पोषण तत्‍वों से होने वाले लाभ के बारे में बता रही है। सीनियर डाइटिशियन 1 चिरौजी में प्रोटीन की अधिकता होती है। यह डाइटरी फाइबर और कोलेस्‍ट्रॉल से युक्‍त ड्राई फ्रूट है, जो मांसपेशियों के निर्माण में सहायक होता है। 2 यह इम्‍यूनिटी लेवल बढाता है। शारीरिक कमजोरी दूर कर शारीरिक क्षमता व याद्दाश्‍त में वृद्धि‍करता है। थकान महसूस हो, तो इसका प्रतिदिन सेवन करें। 3 इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत होती है। यह शरीर में होने वाले जलन ण्‍वं सूजन आदि की समस्‍यओं को भी कम करने में सहायक है। 4 एक अध्‍ययन के अनुसार, चिरौजी के बीज रक्‍त को शुद्ध करने के लिए उपयोगी है। इससे रक्‍त परिसंचरण में सुधार होता है, खून से विषाक्‍त पदार्थ हटाता है। 5 ओआरएस के घोल में चिरौजी के तेल की कुछ बूदें मिलाकर पिएं। दस्‍त से छुटकारा मिलेगा।यह त्‍वचा से संबंधित रोगों जैसे खुजली को कम करता है। इसके साथ ही चिरौजी का तेल त्‍वचा पर होने वाले चकत्‍ते और दाग-धब्‍बों को मिटाकर त्‍वचा पर निखार व ताज...

Jane Sabhi Yoga Ke Prakar Aur Uske Bare Me Hone Wale Fayde - योगासन के सभी फायदे और प्रकार

चद्रभेदि प्राणायाम मन की उत्‍तेजना करे शांतदाई नासिका बंद कर लें। ठुड्ढी को सीने से सटाकर बाई नासिका से सांस लेकर अंतरकुंभक लगाएं। कुछ पल बादए बाई नासिका को बंद कर दाई नासिका से सांस छोडें। गर्मियों के दिनों में यह बहुत उपयोगी है। इससे थकान दूर होती है। मन की उत्‍तेजना शांत होने के साथ-साथ पित्‍त के कारण होने वाली जलन, मुंह के छाले और खट्टी डकारें भी दूर होगी। ठंड के दिनों में इस प्राणायाम का बहुत सीमित प्रयोग ही करना चाहिए। जिन लोगों को दमा और ब्‍लड प्रेशर की शिकायत है, वे इस प्राणायाम का अभ्‍यास न करें। मधुमेह मुद्रा डाइबिटीज से बचे रहने का कारगर इलाज शारीरिक रूप से सक्रिय न रहने, व्‍यायाम न करने आदि से मधुमेह होता है। इससे निजात पाने के लिए ‘मधुमेह मुद्रा’ का अभ्‍यास करे। वज्रासन में या कुर्सी पर बैठें। दोनों हाथों के अंगूठों को मुट्ठी बनाकर बंद करे। दोनो मुट्ठियों की हड्डियों के पिछले हिस्‍से को मिलाकर पहले नाभि के ऊपरी हिस्‍से पर, फिर नीचे रखकर लम्‍बी गहरी सांस लें1 फिर सांस छोडते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुके। तीसरे चरण में बाई हथेली को नाभि पर रखे और दांए हाथ को ति...

Comparison Between Healthy Food And Junk Food-हेल्दी फूड Aur फास्ट फूड

फास्‍ट फूड से करके तौबा हेल्‍दी फूड को लगांए गले दाल, चावल, रोटी और सब्‍जी की जगह पिज्‍जा, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज टेबल पर आ जाए, तो भूख दोगुनी हो जाती है। लेकिन हर रोज फास्‍ट फूड से पेट भर लेना आपकी सेहत को बिगाड भी सकता है। थाली में चावल, दाल, सब्‍जी, रोटी की जगह पिज्‍जा, बर्गर या फिर चाउनमीन आ जाए, तो पूरी थाली झट से साफ हो जाती है। फासट फूड युवाओं और बच्‍चों का फेवरेट फूड बनता जा रहा है। घर के बने पौष्टिक भोजन की बजाय जंक फूड को तवज्‍जो देना सेहत के साथ खिलवाड करना है। अधिकतर फास्‍ट फूड ट्रांस फैट्स, शुगर और सोडियम से भरपूर होते है, जो हृदय रोग, मोटापा, मधुमेह आदि को जन्‍म देते है। खासकर बच्‍चे पिज्‍जा, बर्गर के नियमित सेवन से मोटापे का शिकार हो रहे है। हेल्‍दी फूड जैसे घर का बना खाना विटामिंस, मिनरल्‍स, हेल्‍दी फैट्स और प्रोटीन का मुख्‍य स्‍त्रोत होता है, जो ऊर्जा, अच्‍छी सेहत और उम्र को बढाता है। फास्‍ट फूड निम्‍न-गुणवत्‍ता वाले कुकिंग ऑयल में बनाए जाते है, जिसमें ट्रांस फैट बहुत होता है। ट्रांस फैट इंफ्लेमेशन और आर्टेरियल कोशिकाओं के क्‍लासिफिकेशन के लिए जिम्‍मेदार होत...