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bache ko kaise sambhale | Chhote Bachcho Ko sambhalna | bache ko sambhale Tarike Ke Bare Mein

 छोटे बच्चे को संभालना, उसका ध्यान रखना, समय पर दूध पिलाना हर मां के लिए काफी थका देने वाला होता है। लेकिन कुछ एप्स की मदद से आप इन कार्यों को आसान बना सकती हैं। bache ki sambhalna बच्चे संभालना मां बनना एक ऐसा अहसास है, जिसे जीना हर महिला के लिए किसी सपने की तरह है। अपने बच्चे के लिए एक मां कई प्रकार के संघर्ष करती है और बच्चे के जन्म के शुरुआती दिनों में यह संघर्ष और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि इस समय बच्चे के साथ मां को खुद की भी देखभाल करनी होती है। लेकिन कुछ एप्स और गैजेट्स की मदद से आपकी यह परेशानी काफी हद तक दूर हो सकती है। मिल्क मेड आप जब भी अपने बच्चे को दूध पिलाती हैं, तो यह एप उसकी गिनती करता है कि एक हफ्ते या एक दिन में शिशु ने कितनी मात्रा में दूध पिया। इसके अलावा, इससे यह भी पता लगता है कि बोतल में दूध कब भरा गया था, ताकि अगर दूध खराब हो गया है, तो इसका पता चल सके। इसे आईओएस डिवाइस पर डाउनलोड किया जा सकता है। इसकी कीमत लगभग 249 रुपये है। क्लाउड बेबी मॉनिटरिंग किसी भी एप्पल डिवाइस के लिए आपको बेबी मॉनीटर एप मिल जाएगा। इस एप के जरिए आपको लाइव साउंड, वीडियो फुटेज और अलर्ट ...

spinal surgery in hindi

 ओपेन सर्जरी के मुकाबले अधिक कारगर है सेफ स्पाइनल सर्जरी। इसमें समय लगता है कम और नहीं रहना पड़ता है बेड रेस्ट पर... spinal surgery spinal surgery cost spinal surgery cost in india spinal surgery in hindi spinal surgery definition ठंड का मौसम आते ही चिकित्सकों के पास गर्दन या कमर दर्द की समस्या से जूझ रहे मरीजों की संख्या बढ़ने लगती है। इन मरीजों को दवाइयों और व्यायाम से कुछ राहत तो मिल जाती है, लेकिन पूरी तरह आराम मिल जाए, यह संभावना कम ही रहती है। लंबे समय तक दर्द के प्रति लापरवाही और अनियमित जीवनशैली लोगों को अर्थराइटिस की समस्या का शिकार बना रही है। तकनीकी संसाधनों के प्रयोग और लंबे समय तक काम करने की आदत ने स्पाइनल अर्थराइटिस को गंभीर समस्या बना दिया है, लेकिन प्रचलित मान्यताओं के विपरीत यह बीमारी लाइलाज नहीं है। ट्रिपल एस (सेफ स्पाइनल सर्जरी) तकनीक ऐसे मरीजों को राहत दे रही है। क्या है ट्रिपल एस तकनीक : रोगियों में इस स्पाइनल सर्जरी को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं। लोग यह मान बैठते हैं कि स्पाइनल सर्जरी बेहद जटिल होती है और इसमें सफलता भी बेहद कम मिलती है। जबकि चिकित्सा विज्...

nakaratmak soch ka nuskan

 नकारात्मक सोच का नुकसान कहीं आपको यह तो नहीं लगता कि घर में सब आपको नजरअंदाज कर रहे हैं या आपके काम की कोई प्रशंसा नहीं कर रहा है, तो आप नकारात्मक सोच की ओर जा रही हैं। हमारे आसपास हजारों तरह के रिश्ते बुने होते हैं। घर में माता-पिता, भाई-बहन जैसे अनमोल रिश्ते तो बाहर की दुनिया में दोस्तों व सखी- सहेलियों के रूप में। और विवाह के बाद किसी की भाभी, मामी, चाची और बहू के रूप में। रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए, कई तरह के प्रयास करने पड़ते हैं। हमारे यह प्रयास इस बात पर निर्भर करते हैं कि उनके प्रति हमारी सोच कैसी है? कई बार छोटी-छोटी बातों की वजह से लड़ाई-झगड़े होने लगते हैं और रिश्ते में दरारें पड़ जाती है। इन रिश्तों को खुशमिजाज और मजबूत बनाए रखने के लिए अगर हम उनके प्रति सकारात्मक भावना रखेंगे, तो हम उनकी हर बात को सकारात्मक तरीके से ही सोचेंगे या अपनाएंगे। पर अगर हमारी सोच में नकारात्मकता आ जाए तो उनकी सही बात भी हमें गलत लगेगी। इससे हमारे रिश्ते खराब होंगे और आपस में दूरियां बनेंगी। असल में नकारात्मकता का भाव जो हमारे अंदर उत्पन्न होता है, वह हमारी सोच को नेगेटिव कर देता है। आइ...

jod dard ka tel | jodo ka dard oil | joint pain ointment | joint pain (Jod Dard) ki dawa

जोड़ों का दर्द की दवा या जोड़ों के दर्द तेल जोड़ों के दर्द से आपको दवाओं से कुछ दिनों के लिए आराम मिल सकता है, लेकिन दवा का प्रभाव खत्म होते ही आपको दोबारा दर्द का सामना करना पड़ेगा। पर 'अरोमा ऑयल्स' के जरिए आपको इससे लंबे समय के लिए फायदा मिल सकता है। इन तेलों का उचित प्रकार से प्रयोग करें। जोड़ों के दर्द में अरोमाथेरेपी फायदेमंद होती है। इन प्राकृतिक तेलों की खुशबू का प्रभाव सीधे हमारे मस्तिष्क पर पड़ता है, जिससे दर्द में राहत मिलती है। यह प्रभावित हिस्से के रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं और सूजन कम करते हैं। कायेन पेपर ऑयल: इसकी कुछ बूंदों को नारियल तेल के साथ मिलाएं। तेल का प्रयोग दिन में दो से तीन बार करें। दो से तीन हफ्ते लगातार इस्तेमाल से फायदा होगा। लेमनग्रास ऑयलः राहत पाने के लिए इस ऑयल को अलग-अलग तरीकों से प्रयोग किया जा सकता है। इसके लिए पानी को उबालकर उसमें कुछ बूंदें लेमनग्रास तेल की डालें और प्रभावित हिस्से में भाप लें। इससे आपको काफी राहत मिलेगी। लोबान तेलः इस तेल को ऑलिव ऑयल के साथ मिलाकर सूजन वाले हिस्से में लगाएं। इससे सूजन कम होगी। पिपरमेंट ऑयलः तेल की पांच स...

keshar ki kheti | keshar itna mahanga kyu hai

 केसर की खेती ya केसर इतना महंगा क्यों है कश्मीर की खुशनुमा वादियों में केसर की खुशबू न सिर्फ फिजाओं में बिखरी हुई है, बल्कि इससे कितने ही घरों के चूल्हे भी जलते रहे हैं। करीब दो हजार साल से भी ज्यादा पुरानी केसर की खेती यहां आज भी उसी पारंपरिक तरीके से अंजाम दी जाती है। शायद यही वजह है कि विश्व में सबसे उम्दा किस्म का केसर उगाने का सेहरा कश्मीर के ही सिर है। हालांकि यह काम मशक्कत भरा है। करीब एक पाउंड (लगभग 454 ग्राम) केसर के लिए करीब 75 हजार फूलों को चुनना पड़ता है। केसर के जामुनी रंग के फूलों के बीच लाल रंग के रेशे से उम्दा किस्म का केसर निकलता है। इन फूलों को एक सप्ताह तक सूरज की रोशनी में सुखाकर डिब्बों में बंद कर दिया जाता है। एक किलो केसर की कीमत करीब एक से तीन लाख रुपये तक होती है। इसलिए इसे 'लाल सोना' भी कहा जाता है। भारत के अलावा यह ईरान, पाकिस्तान, स्पेन में भी उगाया जाता है। वहीं तजुर्बे के तौर पर अब इसकी किस्में उत्तराखंड के उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ जैसे क्षेत्रों में भी बोई जा रही हैं। इसका बीज करीब 10 से 15 वर्षों तक जीवित रहता है। कश्मीर की पारंपरिक केसर वाली चाय हो...

paryavaran ko surakshit kaise rakhe | paryavaran surakshit rakhne ke upay

पर्यावरण सुरक्षित रखने के उपाय ya  पर्यावरण को सुरक्षित कैसे रखें अक्सर हम बेवजह घर में लाइट जलाए रखते हैं। आप अपने बच्चों को लाइट के इस्तेमाल से संबंधी बातें जरूर बताएं। बच्चों को पानी का महत्व भी समझाएं। स्वस्थ जीवन के लिए पर्यावरण का साफ और स्वच्छ होना बहुत जरूरी है और यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखें। अगर बचपन से ही बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाए, तो इससे उनमें प्रकृति के प्रति लगाव पैदा होगा। चाहे वह साफ-सफाई हो या खाद्य स्रोतों का संरक्षण। इन सबके बारे में बच्चों को जरूर बताएं। इससे न केवल पर्यावरण के प्रति वे जागरूक होंगे, बल्कि भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक भी बनेंगे। प्रकाश पर बात ऊर्जा का संरक्षण सबसे जरूरी है, लेकिन हम इस ओर ध्यान नहीं देते। अक्सर हम वेबजह घर में लाइट जलाए रखते हैं। इसलिए आप बच्चों को लाइट के इस्तेमाल से संबंधी बातें जरूर बताएं। इसके अलावा पुराने बल्ब के स्थान पर ऊर्जा की बचत करने वाली एलइडी लाइट के बारे में जानकारी दें। बूंद-बूंद है जरूरी बच्चों को पानी के महत्व के बारे में जरूर बताएं। उन्हें यह भी बताएं कि कैसे बेव...

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kisi bhi file ko share kaise kare फाइलशेयरिंग को ऐसे बनाएं आसान भारत में कईटेलिकॉम ऑपरेटरद्वारा वीट्रांसफरफाइलशेयरिंगप्लेटफॉर्म को ब्लॉक करदिया गया है। यूजरइस पॉपुलरफाइल ट्रांसफर सर्विस को रिलायंस जियो, एसीटी फाइबरनेट, वोडाफोन-आइडियापरएक्सेस नहीं करपा रहे हैं ।वेब परबड़ीफाइलशेयर करने के लिहाज से यहयूजफुल रहा है। इसके फ्रीवर्जन में यूजर2जीबी तक कीफाइल को अपलोड कर सकते हैं, वहीं प्रीमियमवर्जन में 20जीबीफाइल-फोल्डरशेयर करने के साथ ।टीबीतक स्टोरेज की सुविधा मिलती है ।लेकिन अब आपफ्री में फाइलट्रांसफर वाले अन्य विकल्प की तलाशकररहे हैं, तो इन्हें भी ट्राई किया जा सकता है... सेंड एनीवेयर फाइल ट्रांसफर के लिए यह यूजफुल सर्विस है। चाहें कितनी भी बड़ी फाइल क्यों न हो, उसे आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है। यहां पर फाइल साइज की कोई लिमिट नहीं है यानी आप इमेज, वीडियोज, ऑडियो और डॉक्यूमेंट्स आसानी से शेयर कर पाएंगे। यह इस्तेमाल करने में भी आसान है। फाइल ट्रांसफर के लिए यूजर को इसमें तीन ऑप्शंस मिलते हैं-डायरेक्ट, लिंक और ईमेल।हालांकि इसके लिए यहां पर आपको सबसे पहले साइनइन करना होगा। यह फ्री है, इस व...