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Saf Safai Kyu Jaruri Hai | Saf Safai Kyu Rakhani Chahiye | Saf Safai Ka Tarika

Saf Safai Ke Bare Me Ya Saf Safai Rakhne Ke Fayde गर्मियों के मौसम में साफ-सफाई की ओर ज्यादा ध्यान देना जरूरी होता है, क्योंकि इस मौसम में बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। इसलिए घर को साफ रखें और स्वस्थ रहें। सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ खानपान ही अच्छा नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके साथ शरीर और आस-पास की साफ सफाई रखना भी बहुत जरूरी हैं। अगर आपके आस-पास का वातावरण और रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली चीजें गंदी हैं, तो आप बीमार पड़ सकती हैं। गर्मियों के मौसम में साफ-सफाई की ओर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है क्योंकि इस मौसम में बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। समय-समय पर पंखे को साफ करें। गंदा पंखा देखने में तो बहुत बुरा लगता ही है, साथ ही इसमें जमी धूल-मिट्टी उड़कर खाने में भी पड़ सकती है। इसे साफ करने के लिए तकिये के पुराने कवर का इस्तेमाल करें। पंखे की ब्लेड को तकिये के कवर के अंदर डालकर अच्छे से रगड़कर साफ करें और सारी गंदगी को कवर के अंदर ही झाड़ दें। इससे ब्लेड भी साफ हो जाएगा और घर में गंदगी भी नहीं फैलेगी। गर्मी के मौसम में फ्रिज का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है, ऐसे में तरह-तरह की चीजें...

delivery k baad 40 din tak kin-kin bato ka dhyan rakhe | prasav ke baad ki dekhbhal | prasav ke baad savdhani

डिलीवरी के बाद देखभाल डिलीवरी के बाद अपना ध्यान कैसे रखें या डिलीवरी के बाद अपना ख्याल कैसे रखें? हर महिला की स्वाभाविक इच्छा होती है मां बनने की, लेकिन यह उसके लिए दूसरा जन्म लेने जैसा होता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि प्रसव के बाद शुरुआती 40 दिन किन-किन बातों का ध्यान रखा जाए? प्रसव के बाद मां को अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। सिजेरियन हो या नॉर्मल डिलीवरी, दोनों में मा जितनी एक्टिव रहें, उतना अच्छा रहेगा। सिजेरियन वाली मा को बस इतना परहेज करना है कि वह कोई भी भारी सामान न उठाए। प्रसव के बाद एक्टिव रहने से आप प्रेगनेंसी के दौरान बढ़े हुए वजन को कम कर सकती हैं। इसलिए 10 या 15 दिन बाद आप अपने बच्चे को लेकर वॉक कर सकती हैं। दूसरी बात यह कि आप बेबी को अपने पास ही सुलाएं, ताकि जब बच्चा रोए तो आपको बार- बार उठना न पड़े और आप उसको ब्रेस्ट फीडिंग करा सकें। कोशिश करें कि जब बच्चा सो रहा हो, तभी आप भी नींद पूरी करने की कोशिश करें। नींद पूरी होना भी जरूरी है। खान-पान का भी विशेष ध्यान रखें। आपको प्रसव के बाद अपने खान-पान में 500 कैलोरी ज्यादा लेनी होती है। दलिया और केला अपने खाने में शामिल कर स...

gunguna pani peene se kya fayda, kya labh hota hai | gunguna pani peene se kya fayda hota hai

गुनगुना पानी पीने से क्या फायदे हैं या गुनगुना पानी पीने से क्या लाभ होता है, गुनगुना पानी पीने के फायदे बताएं अगर गुनगुना पानी पीने को आदत में शुमार कर लिया जाए तो सेहत की कई समस्याएं ठीक हो सकती हैं। gunguna pani kab pina chahiye पानी में ठंडे, गर्म, कुएं का पानी और तलाब का पानी, सब में गुण-दोषों के कारण अंतर है। यहां हम केवल गुनगुने  पानी के लाभ-हानि की बात करेंगे। गुनगुना पानी किसी मौसम विशेष का मोहताज नहीं है। किसी भी मौसम में  पिया जा सकता है, जो आपकी आदत पर निर्भर करता है। गुनगुने पानी का सेवन करने से पाचन और शौच की  समस्या दूर हो सकती है। खाना पचाने में पानी का सहयोग होता है, तब ही खाना पचेगा। खाना नहीं पचेगा तो पखाना (टॉयलेट) सही नहीं होगा। आजकल के नवयुवक-युवतियों ने खाना खाते समय एक निवाला खाना, एक चूंट पानी लेना फैशन में मिला रखा है। चल रहे हैं, हाथ में खाद्य वस्तु है, साथ शीतल पेय भी ले रहे हैं। तो उनका पाचन और पखाना कभी सही होगा ही नहीं। गुनगुने पानी के सेवन से गैस की समस्या हल होती है। वजन बढ़ने की समस्या पर रोक लगती है। सर्दी, जुकाम और खांसी में भी गुनगुना ...

alkaline diet plan in hindi | alkaline diet ke fayde | alkaline Diet Plan Chart in hindi

एल्कलाइन डाइट प्लान चार्ट एल्कलाइन डाइट एंटी एजिंग में लाभदायक होती है। इसके साथ ही यह आर्थराइटिस, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, किडनी रोग और स्ट्रोक की समस्याओं में फायदेमंद है। alkaline diet kya hai? आजकल की बदलती जीवनशैली के कारण लोग अपने खानपान पर ध्यान नहीं दे पाते हैं, जिस कारण उन्हें स्वास्थ से जुड़ी कई प्रकार की परेशानियां होती हैं। ऐसे में बेहतर आहार नहीं लेने से शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की भी कमी हो जाती है। इससे बचने के लिए एल्कलाइन डाइट को अपने भोजन में शामिल कर आप कई बीमारियों से बच सकती हैं स्पेशिलिटी हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन कंसल्टेंट नूट्रिशनिस्ट कहती हैं कि शरीर में क्षारीय और अम्लीय तत्वों में संतुलन बनाए रखने के लिए पीएच रेट बेहद महत्वपूर्ण होता है। मनुष्य के शरीर का पीएच रेट 7.35 से 7.45 के बीच रहना चाहिए। असामान्य पीएच रेट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर बुरा असर डालता है, जो कई रोगों को जन्म देता है। पीएच रेट को संतुलित करने के लिए आप एल्कलाइन डाइट को अपने भोजन में शामिल कर सकती हैं। यह ब्लड के पीएच रेट को प्रभावित कर रोगों से बचाव एवं इलाज में सहायक होती है।...

Garbhvati Mahila Ki Dekhbhal Kaise Kare | pregnancy mein dekhbhal kaise kare | pregnant lady ki dekhbhal

गर्मी के मौसम में गर्भवती महिला की देखभाल कैसे करें या प्रेग्नेंसी में देखभाल कैसे करे  इस मौसम में गर्भवती महिला के लिए कम पानी पीना अधिक घातक हो सकता है, इसलिए पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं, साथ ही जूस आदि का भी सेवन करें। धूप में बाहर निकलने से भी बचें। तेज धूप, पसीना और चिपचिपी गर्मी का सामना करना थोड़ा कठिन होता है और इस मौसम में अगर आप गर्भावस्था से गुजर रही हैं, तो यह मौसम आपके लिए और कठिन हो जाता है। ऐसे में गर्मियों के इस मौसम में अपनी और अपने होने वाले बच्चे की सुरक्षा के लिए आपको कुछ चीजों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। हमेशा हाइड्रेटेड रहें यदि आप गर्भवती हैं, तो गर्मी के महीनों में सामान्य से अधिक पानी पीना जरूरी है। पानी का भरपूर सेवन करें।रोज गिलास से अधिक पानी पिएं। इस अवस्था में फलों के रस और स्मूदी, आपको सेहतमंद बनाने के साथ-साथ आपको तरोताजा रखने में मदद करेंगे। आप नाश्ते में फलों सेवन करें, नींबू पानी और संतरे व अंगूर का जूस भी पी सकती हैं। आडू, तरबूज और स्ट्रॉबेरी जैसे मौसमी फलों का लाभ उठाएं। हल्के कपड़े और उचित जूते पहनें सूती और लिनन जैसे हल्के क...

brain stroke ke karan, lakshan(Symptoms) in hindi | brain stroke ke bare me jankari

ब्रेन स्ट्रोक के घरेलू उपाय या स्ट्रोक रोकने, स्ट्रोक से बचने के उपाय स्ट्रोक का एक बहुत बड़ा कारण तनाव यानी स्ट्रेस ही है। आवाज में लड़खड़ाहट, एक तरफ मुह टेढ़ा हो जाना, हाथ या पैर में आकस्मिक कमजोरी आदि स्ट्रोक पड़ने के लक्षण है। तनाव भरी जिंदगी में अन्य बीमारियों की तरह लकवा भी आम इंसान को अपनी गिरफ्त में ले लेता है। डॉक्टरों के अनुसार, जब हमारे मस्तिष्क के किसी हिस्से में खून ठीक से नहीं पहुंचता, चाहे उसका कारण कुछ भी हो, तो उस हिस्से की सूक्ष्म कोशिकाएं मृत हो जाती हैं। इन कोशिकाओं के काम बंद करने से शरीर का एक हिस्सा लकवे का शिकार हो जाता है। स्ट्रोक से दिमाग को होने वाले नुकसान की भरपाई यानी मृत ब्रेन सेल्स को दोबारा जीवित करना तो असंभव है। हालांकि, यदि इसका समय रहते इलाज किया जाए तो नर्व सेल्स के मृत होने की प्रक्रिया पर काफी हद तक काबू जरूर पाया जा सकता है। लकवे के इलाज के बारे में कम जानकारी के कारण लोग बहुत तरह के असामान्य या अवैज्ञानिक तरीकों से इलाज करने लगते हैं। यह ठीक नहीं है। सवाल सही समय पर सही इलाज का है.... ब्लड प्रेशर और तनाव की वजह से कइयों को इसका अटैक पड़ता है। "...

Mahilao ke liye neend kyu jaruri hai | Nind Kitane Ghante Jaruri Hai | nind kitni jaruri h

 महिलाओं के लिए नींद कितना जरूरी हैं या महिलाओं के लिए कितने घंटे की नींद जरूरी है जब बात उनकी आती है, तो हम समझते हैं कि वे पूरा दिन घर पर आराम ही तो करती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। शोध कहते हैं कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं का दिमाग ज्यादा कसरत करता है, जिससे उनकी नींद पर भी असर पड़ता है। जरूरी है कि उनकी नींद भी पूरी हो, क्योंकि जब नींद पूरी होगी, तभी तो वो भी सपने देखेंगी। यह एक मिथ है कि गृहणियां कुछ काम नहीं करतीं। वे मिनी मैनेजर की तरह होती हैं,जो घर के फाइनेंस, गेस्ट, राशन के साथ-साथ घर के लोगों को भी मैनेज करती हैं। लेकिन इन्हीं कामों में व्यस्तता के कारण ही उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती।   क्यों जरूरी है महिलाओं के लिए ज्यादा नींद महिलाओं में नींद की कमी की समस्या ज्यादा बड़ी और गंभीर है। महिलाओं की शारीरिक, भावनात्मक और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पुरुषों से बिल्कुल अलग होती हैं। महिलाएं चाहे वे कामकाजी हों या हाउसफाइफ, मल्टीटास्क करती हैं। ऐसे में जाहिर है कि महिलाओं के शरीर को भी ज्यादा आराम की जरूरत होती है, जो नींद से पूरा होता है। मेडिकल रिसर्च से भी यह साबित हो चुका...