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Silk Sadiyo Ka Dekhbhal Kaise Kare Ya Reshami Sadiyo Ki Dekhbhal Karane Ka Tarika

सिल्क साड़ियां या रेशमी साड़ियों की देखभाल करने की तरीका विधि  खूबसूरती अपनी जगह है। सिल्क की साड़ियां फैशन में सदाबहार बनी रहती हैं, तो इसकी एक वजह यह भी है कि ये साड़ियां महंगी होती हैं। लेकिन इन साड़ियों का ठीक से ख्याल न रखा जाए, तो इनकी रंगत फीकी पड़ जाती है। त्योहार हो या शादी, ड्रेस अप होने के लिए हर भारतीय महिला की पहली पसंद सिल्क की साड़ी ही होती है। साड़ी में महिलाओं की खूबसूरती निखरकर सामने आती हैं। यही कारण है कि ढेरों साड़ियां होने पर भी महिलाएं ट्रेंड के हिसाब से इन्हें खरीदती रहती हैं ताकि उनके वार्डरोब में एक से बढ़कर एक कलेक्शन शामिल हो सके। अगर इनकी सही देखभाल और रख-रखाव न किया जाए तो सिल्क, चंदेरी और बनारसी आदि महंगे फैब्रिक खराब होने का डर रहता है। सिल्क को सुरक्षित रखने के लिए उसे हमेशा मलमल के कपड़े में या फिर सूती कपड़े में लपेटकर रखें, साथ ही इनमें नमी की महक न आए, इसके लिए साड़ियों को थोड़ी देर के लिए धूप जरूर दिखाएं। सिल्क का मूल रंग बेज होता है, इसलिए उसको रंगीन बनाने के लिए उनपर रंग चढ़ाए जाते हैं, इसलिए इनके रंगों खासतौर पर नीले, मरून और हरे रंगों की चमक ...

bache bistar gila kyun karte hain | bache bistar gila kare to kya kare

बच्चे बिस्तर गीला करे तो क्या करें, या बच्चे बिस्तर गीला ना करे घरेलू उपाय? बच्चे की उम्र बढ़ने के बाद भी रात्रि में बिस्तर गीला हो जाए, तो माता-पिता के लिए यह चिंता का विषय हो जाता है... बचपन में अक्सर शिशु बिस्तर पर सूसू करते हैं। आमतौर पर पांच से छह वर्ष की उम्र तक आते-आते वे बिस्तर गीला करना बंद भी कर देते हैं। कई बार बच्चों का बिस्तर गीला करना चिंता का विषय बन जाता है, जब वे छह- सात वर्ष की आयु के बाद भी ऐसा करते हैं। शोध बताते हैं कि पांच साल से ज्यादा आयु के करीब 20 फीसदी बच्चे नींद में पेशाब करने की बीमारी से ग्रसित होते हैं। 10 साल से ज्यादा आयु के पांच फीसदी और 18 वर्ष से ज्यादा आयु के एक से दो फीसदी बच्चे बेड वेटिंग, यानी बिस्तर गीला करते हैं। अपने देश में 5 से 12 साल की आयु के लगभग 7.61-16.3 प्रतिशत बच्चे नींद में पेशाब करने से पीड़ित हैं। यह समस्या लड़किय के मुकाबले लड़कों में अधिक पाई जाती है। बेड वेटिंग है क्या? वस्तुतः विस्तर गीला करने की समस्या को दो वर्गों में बांटा जा सकता है- प्राइमरी बेड वैटिंग और सेकेंड्री बेड वेटिंग। प्राइमरी बेड वेटिंग में बच्चा शिशुपन से 5 वर्ष...

Mahilaye bachat kaise kare ya mahilaye bachat kaise karati hai tarika

महिलाएं बचत कैसे करें या महिलाओं के लिए बचत करने की तरक़ीब। घर है तो खर्चे भी है। कभी सही तो, कई बार गलत। जिंदगी ऐसे ही चलती है,कुछ आप जोडती है, तो कुछ काम आ जाते है। शादी के बाद कई भारतीय महिलाओं को करियर और वित्त से संबंधित विकल्पों का बलिदान करना पड़ता है। इससे एक बड़े संक्रमण से महिलाओं की वित्तीय स्थिरता पर असर पड़ सकता है। एक तरफ जो महिलाएं अब तक आर्थिक रूप से स्वतंत्र थीं, अब उन्हें एक तरह की निर्भरता की भावना से जूझना पड़ता है, साथ ही जो महिलाएं अपने पति पर पूरी तरह से निर्भर हैं, उन्हें अपने निर्णय खुद लेने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है। महिलाएं अपने फैसले लेने में खुद सक्षम होती हैं, लेकिन यह भी सच है कि कई महिलाओं को वित्त संबंधित मामले संभालने के दौरान पुरुषों की तुलना में कम आत्मविश्वास महसूस होता है। महिलाओं को कई बदलती स्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिनके लिए ज्यादातर वे तैयार नहीं होतीं। एक कामकाजी महिला के रूप में एक अलग जीवन परिदृश्य के लिए पहले से योजना बनानी चाहिए। हो सकता है कि आपको विवाह के बाद स्थानांतरण करना पड़े, एक परिवार शुरू करें, कुछ समय के लिए अपने क...

tamba dhatu ke fayde ya tamba dhatu(Copper Metal) ke gun

tamba dhatu ke fayde, तांबा धातु के फायदे, tamba dhatu ke gun तांबा धातु के फायदे या तांबा(कापर) के गुण के बारे में बढ़ता प्रदूषण हो या बदलती दिनचर्या यह हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है, लेकिन कॉपर के इस्तेमाल से बीमारियों से बचा जा सकता है। तांबा यानी कॉपर के बर्तन में रखा पानी सीधे तौर पर आपके शरीर में कॉपर की कमी को पूरा करता है और बीमारी पैदा करने वाले जीवाणुओं से आपकी रक्षा कर आपको पूरी तरह से स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है। 1. एनीमिया की समस्या होने पर तांबे के बर्तन में रखा पानी काफी लाभदायक होता है। यह भोज्य पदार्थों से आयरन को आसानी से सोख लेता है। जो एनीमिया से निपटने के लिए बेहद जरूरी है। 2. तांबे के बर्तन में रखा पानी पूरी तरह से शुद्ध माना जाता है। यह सभी प्रकार के बैक्टीरिया को खत्म कर देता है, जो डायरिया, पीलिया, डिसेंट्री और अन्य प्रकार की बीमारियों को पैदा करते हैं। 3. तांबे में भरपूर मात्रा में मौजूद मिनरल्स थॉयराइड की समस्या को दूर करने में सहायक होते हैं। 4. तांबे में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होने के कारण शरीर में दर्द, ऐंठन और सूजन की समस्या नहीं होती। ऑर...

sun cream lagane ke fayde | sun cream ke baare mein jankari

  sun cream ke bare mein, sun cream ke bare mein bataiye, sun cream ke bare mein batao, sun cream ke baare mein jankari, sun cream ke fayde त्वचा के लिए कौन सा सनस्क्रिन का इस्तेमाल करे या sunscream के फायदे व सनस्क्रिन के बारे में जानकरी इस चिलचिलाती धूप में अपनी त्वचा को बचाने के लिए आप कई प्रकार की सन क्रीम का इस्तेमाल करती होंगी। लेकिन क्या आपको पता है कि आपके लिए कौन सी क्रीम   या सन क्रीम बेहतर है। गर्मियों में घर से बाहर निकलने से पहले त्वचा पर सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बाहर धूप है या छांव या बादल। इस मौसम में त्वचा को नुकसान से बचाने के लिए सनस्क्रीन लगाना ही चाहिए। एस्टाबेरी के स्किन केयर एक्सपर्ट व डायरेक्टर बताते हैं कि सनस्क्रीन लगाना स्किन केयर रूटीन के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है। सनस्क्रीन, लोशन, जेल और स्टिक जैसे कई प्रकार के स्पेक्ट्रम के रूप में आती हैं। ऐसे में कई बार सनस्क्रीन खरीदते समय समझ नहीं आता कि कौन-सी सनस्क्रीन खरीदनी चाहिए। 1 -सनस्क्रीन जितनी ताजी होगी, उतनी ही प्रभावकारी होगी। सनस्क्रीन में मौजूद तत्व ...

parde lagane ka tarika | parde lagane ka sahi tarika | parde lagane ki vidhi

  parde lagane ka tarika, parde lagane ka sahi tarika, parde lagane ki vidhi पर्दे लगाने का तरीका या पर्दे लगाने के तरीके या पर्दे लगाने की विधि कमरे की दीवारों में पेंट के साथ साथ मैचिंग के लिए परदो के रंगों में खासा बदलाव आया है। आखिर क्या है दीवारो और परदों की मैचिंग का गणित। ट्रेंडी कलर्स,जो चलन में हैं -यदि दीवारों का रंग पीला है तो सफेद या ग्रे परदों का प्रयोग करना अच्छा रहेगा, क्योंकि वे सिर्फ पीले रंग के साथ ही काफी ब्राइट लगते हैं। -यदि दीवारों का रंग गोल्डन या फिर डार्क वूडन है तो आप मरून कलर के परदे इस्तेमाल करें। यह एक परफेक्ट कॉम्बो है और डाउन-टू-अर्थ लुक भी प्रदान करने में आपकी मदद करता है। मरून के आलावा आप लाइट पिंक कलर के परदे भी चुन सकती हैं, जो आपको काफी कूल और मॉडर्न लुक देंगे। -लाइट ब्लू वॉल के साथ बेबी पिक और साटन परदों का कॉम्बो अच्छा होता है। -टैन और क्रीम कलर के परदे लेमन ग्रीन वॉल के साथ बेहद शानदार लगते हैं। आप चाहें तो यलो परदे भी इस्तेमाल कर सकती हैं। ये आपको एकदम फ्रेश फील देंगे। क्या आप सुंदर परदे खरीदने की योजना बना रही है। लेकिन आप कम्यूजन में। आप अच...

shakahari bhojan se labh | shakahari bhojan ke fayde | shakahari bhojan uttam swasthya

  shakahari bhojan se labh, shakahari bhojan ke fayde, shakahari bhojan uttam swasthya शाकाहारी भोजन का महत्व या शाकाहारी भोजन का लाभ, शाकाहारी भोजन से कैसे वजन कम करें। करोड़ों का बाजार है। ढेरों सलाह हैं। वजन कम करना क्या इतनी बड़ी समस्या है? स्वस्थ रहने के लिए हम इतने तनाव में क्यों रहते हैं? शाकाहार के बारे में आपकी क्या राय है? बढ़ते वजन को कम करने में शाकाहारी आहार अहम भूमिका निभाता है। अगर आपकी डाइट में एक संतुलित शाकाहारी भोजन शामिल हो, तो वजन को बेहतर तरीके से घटाया जा सकता है। कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल की आहार विशेषज्ञ भावना शर्मा कहती हैं कि शाकाहारी भोजन न केवल वजन घटाने के लिए बल्कि टाइप-2 मधुमेह को रोकने के लिए भी काफी कारगर है। शाकाहारी आहार वसा को अधिक प्रभावी ढंग से कम करता है। इससे मेटाबॉलिज्म भी अच्छा होता है। कोई भी डाइट प्लान अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह जरूर लें, ताकि आपकी जरूरतों और स्वास्थ्य की स्थिति के हिसाब से डाइट प्लान बनाया जा सके। इसमें एलर्जी और अन्य किसी तरह की स्वास्थ्य सबंधी समस्याएं हैं, तो उनको भी ध्यान में रखा जाए। शोध कहता है ...