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junk food khane se kya hota hai | junk food khane se kya kya nuksan hota hai

जंक फूड खाने से क्या नुकसान होता है या जंक फूड से होने वाले नुकसान और दुष्परिणाम के बारे में जानकरी हिंदी में जो लोग जंक फूड खाते है, उनके डिप्रेशन में जाने का खतरा संतुलित आहार लेने वाले लोगो की तुलना में 60 प्रतिशत अधिक होता है। इससे आपकी याददाश्त भी जा सकती है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बच्चों की सेहत को लेकर फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड ऑथोरिटी ऑफ इंडिया का गठन किया था। रिपोर्ट में पाया कि स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का स्वास्थ्य खराब होने के करीब 80 फीसदी मामले जंक फूड के सेवन से होते हैं। junk food khane ke dushparinam ya Junk food se Hone Vale Nuksaan  यदि आप बहुत अधिक जंक फूड का सेवन करते है, तो इससे आपके शरीर मे शुगर का स्तर काफी तेजी से बढ़ता है। कुछ देर बाद जब शुगर का स्तर नीचे आता है, तब आपके शरीर को और अधिक शुगर की जरूरत महसूस होती है। शरीर के इस व्यवहार के कारण आपके दिमाग के काम करने की प्रक्रिया पर असर पड़ता है। भूख लगने के लिए जिम्मेदार ग्रेलिन और लेप्टिन हार्मोन का स्तर जब शरीर में बढ़ता है, तब मस्तिष्क को भूख लगने का संकेत मिल जाता है। लेकिन जब आप जंक फूड...

pharmacy me career kaise banaye | pharmacy career options and salary in india in hindi

फार्मेसी में कैरियर कैसे बनाये या फार्मेसी में कैरियर ऑप्शन और सैलरी के बारे में इन हिंदी कोरोनासंकट की चुनौतियों केबीचदेश में फार्मेसीसेक्टर संभावनाएं और तेजीसे बढ़ी का तीसरासबसेबड़ाबाजार में करियरकी आकर्षक हैं।भारतीयफार्मा उद्योग मात्रा के आधारपर दुनिया को बनगया है। 2024 तकदेश काफार्मा उद्योग65 अरब डॉलरकी ऊंचाई तकपहुंचने का अनुमान है।जाहिर है जैसे-जैसेयहसेक्टरबढ़ रहाहै,यहां करियरके मौके भी तेजी से बढ़ रहे हैं... 3सरी रैंक है भारत की मेडिसिन प्रोडक्शन वाल्यूम के लिहाज से यानी पूरे विश्व की करीब 10 फीसद दवाओं का उत्पादन यहां होता है। 50 ℅ अन्य वैक्सीन की वैश्विक मांग की आपूर्ति कर रहा है भारत। हमारा देश जेनरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक भी है। कोविड-19 संकट के चलते पूरी दुनिया में भारत का फार्मा सेक्टर पिछले कुछ महीनों में और तेजी से आगे बढ़ा है। नए चिकित्सकीय परीक्षणों और औषधि उत्पादन को बढ़ावा देने का यह एक अवसर बनकर सामने आया है। अप्रैल से सितंबर 2020 के बीच भारत ने दुनिया के करीब 150 देशों में दवाइयों का निर्यात करके फार्मेसी हब के रूप में दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। कोरोना...

sattu ke fayde in hindi | sattu khane ke fayde ke bare me bataye jankari hindi mein

सत्तू खाने के फायदे क्या है  या सतु के फायदे के बारे में जानकरी सत्तू : गर्मी में सत्तू ही शीतलता का अहसास करता है। अपने औषधीय गुणों के कारण और पोषक भोजन के रूप में इसने अपनी पहचान गावों से लेकर महानगरों तक में बनाई हुई है। देश के कई क्षेत्रों में तो सत्तू काफी लोकप्रिय है। जौं, चना, मक्का आदि को विशेष प्रकार से शुद्धिकरण कर सुखाकर, भूनकर, पीसकर आटे के रूप में परिवर्तित कर प्रयोग करते हैं। सतुआ, सौतु, सातु, सातु नाम से भी इसकी पहचान है। चावल और गेहूं का भी सत्तू बनता है। इसमें फाइबर की मात्रा भरपूर होती है। इसे मीठा और नमकीन दोनों तरह का बनाते हैं। इसके सेवन का तरीका भी काफी अलग है। जैसे सत्तू खाते समय बीच में पानी पिएं। रात में इसका सेवन करें। इसमें ज्यादा मात्रा में पानी न मिलाएं। अधिक मात्रा में इसका सेवन न करें। भोजन के बाद न सत्तू पिएं और न खाएं। यह अपने आप में सुपाच्य, पौष्टिक और शीतलता प्रदान करने वाला है।

navratri kyu manate hai | navratri festival essay in hindi

  नवरात्रि क्यों मानते है या नवरात्र के बारे में जानकारी दुर्गा मां दुर्गति परिहारिणी हैं, वे जो विघ्नों को हरण कर लेती हैं। वे नकारात्मकता को सकारात्मकता में परिवर्तित करती है। यहां तक कि कठिनाइयों को भी उनके पास आने में कठिनाई होती है। नवरात्र प्रार्थना और परंपरा हम सब एक अदृश्य जगमगाती ब्रह्मांडीय शक्ति की ओज में तैर रहे हैं, जिसे 'देवी' कहा गया है। देवी या देवी मां इस संपूर्ण सृष्टि का गर्भ स्थान है। वह गतिशीलता, ओज, सुंदरता, धैर्य, शांति और पोषण का बीज हैं। वह जीवन ऊर्जा शक्ति हैं। दुर्गा को सदा ही देवी शक्ति के रूप में वर्णित किया गया है, जो सभी बुराइयों से हमको बचाती है। दुर्गा का एक अर्थ 'पहाड़ी' होता है। बहुत कठिन कार्य के लिए प्रायः दुर्गम कार्य कहा जाता है। दुर्गा की उपस्थिति में नकारात्मक तत्व कमजोर पड़ते हैं। दुर्गा को 'जय दुर्गा' भी कहते हैं, जो विजेता बनाती हैं। वह दुर्गति परिहारिणी हैं- वह जो विघ्नों को हरण कर लेती हैं। वे नकारात्मकता को सकारात्मकता में परिवर्तित करती हैं। यहां तक कि कठिनाइयों को भी उनके पास आने में कठिनाई होती है। जब आप देवी मां...

संगीत बच्चों के लिए | संगीत से बच्चों को क्या-क्या फायदे या कैसे फायदा होता है।

बच्चों के लिए अच्छे संगीत या बच्चों के लिए संगीत वाद्ययंत्र के फायदे बारे में संगीत मनोरंजन है, ध्यान है, उदासी का साथी है। बच्चों के लिए संगीत वरदान है। तो फिर आप अपने बच्चे को संगीत क्यों नहीं सिखाती?  किन रागों से रोगों का इलाज 1 - हृदय रोग - दरबारी, सारंग 2- अस्थमा - मालकोश, ललित 3-ब्लड प्रेशर - भैरवी, भूपाली 4- एसीडिटी- खमाज 5- अनिद्रा - भैरवी, सोहनी 6- डिप्रेशन - बिहाग, मधुवंती 7-कमजोरी - जैजेवंती 8- खून की कमी - पीलू 9- याद्दाश्त - शिवरंजनी 10- सिरदर्द - भैरव। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ संगीत सिखाने का विचार शायद सबको पसंद न आए ,  लेकिन अनेक अनुसंधानों में यह बात सिद्ध हो चुकी है कि संगीत बच्चों के मस्तिष्क को प्रखर करता है। संगीत सिर्फ मन बहलाव का माध्यम ही नहीं है ,  बल्कि यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभप्रद है ,  फिर चाहे वह भारतीय संगीत हो या पाश्चात्य। वैज्ञानिकों के मुताबिक जन्म के एक साल तक बच्चे के मस्तिष्क तक यदि संगीत की मधुर धुन पहुंचती है ,  तो इसका अच्छा असर होता है। संगीत से सुनने ,  समझने और सीखने की शक्ति बढ़ती है ...

man udas ho to kya karna chahiye | man udaas kyun hota hai

  मन उदास क्यों रहता है, मन उदास क्यों होता है सर्दियों में दिन छोटे और रातें बड़ी होती हैं। इससे हमारी बॉडी क्लाक प्रभावित होती है और मन- रहता है उदास... मौसम बदलने का असर सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य पर ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। सर्दियों में कई लोगों का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है और वे अवसादग्रस्त हो जाते हैं। इनमें से कुछ लोग तो समझ ही नहीं पाते कि उनके साथ हो क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है। अवसाद की ये समस्या इतनी बढ़ जाती है कि आत्महत्या करने की प्रवृत्ति विकसित हो जाती है। विश्व भर में होने वाली आत्महत्या के आंकड़ों को देखें तो यह निष्कर्ष आसानी से निकाला जा सकता है कि सर्दियों में यह मामले बाकी मौसमों के मुकाबले बढ़ जाते हैं। हालांकि सीजनल इफेक्टिव डिस्आर्डर (उदासी) के कुछ मामले गर्मियों के मौसम की शुरूआत में भी देखे जाते हैं। अब समझें कि आखिर ऐसा होता क्यों हैं? दरअसल, सर्दियों में दिन छोटे और रातें बड़ी होती हैं। ऐसे में जागने-सोने का चक्र गड़बड़ा जाता है, जिससे थकान होती है। सर्दियों में सूरज की रोशनी कम होने का अर्थ है कि आपका मस्तिष्क ज्यादा मात्रा में मेल...

future jobs in demand in india in hindi | भविष्य का करियर | भविष्य में करियर | भविष्य में नौकरी | future naukri | भविष्य जॉब

  भविष्य की नौकरी के बारे में जानकारी या भविष्य में नौकरियो की डिमांड के बारे में इन दिनों फ्यूचर जॉब्स यानी भविष्य की नौकरियोंकोलेकर खूब चर्चाएं हैं।कहा जारहाहै कि न्यू एज टेक्नोलॉजीकीदखलबढ़ने के बाद अगले पांच सालों में लाखोंनईजॉब्ससामने आएंगी, जिनमें रुतबाऔरपैसासबकुछहोगा।आइएजानें,उन उभरतीजॉब्सके लिएकैसेखुदको तैयार करें... आज जो नौकरियां हैं, क्या भविष्य में भी वे रहेंगी? इसके बारे में इन दिनों तमाम तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि आज जो नौकरियां हैं, वे शायद भविष्य में नहीं होंगी या फिर उसका स्वरूप अलग होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले कुछ वर्षों में ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), डाटा माइनिंग और आइओटी से जुड़ी जॉब्स का बोलबाला होगा। एक अनुमान के मुताबिक, पांच साल बाद ऐसे भारतीय प्रोफेशनल्स की संख्या करीब 54 मिलियन (5.4 करोड़) तक हो जाएगी, जो एक नए तरह की जॉब कर रहे होंगे। फिक्की-नैस्कॉम की 'फ्यूचर ऑफ जॉब्स इन इंडिया' पर आई रिपोर्ट से भी यही संकेत मिलते हैं कि आने वाले दिनों में आइटी/आइटीइएस, रिटेल, फाइनेंशियल सर्विसेज, टेक्सटाइल ऐंड अपैरल और ...