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तपेदिक क्या रोग क्या है - tapedik bimari kya hoti hai lakshan v upchar ki janakri

तपेदिक रोग का उपचार(ट्रीटमेट) व   लक्षण( synonyms  ) के बारे मे  तपेदिक बीमारी क्या होती है? 24 मार्च, 1882 में जर्मनी के चिकित्सक डॉ. राबॅर्ट कॉक ने तपेदिक के जीवाणु की खोज की थी। इसीलिए प्रत्येक वर्ष 24 मार्च को विश्व तपेदिक दिवस मनाया जाता है। तपेदिक की बढ़ती संख्या देखकर डब्ल्यूएचओ ने 1993 में इसे वैश्विक आपातकाल घोषित किया था। पूरी दुनिया लंबे अर्से से तपेदिक से लड़ रही है। आंकड़े बताते हैं कि 2019 में संपूर्ण विश्व में लगभग एक करोड़ लोग तपेदिक से ग्रसित हुए। आज भी दुनिया में लगभग 14लाख तथा हमारे देश में 4.5 लाख लोगों की मृत्यु प्रति वर्ष तपेदिक की वजह से हो जाती है। कोविड-19 भी एक संक्रामक बीमारी है, जो नोवेल कोरोना वायरस के कारण फैलती है। 30 जनवरी 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 को वैश्विक महामारी घोषित किया था, तब  से लेकर अब तक यह करोड़ों लोगों को  संक्रमित कर चुका है और लाखों लोगों को  मौत की नींद सुला चुका है। इस प्रकार से  पूरी दुनिया कोरोना और तपेदिक की दोहरी  मार स...

अच्छी जिंदगी कैसे जीना चाहिए, जिंदगी को कैसे सफल व आसान बनाएं

अच्छी जिंदगी कैसे जिए या जिंदगी में कैसे आगे बढ़ना चाहिए जिंदगी में कभी हार नहीं मानना या जिंदगी में कभी हार मत मानो जिंदगी में मिली एक हार आपकी पूरी जिंदगी की रूपरेखा नहीं बदल सकती। हार को खुद पर हावी न होने दें बल्कि उससे सीख लें और आगे की जिंदगी को बेहतर बनाएं, बता रही हैं जिंदगी में हमें क्या करना चाहिए ? हार और जीत जीवन का अहम हिस्सा होती हैं। लेकिन अक्सर हम जीवन में मिलने वाली हार से इतने अधिक निराश हो जाते हैं कि अपनी काबिलियत पर शक करने लगते हैं और फिर से प्रयास करना ही छोड़ देते हैं। दरसअल ऐसा इसलिए होता है क्योंकि डर, आशंका व असुरक्षा की भावना हमारे दिल और दिमाग पर इतनी अधिक हावी हो जाती है कि वर्तमान जीवन को पूरी तरह नियंत्रित कर लेती है। इस वजह से आत्मविश्वास में आई कमी के कारण आपको करियर व व्यवहारिक जीवन में बार-बार असफलता का सामना करना पड़ता है। असफलताओ का करें मूल्यांकन असफलता के डर से बाहर निकलने का एक व्यावहारिक व तार्किक उपाय है अपनी गलतियों के मूल कारण का पता लगाएं। कहीं ऐसा तो नहीं अपनी ही कुछ गलत आदतों, सोच या व्यवहार के कारण  आपको बार-बार हार का सामना करना पड़...

windows 10 me microsoft print to pdf use kaise kare

माइक्रोसॉफ्ट प्रिंट टू पीडीएफ फीचर का इस्तेमाल कैसे करे ? अगर आप विंडोज 10 का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जेपीजी, पीएनजी, टीआइएफएफ जैसी इमेज फॉर्मेट को पीडीएफ में कनवर्ट करना आसान नहीं होता है। लेकिन आप चाहें, तो बिना किसी अन्य सॉफ्टवेयर को डाउनलोड किए भी इमेज को पीडीएफ में कनवर्ट कर सकते हैं। इसके लिए ‘माइक्रोसॉफ्ट प्रिंट टू पीडीएफ' फीचर का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मदद से इमेज के साथ वेब पेजेज और माइक्रोसॉफ्ट वर्ड डॉक्यूमेंट्स को भी पीडीएफ में कनवर्ट किया जा सकता है। अगर फोटो को पीडीएफ में कनवर्ट करना चाहते हैं, तो फिर फोटो को डिफॉल्ट इमेज व्यूअर में ओपन करें। यह विंडोज 10 फोटो एप और एडिटिंग प्रोग्राम जैसे कि पेंट भी हो सकता है। • जब यहां इमेज ओपन हो जाए, तो फिर Ctrl+ P प्रेस करें। इससे प्रिंट डॉयलॉग बॉक्स ओपन होगा। • यहां पर आपको 'माइक्रोसॉफ्ट प्रिंट टू पीडीएफ' ऑप्शन को सलेक्ट करना है और प्रिंट पर क्लिक करना है। इसके बाद एक नया डॉयलॉग बॉक्स पॉप अप होगा। इसके बाद फाइल नेम लिख लें और फाइल की लोकेशन को सलेक्ट कर लें। जब यह हो जाए, तो फिर सेव पर क्लिक करें। इस तरह इमेज को पीडी...

आर्थराइटिस - gathiya bai rog hone ke lakshan(symptoms), Karan, Ilaj (Treatment)

आर्थराइटिस (गठिया) के लक्षण कारण , ट्रीटमेंट(उपचार) इन हिंदी आर्थराइटिस का इलाज क्या है? घुटने के दर्द को आप अक्सर महसूस करती होगी। सुबह शरीर अकड़ता होगा। झुकने और बैठने में परेशानी होती होगी। इसे हल्के में न लें। यह गठिया की शुरुआत हो सकती है। आर्थराइटिस क्यों होता है? रुमेटाइड आर्थराइटिस अब आम बीमारी हो गई है। गठिया का यह प्रकार महिलाओं में ज्यादातर देखा जा रहा है। इसके रोगियों में ऑटोइम्यून थायराइड रोग की व्यापकता होती है। घुटने का गटिया मुख्य रूप से अपक्षयी (डिजनरेटिव) परिवर्तन के कारण होता है, लेकिन कभी-कभी यह अधिक वजन, कूल्हे की नेक्रोसिस (टेढ़ापन), घुटने में चोट लगने से भी हो जाता है। हाइपोथायराइडिज्म जैसी परिस्थिति में वजन वृद्धि की समस्या रहती है, इसलिए ये भी चुटने पर भी असर डालती हैं। इसके रोगियों में उपचार के पहले वर्ष के दौरान ऑटोइम्यून थायराइड रोग बढ़ता दिखाई देता है। वास्तव में, जीवन-शैली की बीमारियों के अलावा गर्भावस्था और स्तनपान के समय महिलाओं के शरीर को अतिरिक्त उर्जा की जरूरत होती है, जो न मिलने पर उनकी हड्डियां प्रभावित हो सकती हैं। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर महिला...

चेहरा खूबसूरत बनाने या करने का तरीका, विधि व टिप्स

खूबसूरत बनाने के लिए क्या करना चाहिए या चेहरा खूबसूरत बनाने का तरीका तरीका, विधि व टिप्स क्लींजिंग, टोनिंग और मॉइस्चराइजिंग? क्लीजिंग, टोनिंग और मॉइस्वराइजिंग नियमित रूप से किया जाना चाहिए। इससे आपकी त्वचा चमकदार और जवां बनी रहती है। एक साफ और गंदगी से मुक्त चेहरा आपके छिद्रों को साफ रखने में मदद करेगा। इससे आपकी त्वचा को सांस लेने में मदद मिलेगी।  टोनिंग का चहरे पर अच्छी तरह से प्रयोग करने से यह छिद्रों को कसने में मदद करता है। टोनिंग से कुछ हद तक महीन रेखाएं भी कम होती हैं।  अंत में चेहरे को मॉइस्चराइज करने से आपकी त्वचा को नरम और कोमल बनाए रखने में मदद मिलती है। इसके साथ ही ध्यान रखें कि आप कोई भी अच्छा सनस्क्रीन लोशन का नियमित इस्तेमाल करती रहें। खूबसूरत दिखने के लिए अगर आप हमेशा मेकअप का ही इस्तेमाल करती हैं, तो इसके बजाए कुछ ऐसे तरीके अपनाएं जो आपको प्रकृतिक रूप से सुंदर बना सके। ऐस्टाबेरी बायोसाइंसेज के त्वचा विषेशज्ञ अचल आर्या बताते हैं कि जरूरी नहीं कि खूबसूरत दिखने के लिए आप सिर्फ मेकअप का ही इस्तेमाल करें। अपनी त्वचा को साफ और सुरक्षित रखकर भी आप उसकी चमक को बढ़ा सक...

स्ट्रेच मार्क्स कैसे हटाये तरीका, इलाज, उपाय, ट्रीटमेंट टिप्स के जानकारी

प्रेगनेंसी स्ट्रेच मार्क्स हटाने के उपाय या  स्ट्रेच मार्क्स को कैसे रोके व खत्म करें  जानकारी स्ट्रेच मार्क्स क्यों होता है या  स्ट्रेच मार्क्स कैसे होता है? स्ट्रेच मार्क्स अक्सर प्रेग्नेंसी, बॉडी बिल्डिंग, ज्यादा वजन बढ़ने और कभी-कभार उम्र बढ़ने के साथ भी आ जाते हैं। दरअसल, इस दौरान स्किन ओवर स्ट्रेच हो जाती है, जिसके कारण स्किन की मिडल लेयर्स के फाइबर्स ब्रेक हो जाते हैं। जो स्ट्रेच मार्क्स के रूप में नजर आने लगते हैं। अगर समय रहते इसकी केयर की तो ये निशान आपको कभी परेशान नहीं करेंगे। जरूरी है सही डाइट स्ट्रेच मार्क्स होने का एक बड़ा कारण सही डाइट न लेना भी है। इसलिए अपनी डाइट में जिंक, प्रोटीन, विटामिन ए, सी और ई को शामिल करें। फैटी एसिड्स भी स्ट्रेच मार्क्स आने से रोकते हैं। इसलिए रोजाना के खाने में फैटी एसिड्स, सनफ्लावर और पंपकिन सीड्स शामिल करें। स्किन को हाइड्रेट करने के लिए खूब पानी पिएं। इसके साथ एक्सरसाइज भी करें। उठक-बैठक, कार्डियो एक्सरसाइज के अलावा स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज स्किन को फ्लेक्सिबल बनाती है, जिससे स्ट्रेच मार्क्स दूर होते हैं। सर्जिकल उपाय स्किन अलाइ...

खांसी का इलाज, खांसी आने के लक्षण, खांसी के कारण और उपचार

खांसी के इलाज, उपचार  व  दूर करने के लिए क्या करे लगातार खांसी की समस्या है तो नजरअंदाज न करें। इसका कारण कोरोना वायरस अथवा बदलते मौसम में फेफड़ों का संक्रमण हो सकता है। जानिए इससे जुड़े लक्षणों व उपचार के बारे में... प्रदूषित हवा हमारे फेफड़ों में पहुंचकर विभिन्न प्रकार की बीमारियां पैदा करती है। ऐसे में हमें खांसी की समस्या होती है और यही फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का कारण है। कोविड-19 महामारी के आने से यह समस्या और जटिल हो गई है। क्योंकि कोविड-19 का मुख्य लक्षण भी गला खराब होना तथा खांसी आना है। चिकित्सक तथा मरीज, दोनों के लिए यह एक चुनौती है कि अगर किसी को लगातार खांसी आती है तो कैसे पहचाने कि किस बीमारी का संक्रमण है। अगर किसी व्यक्ति को एक सप्ताह से अधिक समय से खांसी आ रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि खांसी आने का मतलब फेफड़ों का संक्रमण है। बदलते मौसम में खांसी आने का प्रमुख कारण है- दमा, क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, कोविड-19 संबंधित न्यूमोनिया और वायरल न्यूमोनिया। दमाः वैसे तो यह एक एलर्जी जनित बीमारी है, लेकिन मौसम में परिवर्तन एवं परा...