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cigarette kaise chhode

cigarette kaise band kare ya cigarette pina kaise band kare यह नियम अपनाएं तो छोड़ सकते हैं सिगरेट सिगरेट छोड़ने के बादएक सप्ताह कासमय बहुत महत्वपूर्ण होता है।अगर हफ्ते भर धूमपान नहीं किया तो आप पूरी तरह से इसको छोड़ सकते हैं। धूमपान छोड़ने से आप करीब 40 तरह के कैसर और 25 अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आने से बच सकते हैं। धूमपान छोड़ने के लिए किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ के रेस्पेरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डा.सूर्यकांत की सलाह है कि... सबसे पहले खुद से वादा करना होगा कि हम सिगरेट छोड़ देंगे। एसी चीजों से दूर रहें जो स्मोकिंग की याद दिलाएं। जब सिगरेट या तंबाकू चबाने का मन करे तो दूसरी चीजों में मन लगाएं। सिम्रेट का विकल्प हुँदें जैसे- कुछ ऐसी चीजें मुंह में रखें जो नुकसान न पहुंचाएं स्मोकिंग का कारण तनाव होता है। इसलिए खुद को टेंशन फ्री रखने की कोशिश करें।

पिंपल्स - muhase ka ilaj, muhase kaise Hataye ya Saaf Karane, Tarika, Vidhi, Illaj, Upchar, Chhutkara

चेहरे (फ़ेस) मुंहासे दाग धब्बे खत्म या दूर करने का तरीका, इलाज व उपचार छुटकारा? हामोस में असंतुलन, गलत जीवनशैली या कुछ अन्य कारणों से चेहरे पर एक्ने होना आम बात है, मगर इनको उचित देखभाल में नजर अंदाजी पोछे छोड़ जाती है इनके दाग, जो कर देते हैं चेहरा बेजान... मुंहासे क्यों होते हैं ? चेहरे पर मुंहासे होने का अर्थ है कि आपका शरीर यह संकेत दे रहा है कि आपकी दिनचर्या या खानपान की शैली में कुछ परिवर्तन करने की आवश्यकता है। इसके अलावा हामोस में आने वाले बदलाव भी इस प्रक्रिया को तेज कर देते हैं। इससे ज्यादा परेशानी का सबब बनते हैं एक्ने के बाद होने वाले दाग-धब्बे। ये दाग तब होते हैं, जब कोई मुंहासा त्वचा के भीतर गहराई तक पहुंच जाता है और भीतर के टिश्यू को नुकसान पहुंचाता है। इसीलिए हर प्रकार के दाग-धब्बे के उपचार का अलग असर होता है और कुछ उपचार अन्य के मुकाबले खास प्रकार के धब्बों पर ज्यादा प्रभावी होते है। इनका सही उपचार करवाकर ही इन्हें पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए। जब शरीर में किसी चोट की वजह से अधिक मात्रा में कोलेजन बनने लगता है तो आइस पिक जैसे परेशान करने वाले स्कार्स बन सकत...

मास्क लगाने के फायदे, फेस मास्क लगाने के फायदे इन हिन्दी में

फ़ेस मास्क लगाने से क्या होता है मास्क लगाना क्यों जरूरी है हिन्दी मे सर्दियों के मौसम में बढ़ जाता है वायुप्रदूषण का स्तर। अभी तक कोरोना संक्रमण का खतरा भी टला नहीं है।जरूरी है कि इन दोनों तकलीफों से बचाव के लिए गंभीरता से अपना लें सही तरीके से मास्क लगाने की आदत... मास्क लगाना क्यों जरूरी है? वैश्विक महामारी कोविड-19 के बीच अब प्रदूषण के रूप में एक और बड़ी चुनौती सामने आ रही है। कोरोना व प्रदूषण का संयुक्त हमला स्वास्थ्य के लिए ज्यादा घातक साबित हो सकता है, क्योंकि प्रदूषण के दुष्प्रभाव से सांस की बीमारियां व हार्ट अटैक का खतरा वैसे भी बढ़ जाता है। ऐसे में प्रदूषण बढ़ने पर सांस व दिल की बीमारियों से पीड़ित मरीजों को कोरोना संक्रमण होने की आंशका ज्यादा बढ़ सकती है। ऐसे में पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। इसमें मदद कर सकती है मास्क पहनने की आदत। मास्क पहनकर प्रदूषण व कोरोना संक्रमण, दोनों को मात दी जा सकती है। बदलता मौसम बढ़ा रहा मुसीबत :   राजधानी नई दिल्ली सहित देश के कई शहर दुनिया के प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल हैं। महानगरों में जनसंख्या के साथ-साथ सड़कों पर ...

तपेदिक क्या रोग क्या है - tapedik bimari kya hoti hai lakshan v upchar ki janakri

तपेदिक रोग का उपचार(ट्रीटमेट) व   लक्षण( synonyms  ) के बारे मे  तपेदिक बीमारी क्या होती है? 24 मार्च, 1882 में जर्मनी के चिकित्सक डॉ. राबॅर्ट कॉक ने तपेदिक के जीवाणु की खोज की थी। इसीलिए प्रत्येक वर्ष 24 मार्च को विश्व तपेदिक दिवस मनाया जाता है। तपेदिक की बढ़ती संख्या देखकर डब्ल्यूएचओ ने 1993 में इसे वैश्विक आपातकाल घोषित किया था। पूरी दुनिया लंबे अर्से से तपेदिक से लड़ रही है। आंकड़े बताते हैं कि 2019 में संपूर्ण विश्व में लगभग एक करोड़ लोग तपेदिक से ग्रसित हुए। आज भी दुनिया में लगभग 14लाख तथा हमारे देश में 4.5 लाख लोगों की मृत्यु प्रति वर्ष तपेदिक की वजह से हो जाती है। कोविड-19 भी एक संक्रामक बीमारी है, जो नोवेल कोरोना वायरस के कारण फैलती है। 30 जनवरी 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 को वैश्विक महामारी घोषित किया था, तब  से लेकर अब तक यह करोड़ों लोगों को  संक्रमित कर चुका है और लाखों लोगों को  मौत की नींद सुला चुका है। इस प्रकार से  पूरी दुनिया कोरोना और तपेदिक की दोहरी  मार स...

अच्छी जिंदगी कैसे जीना चाहिए, जिंदगी को कैसे सफल व आसान बनाएं

अच्छी जिंदगी कैसे जिए या जिंदगी में कैसे आगे बढ़ना चाहिए जिंदगी में कभी हार नहीं मानना या जिंदगी में कभी हार मत मानो जिंदगी में मिली एक हार आपकी पूरी जिंदगी की रूपरेखा नहीं बदल सकती। हार को खुद पर हावी न होने दें बल्कि उससे सीख लें और आगे की जिंदगी को बेहतर बनाएं, बता रही हैं जिंदगी में हमें क्या करना चाहिए ? हार और जीत जीवन का अहम हिस्सा होती हैं। लेकिन अक्सर हम जीवन में मिलने वाली हार से इतने अधिक निराश हो जाते हैं कि अपनी काबिलियत पर शक करने लगते हैं और फिर से प्रयास करना ही छोड़ देते हैं। दरसअल ऐसा इसलिए होता है क्योंकि डर, आशंका व असुरक्षा की भावना हमारे दिल और दिमाग पर इतनी अधिक हावी हो जाती है कि वर्तमान जीवन को पूरी तरह नियंत्रित कर लेती है। इस वजह से आत्मविश्वास में आई कमी के कारण आपको करियर व व्यवहारिक जीवन में बार-बार असफलता का सामना करना पड़ता है। असफलताओ का करें मूल्यांकन असफलता के डर से बाहर निकलने का एक व्यावहारिक व तार्किक उपाय है अपनी गलतियों के मूल कारण का पता लगाएं। कहीं ऐसा तो नहीं अपनी ही कुछ गलत आदतों, सोच या व्यवहार के कारण  आपको बार-बार हार का सामना करना पड़...

windows 10 me microsoft print to pdf use kaise kare

माइक्रोसॉफ्ट प्रिंट टू पीडीएफ फीचर का इस्तेमाल कैसे करे ? अगर आप विंडोज 10 का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जेपीजी, पीएनजी, टीआइएफएफ जैसी इमेज फॉर्मेट को पीडीएफ में कनवर्ट करना आसान नहीं होता है। लेकिन आप चाहें, तो बिना किसी अन्य सॉफ्टवेयर को डाउनलोड किए भी इमेज को पीडीएफ में कनवर्ट कर सकते हैं। इसके लिए ‘माइक्रोसॉफ्ट प्रिंट टू पीडीएफ' फीचर का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मदद से इमेज के साथ वेब पेजेज और माइक्रोसॉफ्ट वर्ड डॉक्यूमेंट्स को भी पीडीएफ में कनवर्ट किया जा सकता है। अगर फोटो को पीडीएफ में कनवर्ट करना चाहते हैं, तो फिर फोटो को डिफॉल्ट इमेज व्यूअर में ओपन करें। यह विंडोज 10 फोटो एप और एडिटिंग प्रोग्राम जैसे कि पेंट भी हो सकता है। • जब यहां इमेज ओपन हो जाए, तो फिर Ctrl+ P प्रेस करें। इससे प्रिंट डॉयलॉग बॉक्स ओपन होगा। • यहां पर आपको 'माइक्रोसॉफ्ट प्रिंट टू पीडीएफ' ऑप्शन को सलेक्ट करना है और प्रिंट पर क्लिक करना है। इसके बाद एक नया डॉयलॉग बॉक्स पॉप अप होगा। इसके बाद फाइल नेम लिख लें और फाइल की लोकेशन को सलेक्ट कर लें। जब यह हो जाए, तो फिर सेव पर क्लिक करें। इस तरह इमेज को पीडी...

आर्थराइटिस - gathiya bai rog hone ke lakshan(symptoms), Karan, Ilaj (Treatment)

आर्थराइटिस (गठिया) के लक्षण कारण , ट्रीटमेंट(उपचार) इन हिंदी आर्थराइटिस का इलाज क्या है? घुटने के दर्द को आप अक्सर महसूस करती होगी। सुबह शरीर अकड़ता होगा। झुकने और बैठने में परेशानी होती होगी। इसे हल्के में न लें। यह गठिया की शुरुआत हो सकती है। आर्थराइटिस क्यों होता है? रुमेटाइड आर्थराइटिस अब आम बीमारी हो गई है। गठिया का यह प्रकार महिलाओं में ज्यादातर देखा जा रहा है। इसके रोगियों में ऑटोइम्यून थायराइड रोग की व्यापकता होती है। घुटने का गटिया मुख्य रूप से अपक्षयी (डिजनरेटिव) परिवर्तन के कारण होता है, लेकिन कभी-कभी यह अधिक वजन, कूल्हे की नेक्रोसिस (टेढ़ापन), घुटने में चोट लगने से भी हो जाता है। हाइपोथायराइडिज्म जैसी परिस्थिति में वजन वृद्धि की समस्या रहती है, इसलिए ये भी चुटने पर भी असर डालती हैं। इसके रोगियों में उपचार के पहले वर्ष के दौरान ऑटोइम्यून थायराइड रोग बढ़ता दिखाई देता है। वास्तव में, जीवन-शैली की बीमारियों के अलावा गर्भावस्था और स्तनपान के समय महिलाओं के शरीर को अतिरिक्त उर्जा की जरूरत होती है, जो न मिलने पर उनकी हड्डियां प्रभावित हो सकती हैं। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर महिला...