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सिर पर गंभीर चोट लग जाए तो क्या करें | उपचार | निदान | लक्षण | इलाज

सिर पर चोट की समस्याओं का उपचार व निदान कैसे करे? सिर पर लगने वाली चोट कई बार बनती है गभीर समस्या। इसलिए इसके उपचार में देरी ठीक नहीं... हमारे देश में प्रति वर्ष लाखों लोग सड़क दुघर्टना में जान गंवा देते हैं। सरकारी व गैरसरकारी प्रयासों के बाद भी लोगों में अभी भी यातायात नियमों के प्रति जागरूकता व जिम्मेदार नागरिक होने का भाव नहीं है। इन हादसों की मूल वजह नशे की हालत में वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग, हेलमेट न पहनना और गाड़ी का तेज रफ्तार में होना जैसी गलतियां शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, इन घटनाओं में सिर की चोट के मरीजों की संख्या सर्वाधिक होती है। कई बार सिर में चोट लगने पर किसी तरह के गंभीर लक्षण न दिखने और पीड़ित के होश में होने के कारण इसे सामान्य चोट मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ध्यान रहे कि सिर में लगी चोट का असर कई घंटों बाद भी होता है और तब स्थिति बिगड़ सकती है। सावधानी: सिर पर चोट खाए व्यक्ति के सिर में यदि कोई चीज घुस गई है तो उसे निकालें नहीं और मरीज को करवट देकर लिटा दें। सिर में जहां से रक्तस्राव हो रहा हो, उस जगह को साफ कपड़े से दबाएं...

how to set dark mode in twitter in hindi

ट्विटर  में डार्क मोड कैसे से करे? अगर आप ट्विटर का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो फिर यहां पर डार्क मोड आपके लिए उपयोगी हो सकता है। आपको बता दें कि डार्क मोड में बैकग्राउंड का थीम पूरी तरह से बदल जाता है। इसमें स्क्रीन का अधिकतर हिस्सा डार्क यानी काले रंग का हो जाता है और टेक्स्ट सफेद रंग के हो जाते हैं। ऐसे में डार्क मोड को ज्यादा साफ तरीके से पढ़ा जा सकता है। साथ ही, आखों पर दबाव भी कम पड़ता है। आइफोन व एंड्रॉयड पर डार्क मोड: आइफोन और एंड्रॉयड डिवाइस पर ट्विटर पर डार्क मोड के दो विकल्प मौजूद हैं। एक में 'डार्क ब्लू बैकग्राउंड है, जिसे 'डिम' कहा जाता है, जबकि दूसर विकल्प 'ब्लैक' बैकग्राउंड का है, जिसे 'लाइट्स आउट' कहा जाता है, जिसे एमोलेड स्क्रीन को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। आप इसे अपनी सुविधा के हिसाब से चुन सकते हैं। • इसके लिए ट्विटर के मुख्य मेन्यू में जाना होगा। यहां पर 'सेटिंग्स ऐंड प्राइवेसी' सेक्शन का ऑप्शन मिलेगा। जब इस पर क्लिक करेंगे, तो नीचे आपको 'जनरल' सेक्शन में 'डिस्प्ले ऐंड साउंड' का विकल्प दिखाई देगा। • ...

ऑटिज्म बीमारी क्या है | उपचार | उपाय | लक्षण | बचाव

ऑटिज्म कौन सी बीमारी है, उपचार, उपाय, लक्षण के बारे मे  ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है। यह मानसिक विकास से जुड़ी एक अवस्था है। इसके लिए बच्चे के माता-पिता या खुद बच्चा जिम्मेदार नहीं है। ऑटिज्म के लक्षण सबमें अलग होते हैं और इसका ये मतलब नहीं कि बच्चे का कोई भविष्य नहीं होगा... ऑटिज्म बीमारी क्या है? ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसॉर्डर को आम बोलचाल में ऑटिज्म कहा जाता है। यह मानसिक विकास से जुड़ी एक ऐसी अवस्था है, जो व्यक्ति के स्वभाव, बोलचाल और समाज में एक-दूसरे से घुलने-मिलने की क्षमता तथा अपनी भावनाओं को जाहिर करने व उन पर काबू पाने की क्षमता को भी प्रभावित करती है। ऑटिज्म से प्रभावित ज्यादातर बच्चे औसत से लेकर विलक्षण बुद्धि वाले होते हैं। महान वैज्ञानिक आइंस्टीन, न्यूटन व चार्ल्स डार्विन उन कुछ लोगों में से हैं, जो ऑटिज्म से प्रभावित थे। ये अवस्था जन्मजात होती है। उम्र बढ़ने के साथ धीरे-धीरे इसके लक्षण उभरते हैं। किसी में इसका प्रभाव कम, तो किसी में ज्यादा देखने को मिल सकता है। जन्म के बाद के एक-दो वर्ष में इसके लक्षण कुछ खास नजर नहीं आते, पर उसके बाद कुछ खास लक्षणों पर ध्यान ...

oven plastic bowl ya oven plastic glass ke bare me

 oven plastic bowl ओवन के लिए प्लास्टिक या ग्लास अवसर हमबिना सोचे-समझे ओवन में प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल करने लगते हैं। अमेरिका में हुए एक अध्ययन के मुताबिक प्लास्टिक के बर्तन में जाना गर्म करने से प्लास्टिक सेकछ केमिकल खाने में चले जाते हैं, जिससे डायबिटीज होने का खतरा बढ़ता है। प्लास्टिक है,तोओवन फ्रेंडली है! प्लास्टिक कंटेनर को लेकर अगर आपकी भी धारणा यही है, तो आप गलत हैं। ओवन के लिए बर्तन खरीदते वक्त 'सेफ मार्क देखकर हम निश्चिंत हो जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि 'सेफ' मार्क लिखा होना ही सिर्फ इसकी गारंटी नहीं है? विशेषज्ञ कहते हैं कि प्लास्टिक बॉडी वाले कंटेनर्स ओवन के लिए सुरक्षित नहीं होते। चाहे उन पर सेफ मार्क ही क्यों न हो? गर्म होने पर प्लास्टिक के बर्तनों से 'बिसेफनॉल ए नाम का रसायन निकलता है,जो भोजन में जा मिलता है। शरीर के लिए 'बिसेफनॉल ए हानिकारक होता है। विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि प्लास्टिक कंटेनर्स एक बार प्रयोग होने के बाद अगले प्रयोग के लिए ठीक से साफ नहीं होते। इसलिए ओवन के लिए ये सुरक्षित नहीं होते। प्लास्टिक की बजाय शीशे के मोटे (ग्ला...

जॉब चेंज करने के उपाय | नौकरी बदलने के उपाय

करियर कैसे बदला जाता है  करियर कैसे  करियर बदलने की बात सोचने पर एक बेचैनी महसूस होती ही है। कुछ ऐसे प्रश्न मन में आते हैं कि क्या यह सही समय है? हमारे अनुभव और डिग्री का फिर क्या होगा? पर, अगर कुछ तैयारी से करियर बदलने का फैसला लें, तो यह सफलता की राह बन जाता है... आप अपना करियर बदलना चाहते हैं या नौकरी बदलना चाहें, तो सबसे पहले इसके कारण ढूंदें। इसके एक या कई कारण हो सकते हैं। जैसे, आपका जुनून आपको प्रेरित कर रहा हो, या आपके वर्तमान ऑफिस में नकारात्मक कार्य संस्कृति हो या काम व जीवन के बीच संतुलन नाबिठा पा रहे हों, या आय और विकास के पयाप्त अवसर, न मिल रहे हों या फिर जीवन अधेड़ पड़ाव पर हो। या ऐसा भी हो सकता है कि यह सिर्फ आपके मन की इच्छा हो। नौकरी या करियर का क्षेत्र बदलना क्यों चाहते हैं, इसका सही कारण खोजने से आपको इस दौरान आने वाली बाधाओं के बावजूद प्रेरित रहने में मदद मिलती है। वित्तीय पहलू के अलावा, करियरबदलते समय विचारकिए जाने की कुछ और भी बातें हैं- भविष्य के लक्ष्य तय करें विभिन्न जॉब प्रोफाइल के बारे में जानकारी और उस क्षेत्र में संभावनाओं क...

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Online exam taiyari app, cat exam | cet exam | app best | ctet exam | cds exam | upsc exam | ssc exam आगामी तीन से चार महीने में सिविल सर्विसेज (प्रिलिम्स-2021), एनडीए/एनए, एसएससी समेत कई कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स आयोजित होने वाले हैं। इन एग्जाम्स में जनरल नॉलेज, करेंट अफेयर और जनरल अवेयरनेस से जुड़े सवाल जरूर पूछे जाते हैं। तमाम प्रिपरेशन एप्स के आ जाने से पहले की तरह अब इनकी अच्छी तैयारी करना बहुत मुश्किल नहीं रहा। आइए, ऐसे कुछ उपयोगी एप्स के बारे में जानते हैं, जिन्हें डाउनलोड करने के बाद हर समय आपको लेटेस्ट अपडेट मिलते रहेंगे... डेली करेंट अफेयर्स ऐंड जीके क्विजः सरकारी नौकरियों की तैयारी और प्रैक्टिस के लिए यह एक उपयोगी एप है, जो हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में है। यह मुख्य रूप से सरकारी नौकरी के लिहाज से ही बनाया गया है। इसकी मदद से यूपीएससी समेत सभी तरह के स्टेट एग्जाम्स जैसे कि एसएससी, रेलवे, बैंक, पुलिस की तैयारी की जा सकती है। यहां पर रोजाना करेंट अफेयर्स क्विज, जीके मल्टीपल टेस्ट, इंग्लिश क्विज, साइंस क्विज, इकोनॉमिक्स क्विज, पॉलिटिकल साइंस क्विज, ...

balo ko poshan kaise de

balo ko poshan dene ka tarika or balo ko poshan dene ke upay लंबी बीमारियों का बालों की सेहत पर भी असर पड़ता है। गंभीर रूप से कोविड से परेशान रहे लोगों, या फिर जिन्हें जुकाम, टायफाइड, टीबी व थायरॉएड की समस्या रहती है, उनमें बालों से जुड़ी कई समस्याएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में सही आहार पर ध्यान देना भी जरूरी होता है। विटामिनए: यह कोशिकाग्रंथि के विकास व सीबम के निर्माण में मदद करता है। इससे बालों को नमी मिलती है। गाजर, शकरकंद, पालक, कद्दू, दूध, अंडा, दही, मछली के तेल आदि में यह प्रचुर मात्रा में होता है। विटामिन बीः बायोटीन यानी बी-7 खासतौर पर लाल रक्त कोशिकाओं व स्कैल्प को पोषण देता है। अनाज, बादाम, मीट, फिश, सी फूड, हरेपत्ते वाली सब्जियों में विटामिन बी प्रचुरता में होता है। विटामिन-सी: यह मजबूत एंटी-ऑक्सीडेंट है और कोलेजन नामक प्रोटीन का निर्माण करता है। यह बालों के बढ़ने और उन्हें मजबूती देने के लिए जरूरी होता है। स्ट्रॉबेरी, काली मिर्च, खट्टे फलों में यह पाया जाता है। विटामिन-ई: यह तनाव कम करने में मदद करता है और त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। इससे बा...