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Environmental Engineering And Management Me Career Kaise Banaye, Eligibility, Salary, Institute Ke Bare Me Jankari In Hindi

  Environmental Engineering   पर्यावरण इंजीनियरिंग क्या हैं? "दूसरे शब्दों में कहें, तो पर्यावरण इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग की वह शाखा है, जो पर्यावरण के मुद्दों और समस्याओं पर केंद्रित है।"  पर्यावरण का स्तर दिन ब दिन बद से बदतर होता जा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग, वायु, जल और भूमि प्रदूषण, मिट्टी का क्षरण, पेड़ों की कटाई आदि पर्यावरण के सामने आने वाली प्रमुख समस्याएं हैं। इन समस्याओं से निबटने, पर्यावरण की सरक्षा और सुधार 'पर्यावरण इंजीनियरिंग के अंतर्गत आता है। पर्यावरण इंजीनियरिंग (एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग) एक ऐसा क्षेत्र है, जो पर्यावरण से संबंधित समस्याओं पर काम करता है। प्राकृतिक संसाधनों की गुणवत्ता का स्तर सुधारने में योगदान देता है। यह क्षेत्र पर्यावरण के संरक्षण से संबंधित होता है। इसमें कार्य करने वाले पर्यावरण इंजीनियर्स पर्यावरण के संकट की चुनौतियों का सामना करने का प्रयत्न करते हैं। पहले, एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग को सिविल इंजीनियरिंग की एक शाखा माना जाता था।   क्या है एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग विज्ञान और इंजीनियरिंग के सिद्...

Apani Adato Ko Sudhar Kar Jivan Me Raunak Thatha Healthy Rahe

  कैसे अपनी जीवन तथा जीवनशैली को हैल्थ कैसे रखे??? लोग जब भी बीमार पड़ते हैं, तो अपनी खराब सेहत के लिए किसी और को दोषी ठहराते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होता। बार-बार बीमार पड़ने की वजह आपकी बेतरतीब जीवनशैली है। अपनी दिनचर्या और जीवनशैली को दुरुस्त करके आप हमेशा सेहतमंद बने रह सकते हैं।   खुब पिएं पानी: प्रत्येक व्यक्ति की पानी पीने की आवश्यकता उम्र और वजन के अनुसार अलग-अलग होती है। फिर भी एक वयस्क को प्रतिदिन ढाई से तीन लीटर पानी पीना चाहिए। गर्मी हो या सर्दी शरीर को हाइड्रेट रखना बहत जरूरी है। कुछ लोग सर्दी के मौसम में बहुत कम पानी पीते हैं। ऐसा करना सही नहीं है। आप चाहें, तो गुनगुना पानी पिएं। इससे आप सर्दी-जुकाम और साइनस से बचे रहते हैं। 100 ग्राम संतरे में लगभग 53.2 मिलीग्राम विटामिन सी पाया जाता है। 7-9 घंटे की नीद प्रतिदिन लेना स्वास्थ्य के लिए फायेदमंद होता है। पर्याप्त सोने से आप मानसिक रूप से तरोताजा महसूस करते हैं। विटामिन C लें भरपूर:  विटामिन सी आपके प्रतिरक्षा स्तर को बढ़ाने में काफी सहायता करता है। किसी भी व्यक्ति के शरीर में विटामिन सी की...

Ghar(Home) ke liye kaun sa home spray karna chahiye

कुछ खास तरह के एरोमा और होम फ्रेगरेंस आपके घर को न सिर्फ खुशबूदार बनाते हैं, सुकून भी देते हैं। घर में चारों ओर भीनी-भीनी खुशबू का वास हो, तो वहां से दुर जाने का मन नहीं करता। खास तरह की खुशबू से घर का बोझिल वातावरण स्फूर्तिदायक और सुकून पहुंचाने वाला बन जाता है। एरोमाथेरेपिस्ट के अनुसार, एसेंशियल ऑयल्स हमारे अंदर गजब का परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं। चाहे आप दिन भर की थकान के बाद तनाव में हों या फिर अच्छी नींद की चाह रखते हों। विभिन्न तरह के एरोमा का इस्तेमाल आपको खुश रखने के साथ ही आप पर सकारात्मक प्रभाव लाने में मददगार हैं। इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार आप अपने घर या कमरे के लिए खुशबू की मदद ले सकते हैं। शुद्ध और प्राकतिक खुशबू आपके घर में प्राण वायु का संचार करती है. लेकिन घर के लिए सही एरोमा का चयन करना इतना आसान भी नहीं है। होम फ्रेगरेंस चुनने के आसान टिप्स- 1. जीवन मे संतुष्ट और सकारात्मकता की चाह हर किसी को रहती हैं यदि आपको निर्मल और सकारात्मक वातावरण की चाहत हैं तो फ्लोरल और वुडी फ्रेगरेंस कमाल करेगा। यदि आप सतुष्टि पाना चाहते हैं, तो फिर आपको अपने घर मे लेमन ग्रा...

Sharirik Thakan Aur Mansik Tanav Se Kaise Aaram (Relax) Pa Sakate Hain, Aaram Karane Ke Labh, Fayade Ya Mansik Tanav Se Chutkara Kaise Paye Gharelu Upay

मानसिक(Mental) और शारीरिक(Physical) रूप से आराम और तनाव से छुटकारा कैसे पाये।   मानसिक तनाव और शारीरिक रूप से थकान महसूस क्यों होता है? भागदौड़ भरी जिंदगी है।  रात-दिन बस काम ही काम। थकना लाजमी है, लेकिन थकने से, काम नहीं चलेगा। शारीरिक और मानसिक रूप से थकान महसूस करने के बाद दोबारा ऊर्जावान होकर काम करने के लिए थोड़ी देर आराम करना तो बनता है। इससे तनाव से भी छुटकारा मिलता है। आराम पाने के लिए योगा, मेडिटेशन और भरपूर नींद से बेहतर कुछ भी नहीं। बावजूद इसके दिमाग को सुकून और शरीर को आराम महसूस नहीं होता, तो कुछ रिलैक्सेशन टेक्नीक पर फोकस करें। इन रिलैक्सेशन टेक्नीक के जरिए आप स्वस्थ आदतों को तो अपनाएंगे ही, बुरी आदतों पर निर्भर रहना भी कम कर देंगे। इस आराम में कुछ बात है- आराम और तनाव से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो माइंडफुल रिलैक्सेशन एक बेहद ही प्रभावशाली तरीका है। रिलैक्सेशन मोड में जाने के लिए आपको करना होगा थोड़ा सा अभ्यास। यदि इसमें आप सफल हुए, तो आराम का सकारात्मक असर आपके दिमाग में अल्फा ब्रेन वेव एक्टिविटी को बढ़ा देगा। इसके साथ ही रक्त दबाव, सांस ल...

Top 10 Best Online Job Search Sites Ke Bare Me, Top 10 List Of Free Online Job Searching Websites Names In India

The Best Online Jobs Searching Sites Ke Bare Me Jane ऑनलाइन जॉब सचिंग के लिए सबसे जरूरी चीज है कि आप विभिन्न जॉब साइट्स पर अपना एक बेहतरीन प्रोफाइल बना लें। प्रोफाइल बनाते समय जॉब साइट्स पर मांगी गई सभी जानकारियों को पूरा करें।जिस काम में आप निपुण हैं उन्हें ज्यादा हाईलाइट करें। प्रत्येक 10-15 दिनों पर अपने से जुड़े जरुरी स्किल्स को अपडेट करते रहें। भारत मे बेरोजगारी के आंकड़े:  15% से  25% 10वीं या 12वीं तक बेरोजगारों में 20-24 पढ़े युवा हैं जो  बेरोजगार वर्ष आयु वर्ग के हैं युवा देश की 11 फीसदी आबादी को चाहिए नौकरी की जरूरत हैं, (2017-2018) के अनुसार,,,,, समय के साथ-साथ आज जॉब सर्च करने के तरीके और स्वरूप में काफी अंतर आता जा रहा है। ऐसे में नए-नए माध्यमों ने भी अपनी जगह बनाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि पारंपरिक माध्यम जैसे रोजगार समाचार पत्र, अखबार, रेडियो और टेलीविजन से रोजगार के अवसरों को खोज पाना नाकाफी साबित हुआ है। आजकल जॉब सर्च करने के मामले में ऑनलाइन माध्यम काफी अहम हो गए हैं। कंप्यूटर, इंटरनेट और मोबाइल के आगमन से ग्लोबलाइजे...

Gahari Sans Lene Ke Fayade Bataye, Gahari Sans Lena Ka Tarika Aur Usase Hone Vale Labh Ke Bare Me Jankari In Hindi Mein

अच्छी सेहत का मुल मंत्र है-गहरी सांस। तन और मन की सेहत तभी है,जब सांस में तालमेल है। कई शोध में भी यह बात सामने आ चुकी है कि गहरी सांस का सेहत गहरा असर पर होता है,,,,,,,,,,,,, जब तक हमारी सांसें चलेंगी, तब तक हम जिंदा रह सकते हैं। यह तो हम सभी जानते हैं, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण यह बात है कि आप सांस लेते कैसे है? आप जल्दी-जल्दी सांस लेते हैं या फिर बहत धीरे-धीरे ? सांस लेने का तरीका भी हमें सेहतमद बनाता है। हजारों वर्षों से सांस लेने और छोडने का महत्व रहा है, जिसे आचार्यों ने प्राणायाम के अभ्यास के रूप में प्रस्तुत किया है। आचार्यों के साथ-साथ कई अध्ययनों में भी जल्दी-जल्दी नहीं, बल्कि गहरी सांस लेने को सेहत के लिए फायदेमंद बताया है। मस्तिष्क सक्रिय रहता हैं: जब आप मेडिटेशन के दौरान नियंत्रित रूप से सांस लेते हैं, तो ऐसा करने से आपके मस्तिष्क के आकार में वृद्धि होती है। दिमाग सक्रिय होता है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन के अनुसार, मेडिटेशन के दौरान सांस लेने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करने से मस्तिष्क का आवरण या बाह्य त्वचा (कॉर्टिकल) को मजबूती मिलती है। हृदय...

Board Paper Ke Samay Taiyari (Presentation) Kaise Kare Janakri Hindi Mein

बोर्ड पेपर की तैयारी मे शारीरिक और मानसिक रुप से कैसे फिट रहे ?? बोर्ड के  परीक्षा की तारीखों की घोषणा हो चुका हैं, इस समय किशोरों के सामने अब अपने आपको शारीरिक और मानसिक रुप से फिट रखने की चुनौती और जरूरत है। अच्छे नंबर के लिए  ऐसा प्रदर्शन करना बहुत जरूरी है। अगर फिट होंगे और फ्रेशमूड में परीक्षा देंगे तो जरूरहिट होंगे... बोर्ड के  परीक्षा मे एनर्जी फूल कैसे रहे.... परीक्षाओं में सबसे जरूरी यह है कि आपका एनजी लेवल हाई रहे। इसके लिए आपको खानेपीने के अलावा कई सारी बातों का ध्यान रखना होगा। हर विद्यार्थी को कम-से-कम आठ घंटे की नींद है,इसमें कोई कोल्ड ड्रिंक या मीठा पानी न हो। दो या इससे कम का स्क्रीन टाइम है, एक घंटा फिजिकल एक्टिविटी का है, चाहे आप कोई भी गेम खेलें। पांच बार फल व सब्जी खाना है। अगर आपके फूड मे  जीरा भी है तो उससे कोई नुकसान नहीं है,दो से तीन लीटर पानी का इनटेक है। जीरो है शुगरी फूड। क्योंकि हमारे शरीर में शुगर अपने आप बनती है।जो टीवी, गैजेट्स, कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन की स्क्रीन पर गुजरता है। बोर्ड के  परीक्षा मे योग...