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Student Samay Ka Sadupyog Kaise Kare, Students Apane Jivan Me Kaise Aage Badhe Ya Badhane Ke Liye Kya Karana chahiye , Students Motivational Thoughts In Hindi

Samay Ka Mahavt Samajhe दोस्तो, अभी आपका समय बहुत कीमती है। आपका ध्यान उससे भी ज्यादा कीमती है। हमें कोशिश करनी है कि इस ध्यान को हम खुद को विकसित करने में, स्वयं को बेहतर करने में लगाएं, न कि दूसरों को जज करने में उसे व्यर्थ करें। हालांकि, दूसरों को जज करना भी जरूरी है, क्योंकि हमें इसीलिए बुद्धि मिली हुई है। लेकिन उस जजमेंट की जगह हमें उन्हें यूनीक समझना चाहिए। यह समझना चाहिए कि वे भिन्न हैं। उनमें कुछ अलग टैलेंट है, इंट्रेस्ट है। इसलिए अपने जजमेंट को हमें पूरी एकाग्रता के साथ स्वयं को बेहतर करने में लगाना चाहिए। यह सबसे पहली चीज है। दूसरा, यह कि मैंने दो भारत को देखा है। मैं काफी सारे आइआइएम में गया और कुछ बड़े प्राइवेट बिजनेस स्कूल, कॉलेजों में भी गया। कई छोटे शहरों के कॉलेजों में भी प्रोग्राम किया है, जैसे कि ग्वालियर, भोपाल, जयपुर, उदयपुर, सूरत इत्यादि। इन सब जगहों पर मैंने दो भारत को देखा। एक भारत, जो थोड़ा प्रो-एक्टिव है, जो आगे बढ़कर कुछ करना चाहता है, जो लिंक्डइन पर एक्टिव है, जो नेटवर्किंग करता है। वहीं, दूसरा भारत है जो सो रहा है। वहां के डायरेक्टर भी सो रहे हैं, प्रोफेसर भ...

Behoshi (Syncope) Ko Dur Karne Ke Upay, Lakshan , Behoshi Bimari Ka Ilaj Ke Bare Me Jankari In Hindi Mein

Behoshi(Syncope) Ho Sakata Hain Ghatak  लोग अपने जीवनकाल मे कभी न कभी बेहोश हो सकते हैं। ज्यादातर लोग इसे मिर्गी समझने की भूल करते है,जबकि बेहोशी का एक प्रमुख कारण दिल की खराब कार्यप्रणाली से संबंधित है।दिलकी धड़कन के अनियमित होने से भी बेहोशी संभव  है। बेहोशी से संबंधित विभिन्नन पहलुओं और इसके इलाज के बारे में जानकारी दे रहे हैं कुछ विशेषज्ञ डॉक्टर.. Log Behosh Kyu Hote Hain??? बेहोश होने को चिकित्सकीय भाषा मे सिनकोप कहा जाता है। American Heart Association सिनकोप को अस्थायी बेहोशी कहता है जो मस्तिष्क मे खून का प्रवाह अपर्याप्त हाने से होता है। ऐसा तब होता है जब मस्तिष्क काे  पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं कर पाता है। बेहाशी के मामले मे सबसे अधिक जरूरी है यह जानना कि इस परेशानी को बडी बीमारी या बडा खतरा बनने से कैसे रोका जाये। By Shubham Chauhan एक नजर इनके मामले पर 50 साल के पेशेवर सतीश कपूर (बदला हुआ नाम) शारीरिक तौर पर काफी सक्रिय थे। रोजाना 15 घट काम करने की उनकी आदत से दूसरे भी प्रेरित होते थे। अचानक एक दिन वह दोपहर बेहोश हो गए तो उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जा...

Video Gaming Designer And Development Me Jobs Ya Career Kaise Banaye, Course, Salary, Colleges, University In India Ke Bare Me

Video Gaming Design Jobs Ya Career Ke Bare Me Jankari Video Gaming Me Career Kaise Banaye? हाल के दिनों में इंटरनेट के माध्यम से खेली जाने वाली गेम पबजी को लेकर युवाओं, किशारों के बीच खूब क्रेज देखा गया। अभी भी युवा अपना अधिकांश समय इस गेम में बिताना पसंद करते हैं, जिसे मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर पर बड़ी आसानी से खेला जा सकता है। महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक में आजकल इस तरह के ऑनलाइन मोबाइल गेम काफी पसंद किए जा रहे हैं, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध भी हैं। दरअसल, पहले इस तरह के ज्यादातर हाई ऐंड वीडियो गेम्स कंसोल से खेला जाता था, जो हजारों रुपये में आते थे, लेकिन अब क्लाउड गेमिंग का जमाना है, जहां नेटफ्लिक्स की तरह हर महीने कुछ फीस चुकाकर अपना मनचाहा गेम खेल सकते हैं। ये वीडियो गेम्स दमदार ग्राफिक्स और साउंड क्वालिटी के साथ आते हैं और आपको गेमिंग वर्ल्ड की एक अलग दुनिया का अनुभव कराते हैं। सबसे अच्छी बात है कि इस तरह के कंसोल क्वालिटी के वीडियो गेम्स का लुत्फ वेब ब्राउजर या स्मार्टफोन पर लिया जा सकता है। क्लाउड गेमिंग की लोकप्रियता को देखते हुए अब गूगल भी इस फील्ड में आ ग...

Sarkari Ya Private Naukri Pane Ke Upay, Naukari Ke Liye Kaise Khud Ko Taiyar Kare Jankari In Hindi Mein

Job Ya Naukari Pane Ke Liye Khud Ko Jachana Kitna Jaruri Hain Jane…...  Job / Naukari Pane Ke Liye Behtari Sujhav Kya Hai? एक्स्ट्रा शॉट कनीकी या गैर-तकनीकी कोर्स करके निकलने वाले तमाम युवा अगले कई साल नौकरी की तलाश करते हुए गवां देते हैं। इसके बावजूद ज्यादातर को उपयुक्त नौकरी नहीं मिल पाती। बहुत कम को ही मनपसंद या रुचि की नौकरी मिल पाती है। अधिकंतर को कहीं न कहीं एडजस्ट ही होना पड़ता है। उसमें भी उन्हें संतोषजनक सैलरी नहीं मिल पाती। उधर, ज्यादातर संस्थानों के एचआर विभाग की चिंता यह है कि उन्हें ऐसे उपयुक्त एम्लॉयी नहीं मिल पाते, जिनकी उन्हें संस्थान के कार्यों के लिए तलाश होती है। जो मिलते भी हैं, समुचित स्किल न होने के बावजूद उनकी अपेक्षाएं बहुत अधिक होती हैं। एचआर विभाग और संस्थान थोड़ा कंप्रोमाइज करते हए अगर उन्हें रख भी लेता है, तो और ज्यादा की तलाश में वे ज्यादा दिन टिकते नहीं। यह परेशानी कमोवेश आज के समय में अधिकतर संस्थानों की है। आखिर दिक्कत कहां है? क्या वाकई नौकरी की कमी है? या फिर ज्यादातर शिक्षण संस्थानों से निकलने वाले हमारे युवा ही पर्याप्त काबिल होकर नहीं निकल पा रह...

Swasth (Health) Kaise Banaye, Apane Swathya(Health) Ka Khyal Kaise Rakhe? Ek Health Jivan Shaili Ki Jivan Kaise Bitaye Jankari Hindi Mein

Ek Health Jivan Shaili Ki Jivan Kaise Bitaye आधुनिक युग की रफ्तार बहुत तेज है। इस रफ्तार के साथ बने रहने के लिए हमें अपने स्वास्थ्य को भी उतना ही मजबूत बनाना होगा, अन्यथा इस रफ्तार से भरी दुनिया में हम पीछे रह जाएंगे। इसलिए हमें स्वास्थ्य के लिए कुछ सुझावों पर अमल करना होगा... 1. सुबह का वक्त व्यायाम, ध्यान व योग के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होता है। इसलिए हमें इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। 2. शारीरिक व्यायाम के बीच एक-दो बूंट पानी जरूर पीते रहना चाहिए। ऐसा करने से शरीर में पसीने द्वारा निकले पानी की कमी पूरी होती है। 3. व्यायाम करने के बाद भोजन में हमें अधिक मात्रा में प्रोटीन व कार्बोहाइड्रेट्स युक्त खाद्य पदार्थ, लेने चाहिए। 4. व्यायाम से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि शरीर में एन्डोर्फिन (यह हार्मोन मूड को खुशमिजाज बनाता है) भी अधिक स्रावित होता है। 5.व्यायाम में परिवर्तन करते रहें। जैसे एक दिन योगासन करें तो अगले दिन जिम जाएं और फिर उसके अगले दिन एरोबिक्स करें। ऐसे परिवर्तन से आप नयापन महसूस करेंगे। 6. अगर शरीर दुखने लगे और अधिक थकान लगे, तो व्यायाम को उसी वक्त रोक दें। 7. प्रत्येक दिन...

क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज क्या है? Chronic Obstructive Pulmonary Disease Treatment(Upchar), Symptoms (Kakshan), Definition In Hindi

Chronic Obstructive Pulmonary Disease क्रॉनिकऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) फेफड़ों से संबंधित गंभीर बीमारी है। इस मर्ज में फेफड़ों के टिश्यूज के क्षतिग्रस्त होने के परिणाम स्वरुप पीड़ित व्यक्ति अच्छी तरह से सांस नहीं ले पाता। कालांतर में यह समस्या बद से बदतर होती जाती है। इस रोगके संदर्भ में कुछ विशेषज्ञ डॉक्टरों से बातचीत... लाख लोगों की मौतें भारत में प्रतिवर्ष सीओपीडी से होती है। 15 लाख लोगों की प्रतिवर्ष दुनियाभर में मौतें क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) से होती हैं। Chronic Obstructive Pulmonary Disease Ke Karan डॉक्टर का कहना है कि सीओपीडी' का एक प्रमुख कारण धूमपान है। अगर रोगी इस लत को नहीं छोड़ता, तो उसकी बीमारी गंभीर रूप अख्तियार कर सकती है। धूमपान से कालांतर में फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है। फेफड़ों में सूजन आने लगती है, उनमें । बलगम जमा होने लगता है। फेफड़े की सामान्य संरचना विकारग्रस्त होने लगती है। वहीं जो महिलाएं ग्रामीण या अन्य क्षेत्रों में चूल्हे परखांना बनाती हैं, उनमें सीओपीडी से ग्रस्त होने के मामले कहीं ज्यादा सामने आते हैं। वहीं जो लोग रा...

Pneumonia Kya Hota Hai? Definitions, Symptoms, Treatment, Pneumonia Bacteria Name, Pneumonia Se Bachane Ke Gharelu Upchar Ke Bare Me Jankari

Pneumonia Kya Hota Hai? फेफड़े में संक्रमण (इंफेक्शन) को निमोनिया कहा जाता है। यह इंफेक्शन ज्यादातर मामलों में जीवाणुओं (बैक्टीरिया) के कारण होता है। इस मर्ज में एक या दोनों फेफड़ों के भागों में सूजन आ जाती है और फेफड़ों में पानी भी भर जाता है। निमोनिया रोग होने के कारण और निमोनिया बैक्टीरिया नाम न्यूमोकोकस, हीमोफिलस, लेजियोनेला, माइकोप्लाज्मा, क्लेमाइडिया औरस्यूडोमोनास आदि जीवाणुओं से निमोनिया होता है। इसके अलावा कई वाइरस (जो इंफ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू के वाहक हैं), फंगस और परजीवी रोगाणुओं के कारण भी निमोनिया होता है। भारत में प्रतिवर्ष संक्रामक रोगों से होने बाली मौतों में से लगभग 20 फीसदी निमोनिया की वजह से होती हैं। इसके अलावा अस्पताल में होने वाले संक्रामक रोगों में यह बीमारी दूसरे स्थान पर है। इन्हें है ज्यादा खतरा वैसे तो यह संक्रमण किसी को भी हो सकता है, पर कुछ बीमारियां और स्थितियां ऐसी हैं, जिसमें निमोनिया होने का खतरा अधिक होता है। जैसे शराब और नशे से पीड़ित मरीज, हृदय,फेफड़े और लिवर की बीमारियों के गंभीर मरीज। इसी तरह डायबिटीज, गंभीर किडनी रोग, वृद्ध, कम उम्र के बच्चे और...