सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

lassi ke fayde | lassi pine ke fayde hindi me | lassi peene ke kya fayde hain

लस्सी पीने के फायदे या लस्सी पीने के फायदे क्या फायदे हैं हिंदी में लस्सी : लस्सी उत्तर भारत में खूब पिया जाने वाला समर ड्रिक है। लस्सी पीने का सबसे ज्यादा चलन पंजाब हरियाणा, उत्तर प्रदेश में है। लस्सी सेहत के लिए बहुत गुणकारी पेय है। यह बॉडी की हीट को कंट्रोल में रखती है। इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट और पानी की मात्रा शरीर में नमी बनाए रखती है। यह शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है। पाचन तंत्र को बेहतर बनाती है। एसिडिटी में राहत देती है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उनके लिए बहुत फायदेमंद है।

interior ghar ka design | ghar ka interior decoration | ghar ka interior kaise kare

होम इंटीरियर डिजाइन डेकोरेशन आइडियाज इन हिंदी में या घर का इंटीरियर के लिए क्या करे और कैसे करे   व्हाइट्स और न्यूट्रल्स एक तरह के आधारभूत रंग हैं, जिन पर रंगों और टेक्सचर की कई परतें इस्तेमाल करके कमरे को आकर्षक बनाया जा सकता है। बता रही हैं expert आजकल की भागदौड़ और तनावभरी जिंदगी में हर व्यक्ति सुकून और शांति चाहता है। ऐसे में घर और कार्यस्थल के इंटीरियर में सफेद रंग का अधिक से अधिक इस्तेमाल करके यह एहसास पाया जा सकता है। यही नहीं, आजकल थीम को लेकर घर की सजावट के दौर में व्हाइट थीम इंटीरियर की शान बन गया है। सफेद एक ऐसा रंग है जो कभी उबाऊ नहीं लगता है। यह स्पेक्ट्रम का बहुत ही नाटकीय, ताजगी से भरपूर और सुखदायक रंग है। सफेद रंग सौम्यता और आत्मविश्वास के साथ पवित्रता और स्वच्छता का एहसास करवाता है। इंटीरियर के दोष छिप जाते हैं सफेद रंग एक शुद्ध और व्यावहारिक रंग है। यह रंग आंतरिक सज्जा की अन्य वस्तुओं को उभारने में आधार का काम करता है। यही नहीं, सफेद रंग इंटीरियर के लिए एक इरेजर का काम भी करता है। फिर चाहे आपके घर में आर्किटेक्चर संबंधी कोई दोष हो या कोई और कमी, सफेद रंग उन पर मान...

shivratri kyu manayi jati hain | shivratri me upvas kaise kare | shivratri ke bare me jankari

शिवरात्रि क्यों मनाई जाती है या शिवरात्रि उपवास का महत्व , शिवरात्रि को परिभाषित करो सब जानते हैं भगवान भोलेनाथ बहुत जल्दी खुश होते हैं। आशुतोष हैं वे, लेकिन अगर राशि के अनुसार शिव की पूजा करें, तो फल चमत्कार की तरह जिंदगी में आते हैं। भगवान शिव की पूजा में भाव का बड़ा महत्व है। 'शि' यानी मंगल और 'व' यानी दाता, अर्थात जो मंगलदाता है, वही शिव है। मां पार्वती ने कठिन तपस्या की, तो वर के रूप में उन्हें स्वयं आशुतोष भगवान शिव प्राप्त हुए। तभी से मान्यता है कि विवाह योग्य कन्याओं को उत्तम वर प्राप्ति के लिए महाशिवरात्रि पर पूरे मनोभाव से आराधना करनी चाहिए। वैसे भी आदिकाल से महादेव की पूजा- आराधना सभी करते आ रहे हैं। देवता ही नहीं, बल्कि दानव भी उनके उपासक रहे। आज भी शिव ऊंच- नीच, अमीर-गरीब, जात-पात, और यहां तक कि समाज-समुदायों की सीमा से परे होकर पूजे जाते हैं। दूसरे समाज-समुदायों के लोग और कलाकार इसलिए भी शिव को पूजते हैं, क्योंकि वे कलाओं के भी देवता वैसे भी प्रकृति में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ऊर्जाएं प्रवाहित होती रहती हैं। शिव उपासना इन दोनों ऊर्जाओं को संतुलित कर स...

Ghar kharidate Samay Kis Bat Ka Dhyan Rakhana Chahiye | Ghar Kharidate Samay Kis Bato Ki Savadhani Rakhani Chahiye

घर खरीदते समय इन बातो का रखे ध्यान या सावधानी हर महिला का सपना होता है कि एक ऐसा घर हो, जहां वह अपने परिवार के साथ खुशी से रह सके। लेकिन, घर करने के दौरान कई तरह की सावधानियों की जरूरत होती है। अपना घर हर किसी का सपना होता है। अक्सर लोग चाहते हैं कि घर छोटा ही सही, लेकिन अपना हो। कई लोग बिल्डर या एजेंट की बातों पर यकीन कर लेते हैं, लेकिन ऐसे लुभावने वादों पर यकीन करने के बजाय घर खरीदने से पहले खुद उस जगह या घर की ठीक से जांच करें। जमीन की पूरी जानकारी जमीन की बढ़ती जरूरत को देखते हुए खेती की जमीन पर जमकर प्लाटिंग की जा रही है। ऐसे में मकान खरीदने से पहले जमीन का मालिकाना हक जरूर जान लें, इससे आप आगे आने वाली दिक्कतों से बच सकती हैं। दो चीजों के बारे में जानकारी जरूर रखें। पहली, जिस जमीन पर इमारत बनी है या बनने वाली है, वह किसके नाम है। दूसरी, उस पर किया गया निर्माण नियमानुसार है अथवा नहीं। । जानकार से लें सलाह किसी भी डेवलपर से घर खरीदने से पहले लिखित में करारनामा जरूर लें, जिसमें फ्लैट की विस्तृत सूचनाओं और सभी शर्तों का जिक्र हो। इसमें भुगतान की योजना, फ्लैट सौंपने का समय भी शामिल हो...

paramedical course kya hota hai | course list, salary, institute, Definition, Qualification, Syllabus Ke Bare Janakari

Paramedical Me Career Kaise Banaye Ya Paramedical Career, Jobs Ke Bare Me Jankari महामारी के दौरान पैरामेडिकल क्षेत्र के लोग इस चुनौती का सामना करने वालों को अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे। आने वाले समय में चुकी हेल्थ केयर के क्षेत्र को और पुख्ता बनाने की योजनाएं बन रही है, तो बतौर पैरामेडिकल प्रोफेशनल एक बेहतर कैरियर की संभावना पैदा हो रही है। पैरामेडिकल कोर्स क्या होता है? मेडिकल के क्षेत्र में डॉक्टरी सेवाओं के अलावा ऐसे भी कई पेशे हैं, जिन्हें चुनकर आप अपने भविष्य को चमका सकते हैं और देश हित में अपनी सेवाएं दे सकते हैं। हम बात कर रहे हैं पैरामेडिकल क्षेत्र की, जिसमें काम करने वाले व्यक्ति को सहायक चिकित्सक भी कहा जाता है, क्योंकि पैरामेडिकल स्टाफ इमरजेंसी मेडिकल केयर प्रोवाइडर के रूप में काम करता है, जो मूल रूप से प्राथमिक चिकित्सा और ट्रॉमा सेवाएं प्रदान करता है। ये एलाइड हेल्थ केयर वर्कर आमतौर पर हेल्थ केयर वर्कर (नर्सिंग, मेडिसिन और फार्मेसी) से अलग होते हैं। इन एलाइड हेल्थकेयरके क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए पैरामेडिकल का कोर्स करना जरूरी होता है। किन क्षेत्रों का कर सकते हैं...

career kaise banaye | career kaise choose kare | career kaise banta hai

करियर कैसे चुने, कैरियर कैसे बनाये या कैरियर कैसे बनाया जाता हैं जानकारी कुछ आदतें हैं, जिन्हें करियर लाइफ का हिस्सा बनाने पर आप अपने कार्यक्षेत्र के किसी भी चुनौतीपूर्ण वक्त का सामना एक लीडर की तरह कर लेते हैं। जानिए एग्जीक्यूटिव कोच के बारे में एक कर्मचारी के तौर पर कुछ आदतें आपसे अपेक्षित होती हैं, जो आपको अपने कार्यक्षेत्र में औरों से आगे रखने में मदद करती हैं। ● एक लक्ष्य बनाएं: अपने करियर में कितनी अवधि में आप कहां पहुंचना चाहते हैं, ये स्पष्टता बहुत जरूरी होती है। जैसे कि इस साल की शुरुआत से ही आप इस साल का लक्ष्य बना लें। ध्यान रहे कि लक्ष्य यथार्थवादी हों और ऐसे हों, जिन्हें पूरा करना आपके लिए संभव हो। ● सीखना जारी रखें : अपनी जानकारी और कौशल में लगातार बढ़ोतरी करना आज के हालात के अनुसार जरूरी है। ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स भी इन दिनों खूब उपलब्ध हैं। उडेमी, कोर्सेरा, लिंक्डइन लर्निग जैसे प्लेटफॉर्म से आप अपने लिए अतिरिक्त कौशल जुटाने की शुरुआत कर सकते हैं। किताबें पढ़िए, अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों के बारे में जानिए, संभव हो तो उनके संपर्क में रहिए। ● तकनीक के उस्तादबन जाइए...

hand wash kaise karte hain | corona hand washing time | hand washing steps in hindi

हैंड वाश कैसे करते है या कोरोना हैंड वाशिंग का तरीका  कोरोना वायरस के मामले में हैंड वॉशिंग को बहुत महत्व दिया जा रहा है।वजह है कि इसका संक्रमण हाथों के जरिए ही सबसे अधिक फैलता है। कुछ लोग पूछते हैं कि बार-बार हाथ धोने से क्या होगा? आइए जानते हैं कि हाथ नहीं धोने से क्या-क्या हो सकता है... चिकित्सा विज्ञान मानता है कि संक्रामक बीमारी से बचने के लिए हाथ धोने की प्रक्रिमा महत्वपूर्ण है। इससे हाथों में लगा संक्रमण निकल जाता है। एक अध्ययन के अनुसार हमारे देश में 40 प्रतिशत लोग खाना खाने से पहले हाथ नहीं धोते हैं। इसी अध्ययन के मुताबिक यदि हाथ धोने की प्रक्रिया पूरी ईमानदारी से निभा लें तो हर साल लाखों लोगों की जान बच सकती है। एक से दूसरे तक पहुंचते हैं रोगाणु : बात केवल कोरोना तक ही सीमित नहीं है। हाथ संक्रमित हों और उन्हें धोकर साफ न किया जाए तो कई संक्रामक रोगाणु परिजनों और मित्रों तक पहुंच सकता है। दरवाजे का हैंडल, टॉयलेट या बाथरूम के दरवाजे का हैंडल, नल की टोंटी, रेलिंग, लिफ्ट के बटन और ऐसे ही अनेक स्थान है, जो आमजन के साथ-साथ आपके इस्तेमाल में भी आते हैं और संक्रमित करते हैं। पकड़...