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रसायन शास्त्र में करियर - केमिस्ट्री में करियर कैसे बनाए | अवसर | सैलरी

नैनोटेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, फोरेंसिक साइंस, बायोकेमिस्ट्री , बायोकेमिकल इंजीनियरिंग करियर कैसे बनाए अकसर युवा सोचते हैं कि स्नातक में केमिस्ट्री का अध्ययन तभी उपयोगी है, जब फार्मा क्षेत्र में जाना हो। लेकिन तथ्य यह है कि रासायनिक पदार्थों के अध्ययन से संबंधित यह विषय बहुत व्यापक है और इसमें अच्छे करियर की भरपूर संभावनाएं हैं। जानकारी दे रही हैं  केमिस्ट्री या रसायनशास्त्र का महत्व इसी बात से समझा जा सकता है कि इंटरमीडिएट और स्नातक स्तर पर विज्ञान वर्ग के किसी भी विषय-समूह (बायोलॉजी ग्रुप या मैथ्स ग्रुप) में इसका अध्ययन अनिवार्य है। डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी में केमिस्ट्री के असिस्टेंट प्रोफेसर कहते हैं, दरअसल बायोलॉजी और फिजिक्स जैसे विज्ञान के दूसरे विषयों से भी केमिस्ट्री का गहरा संबंध है। एडवांस केमिस्ट्री, नैनोटेक्नोलॉजी, फोरेंसिक साइंस, इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री आदि समेत केमिस्ट्री की अनेक शाखाएं हैं, जिनका अध्ययन करियर के लिए संभावनाओं के दरवाजे खोलता है।' कोर्स की कमी नहीं केमिस्ट्री में सामान्य बीएससी से लेकरटेक्निकल डिग्री तक के कोर्स मौजूद हैं। बीएससी पाठ्यक...

ऑस्टियोपोरोसिस का इलाज क्या है इन हिंदी - ऑस्टियोपोरोसिस में क्या खाना चाहिए

ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी क्या होता है या  ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी के लक्षण व उपचार क्या है? हड्डी की सेहत ऑस्टियोपोरोसिस के लिए बहुत हद तक हमारा असंतुलित खान-पान और दोषपूर्ण जीवनशैली जिम्मेदार है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि हम भोजन में कैल्शियम, विटामिन डी के सेवन के साथ ही एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करें... कोविड-19 से बचाव के लिए भीड़ से बचने के क्रम में वर्क फ्रॉम होम को तरजीह दी गई। इस वजह से शारीरिक सक्रियता में कमी, एक्सरसाइज न करना, एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठे रहना, कंप्यूटर पर एक ही पोस्चर में बैठकर लगातार काम करना इत्यादि की वजह से हड्डियों व मांसपेशियों की तकलीफें बढ़ रही हैं। हड्डियों से संबंधित तकलीफों को ऑस्टियोपोरोसिस के रूप में चिन्हित किया जाता है। इसका मुख्य कारण है दोषपूर्ण जीवनशैली और हड्डियों में विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी का होना। इसकी वजह से हड्डियों के घनत्व में कमी, हड्डियों के जल्दी खराब होने और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ता है। ऑस्टियोपोरोसिस को पहचानें • ज्यादा देर तक खड़े होने में तकलीफ, कमर में दर्द होना और काम करने में असहज हो...

रिश्ता मजबूत बनाने के टिप्स - pyar kaise badhaye

प्यार या रिश्ते को कैसे मजबुत करे या couple के बीच मे प्यार कैसे होना चाहिए और उसे कैसे बढ़ाए  रिश्ता कोई भी हो, प्यार हर रिश्ते में जरूरी है। या यूं कहें कि रिश्ते की बुनियाद ही प्यार और विश्वास है। अब सवाल यह है कि इस डोर को मजबूत बनाएं कैसे, जिससे हमेशा-हमेशा के लिए वेलेंटाइन-डे वाली अनुभूति बनी रहे। इस सवाल का जवाब है कि प्यार किसी दिन या किसी मौसम का मोहताज नहीं होना चाहिए। प्यार तो हर दिन का है। इसमें 'वेलेंटाइन डे' तो एक बहाना है, अपने प्यार को सेलिब्रेट करने का, नए रिश्ते को प्रपोज करने का। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि आपने इस मौके को सेलिब्रेट करके अपने रिश्ते को मजबूत कर लिया। इस तरह के और भी पल हमारी जिंदगी में होने चाहिए, जिससे रिश्तों में नया पन रहे। शादी हो गई, अब आप एक-दूसरे के हैं, यह सोच कर साथी के प्रति लापरवाह हो जाना रिश्ते में नीरसता ला देता है। उस बोरियत या नीरसता से बाहर निकलने के लिए 'वेलेंटाइन डे' जैसे मौके संजीवनी का काम करते हैं। इसलिए बहुत जरूरी है कि आपके रिलेशनशिप में ऐसे मौके हों, जो आपके रिलेशनशिप में नयापन ला सके। नियमित दिनचर्या से क...

सनकपन - obsessive compulsive disorder kya hota hai | ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) क्या होता है

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) क्या होता है सनकपन एक प्रकार का मनो रोग है। इसमें व्यक्ति के दिमाग में शक, वहम आदि नकारात्मक प्रवृत्तियां बैठ जाती हैं। इस मनोरोग को दूर किया जा सकता है.................... ऑब्सेशन (सनकपन) एक ऐसा मनोरोग है, जिसके चलते रोगी के मन में बार-बार परेशान करने वाले फालतू विचार आते हैं। सच्चाई के विपरीत ऐसे विचार रोगी के मन में वहम के रूप में बसे रहते हैं। जैसे, कहीं मुझे कैंसरतो नहीं? या कहीं मेरे बच्चे के साथ कोई दुर्घटना न हो जाए। बार-बार आने वाले इन विचारों को मन से हटाने के लिए रोगी अनेक प्रकार की बार-बार दोहराने वाली सनकपन से संबंधित हरकतें करते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में 'कम्पलशन' कहते हैं। यह रोग किसी भी आयुवर्ग के व्यक्ति को हो सकता है। न्यूरोकेमिकल की कमी ऑब्सेशन के कारण आनुवांशिक भी हो सकते हैं, लेकिन इसका एक प्रमुख कारण रोगी के मस्तिष्क में सेरोटोनिन जैसे न्यूरो केमिकल की कमी होना है। इस कमी के चलते रोगी हर काम में उलझता है और किसी भी काम को भलीभांति करने के बावजूद रोगी को तसल्ली नहीं होती और वह बार-बार उसी कार्य को दोहराता है। व्यर्थ विचारों ...

कोरोना वैक्सीन गाइडलाइंस टीकाकरण के बारे में जानकारी - corona vaccine kya hai

कोरोना वैक्सीन टीकाकरण क्यों आवश्यक है और कोरोना वैक्सीन इनफार्मेशन के बारे मे जानकारी किसी भी नई चीज को लेकर मन में संशय होना स्वाभाविक है। आज कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में जो संशय है, एक समय यही बात टेटनस और पोलियो के टीके को लेकर भी थी। कोरोना से बचाव में जो वैक्सीन दी जा रही हैं वेपूरी तरह सुरक्षित हैं,लेकिन यह जिम्मेदारी आपकी है कि वैक्सीन लेने के बात किसी तरह की परेशानी हो तो संबंधित चिकित्सकया नोडल अधिकारी को बताएं और समस्या का समाधान पाएं...... देश में दी जा रही कोरोना की दोनों वैक्सीन, कोवि-शील्ड और को- वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित हैं और इनका कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं है। 16 जनवरी को देश में टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। अब तक एक करोड़ अलाख से अधिक लोग टीकाकरण करा चुके हैं। इनमें से सिर्फ तीन लोगों में गंभीर दुष्प्रभाव सामने आए हैं। ऐसे में यह कह दिया जाए कि इसका कारण वैक्सीन ही है तो यह उचित नहीं है। टीका लेते समय ही किसी को हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक हो जाए तो इसके लिए वैक्सीन को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है बावजूद इसके किसी संशय के निदान क...

भविष्य में कैसे नौकरी पाये | भविष्य में कैसी होंगी नौकरियों | भविष्य की नौकरियों के बारे में जानकरी

भविष्य में नौकरी कैसे पाएं या भविष्य में  जॉब, कैरियर बनाने के तरीक़े वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की रिपोर्ट दफ्यूवर ऑफ जॉब्स के अनुसार अगले सात साल में भारत समेत दुनियाभर में जॉब टेंड तेजी से बदलने वाला है। बहुत-सी ऐसी नौकरियों की मांग बढ़ेगी, जोकि अभी कम डिमांडमें हैं।आइएजानें,आधुनिक तकनीकोंके आनेसेइस साल किस तरह के इमर्जिंग जॉब्सऔर उनसे संबंधित कोर्सकी डिमांड होगी,जिनमें युवाओ को अच्छी नौकरी के साथ-साथ मोटी सैलरी भी मिलसकती है... 10 टॉप नए जमाने की नौकारियों ने शामिल है डाटा एनालिस्ट की जाब, जहा आजकल शुरुआत में ही सबसे ज्यादा सैलरी मिलती है। 2022-2024 तक क्लाउड कम्प्यूटिग के क्षेत्र में करीब एक लाख नई  नौकारियों के सामने आने का अनुमान है। पिछले कुछ वर्षों से जॉब मार्केट लगातार बदल रहा है। नई तकनीक पर आधारित नये-नये जॉब सामने आ रहे हैं। अगर आप भी चाहते है कि आपकी मार्केट में वैल्यू बढ़े और इन नई तकनीको का लाभ उठा सकें, तो अभी से आपको इसके लिए इनसे संबंधित कोसों पर ध्यान देने की जरूरत है। नई स्किल सीखने पर जोर दीजिए। इससे आपको जल्दी पहचान भी मिलेगी और आगे बढ़ने का बेहतर ...

स्टैटिस्टिक्स (सांख्यिकी) में करियर | statistics me career kaise banaye

सांख्यिकी या स्टैटिस्टिक्स मे कैरियर कैसे बनाए, कैरियर स्कोप, अवसर, सैलरी के बारे मे जानकारी  अब आर्थिक जगत ही नही, लगभग हर क्षेत्र में आकड़ो पर आधारित नीतिगत निर्णय लिए जाने का दौर है। महामारी जैसी स्तिथियों में भी आंकड़े हमेशा से अहम रहे है। इसलिए वर्तमान ही नही, भविष्य में भी स्टैटिस्टिक्स यानी सांख्यिकी के एक्सपर्ट के लिए अवसर की कमी नही है। आंकड़े यानी स्टैटिस्टिक्स! इसका उपयोग अब हर क्षेत्र में दिनोदिन बढ़ता जा रहा है। आज हर क्षेत्र में शोधपरक काम हो रहे हैं। ऐसे में सांख्यिकी का उपयोग भी बड़े स्तर पर हो रहा है। चुनाव, खेल, जनसंख्या गणना, चिकित्सा, पर्यावरण, विज्ञान, मनोविज्ञान, मार्केटिंग, एग्रीकल्चर, बैंकिंग, बीमा, फार्मा, मीडिया, एस्ट्रोलॉजी और स्टार्टअप, इन सभी क्षेत्रों में शोधों और स्टैटिस्टिक्स की बात होना अब आम है। स्टैटिस्टिक्स के फील्ड में विद्यार्थियों के लिए चमकदार करियर के कई आकर्षक विकल्प खुले हैं। कई लोग इसे गणित का ही एक हिस्सा समझ लेते हैं। लेकिन स्टैटिस्टिक्स गणित की एक शाखा है। किसी भी तरह के डेटा के गणितीय तरीके से किए जाने वाले प्रस्तुतिकरण, विश्लेषण, ...