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energy ke liye kya piye | energy ke liye kya pina chahiye

energy ke liye kya lena chahiye हमारे लिए रोज पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करना जरूरी है। ऐसे पेय पदार्थ, जिनसे पोषण और ऊर्जा दोनों मिल सके। यं बाज़ार में कई तरह के एनर्जी ड्रिंक्स हैं, पर हम इन्हें घर में भी बना सकते हैं। पानी शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर करने में पानी से बेहतर कोई नहीं है। पानी के कारण ही किडनी विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम ढंग से कर पाती है। हम सादा, गुनगुना, कैसा भी पानी पी सकते हैं। हैं सुबह पिएं नारियल पानी इससे शरीर को तुरंत ऊर्जा, ठंडक और ताजगी मिलती है। इसके पोषक तत्व पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम, शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते। सुबह नारियल पानी पीने से शरीर को कई पोषक तत्व मिलते हैं। किसी भी तरह के संक्रमण में आराम मिलता है। लिवर रोगों में नारियल पानी में नीबू मिलाकर ले सकते हैं। अदरक और नींबूकीचाय अदरक और नींबू का मिश्रण सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाता है। इसे पीने से तुरंत ऊर्जा मिलती है और तनाव भी कम होता है। अदरक में प्रचुर मात्रा में -एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं और नीबू में विटामिन सी। इस चाय से...

फेक न्यूज़ कैसे पहचाने या फेक न्यूज़ कैसे चेक करें

फेक न्यूज़ कैसे पहचाने या फेक न्यूज़ कैसे चेक करें आज के दौर में सूचनाओं को बिना के जांचे-परखे एक-दूसरे के साथ साझा करना काफी खतरनाक हो सकता है। इंटरनेट मीडिया ने जहां सूचनाओं को साझा. करना बहुत आसान बना दिया है, वहीं इसका गलत उपयोग भी खूब हो रहा है। इंटरनेट मीडिया पर फर्जी खबरें तेजी से वायरल की जाती हैं। मगर आपको गलत सूचनाओं को साझा करने से बचना चाहिए। अगर कुछ बातों का ध्यान रखें, तो आप भी फर्जी खबर, वीडियो आदि को पहचान सकते हैं.... आगे भेजने से पहले सोचें : आमतौर पर लोगों की आदत होती है कि वे इंटरनेट मीडिया यानी वाट्सएप, फेसबुकं आदि पर आई किसी भी खबर, फोटो या वीडियो को बिना सोचे-समझे एक-दूसरे के साथ साझा करने लगते हैं। लोग यह भी ध्यान नहीं देते कि जो वे साझा कर रहे हैं, वह सही है भी या नहीं और उसका क्या प्रभाव हो सकता है। जब भी इंटरनेट मीडिया पर किसी मजेदार खबर या जरूरी सलाह के नाम पर मैसेज आए, तो उसे तुरंत शेयर करने से बचें। थोड़ा रुकें और सोचें कि क्या वह खबर सच है या क्या उसे भेजना जरूरी है? इससे आप फेक न्यूज को साझा करने से बच जाएंगे। खासकर आपको ...

कैंसर बीमारी का इलाज क्या है | उपचार | इलाज | ट्रीटमेंट

कैंसर ठीक कैसे होता है, उपचार,  उपाय,  ट्रीटमेंट,  इलाज के बारे में आजादी के समय लाइलाजकहे जाने वाले कैंसर की रोकथाम में नई तकनीकों व दवाओं ने लादी है क्रांति... भारत 1947 में आजाद हुआ परंतु यह बड़ी समस्या थी कि आखिर देश का समेकित विकास कैसे किया जाए। कई संक्रामक बीमारियों के साथ ही टीबी और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां उपयुक्त उपचार के अभाव में बड़ी चुनौती थीं। चिकित्सा संसाधनों की कमी और जागरूकता न होने के कारण कई बार कैंसर जैसी बीमारी के बारे में लोग जान ही नहीं पाते थे। आजादी के अमृत महोत्सव के वर्ष में यह जानना सुखद है कि चिकित्सा जगत ने इस बीमारी की रोकथाम की कई तकनीकें व दवाएं विकसित की हैं और इस दिशा में निरंतर शोधकार्य जारी हैं। कैंसर एक जटिल बीमारी है, लेकिन यदि समय पर इसके संक्रमण का पता चल जाए और उपचार के लिए वक्त मिले तो स्वस्थ होने की काफी संभावना बढ़ जाती है। समय के साथ चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति हुई और इस बीमारी पर भी बहुत काम हुआ। 1975 में नेशनल कैंसर कंट्रोल प्रोग्राम संचालित हुआ जिसके तहत रीजनल कैंसर सेंटर्स बनान...

अर्थराइटिस के लक्षण और उपचार | इलाज | उपाय | बचाव

अर्थराइटिस बीमारी के लक्षण (Symptoms) और उपचार के बारे में अर्थराइटिस से बचाव आपके हाथ में है। इससे ग्रसित होन पर तुरंत जांच और समय रहते उपचार कराने के पश्चात जिया जा सकता है सामान्य जीवन... arthritis-ke-lakshan-aur-upchar विश्वभर में अर्थराइटिस (गठिया) सबसे सामान् स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इस बीमारी के प्रत लोगों में उतनी जागरूकता नहीं है, जितनी हृदय रोगो या डायबिटीज को लेकर है। लोगों को अर्थराइटिस के बारे में जागरूक करने, बचाव के उपाय और उपचार के विकल्पो के बारे में जानकारी देने के लिए हर साल 12 अक्टूबर को 'वर्ल्ड अर्थराइटिस डे' मनाया जाता है। अर्थराइटिस से बचाव भी आपके हाथ में है और इससे ग्रसित होने पर तुरंत जांच और समय रहते उपचार कराने के पश्चात सामान्य जीवन जीना भी। अर्थराइटिस जोड़ों से संबंधित एक स्वास्थ्य समस्या है। इसमें जोड़ों में सूजन आ जाती है, तेज दर्द व जलन के साथ उन्हें हिलाने-डुलाने में भी तकलीफ होती है। अर्थराइटिस किसी को किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इसके मामले अधिक देखे जाते हैं। बदली जीवनशैली, खानपान की गलत आदतें, ...

सिर पर गंभीर चोट लग जाए तो क्या करें | उपचार | निदान | लक्षण | इलाज

सिर पर चोट की समस्याओं का उपचार व निदान कैसे करे? सिर पर लगने वाली चोट कई बार बनती है गभीर समस्या। इसलिए इसके उपचार में देरी ठीक नहीं... हमारे देश में प्रति वर्ष लाखों लोग सड़क दुघर्टना में जान गंवा देते हैं। सरकारी व गैरसरकारी प्रयासों के बाद भी लोगों में अभी भी यातायात नियमों के प्रति जागरूकता व जिम्मेदार नागरिक होने का भाव नहीं है। इन हादसों की मूल वजह नशे की हालत में वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग, हेलमेट न पहनना और गाड़ी का तेज रफ्तार में होना जैसी गलतियां शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, इन घटनाओं में सिर की चोट के मरीजों की संख्या सर्वाधिक होती है। कई बार सिर में चोट लगने पर किसी तरह के गंभीर लक्षण न दिखने और पीड़ित के होश में होने के कारण इसे सामान्य चोट मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ध्यान रहे कि सिर में लगी चोट का असर कई घंटों बाद भी होता है और तब स्थिति बिगड़ सकती है। सावधानी: सिर पर चोट खाए व्यक्ति के सिर में यदि कोई चीज घुस गई है तो उसे निकालें नहीं और मरीज को करवट देकर लिटा दें। सिर में जहां से रक्तस्राव हो रहा हो, उस जगह को साफ कपड़े से दबाएं...

how to set dark mode in twitter in hindi

ट्विटर  में डार्क मोड कैसे से करे? अगर आप ट्विटर का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो फिर यहां पर डार्क मोड आपके लिए उपयोगी हो सकता है। आपको बता दें कि डार्क मोड में बैकग्राउंड का थीम पूरी तरह से बदल जाता है। इसमें स्क्रीन का अधिकतर हिस्सा डार्क यानी काले रंग का हो जाता है और टेक्स्ट सफेद रंग के हो जाते हैं। ऐसे में डार्क मोड को ज्यादा साफ तरीके से पढ़ा जा सकता है। साथ ही, आखों पर दबाव भी कम पड़ता है। आइफोन व एंड्रॉयड पर डार्क मोड: आइफोन और एंड्रॉयड डिवाइस पर ट्विटर पर डार्क मोड के दो विकल्प मौजूद हैं। एक में 'डार्क ब्लू बैकग्राउंड है, जिसे 'डिम' कहा जाता है, जबकि दूसर विकल्प 'ब्लैक' बैकग्राउंड का है, जिसे 'लाइट्स आउट' कहा जाता है, जिसे एमोलेड स्क्रीन को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। आप इसे अपनी सुविधा के हिसाब से चुन सकते हैं। • इसके लिए ट्विटर के मुख्य मेन्यू में जाना होगा। यहां पर 'सेटिंग्स ऐंड प्राइवेसी' सेक्शन का ऑप्शन मिलेगा। जब इस पर क्लिक करेंगे, तो नीचे आपको 'जनरल' सेक्शन में 'डिस्प्ले ऐंड साउंड' का विकल्प दिखाई देगा। • ...

ऑटिज्म बीमारी क्या है | उपचार | उपाय | लक्षण | बचाव

ऑटिज्म कौन सी बीमारी है, उपचार, उपाय, लक्षण के बारे मे  ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है। यह मानसिक विकास से जुड़ी एक अवस्था है। इसके लिए बच्चे के माता-पिता या खुद बच्चा जिम्मेदार नहीं है। ऑटिज्म के लक्षण सबमें अलग होते हैं और इसका ये मतलब नहीं कि बच्चे का कोई भविष्य नहीं होगा... ऑटिज्म बीमारी क्या है? ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसॉर्डर को आम बोलचाल में ऑटिज्म कहा जाता है। यह मानसिक विकास से जुड़ी एक ऐसी अवस्था है, जो व्यक्ति के स्वभाव, बोलचाल और समाज में एक-दूसरे से घुलने-मिलने की क्षमता तथा अपनी भावनाओं को जाहिर करने व उन पर काबू पाने की क्षमता को भी प्रभावित करती है। ऑटिज्म से प्रभावित ज्यादातर बच्चे औसत से लेकर विलक्षण बुद्धि वाले होते हैं। महान वैज्ञानिक आइंस्टीन, न्यूटन व चार्ल्स डार्विन उन कुछ लोगों में से हैं, जो ऑटिज्म से प्रभावित थे। ये अवस्था जन्मजात होती है। उम्र बढ़ने के साथ धीरे-धीरे इसके लक्षण उभरते हैं। किसी में इसका प्रभाव कम, तो किसी में ज्यादा देखने को मिल सकता है। जन्म के बाद के एक-दो वर्ष में इसके लक्षण कुछ खास नजर नहीं आते, पर उसके बाद कुछ खास लक्षणों पर ध्यान ...