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Psychosomatic Disorder Kya Hai, Mansik Santulan Kaise Thik Kare Upay, Aur Yah Kaise Bigadta Hai Lakshan Ke Bare Me Jankari

Psychosomatic Disorder (Mansik Santulan) psychosomatic disorder (M ansik Santulan) kya hai? बीमार नहीं हैं, फिर भी डरते हैं। कोई बीमारी तो नहीं हो गई? यह सोच तनाव और अवसाद को जन्म देता है। यहां से शुरू होती है मानसिक संतुलन के लड़खड़ाने की प्रक्रिया। जिदगी है, तो सुख-दुख है। समस्याएं हैं। समस्याओं और परेशानियों में घिरे रहना यानी तनाव, चिंता और अवसाद को बढ़ाना। जो लोग परेशानियों और समस्याओं को हंसते हुए स्वीकार करते हैं, वे स्वस्थ जीवन जीते हैं। जो ऐसा करने में असफल होते हैं, उनकी जिंदगी तनाव युक्त और चिंता ग्रस्त रहती है। यहीं से जन्म लेती हैं कई तरह की बीमारियां। कुछ लोग 'बीमारी' शब्द सुनते ही घबरा जाते हैं। सच तो यह है कि ये बीमारियां भी जीवन की अन्य समस्याओं की तरह ही एक अभिन्न हिस्सा हैं, जिससे चाहकर भी आप बच नहीं सकते। प्रदूषण, मिलावटी भोजन और व्यक्ति की बढ़ती औसत आयु के कारण आज लोग कैंसर, हार्ट अटैक, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, थायरॉएड, गर्दे से संबंधित रोग के शिकार हो रहे हैं। ये कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जिनके बारे में सुनकर कुछ लोगों का मानसिक संतुलन गड़बड़ाने लग...

Sona Kyu Jaruri Hain , Neend Ke Fayde Kya Kya Hain Ke Bare Me Jankari In Hindi Mein

नींद में आपकी खुशी, कार्यकुशलता और सेहत छुपी हुई है। इस नींद के बारे में कितना जानते हैं आप? कोई कहता है रात में छह-सात घंटे की नींद लेना काफी है। तो कुछ लोग दिन में देर तक सोने की बात को सही मानते हैं। एक अध्ययन की मानें तो थोड़े-थोड़े अंतराल में सोना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। यदि आप घर में काम कर रहे हैं, तो बीच-बीच में आधे घंटे नींद की झपकी लें। इससे प्रोडक्टिविटी, सतर्कता और साइको-मोटर एबिलिटी बढ़ती है। दिन में थोड़े-थोड़े अंतराल में सोने से मन प्रसन्न रहता है। अधिकांश शोधों में पाया गया है कि दिन में छह-सात घंटे काम करने के बाद 20 से 30 मिनट सोने के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। आज लोगों की जीवनशैली जिस तरह की है, उसमें अधिकतर लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में दिन के समय थोड़े-थोड़े अंतराल में सोना फायदेमंद साबित हो सकता है। रात में देर से सोना, नींद पूरी न होने से दिन भर थकान और आलस महसूस होता है। कई शोधों में यह बात सामने आती रही है कि दिन में तीन से चार घंटे की नींद लाभदायक होती है, पर हाल ही में किया गया एक अध्ययन कुछ और ही कहता है। सारे दिन काम के बाद की थकान क...

Sardiyo ke mausam me navjat shishu(Newborn Baby) ki dekhbhal kaise kare Ya Karane Chahiye Upay, new born baby ko thand (winter) se bachane ke upay ,baccho ka khayal kaise rakhe care tips in hindi

Navjat Shishi(New Born Baby) Ko Thandi Se Bachane Ke Bare Me Janakri In Hindi Mein ठंड के मौसम बहुत सी बीमारिया लेके आती हैं इसमे आप अपने बच्चो का ख्याल या देखभाल कैसे करती हैं? वैसे तो सर्दियों के मौसम में हर उम्र के लोगों को देखभाल की जरूरत होती है, लेकिन बच्चों की खास देखभाल होनी चाहिए। अगर आप ठंड की शुरुआत से ही सावधानी बरतें, तो आपका बच्चा सर्दियों में भी मुस्कराता रहेगा। ठंड में बच्चों का सामान्य सर्दी-जुकाम की चपेट में आ जाना स्वाभाविक है। बच्चे बड़ों की तरह एक जगह नहीं बैठते हैं, इसलिए उन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। सर्दियों में बच्चों को रोज नहलाने की जगह गरम पानी में कपड़े को भिगोकर उनके शरीर को पोंछ दें। इससे उन्हें ठंड लगने की संभावना कम हो जाएगी। पूरे सालभर बच्चे नंगे पैर घर में दौड़ते हैं, मगर ठंड में तो ध्यान रखना पड़ेगा कि बच्चे नंगे पैर जमीन पर न दौड़ें। हर साल जाड़े में मां-बाप बच्चों की बीमारियों को लेकर परेशान हो जाते हैं। ऐसे में अक्लमंदी इस बात में है कि बच्चों के साथ पूरी सावधानी बरती जाए, जिससे वे बीमार न पड़ें। थोड़ी सी सावधानी बरतकर आप अपने बच...

In Vitro Fertilization (IVF) Taknik Kya Hota Hai, Aur Yah Treatment Kaise Hota Hain Ke Bare Me Jankari In Hindi Mein

  In Vitro Fertilization (IVF) Ki Technique Ke Bare Me Jane हाल ही में 80 साल के पुरुष और 74 वर्षीय महिला ने आईवीएफ के जरिए आनवांशिकता का सवाल जुडवां बच्चों को जन्म दिया है। लेकिन इस तकनीक को लेकर कई तरह की कुछ मामले ही ऐसे होते हैं, जहां भ्रातिया भी हैं और ढेर सारे सवाल भी है। IVF क्या हैं? यदि कोई महिला सामान्य तरीके से गर्भ धारण नहीं कर पा रही हैं तो दंपत्ति को किसी भी आईवीएफ़ सेंटर जाकर पहले यह जानने की जरूरत हैं की इसकी वजह क्या हैं, और पति-पत्नी मे से किसकी कमी हैं? यदि जाच मे सब सामान्य नहीं हैं तो आईवीएफ़ की मदद लेके आप माता-पिता बन सकते हैं।  यदि आप मां बनने के बारे में विचार कर रही हैं या गर्भवती हैं, तब आपको अपने जीने के विकल्पों पर विचार करने की जरूरत है। गर्भवती होने के लिए स्वस्थ शुक्राणुओं और अंडों की जरूरत होती है, लेकिन ये शुक्राणु और अंडे इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप और आपके पति कितने स्वस्थ हैं। अव्यवस्थित खान-पान, धूम्रपान, शराब का सेवन, मोटापा और तनाव से महिला-पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। खान-पान और वजन में संतुलन के स...

Satvik Ahar Kise Kahate Hai, Satvik Ahar Ke Fayde, Labh Ke Bare Me Jankari Hindi Mein

Satvik Aahar Ke Ke Bare Me सात्विक खाना खाने से योगाभ्यास में अधिक लाभ होता है। राजसिक में तेल. नमक, मसाला अधिक होता है। इसके सेवन से विचलन बढ़ती है। जब आप ध्यान करने बैठते हैं, तो मन में कई विचार आते हैं। आसन करने के दौरान स्थिरता नहीं रहती। तामसिक भोजन में बासी या पुराना भोजन करने से तमस बढ़ता है। इससे आसन करने के दौरान जड़ता व आलस आती है। सात्विक आहार से संतुलन और उत्साह बना रहता है। ताजा भोजन, सलाद, फल आदि लेने से आसन करने के दौरान तन-मन में हल्कापन महसूस होता है और आसान करने में भी मजा आता है। मिताहार भी जरूरी है। यानी आहार कितना भी फायदेमंद क्यों न हो, उसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। ज्यादा खाने से लाभ नहीं होता। एक नजर इधर भी 3 बार ही पूरे दिन भर में भोजन करें, चाहे जितनी भी भूख क्यों न लगी हो। 2 घंटे सोने से पहले करें रात का भोजन। इससे नींद अच्छी आती है। सुबह ताजगी महसूस होगी। योगाभ्यास करने वालो के लिए आप हर दिन योगाभ्यास करते हैं, लेकिन क्या आपको कुछ लाभ हो रहा है? अगर नहीं हो रहा, तो हो सकता है उसके पीछे आपका खानपान जिम्मेदार हो। प्रत्येक दिन एक घंटा...

Radiography, Nursing, Medical Lab Technician And Optometry Mein Career Kaise Banaye, Salary, Shaikshin Yogyata(Eligibility) And Main Institute Ke Bare Me Janakri In Hindi Mein

    Radiography, Nursing, Medical Lab Technician And Optometry Mein Career Banaye Ke Options मेडिकल क्षेत्र में आज डॉक्टर बनने  के अलावा नर्सिग रेडियोलॉजी जैसे पैरामेडिकल कोर्स अच्छे करियर विकल्प साबित हो रहे हैं... अगर आप अपना करियर मेडिकल फील्ड में बनाना चाहते हैं तो डॉक्टर बनने के अलावा और भी बहत से ऑप्शन हैं। अधिकांश युवा एमबीबाएस बीडीएस नहीं कर पाते क्योंकि इनमें सामित सीटे,  कडी प्रतिस्पर्धा और मंहगी फीस होती है। मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आप पैरामेडिकल से जुड़ा कोई भी कोर्स अपनी रुचि के अनुसार कर सकत है। इन कोर्सेज में रेडियोलॉजी, नर्सिंग, मेडिकल लैब टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, बायोफिजिक्स, बायोकेमेस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी, माइक्रो बायोलॉजी आदि शामिल हैं। गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर में पैरामेडिकल सुविधाओं की दिन-प्रतिदिन बढ़ोत्तरी हो रही है। इसलिए युवाओं को पेरामेडिकल कोर्सेज में बाकी कोर्सेज की तुलना में आसानी से एडमिशन मिल जाता है, साथ ही फीस भी काफी कम होती है। रेडियोग्राफी बीमारी की पहचान के लिए कई बार मरीज क...

गुस्सा किसे नहीं आता है

गुस्सा किसे नहीं आता है? लेकिन क्या आप जानते हैं गुस्सैल प्रवृत्ति के लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। हाल ही में हुए एक अध्ययन से पता चला है कि सामान्य लोगों के मुकाबले गुस्से की - प्रवृति रखने वाले लोगों में स्ट्रोक और हार्ट अटैक की आशंका ज्यादा होती है। शोधकर्ता स्ट्रोक के मरीजों और स्वस्थ लोगों के स्वास्थ्य का तुलनात्मक, अध्ययन करने के बाद इस नतीजे पर पहंचे हैं। ये सभी लोग एक ही क्षेत्र के रहने वाले थे। इनकी औसत आयु 54 साल थी। शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों की बेचैनी और डिप्रेशन की जांच कर उनमें तनाव का स्तर पता लगाया। उन्होंने पाया कि जिन प्रतिभागियों में तनाव का स्तर अधिक था, उन्हें स्ट्रोक होने की आशंका अधिक थी। उनमें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि व्यक्ति की जीवनशैली क्या है और वह पुरुष है या फिर महिला। गुस्सा एक ऐसी भावना है जो पल भर में व्यक्ति का जीवन बर्बाद कर देती है। यह आपको अंदर ही अंदर खत्म कर देती है। कई बार गुस्सा उस भयानक तूफान की तरह हो जाता है, जो अपने पीछे सिर्फ तबाही के निशान छोड़ जाता है। इससे अच्छे से अच्छे रिश्तों में दरार आ...