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yoga karna kaise sikhe | yoga asan kaise sikhe | yoga kaise sikhe in hindi

योग आसन करना कैसे सीखें और करे या योगासन करना कैसे शुरू करे? स्वस्थ शरीर के लिए योग बहुत जरूरी है। कल यानी जून को पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' मनाने जा रही है।आप भी योग सीखना चाहते हैं,लेकिन नहीं जानते कि इसे कैसे करें और नही आपके पास इतना वक्त और पैसा है कि ट्रेनर से योग सीख सकें, तो एप्स व यूट्यूब चैनल की मदद ले सकते हैं। लोगों के लिए गूगल प्ले स्टोरऔर एपल के एप स्टोर पर कई सारे एप्स मौजूद हैं, जिनकी मदद से न सिर्फ योग की नई-नई क्रियाओं के बारे में सीख सकते हैं,बल्कि आपको प्रशिक्षक की जरूरत भी नहीं पड़ेगी... योगासन शुरु कैसे करे  पिछले एक साल से अधिक समय से कोरोना वायरस, लाकडाउन और नकारात्मक खबरों की वजह से लोग न सिर्फ मानसिक, बल्कि शारीरिक तौर है। लोगों में अकेलापन, अवसाद आदि जैसे दिक्कत लगी हैं, लेकिन इन परिस्थितियों में नियमित बढ़ने लगी है, लेकिन इन परिस्थितियों मे नियमित है। योग से न सिर्फ आप एग्जाइटी को दूर कर पाएंगे, बल्कि तरोताज़ा भी महसूस करेंगे। हालांकि योग करते समय सही आसन की जानकारी होना जरूरी है। इसके लिए अगर किसी मदद की जरूरत है, तो फिर एप्स की म...

full stack development kya hai | Course | Career | Jobs | Salary

फुल स्टैक डेवलपमेंट में करियर कैसे बनाये या फुल स्टैक डेवलपमेंट में जॉब्स कैसे पाए? कोरोनाकाल में जब मंदी जैसे हालात थे तब एक क्षेत्र ऐसा था जिसमें पेशेवरों की मांगवढ़ रही थी। वह सेक्टर था फुल स्टेक डेवलपमेंट का, इस समय देश में करीब 20 हजार ऐसे डेवलपर्स की आवश्यकता है। आइये जानें कैसे आप भी इस सेक्टर में बढ़ते अवसर का लाभ उठा सकते है........ फुल स्टैक डेवलपर क्या होता है ? स्टैक डेवलपर क्या होता है जिसे फ्रंट एंड, बैक एंड, डाटा मैनेजमेंट से लेकर नेटवर्क सिक्योरिटी सभी की जानकारी होती है। इन्हें आप 'कंप्यूटर लैंग्वेज का वालमार्ट' कह सकते है, क्योंकि टेक्नोलाजी के क्षेत्र में जिस तरह से हर दिन नये इनोवेशन एवं डेवलपमेंट हो रहे हैं, उसे देखते हुए सभी में दक्षता प्राप्त करना आसान नहीं है। ऐसे में फ्रंट एंड, बैक एंड, डाटा साइंस आदि तमाम विषयों की जानकारी आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त है। फ्रंट एंड एवं वैक एंड के विशेषज्ञ : किसी भी वेबसाइट या वेब एप्लीकेशन का इंटरैक्टिव हिस्सा जो हम देख पाते हैं, जैसे उसका डिजाइन, नेविगेट करने वाले मेन्यू, टेक्स्ट इमेज, वीडियो आदि, उन्हें फ्रंट एंड ...

cds ki taiyari kaise karen in hindi

cds की तैयारी कैसे करे सशस्त्र सेनाओं (थलसेना, नौसेना और वायुसेना) में अधिकारी पदों पर भर्ती के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) साल में दो बार संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) परीक्षा आयोजित करता है, जिसके तहत दो तरह के पदों के लिए परीक्षा होती है। इसमें एक परीक्षा सीडीएस-आइएमए (इंडियन मिलिट्री एकेडमी) के लिए होती है और दूसरी सीडीएस ओटीए (आफिसर ट्रेनिंग एकेडमी) के लिए। दोनों ही पदों की परीक्षा में अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान का प्रश्नपत्र एक जैसा होता है। लेकिन सीडीएस- आइएमए में गणित का एक अतिरिक्त प्रश्नपत्र होता है यानी अगर सीडीएस क्रैक करना है, तो गणित, अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान तीनों ही मजबूत होना चाहिए। जैसा कि आप जानते हैं कि इस साल पहले चरण की सीडीएस परीक्षा हर महीने शम्भवतः 10 अप्रैल को प्रस्तावित है। ऐसे में आपके पास अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए करीब दो सप्ताह का ही समय बचा है। ऐसे में आइये जानें, इस परीक्षा को अच्छे अंकों से क्रैक करने के लिए अगले कुछ दिनों तक क्या रणनीति होनी चाहिए.... अगले 15 दिनों की रणनीतिः यदि आप सीडीएस आइएमए की तैयारी कर रहे हैं, तो गणित, अंग्रेजी ...

ईपीएफ ई नामांकन - epf e nomination kaise kare

(भविष्य निधि कर्मचारी) इपीफ मे कैसे ई-नामांकन करें? अगर आप कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के सदस्य हैं, तो ईपीएफ एकाउंट में ई-नामांकन करना अब जरूरी हो गया है। इसके बिना ई-पासबुक को एक्सेस करना मुश्किल हो जाएगा। आपको बता दें कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने सब्सक्राइबर्स को कई तरह की सुविधाएं और फायदे देता है। इसमें ईपीएफओ के सदस्य को कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना का लाभ भी मिलता है। इसके तहत ईपीएफओ के सदस्य को गारंटीशुदा पेंशन और बीमा का लाभ मिलता है, मगर इसके लिए अब ई-नामांकन करना जरूरी हो गया है। इसमें प्रत्येक ईपीएफ सदस्य को नामांकित व्यक्ति चुनना होता है, ताकि मृत्यु की स्थिति में नामांकित व्यक्ति को उस खाते से जुड़े लाभ आसानी से मिल सकें। आइए आपको बताते हैं क्या है ईपीएफ में ई-नामांकन का आनलाइन तरीका: ई-नामांकन के लिए आपको ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट epfindia.gov.in पर जाना होगा। यहां पर आपको सर्विस वाले विकल्प में जाना है। जब इस पर क्लिक करेंगे, तो आपको कई विकल्प दिखाई देंगे। इसमें से आपको 'फार एंप्लायी' वाले आप्शन को चुनना होगा। फिर आपको मेंबर यूएएन । आनलाइन सर...

परक्यूटेनस डिस्क न्यूक्लियोप्लास्टी - स्पाइनल डिस्क प्रॉब्लम का उपचार व इलाज के बारे में जानकारी

स्पाइनल डिस्क इलाज (ट्रीटमेंट) क्या है? स्पाइनल डिस्क के असहनीय दर्द से जुझ रहे मरीजो के लिये परक्यूटेनस डिस्क न्यूक्लियोप्लास्टी साबित हो रही है कारगर....... वर्तमान में स्पाइन से जुड़ी समस्याएं आम बात हैं। अब कमर व स्पाइन के दर्द की परेशानी बुजुर्गों में ही नहीं, युवाओं में भी हो रही है। इसके कई कारण हैं, जिनमें से सबसे प्रमुख हैं बैठने की गलत मुद्राएं, खाने की खराब आदतें और शारीरिक व्यायाम का अभाव। परिणामस्वरूप 23-24 साल की उम्र के युवाओं में यह तकलीफ खूब हो रही है। जब यही दर्द असहनीय होता है तो चिकित्सकीय परामर्श लिया जाता है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। यदि रीढ़ की हड्डी में किसी भी प्रकार का विकार है तो एम.आर.आई द्वारा पता भी चल जाता है और दवाओं व फिजियोथेरेपी से बीमारी ठीक भी हो जाती है। जबकि कुछ मरीजों में इस तरह के उपचार से समस्या का हल नहीं निकलता है। ऐसे मरीजों के लिए परक्यूटेनस डिस्क न्यूक्लियोप्लास्टी एक बेहतरीन उपचार पद्धति है। ऐसे की जाती है यह सर्जरी:  परक्यूटेनस डिस्क न्यूक्लियोप्लास्टी एक मिनिमल इनवेसिव यानी कम से कम चीड़फाड़ के साथ की जाने वाली सर्ज...

हार्ट हेल्थ टिप्स - heart healthy kaise rakhe | heart ka khayal kaise rakhe

दिल की सेहत और हार्ट का ख्याल कैसे करें ठंड बढ़ने के साथ ही हृदय रोगियों की दिक्कतें भी बढ़ने लगी हैं। हृदय रोगों का संबंध सिर्फ उम्र से नहीं होता। युवाओं को भी इसे लेकर सजग रहना चाहिए। खासकर मधुमेह, रक्तचाप, मोटापे व कोरोना से उबरे लोगों को आजकल बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योंकि सर्दी के मौसम में शरीर में रक्त संचार व आक्सीजन के प्रवाह पर असर पड़ता है। सही जानकारी से दिल को सुरक्षित रखना। है मुमकिन..... दिल का ख्याल कैसे रखें सर्दी के मौसम में संपूर्ण स्वास्थ्य के साथ ही दिल की सेहत को विशेष खयाल रखने की जरूरत है। दरअसल सर्दी के मौसम में ऐसे कई कारक हैं, जो हृदय का तनाव बढ़ाते हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं, शरीर की रक्त वाहिकाओं का संकुचन (यदि त्वचा ठंड के संपर्क में है) और पूरे शरीर के ठंड के संपर्क में आने से औसत रक्तचाप बढ़ जाना। इससे हृदय को पंप करने के लिए अतिरिक्त उच्च बल की आवश्यकता होती है। इसके अलावा ठंडी हवा में सांस लेने पर हृदय की गति बढ़ सकती है साथ ही अधिक पेशाब होने और रक्त वाहिकाओं के संकुचन के कारण खून गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में हृदय के लिए पंप करना चुनौती...

डाटा एनालिस्ट - data analytics career kaise banaye | path | opportunities | scope | objective | salary

Data Analytic Job Kaise Paye,  job description, jobs salary, job opportunities, job requirements, job description भारत ही नही, पुरे विश्व मे डाटा का इस्तेमाल और उस पर व्यवसायों की निर्भरता बढ़ती जा रही है। डाटा एनालिस्ट इसी काम से जुड़ा करियर है। इससे जुड़े कोर्स और अवसरों के बारे मे........      तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से आज चुनौतीपूर्ण उसके डाटा को सहेजना और व्यवस्थित तरीके से विश्लेषित करना होता है, क्योंकि किसी भी कंपनी की ग्रोथ के पैटर्न उसके डाटा में छिपे होते हैं। डाटा एनालिटिक्स इस काम को बखूबी अंजाम देते हैं। वे डाटा को रिपोर्ट व चार्ट में प्रदर्शित करते हैं, ताकि हर कोई इसे आसानी से समझ सके।      इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय की पूर्व में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 2018 के अंत तक देश में करीब पांच लाख डाटा एनालिटिक्स प्रोफेशनल की जरूरत थी। यह 2021 तक बढ़कर साढ़े सात लाख के करीब पहुंच गई। अनुमान है कि इस साल के अंत तक यह संख्या और बढ़ जाएगी। इसलिए युवाओं के लिए यह नए जमाने का करियर है, जिसमें तरक्की के पर्याप्...

ghutno ka dard kaise theek karen | Ilaaj | Upchar

घुटने का दर्द दूर कैसे करें, इलाज व उपचार के बारे में  घुटनों के विकारग्रस्त होने पर होती है दर्द और चलने- फिरने की समस्या । जानते हैं इसके कारण और निवारण के बारे में... निष्क्रिय जीवनशैली, जंक फूड व फास्ट फूड का सेवन, बिगड़ी दिनचर्या, अनिद्रा और मोटापे के कारण बुजुर्ग ही नहीं, युवाओं में भी जोड़ों के दर्द की समस्या हो रही है।  शरीर के अन्य जोड़ों की तुलना में  घुटने के जोड़ों से जुड़ी समस्याओं के मामले अधिक होते हैं। एक तो इनका प्रयोग बहुत अधिक होता है, दूसरा यह पूरे शरीर का भार भी सहते हैं। इसके अतिरिक्त  मौसम का प्रभाव भी घुटनों की सेहत पर पड़ता है। अस्थिरोग विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में घुटनों के दर्द से ग्रसित लोगों की संख्या में 15 से 20 फीसद तक की बढ़ोतरी हो जाती है। घुटनों में लिगामेंट्स, टेंडन, मांसपेशियां और हड्डियां होती हैं। इनमें विकार होने पर दर्द होने लगता है। जो लोग घुटनों के दर्द से जूझ रहे हैं, सर्दियों का मौसम उनकी समस्या को बढ़ा देता है। इसका कारण है कि सर्दियों में  जोड़ की रक्त वाहिकाएं संकुचित हो जाती हैं और इससे रक्त संचार प्रभावि...

kamar dard ke karan | illaj | Upay | Lakshan | Upchar

कमर का दर्द कैसे ठीक करें उपाय, इलाज, कारण, उपचार के बारे में जानकारी हिंदी में कमर की बनावट में प्रमुख रूप से कार्टिलेज, जोड़, मांसपेशियां और लिगामेंट शामिल हैं। इनके विकारग्रस्त होने पर हो सकती है कमर दर्द की परेशानी .... कमर दर्द दूर या ठीक कैसे करे या क्या करना चाहिए? कमर दर्द की समस्या सुनने में जितनी सामान्य लगती है, हो सकता है उसका कारण उतना सामान्य न हो। कमर दर्द की समस्या मामूली कारणों से हो सकती है। तो कई बार गंभीर समस्याएं भी इसका कारण होती हैं। वर्तमान में सिरदर्द के बाद कमर दर्द सबसे आम स्वास्थ्य समस्या  है। कमर दर्द स्पाइन में फ्रैक्चर होने और चोट लगने के अलावा आस्टियोपोरोसिस, ट्यूमर या अन्य स्वास्थ्य समस्या के कारण हो सकता है। इससे खड़े होने, झुकने और मुड़ने में तकलीफ होती है। ठंड के दिनों में इसका दर्द अधिक होता है। यदि अनदेखी की गई तो भविष्य में यह गंभीर समस्या बन सकती है। इसे जरूर करें अनियमित जीवनशैली से बचें। भोजन में कैल्शियम और विटामिन-डी को शामिल करें। पैदल चलने कीआदत डालें। योग और व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। वजन नियंत्रित रखें। उठने-बैठने का त...

surya namaskar steps | surya namaskar asana | surya namaskar yoga

सूर्य नमस्कार आसन करने की विधि, लाभ व फायदे सूर्य नमस्कार आसन कैसे किया जाता है? शक्तिमान व निरोगी तन प्रदान करने वाला माना जाता है सूर्यदेव को। योग मे सुर्य नमस्कार को विशिष्ट स्थान दिया गया है, यह योग का प्रारंभ भी है और शरीर का सम्पुर्ण व्यायाम भी........ 5 प्रमुख लाभ सुडौल शरीर, मजबुत मेरुदंड, बेहतर पाचन, एकाग्र मन, विश्रांती  तन-मन जगाएं 12 मुद्राएं पहली सुबह दैनिक क्रिया के बाद हल्के कपड़े पहनकर उगते. हुए सूर्य की तरफ मुंह करके सीधे खड़े हो जाएं। इसके पश्चात दोनों हाथ नमस्कार की मुद्रा में जोड़कर आखें बंद करके अपने हाथों का सीने पर दबाव बनाते हुए हाथ की बीच वाली अंगुली को ठोढ़ी से स्पर्श कराएं। दूसरी : गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाकर कमर से पीछे की ओर धीरे से झुकते हुए सांस रोककर जितना संभव हो सके, रुकें। तीसरी : इसको पादहस्त आसन भी कहते हैं। इसमें सांस को धीरे-धीरे छोड़ते हुए आगे की ओर झुककर दोनों हाथों को पंजों के बगल में रखते हैं। इसके बाद माथे को घुटनों से लगाते हैं। चौथी: इसमें बाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाते हैं। इसके बाद दाहिने पैर को घुटने स...

acupressure therapy kya hai | fayde | therapy

एक्यूप्रेशर थेरेपी(Acupressure therapy) किसी तरह की दवा नहीं, बल्कि शरीर के विभिन्न अंगों के कुछ खास बिंदुओं पर दबाव के जरिए हर बीमारी का उपचार किया जाता है एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति में। इसके प्रयोग से शारीरिक रोगों के साथ ही तनाव व अवसाद का निदान भी संभव है... एक्यूप्रेशर क्या होता है? उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर निवासी 11 वर्षीय अपूर्व अग्रवाल को फिट्स आने की समस्या ने उनकी मां रानी अग्रवाल को बेहद व्यथित कर दिया था, जब चिकित्सा की अन्य पद्धतियों से आराम नहीं मिला तो उन्होंने बेटे को एक्यूप्रेशर थेरेपी दिलाने का फैसला किया। अंगुलियों की नसों पर पड़े दबाव और ब्रेन के उससे सीधे संपर्क ने बहुत थोड़े समय में ऐसा असर दिखाया कि मां के चेहरे पर संतोष नजर आता है। यह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक्यूप्रेशर थेरेपी से आराम की तस्दीक करने वाले ऐसे अनेक उदाहण हैं। आजकल की व्यस्त जीवनशैली में असंतुलित खानपान, प्रतिस्पर्धी माहौल व आफिस में काम के तनाव के कारण शारीरिक व मानसिक समस्याओं के बढ़ते मामलों के बीच प्राचीन भारत की यह चिकित्सा पद्धति तेजी से लोकप्रिय हो रही है। ऊर्जा पर आधारि...

stan cancer se bachne ke upay | stan cancer ke bare mein bataiye

स्तन कैंसर से बचने के तरीके के बारे में जानकारी इन हिंदी स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता लाने के लिए अक्टूबर माह को 'विश्व स्तन कैंसर जागरूकता माह' के रूप में मनाते हैं। जानिए इससे जुड़ी सावधानियों व बचाव के बारे में... चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे शोध और उपचार की नई-नई तकनीकों के आने के बाद भी देश में प्रति वर्ष हजारों की संख्या में महिलाएं जाने-अनजाने स्तन कैंसर की चपेट में आ जाती हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारत में हर चार मिनट में एक महिला स्तन कैंसर की जांच कराती है, जबकि हर 13 मिनट में एक महिला की मृत्यु स्तन कैंसर के कारण होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वे के मुताबिक भारत में 28 में से एक महिला स्तन कैंसर का शिकार होती है। यदि समय रहते इस बीमारी के लक्षणों और परेशानी को गंभीरता से लिया जाए तो यह लाइलाज नहीं है, लेकिन हमारे देश में शर्म या स्वभावगत रूप से टालने की आदत के चलते यह बीमारी विकराल रूप लिए हुए है, इसलिए जरूरत है इसके प्रति जागरूकता लाने की। कहीं देर न हो जाए:  भारत में 57 प्रतिशत स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाएं चिकित्सक के पास तब पहुंचती हैं, जब रोग अपनी प्...

obstructive sleep apnea syndrome bimari kya hota hai in hindi

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया सिंड्रोम लक्षण symptoms) इलाज (treatment) व उपचार इन हिंदी बढ़ा वजन, खर्राटे की समस्या और अनियमित दिनचर्या इस रोग आब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के खतरे को बढ़ा देते हैं। इसलिए यदि इसके लक्षण नजर आएं तो नजरअंदाज करने के बजाय लें चिकित्सकीय परामर्श व कराएं जांच, जिससे टाला जा सके इसके खतरे को.... ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया रोग क्या होता है? शहूर संगीतकार बप्पी लाहिड़ी के निधन के बाद आब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) यानी नींद के दौरान सांस रुकने की बीमारी चर्चा में है। समय पर इस रोग की पहचान नहीं होने के कारण उपचार में देरी से इसके रोगियों की नींद में ही हृदयाघात से मौत हो जाती है। इसमें सांस नली के चिपकने से आक्सीजन की कमी व सांस फूलने से हुए कंपन के कारण हृदय की गति बिगड़ती है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, शरीर में 50 फीसद से कम आक्सीजन होने पर हृदयाघात से मौत होने की आशंका बढ़ जाती है। दुनिया में करीब 100 करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। देश की करीब 10 फीसद, खासकर शहरी आबादी को स्लीप एपनिया की समस्या हैं। इसके कारण रात में ठीक से नींद नहीं आने और दिन में झपकी से...

cbse board exam ki taiyari kaise kare tips in hindi

CBSE बोर्ड एग्जाम की तैयारी कैसे करें या बोर्ड एग्जाम की तैयारी कैसे करनी चाहिए एग्जाम का तैयारी कैसे करें? अब जब दो साल बाद फिर से सीबीएसई बोर्ड की आफलाइन परीक्षाएं होने को हैं, तो ऐसे में जरूरी है कि आप शारीरिक और मानसिक रूप से चुस्त- दुरुस्त रहें। पढ़ाई के साथ-साथ अपनी जीवनशैली को भी सही रखना आप सभी के लिए आवश्यक है। आप सक्षम हैं। कर सकते हैं, तो अब अपने प्रयास बढ़ाकर कहना होगा कि इन परीक्षाओं के लिए हैं तैयार हम.... Cbse board की आफलाइन परीक्षाओं की तारीखें घोषित होने पर आप कुछ परेशान तो नहीं हैं? ऐसा हो सकता है, क्योंकि आपकी आदत आनलाइन पढ़ाई करने की जो हो गई है। दूसरे, वार्षिक परीक्षा की अच्छी तैयारी करना भी आसान नहीं है। इसके लिए जमकर पढ़ना होता है। शरीर और मस्तिष्क, दोनों अगर आपका बेहतर साथ देंगे, तभी आप ऐसा कर पाएंगे। फिर खुशी-खुशी परीक्षा भवन में प्रश्नों के उत्तर अच्छी तरह से लिख सकेंगे। तन की ऊर्जा महत्वपूर्ण:       अगर आपका शरीर थका-थका सा रहता है, पढ़ाई के लिए देर तक बैठने की हिम्मत नहीं होती तो पढ़ने या दोहराने में पीछे हो जाने का तनाव महसूस करने ल...

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण और इलाज | कारण | रोकथाम | इलाज | उपाय | उपचार बारे में

ब्रेन ट्यूमर होने के कारण, लक्षण, रोकथाम व इलाज के बारे में जानकारी लाइलाज नहीं है ब्रेन ट्यूमर सटीक पहचान और समुचित इलाज से दी जा सकती है इसे मात... ब्रेन ट्यूमर होने के लक्षण क्या है? जब ब्रेन (मस्तिष्क) में ट्यूमर विकसित होने लगता है तो शरीर कुछ संकेत देता है। यदि हम इन संकेतों को पहचान लें और समय रहते उपचार शुरू हो जाए तो संभावित खतरों को टाला जा सकता है। अगर लगातार सिरदर्द रहने लगे, सुबह-सुबह इतना तेज सिरदर्द हो कि नींद खुल जाए, जी मिचलाए, अचानक देखने, सुनने व बोलने में परेशानी होने लगे तो इसे सामान्य समस्या मानकर अनदेखी न करें। ये ब्रेन ट्यूमर के प्रारंभिक लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में पीड़ित को तत्काल न्यूरोलाजिस्ट को दिखाना चाहिए। यदि जांच में ब्रेन ट्यूमर की पुष्टि होती है तो उपचार से इसे ठीक किया जा सकता है। ट्यूमर बीमारी क्या है? जब सामान्य कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित होकर गुच्छे का रूप ले लेती हैं तो उसे ट्यूमर कहते हैं। ट्यूमर कैंसर से ग्रसित व बिना कैंसर वाला हो सकता है। ब्रेन ट्यूमर के अधिकतर मामलों में तंत्रिका तंत्र की कार्य प्रणाली गंभीर रूप से प्रभावित ह...

irritable bowel syndrome kya hota hai | lakshan | Ilaj | Upchar

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम के बारे में जानकारी खानपान की गलत आदतें व असंयमित दिनचर्या बनती है इरिटेबल बाउल सिंड्रोम का कारण, उपचार और परहेज से इसे किया जा सकता है दूर... आपको इस blog में यह टॉपिक मिलेगा - इरिटेबल बाउल सिंड्रोम क्या होता है? इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम के लक्षण इरिटेबल बाउल सिंड्रोम का उपचार इरिटेबल बाउल सिंड्रोम क्या होता है? पेट साफ न होना, कुछ खाते ही शौच के लिए जाना, कब्ज, सिरदर्द और थकान होना। यदि इस  तरह की समस्या है तो घबराएं नहीं, यह इरिटेबल  बाउल सिंड्रोम (आइबीएस) के कारण हो सकता है। यह पाचनतंत्र से जुड़ी एक आम समस्या है। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम एक डिसआर्डर है, जिसका असर बड़ी आंत पर पड़ता है। इससे बड़ी  आंत अधिक संवेदनशील हो जाती है और इसकी गतिविधियों में असंतुलन पैदा हो जाता है। इससे भोजन का प्रवाह और पाचनतंत्र प्रभावित होता है। जब आंत अपना कार्य तेज करती है तो डायरिया की स्थिति और जब यह प्रक्रिया धीमी होती है तो कब्ज की परेशानी होती है।  शोधों के अनुसार, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम का कारण गलत खानपान, तनाव और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली का प्रभावित होना ...

stan cancer ke lakshan | upchar | ilaj | karan

ब्रेस्ट कैंसर लक्षण(Symptoms) व बचाव के तरीके, उपचार (Treatment)  इन हिंदी में जानकारी यदि सही पहचान और समय पर मिले उपचार तो लाइलाज नहीं है स्तन कैसर जानते है इसके कारण, लक्षण और उपचार के बारे में......... ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जानकारी जब शरीर की कोशिकाओं में अनियंत्रित विभाजन होता है तो ये आसामान्य कोशिकाएं एक जगह एकत्र होकर ट्यूमर बना देती हैं। यह एक उभार या गांठ के रूप में नजर आता है। यदि शुरुआत में इसकी पहचान हो जाए और उपचार किया जाए तो यह पूरी तरह ठीक हो सकता है, लेकिन चौथी स्टेज पर पहुंचने पर इसका उपचार संभव नहीं है, इसलिए इस संबंध में जागरूकता बेहद आवश्यक है। स्तन कैंसर के प्रमुख कारण स्तन कैंसर कई बार आनुवांशिक वजहों से होता है, पर इसकी कई और वजह भी होती हैं, जिन्हें समझना जरूरी है जैसे धूमपान व अल्कोहल का सेवन, मोटापा, स्तनपान न कराना, हार्मोनल थेरेपी में दी जाने वाली दवाएं, अधिक उम्र में शादी और गर्भधारण, अनियमित जीवनशैली, लंबे समय तक गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन इत्यादि। इन परिस्थितियों से यथासंभव दूरी बनाने का प्रयास कर सकती हैं। स्तन कैंसर के प्रमुख लक्षण स्तन म...

corona thik hone ke baad kya kare

कोरोना वायरस ठीक होने के बाद क्या करे बड़ी संख्या में लोगों ने कोरोना संक्रमण को मात दी है, लेकिन संक्रमण से उबरने के बाद भी कुछ  हफ्तों तक सजग रहना जरूरी है... कोरोना संक्रमण से बचने हेतु सावधानियां पोस्ट कोविड केयर यानी कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद और कोविड-19 टेस्ट के निगेटिव आने के बाद भी रोगी की देखभाल बहुत जरूरी है। जब इस रोग के लक्षण एक महीने  से अधिक समय तक बने रहते हैं तो इन्हें पोस्ट  कोविड सिंड्रोम या क्रोनिक कोविड-19 की सूची में रखा जाता है। चिकित्सक के संपर्क में रहें : हर एक रोगी के ठीक होने की दर उसकी उम्र, संपूर्ण सेहत और खास रोगों जैसे डायबिटीज, रक्तचाप, दिल से जुड़े रोग यां कैंसर आदि पर निर्भर करती है। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती होने के दौरान या इलाज के बाद कई रोगियों को स्टेरॉयड दिए जाते हैं। इसलिए चिकित्सक के मार्गदर्शन में जरूर रहें। कितने दिनों तक है संक्रमण का असर: 12 से 14 दिन के बाद आपसे संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाता है और 17 दिन के बाद यह पूरी तरह से समाप्त हो जाता है। जिन लोगों को कैंसर या एचआईवी जैसे रोग हैं या जो ऐसी दवाओं  का...

parkinson bimari ka ilaaj | lakshan | Upchar | Upay

पार्किंसन रोग का इलाज (Treatment), लक्षण (symptoms), उपचार, उपाय के बारे में जानकारी इन हिंदी डीप ब्रेन स्टिमुलेशन के प्रयोग से पार्किंसन रोग के तीव्र लक्षणों को नियंत्रित करने में मिल रही है मदद... मस्तिष्क का कार्य विभिन्न इंद्रियों द्वारा प्राप्त जानकारी का विश्लेषण करके शरीर को सुचारु रूप से संचालित करना है। इसके लिए मस्तिष्क शरीर में फैली अनगिनत तंत्रिकाओं के जाल में प्रवाहित विद्युत तरंगों के माध्यम से आवश्यक निर्देशों को पूरा करता है। जब मस्तिष्क में विकृति आती है तो यह विश्लेषण व शारीरिक संचालन अनियंत्रित हो जाता है। इसी का परिणाम होता है पार्किंसन रोग। यह रोग समय के साथ बढ़ता है और शरीर के संचालन को प्रभावित करता है। हल्के कंपन, मांसपेशियों की जकड़न और कड़ापन, शारीरिक गति का धीमा होना इस रोग के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं। हालांकि यह बीमारी लाइलाज है पर दवाओं से इसे नियंत्रित करने में मदद मिलती है, लेकिन जब लक्षण तीव्र हो जाते हैं और दवाओं से आराम नहीं मिलता है तो डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (डीबीएस) का प्रयोग पार्किंसन रोगियों के लिए बहुत प्रभावी विक...

गर्मी में त्वचा की देखभाल | गर्मी त्वचा की देखभाल

गर्मी त्वचा की देखभाल सूरज कि तेज रोशनी मे देर तक रहने से त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं खडी होने लगती है। लम्बे समय बाद घर से बाहर निकल रहे लोगों के लिये त्वचा का खास ध्यान रखना जरुरी है,,,,,, त्वचा पर गर्मी की मार कई तरह से पड़ती है। पर, इस बार लंबे समय बाद घर से बाहर निकल रहे लोगों में ये समस्याएं और ज्यादा बढ़ने की आशंका है। तापमान बढ़ने के साथ खुजली, दाने, त्वचा का लाल पड़ना, एलजी और सनबर्न के मामले बढ़ने भी लगे हैं। त्वचा के अलावा बालों पर भी धूल और धूप का असर बुरा पड़ता है। सूरज की यूवीए और यूवीबी किरणें बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे बाल बेजान होकर टूटने लगते हैं। लगातार मास्क पहनने के कारण भी त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ी हैं। मास्क पहने के कारण ढके हुए हिस्से में पसीना जमा होने लगता है। त्वचा का तेल, पसीना और बैक्टीरिया, ये सब मिलकर त्वचाके रोमछिद्रों कोबंद कर देते हैं। इससे त्वचा परदाने निकलने लगते हैं। इन्हें 'मास्कने' का नाम दिया गया है। इसके अलावा, कई बार पहने हुए मास्क को पहनने से त्वचा का लचीलापन कम होने लगता है और रोमछिद्...